[0:33]प्यार की ये कहानी सुनो। एक लड़का था, एक लड़की थी। ओढ़ी क्या है जवानी सुनो। एक लड़का था, एक लड़की थी।
[1:02]वो मिल गए, वो खिल गए। और प्यार हो ही गया। बालिका तुम्हारे सपनों का राजकुमार। आ रहा है। वरमाला बारात डोले सजा के दूल्हा छा रहा है। हीरी ये सेहरा बांध के मैं तो आया रे। डोली बारात भी साथ में मैं तो लाया रे। ये सेहरा बांध के मैं तो आया रे। टोली बारात भी साथ में मैं तो लाया रे।
[2:54]है दिल, लाया है बहार। अपनों का प्यार, क्या कहना। मिले हम, छलक उठा। खुशी का खुमार, क्या कहना।
[3:19]खिल-खिल चेहरे से आज घर है मेरा। गुले गुलजार क्या कहना। खिल-खिल चेहरों से आज घर है मेरा। गुले गुलजार क्या कहना। है दिल, लाया है बहार। अपनों का प्यार, क्या कहना। मिले हम, छलक उठा। खुशी का खुमार, क्या कहना।
[4:17]यादों के पुराने एल्बम में, छुपा के रखे हैं हमने वो दिन। गुलक में पड़ी चवनी से, बचा के रखे हैं हमने वो दिन। ना किसी मंजिल की फिक्र थी, जिंदगी जीने की उम्र थी। दोस्ती और दोस्तों से उधार के दिन थे वो दिन भी क्या दिन थे। वो दिन भी क्या दिन थे।
[5:43]धूप से निकल के छांव से फिसल के हम मिले जहां पर लम्हा थम गया। आसमां पिघल के शीशे में ढल के जम गया तो तेरा चेहरा बन गया।



