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Daanveer Karna’s HEARTBREAKING Revelation Of His Birth 💔 | Kurukshetra | Netflix India

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[0:00]तुम्हारे कवच और कुंडल से मैं जान गई थी कि तुम ही मेरे पुत्र होकर क्या आप जान गई थीं और फिर भी आपने कुछ नहीं किया पूरे राज्य के सामने क्या तुम नहीं जानते कि हस्तिनापुर और कुरुवंश के भविष्य के लिए इसका क्या परिणाम होता और मेरा भविष्य ओह क्षमा करें मैं तो भूल ही गया था मेरा भविष्य तो आपने पहले से ही पानी में बहा दिया था और इसीलिए आज ना हस्तिनापुर सुरक्षित है और ना ही कुरुवंश मैं जानती हूं करण कि मेरे कारण हम दो अलग-अलग पक्षों से युद्ध करने के लिए विवश है इसीलिए तो आज तुम्हारे पास आई हूं जीवन भर मैं अपने परिचय के लिए तरसता रहा मैं कौन हूं मैं क्यों हूं पूरा संसार प्रतिदिन मुझसे प्रश्न करता रहा और आप आज मेरे पास आई हैं उस दिन कहां था आपका यह मातृत्व जब सबने मुझ में सूत पुत्र देखा वह तो बस दुर्योधन था जिसने इस सूत पुत्र में भी एक मित्र को देख लिया कुछ याद आया अरे बताते क्यों नहीं अरे बोलो अरे जवाब दो अधिरथ अधिरथ पुत्र कर्ण हूं मैं वो अधिरथ जो तुम्हारे रथ हाकता है और तुम्हारे अश्व पालता है उसी अधिरथ और उसकी पत्नी राधा का सूत पुत्र कर्ण हूं मैं मैं चुप था क्योंकि मैं जानता था कि तुम्हारे खोकले नियम मुझे लड़ने नहीं देंगे तुम्हारी इस दिखावटी प्रतियोगिता में जिसमें पहले से ही अर्जुन को विजेता मान लिया गया है साहस है तो सामना करो इस सूत पुत्र का अर्जुन हराओ मुझे और तब पहनो सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर का यह पदक ठहरो मैं हस्तिनापुर युवराज दुर्योधन आदेश देता हूं कि इसी क्षण इस अन्याय को समाप्त करो इन्हें कोई अधिकार नहीं कि यह तुम्हारा अपमान करें हम दोनों ने एक ही गुरु से शिक्षा प्राप्त की है मैं गुरुकुल के समय से तुम्हारी वीरता और पराक्रम की कहानियां सुनते आया हूं तुम्हारा परिचय सूत पुत्र नहीं करण तुम्हारा परिचय महा योद्धा है नकारता हूं मैं ऊंच-नीच के नियम और तुम्हारे साहस तुम्हारी क्षमता और तुम्हारे सामर्थ्य के लिए मैं अंग राज्य का दायित्व तुम पर सौंपता हूं मैं मैं दुर्योधन तुम्हें अंग देश का राजा घोषित करता हूं मैं आपका आदेश ससम्मान स्वीकारता हूं युवराज आज से पहले मेरे पास ना तो कोई मित्र था ना मान ना सम्मान और ना ही कोई उद्देश्य किंतु आज मुझे सब मिल गया मेरा जीवन आज से आपका हुआ युवराज

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