[0:01]शिव कोई व्यक्ति नहीं है। शिव एक सन्नाटा है। इस संसार में सब कुछ पैदा होता है और मिट जाता है। लेकिन जो अंत में बचता है, वही शिव है। विज्ञान भैरव तंत्र में शिव ने पार्वती से कहा था। न रूपम दृश्यते तस्य न च तस्य विभिषणम। इसका अर्थ है उसे परमात्मा का कोई रूप नहीं है। वो तो बस एक होने का एहसास है। लोग मुझसे पूछते हैं शिव कहां है? मैं कहता हूं जहां तुम नहीं हो, वही शिव है। जब तुम्हारा अहंकार गिर जाता है, जब तुम पूरी तरह शून्य हो जाते हो तब जो शेष बचता है, वही कैलाश है। शिव का अर्थ ही है वो जो नहीं है। और जो नहीं है, वही सब कुछ है। तुम जब सांस लेते हो तो दो सांसों के बीच में जो मौत का एक छोटा सा क्षण आता है, वही शिव है। उसी क्षण में ठहर जाओ और तुम पाओगे कि तुम ही सत्यम शिवम सुंदरम हो।

ओशो: शिव कोई मूर्ति नहीं, एक 'महाशून्य'🧘 हैं। #osho #love #innerpeace #shiv #zorbasoul
Zorba Soul
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