Thumbnail for Savdhaan Patrol - FULL EPISODE || छोटी बहू ने दिया बुद्धे ससुर को Signal | Crime World | Crime Show by SAVDHAAN PATROL

Savdhaan Patrol - FULL EPISODE || छोटी बहू ने दिया बुद्धे ससुर को Signal | Crime World | Crime Show

SAVDHAAN PATROL

41m 2s2,505 words~13 min read
YouTube auto captions
Transcript source

YouTube auto captions

This transcript was extracted from YouTube's auto-generated caption track. The transcript below is server-rendered so it can be read, searched, cited, and shared without opening the original YouTube player.

Timestamped outline
Pull quotes
[0:32]तो इन सारी तिरंगों की लड़कियों में जान डाल देता। तो सब के सब मेरी बात मानकर क्या मजा आता है?
[1:03]जब भी मूड बनता है पत्नी जी को दौरा पड़ जाता है। पता नहीं घंटों बाथरूम में बैठकर करते क्या है?
[1:03]एक बार मुझे पता चल जाए कि तुम बाथरूम में बैठकर करते क्या हो तो फिर अरे भगवान हमारी शादी को 35 साल हो गए। जब देखो शक करती रहती हो यार। कभी हमारे साथ प्यार भरी बातें भी तो किया करो।
[2:35]अरे पापा जी आप यहां तुम साड़ी पहनकर बहुत अच्छी लग रहे हो। इसलिए तुम्हें पास आकर देखना पड़ रहा है। वैसे आज तुम्हारा देवर आ रहा है। भाभी को तो सजना ही पड़ेगा ना। है कि नहीं?
Use this transcript
Related transcript hubs

[0:27]काश मेरे पास जादू की छड़ी होती।

[0:32]तो इन सारी तिरंगों की लड़कियों में जान डाल देता। तो सब के सब मेरी बात मानकर क्या मजा आता है?

[0:53]ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय अरे कब तक अंदर बैठने का विचार है?

[1:03]जब भी मूड बनता है पत्नी जी को दौरा पड़ जाता है। पता नहीं घंटों बाथरूम में बैठकर करते क्या है? क्या पत्नी जी चिल्ला रही हो? भई आराम से हल्का भी नहीं होने दोगी क्या? एक बार मुझे पता चल जाए कि तुम बाथरूम में बैठकर करते क्या हो तो फिर अरे भगवान हमारी शादी को 35 साल हो गए। जब देखो शक करती रहती हो यार। कभी हमारे साथ प्यार भरी बातें भी तो किया करो।

[1:34]हम बचपन के क्या हो गए तुमने तो हमारी रोमांस की दुकान ही बंद कर दी। चलो मौका अच्छा है। इस तरह से कुछ तो शर्म करो। इस उम्र में लोग पूजा-पाठ करते हैं। और तुम्हारे, तुम्हारे दिमाग में तो सिर्फ वासना और जुबान पर गंदी बातें ही रहती हैं। पता नहीं किस मिट्टी की बनी हो। ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय और हां नाश्ता तैयार है इससे पहले कि ठंडा हो जाए जाके कर लीजिए। ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय

[2:35]अरे पापा जी आप यहां तुम साड़ी पहनकर बहुत अच्छी लग रहे हो। इसलिए तुम्हें पास आकर देखना पड़ रहा है। वैसे आज तुम्हारा देवर आ रहा है। भाभी को तो सजना ही पड़ेगा ना। है कि नहीं?

[2:54]अरे पापा जी राजेश का फोन आ रहा है।

[3:00]हेलो मिल गई आपको फुर्सत सॉरी यार बहुत बुरी तरह फंसा हुआ था। अब आगे से ऐसा नहीं होगा। चलो जाओ माफ किया। अगले महीने घर आ रहे हो ना? राजेश इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा, आना ही पड़ेगा हां। ठीक है ठीक है थोड़ा सा टाइम दे दो मुझे। मैं कुछ करता हूं। राजेश दो साल हो गए हैं। मुझे भी आपकी याद आती है। ठीक है आगे से मैं आपको आने के लिए कभी बोलेंगे ही नहीं। ठीक है अरे बहू राजेश का फोन आया ला मुझे बात करा। हां हेलो राजेश क्या बात है आजकल तू बहू को बहुत तंग कर रहा है? अगर तू अगले महीने घर नहीं आया ना तो बहू के साथ-साथ तेरी मां भी तुझसे बात नहीं करेगी। अच्छा ठीक है मां सब लोग मिलकर मुझे इमोशनल ब्लैकमेल कर रहे हो। अगले महीने आ जाऊंगा। अच्छा मैं रखता हूं बाद में फोन करूंगा बाय। चल ठीक है बाय।

