[0:00]गरीब आशा बाजार से एक चमचमाता डायमंड का कबूतर लेकर आती है। उधर एक अमीर घमंडी लड़का भी बाजार से एक चमकदार सोने का कबूतर लेकर आता है। आशा रोज अपने डायमंड के कबूतर को दाना देती है। उसकी प्यार से देखभाल करती है और उसे अपना दोस्त मानती है। लेकिन उधर अमीर घमंडी लड़का अपने सोने के कबूतर की बिल्कुल भी देखभाल नहीं करता। वह दिन भर अपनी महिला मित्रों के साथ पार्टी और डांस करता रहता है। एक दिन आशा का डायमंड का कबूतर अचानक बहुत बड़ा हो जाता है और आशा को अपनी पीठ पर बैठाकर आसमान के रास्ते एक ऐसी दुनिया में लेकर जाता है जहां चारों तरफ सिर्फ डायमंड ही डायमंड थे। पेड़, पहाड़, झरने सब कुछ हीरे का बना हुआ था। आशा यह सब देखकर बहुत खुश हो जाती है लेकिन वह लालच नहीं करती। वह अपने लिए सिर्फ थोड़ा सा डायमंड लेती है और वापस अपने गांव आ जाती है। गांव आकर आशा उन डायमंड से गरीब लोगों की मदद करती है। सबकी जिंदगी बदल देती है और सब उसे दुआएं देते हैं। उधर दूसरी तरफ अमीर घमंडी लड़के का सोने का कबूतर भी एक दिन बहुत बड़ा हो जाता है, लेकिन वह उसे कहीं लेकर नहीं जाता। इससे लड़का गुस्सा हो जाता है और कबूतर को डांटते हुए कहता है, मुझे भी उस अमीर दुनिया में लेकर चलो। डरते हुए कबूतर उसे अपनी पीठ पर बैठाकर एक सोने की दुनिया में लेकर जाता है जहां हर चीज सोने की बनी होती है। जैसे ही लड़का वहां पहुंचता है वह लालच में अंधा हो जाता है और ढेर सारी सोने की ईंट इकट्ठी करने लगता है। फिर वह उन भारी-भारी ईंट को कबूतर की पीठ पर रख देता है और खुद भी बैठ जाता है और कहता है, चलो मुझे घर लेकर चलो। लेकिन कबूतर को उसका लालच बिल्कुल पसंद नहीं आता और वापस आते समय वह गुस्से में उसे समुद्र के बीच में गिरा देता है। उधर आशा अपने घर पर बैठकर रो रही होती है क्योंकि उसने इतने अच्छे काम किए फिर भी आप लोगों ने अभी तक वीडियो को लाइक और सब्सक्राइब नहीं किया।
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