[0:00]दादाजी एक दिन सुबह गांव की सड़क से गुजर रहे थे। तभी उनकी नजर सड़क किनारे पड़ी एक पुरानी ड्राइंग नोटबुक पर गई। नोटबुक पूरी धूल से भरी हुई थी लेकिन उसके ऊपर बना सुनहरा निशान हल्का-हल्का चमक रहा था। दादाजी हैरान होकर वह नोटबुक अपने घर ले आए। घर पहुंचकर दादाजी ने उत्सुकता में नोटबुक खोली। अंदर बिल्कुल खाली सफेद पन्ने थे और साथ में एक पुरानी पेंसिल रखी हुई थी। दादाजी मुस्कुराए और मजाक में नोटबुक पर एक छोटा सा फूल बना दिया। लेकिन जैसे ही उन्होंने फूल बनाकर पेंसिल हटाई, अचानक वही फूल चमकते हुए उनके सामने सच में प्रकट हो गया। दादाजी डरकर पीछे हट गए। अब उन्होंने जल्दी से नोटबुक में एक आम बनाया। अगले ही पल एक ताजा बड़ा आम उनके सामने आ गिरा। दादाजी की आंखें फटी रह गई। अब उन्हें समझ आ चुका था कि यह कोई साधारण नोटबुक नहीं है। इसमें जो भी बनाओ वह सच हो जाता है। धीरे-धीरे दादाजी लोगों की मदद करने लगे। उन्होंने नोटबुक में खाने की चीजें बनाई तो गरीबों के घर खाना पहुंच गया। फिर उन्होंने गांव के पुराने टूटे स्कूल की नई बिल्डिंग बनाई और अगले ही पल सच में वहां बड़ा सुंदर स्कूल खड़ा हो गया। एक दिन गांव में पानी की बहुत कमी हो गई। दादाजी ने नोटबुक में काले बादल और तेज बारिश का चित्र बना दिया। कुछ ही सेकंड में पूरे आसमान में बादल छा गए और जोरदार बारिश शुरू हो गई। सूखे खेत और तालाब पानी से भर गए। गांव वाले खुशी से झूम उठे। अब पूरे गांव में चर्चा होने लगी। दादाजी के पास जादुई नोटबुक है। लेकिन एक लालची आदमी छुपकर सब देख रहा था। एक रात वह चुपके से दादाजी के घर में घुसा और जादुई नोटबुक चुराकर भाग गया। सबसे पहले उसने नोटबुक में एक महंगी चमचमाती गाड़ी बनाई। अगले ही पल उसके सामने बड़ी लग्जरी कार आ गई। वह खुशी से पागल हो गया और तुरंत गाड़ी में बैठकर घूमने निकल पड़ा। गाड़ी चलाते-चलाते उसका लालच बढ़ने लगा। उसने नोटबुक में ढेर सारे सोने के हार और हीरे बना दिए। अगले ही पल पूरी गाड़ी सोने और पैसों से भर गई। अब वह खुद को दुनिया का सबसे ताकतवर आदमी समझने लगा। गुस्से में उसने नोटबुक पर एक खतरनाक मिसाइल बना दी और बोला अब पूरा शहर मेरे कंट्रोल में रहेगा। अचानक जादुई नोटबुक लाल रंग से चमकने लगी। गाड़ी अपने आप तेजी से हिलने लगी। नोटबुक तेज लाल रोशनी में चमकी और पल भर में चोर ने जो भी नोटबुक से मंगाया था वह सब गायब हो गया। वह आदमी सीधे सड़क पर गिर पड़ा। इधर दादाजी नोटबुक के बारे में सोच-सोचकर उदास बैठे थे। तभी अचानक उनके सामने वही जादुई नोटबुक प्रकट हो गई। दादाजी उसे देखकर खुश हो गए। लेकिन अब दादाजी उस नोटबुक को अपने पास नहीं रखना चाहते थे। इसलिए उन्होंने नोटबुक में लिखा यह जादुई नोटबुक उसी को मिले। जो इस वीडियो को लाइक करें, चैनल को सब्सक्राइब करें और कमेंट में लाल दिल भेजें। अगले ही पल नोटबुक दादाजी के हाथों से उड़कर आसमान में ऊपर चली गई और बादलों के बीच गायब हो गई। अब यह जादुई नोटबुक उसी को मिलेगी जो इस वीडियो को लाइक, चैनल को सब्सक्राइब और कमेंट में लाल दिल भेजें।
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