[3:58]बहू तू चिंता मत कर और अगले महीने वो घर आ रहा है। अब तू चलके नाश्ता कर ले। वरना मैं तुझे भी डांट लगाऊंगी चल। मैं तो आपकी पूजा खत्म होने का इंतजार कर रही थी। मां के बिना बेटी कैसे नाश्ता कर सकती है साथ में करते हैं चलो। वैसे आप बड़ी खुश दिखाई दे रही हैं। हां छोटा बेटा जो आ रहा है आपका। लगता है प्रमोद आ गया।

[4:27]अरे बेटा तू आ गया। कब से हम लोग तेरा इंतजार कर रहे थे। अब ये ही खड़ा रहेगा कि अंदर भी आएगा।

[5:07]बेटा यह लड़की कौन है तेरे साथ में? मां ये आपकी बहू प्रियंका है।

[5:32]माफ कीजिएगा सब कुछ इतना जल्दी हुआ आप लोगों को बताने का मौका ही नहीं मिला। इतनी भी क्या जल्दी थी हां अरे मां हूं मैं तुम्हारी। तुम्हारी शादी को लेकर मेरे भी कुछ अरमान थे। मां मैं जानता हूं। आपको मेरी शादी की बहुत फिक्र थी। पर मैंने तो आपका काम आसान कर दिया ना बहू लाकर अब आप आराम से अपने सारे अरमानों को पूरा कीजिए। एक बार देखूं तो अपनी बहू को आपने कितनी प्यारी बहू लेकर आए हैं। हां वह बहुत शरीफ है। हां हां ठीक है। मां पर शादी के बाद अब अपनी छोटी बहू को आशीर्वाद दीजिए प्लीज। अरे शीला तुम्हारा बेटा ठीक ही तो कह रहा है।

[6:12]आजकल के बच्चे अपना जीवन साथी खुद चुनते हैं। और हमने छोटी बहू को तो आते ही पसंद कर लिया मेरा मतलब स्वीकार कर लिया था। देखो देखो कितनी प्यारी और सुंदर बहू है। है ना

[6:33]बहू की जगह पैरों में नहीं मेरे दिल में मतलब हर सास-ससुर के दिल में होती है।

[6:45]भाभी मां को समझाओ ना आप। मां जी अब मान भी जाओ ना जो हुआ उसे भूल जाओ। देखो ना कितनी प्यारी है। इसे स्वीकार कर लो और जल्दी से अपना आशीर्वाद दे दो।

[7:11]अरे एक तो बिना बताए शादी कर ली। और ऊपर से बहू को इन छोटे कपड़ों में यहां लेकर आ गया। अगल-बगल वाले लोग देखेंगे तो क्या सोचेंगे? लेकिन हमको आने से पहले एक बार खबर तो कर देता। अरे कम से कम कुछ नहीं तो बहू के स्वागत के लिए हम तो तैयारियां तो करते। मां आप चिंता मत कीजिए। प्रियंका ऐसा वैसा कुछ नहीं सोचेगी। बस आप अपनी छोटी बहू को अपना लीजिए। अरे तुम लोग ये ही सब खड़े-खड़े क्या कर रहे हो? अरे भई चलो अंदर कुछ चाय पानी हो जाए। हमारे घर में पहली बार छोटी बहू आई है। उसका मुंह तो मीठा करो है ना। तब तक मैं एक कमरा सजवाता हूं। आ बेटा आ

[8:23]वाह बेटा प्रमोद। क्या अफसरा लाया है तू?

[8:31]इस अफसर की राज के बिना तेरा बाप नहीं रह सकता। छोटी बहू की आज इस घर में पहली रात है। इस रात को मैं यादगार रात बना दूंगा।

[9:13]हां अभी तो शुरू किया है। चलो ना कुछ और ट्राई करते हैं। सच में थक गया हूं यार अब नहीं होगा मुझसे।

[9:23]प्रमोद तुम्हारा रोज का हो गया है। शुरू होते ही थक जाते हो। मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं हूं बीवी हूं। मुझे खुश रखना तुम्हारी जिम्मेदारी है। प्रियंका मैं मशीन नहीं हूं। हर चीज की एक लिमिट होती है। ये मर्दाना प्रॉब्लम है ना तो डॉक्टर को जाकर दिखा दो। ये रोज-रोज का मुझसे नहीं ठेला जाएगा। ये सुख की कमी की वजह से तुम मेरी जरूरतें तो पूरी कर नहीं पाते हो। पत्नी सुख पत्नी सुख भी अच्छे से नहीं देते। तो मैंने लगता है कि मैं इस घर में फंस गई हूं। देखो प्रियंका अगली बात से मेरी मर्दानगी पर सवाल मत उठाना। ऐसी मर्दानगी का क्या फायदा जो अपनी पत्नी को पत्नी सुख भी ना दे पाए। खुद ही कह रहे हो अपने पापा जी से। वो बचपन के हैं लेकिन 25 साल की लड़की का जोश रखते हैं वो।

[10:25]अरे तेरी मेरा बेटा होके एक लड़की के सामने हार गया। लेकिन बेटा घबरा मत मैं हूं ना। वैसे भी छोटी बहू को हमारे अंदर का जोश दिख गया है। अब आएगा मजा।

[10:56]प्रियंका क्या बात है सुबह से देख रहा हूं हमारी फूल जैसी बहू मुरझाई-मुरझाई सी लग रही है।

[11:08]अब मना के कोई फायदा नहीं है। पापा जी आप मुझे लगा प्रमोद है। अब पीछे प्रमोद हो या हम बात तो एक ही है ना छोटी बहू। मैं समझी नहीं। इसका मतलब हम तुम्हें बाद में समझाएंगे।

[11:30]पहले ही बताओ कि तुम्हें क्या हुआ है? सुबह से देख रहा हूं कि हमारी फूल जैसी बहू मुरझाई-मुरझाई सी लग रही है। तुम्हारी खामोशी हम समझ रहे छोटी बहू। क्या तुम्हें प्रमोद से कोई दिक्कत है? क्या तुम्हें वो खुश नहीं रखता? ये सब बातें इन्हें कैसे पता है?

[11:57]अब अब कहना क्या चाहते हैं आप? अरे वो बहू क्या है ना कि कल रात तुम्हारे दोनों के कमरे से कुछ झगड़ने की आवाज आ रही थी। मुझे लगा प्रमोद की वजह से तुम नाराज हो। तो हमसे रहा नहीं गया इसलिए तुमसे पूछ ही लिया। देखो अगर कोई तकलीफ हो तो बिना संकोच के हमें बता सकती हो। हम इस घर के बड़े हैं। हमारी छोटी बहू की हर तकलीफ को चुटकियों में दूर कर देंगे। हां

[12:31]क्या सोच रही हो हमें बताओ। हमारे पास हर समस्या का समाधान है।

[12:39]अब ये क्या कह रहे हो पापा जी अरे बेटे सॉरी पापा प्रियंका बिना आपकी बात का जवाब दिए चली गई। कोई बात नहीं बेटा। छोटी बहू इस घर में नई-नई है ना। सुबह से देख रहा हूं कि वो कुछ उदास दिखाई दे रही थी। इसलिए मैं उससे बात करने चला आया।

[13:00]तुम्हारा दिमाग खराब है क्या? पापा कुछ बात कर रहे थे कुछ पूछ रहे थे तुमसे। और तुम हो कि बिना उनकी बात का जवाब भी यहां चली आई।

[13:10]तुम सुन नहीं रही हो ना मैं क्या कह रहा हूं?

[13:16]प्रियंका तुम भूल रही हो कि मैं तुम्हें यहां इस घर में किसी लिए लाया हूं। सिर्फ इसलिए कि तुम सब के सामने अच्छी बहू बनके रह सको। कुछ ऐसा करो कि सबको अपने फेवर में ले सको ताकि कल को अपनी बिजनेस के लिए पैसों की जरूरत पड़ने पर पापा से मुंह मांगी रकम ले सको। अपना मकसद पूरा हो जाए फिर हम यहां से चले जाएंगे। पर ऐसा तो तभी होगा ना जब तुम सबको यहां खुश रखोगे। मैं यहां किसी को खुश करने नहीं आई हूं। तुम पति हो मेरे तुम मेरी जरूरतों का ख्याल नहीं रखते हो। तो मैं तुम्हारे परिवार को कैसे खुश रखूंगी? अगर मुझे पहले पता होता ना कि तुम शरीर और बाहर दोनों तरफ से कंगाल हो। कभी मैं तुम्हारे साथ नहीं आती। मैं कुछ सीखो अपने पापा जी से कि कैसे अपने पार्टनर को मनाते हैं।

[14:05]सुबह राजेश का फोन आया था। वो कह रहे थे कि उन्हें बिजनेस में बढ़ाने के लिए मुझे कुछ 10 लाख रुपए की जरूरत है। हां तो ठीक है राजेश को बोलना कि अपने पापा से बात कर ले पैसे मिल जाएंगे। मम्मी जी आप तो जानती हैं ना। पापा जी से पैसे लेना कितना मुश्किल है। अब मैं तो कोशिश कर रही हूं लेकिन लेकिन लेकिन क्या?

[14:31]लेकिन पापा जी फ्री हो तब तो मैं बात करूं ना। जब से ये नई बहू आई है दिन रात सुबह शाम बस इसी की आ भगत में लगे रहते हैं। अरे छोटी बहू प्रियंका कहां हो जल्दी आओ हमारे पास।

[15:05]जी पापा जी बुलाया आपने बहू तुम्हें सरप्राइज पसंद है ना।

[15:13]तो आज हम अपनी छोटी बहू को एक सरप्राइज देंगे।

[15:20]वैसे भी नई-नई इस घर में आई हो तो हमने अभी तक कोई तोहफा नहीं दिया। और बिना दिए हम चुप बैठेंगे भी नहीं। क्यों भगवान

[15:34]ये देखो बहुत खूबसूरत हार है।

[15:47]है ना सुंदर?

[15:53]हां मम्मी जी ये तो आपका हार लग रहा है। लग नहीं रहा है ये हमारा ही हार है।

[16:02]और वो हमारा खानदानी हार है। पर इसको देने से पहले एक बार आपने मुझसे पूछा क्यों नहीं? अभी इसमें पूछने की क्या बात है भगवान।

[16:16]हमारी छोटी बहू नई-नई इस घर में आई है। और ये हमारे खानदान को आगे बढ़ाएगी। वैसे अब देखा जाए तो इस हार पर किसी का ही हक हुआ ना। पर कम से कम एक बार देने से पहले मुझसे पूछ तो लिया होता। अरे इसमें पूछने की क्या बात है भागवान। और सारी बातें ये ही करोगी?

[17:41]पापा जी पानी

[17:50]क्या बात करने है बेटा?

[17:54]वो राजेश का फोन आया था। वो कह रहे थे कि उन्हें बिजनेस में इन्वेस्टमेंट के लिए कुछ 10 लाख रुपए की जरूरत है।

[18:35]काम वही करना चाहिए जिससे फायदा हो। तो किस फायदे से आपने अपनी छोटी बहू को 5 लाख रुपए का नेकलेस दे दिया? क्या मतलब है तुम्हारा? मतलब ये पापा जी कि जिस दिन से प्रियंका इस घर में आई है उस दिन से आप उसको कोई ना कोई तोहफा दिए ही जा रहे हैं। तो ये आप बिना फायदे के तो नहीं कर रहे होंगे ना क्योंकि बिना फायदे के तो आपको कोई काम ही नहीं करते। ठीक बोल रही हूं ना मैं अरे वो इस घर की छोटी बहू है और नई-नई इस घर में आई है तो उसका तो हक बनता है उसको तोहफे में बस कीजिए पापा जी। अगर आप इस भ्रम में हैं कि मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा तो आप गलत हैं। क्योंकि मैं भी जब इस घर में नई बहू बनकर आई थी तो आप मुझे भी काफी तोहफे देते थे। लेकिन बाद में मुझे समझ में आया कि के पीछे आपका मकसद कुछ और था। देखो तुम इस घर की बड़ी बहू हो बड़ी नहीं।

[19:27]कुछ भी कहने से पहले जरा सोच लेना। वैसे हमें बदनाम मत करो। और पैसे-वैसे कुछ नहीं मिलेंगे जाओ कह दो अपने पति को। जाओ निकलो यहां से।

[19:43]अरे यार मुझे यकीन नहीं हो रहा कि पापा जी ने मुझे इतना महंगा हार दिया है। पूरे 5 लाख का हार है। एक बात तो है जब से मैं इस घर में आई हूं पापा जी मेरा बहुत ध्यान रखते हैं। मेरी छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखते हैं। कभी उन्होंने फील नहीं होने दिया कि मैं इस घर में नहीं हूं। बढ़िया है यार तेरी तो लॉटरी लग गई। लगता है पति देव से ज्यादा ध्यान तेरे ससुर जी तेरा रख रहे हैं। जिंदगी के असली मजे तो तू लूट रही है अपने पति के साथ मुंबई शिफ्ट होकर। ऐसी-ऐसी तेरी कहां मैं दिल्ली से लखनऊ आ गई अपने पति के साथ में सोचा था कुछ चेंज होगा सब कुछ सही हो जाएगा। लेकिन कुछ भी सही नहीं हुआ बस पापा जी हैं जो मेरा ध्यान रखते हैं। देख तेरी जरूरतों का ख्याल तेरे ससुर जी रखते हैं अगर तू अपने लिए एक पार्टनर ढूंढ लेगी वहां तो तेरी कामना भी पूरी हो जाएगी और तो खुश भी रहेगी। कब मैं तुझे कॉल बैक करती हूं।

[21:30]पापा जी आप यहां क्या कर रहे हैं? तो बहू क्या है ना कि मेरे बाथरूम का नल खराब हो गया है। इसलिए मैं यहां चला आया। और मेरे कपड़े ये तुम्हारे पहनने वाले कपड़े नीचे गिरे हुए थे। मैंने इसे उठाकर ऊपर रखने वाला ही था उतने में तू आ गई। पापा जी

[36:09]देख तुझसे अब क्या होगा? अब तेरी अयाशी के चक्कर में सब कुछ खराब हो गया है। अब मैं और मम्मी जी आज के बाद तुझे चैन से जीने नहीं देंगे। पापा जी की मौत का बदला हम तुझसे जरूर लेंगे। आज के बाद तू इस घर में

[36:37]हां मैं मान नहीं सकती कि प्रमोद ने पापा जी को मारा होगा। ऐसा नहीं हो सकता मैं क्या करूं प्रमोद को कैसे बचाऊं? अरे मैं अपने प्रमोद को भी नहीं बचा पाई और रीटा भाभी और मां जी मुझे नहीं जीने देगी।

[39:05]इन दोनों की हिम्मत कैसे हुई यहां आने की निकल जाओ यहां से।

[39:11]मम्मी जी की बेइज्जती और मेरे पति का बदला भी बाकी है पापा जी।

[39:18]मैं ऐसे घटिया इंसान को जिंदा रहने का कोई हक नहीं है।

[39:55]इंस्पेक्टर साहब आप ये देखिए।

[40:09]क्योंकि आप लोगों ने ऐसा किया और आपने अपने बेटे को ही फंसा दिया। ये सच है कि हमने अपने पति की हत्या की है। लेकिन हम अपने पति की हरकतों से इतना तंग आ चुके थे। और हम अपने बेटे प्रमोद को नहीं फंसाना चाहते थे। हम तो इस प्रियंका को सजा देना चाहते थे। लेकिन गलती से प्रमोद कमरे में आ गया और वो फंस गया। देखिए मैं मानता हूं आपके पति की गलती थी लेकिन कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। मैं चला इन दोनों को। अरे इंस्पेक्टर साहब हमारी बात तो सुनिए। हमें तो सर समझने की कोशिश तो कीजिए। चल इन दोनों को।

[40:59]प्रमोद इंस्पेक्टर साहब

Need another transcript?

Paste any YouTube URL to get a clean transcript in seconds.

Get a Transcript