[0:00]उस रात एक सनकी वैज्ञानिक ने सबको चौंका दिया उसने भारी बिजली की तार मशीन में जोड़ते हुए ऊंची आवाज में कहा आज मौत का राज खत्म होने वाला है इंसान अब अमर हो सकता है सामने लोहे की मेज पर एक अधूरी लाश टंगी हुई थी अलग-अलग शरीरों के टुकड़ों से जोड़ी गई जैसे ही दूसरी बिजली जोड़ी गई पूरा शरीर अचानक झटके से हिल उठा मरे हुए हाथ ऊपर उठे और सीना धीरे-धीरे उठने-गिरने लगा पूरा हॉल सन्न रह गया लेकिन जज गुस्से में चिल्लाया यह सब धोखा है मरा हुआ इंसान जिंदा नहीं हो सकता वैज्ञानिक ने बिना कुछ कहे एक छोटी गेंद उठाई और उस शरीर की तरफ फेंक दी अगले ही पल उस लाश ने गेंद को हवा में पकड़ लिया और वापस फेंक दिया जैसे वह सच में जिंदा हो हॉल में बैठे लोग डर और हैरानी से खड़े हो गए उसी भीड़ में एक अमीर आदमी बैठा था जिसका नाम हॉलैंड था वह गंभीर बीमारी से मरने वाला था लेकिन उस प्रदर्शन ने उसके अंदर एक खतरनाक उम्मीद जगा दी उसने वैज्ञानिक से कहा कि अगर वह सच में नई जिंदगी बना सकता है तो वह इस प्रयोग में उसका साथ देगा कुछ ही दिनों में हॉलैंड ने समुद्र किनारे एक सुनसान किला उसे दे दिया वहीं से असली प्रयोग शुरू हुआ वैज्ञानिक ने जेलों और युद्ध के मैदानों से लाशों के हिस्से खरीदे और महीनों तक मेहनत करके एक विशाल शरीर तैयार किया दीवारों पर चमकते तार फर्श पर बड़े-बड़े बैटरी जनरेटर और बीच में चांदी की सर्जरी टेबल पूरा किला एक डरावनी लैब बन चुका था फिर एक तूफानी रात आई आसमान में लगातार बिजली चमक रही थी वैज्ञानिक ने उस विशाल शरीर को लोहे की जंजीरों से सीधा खड़ा किया और बिजली पकड़ने वाली छड़ों को आसमान की तरफ उठा दिया अचानक आसमान फटा और एक भयानक बिजली सीधे किले पर गिरी तेज रोशनी से पूरा कमरा सफेद हो गया बिजली की धार तारों से गुजरती हुई उस शरीर में उतर गई कुछ पल सब शांत रहा फिर धीरे-धीरे उस दानव की उंगलियां हिलने लगी आंखें खुलीं और उसने पहली सांस ली वैज्ञानिक खुशी से पागल हो गया उसने मौत को हरा दिया था लेकिन कुछ ही दिनों में उसे समझ आ गया कि उसने इंसान नहीं एक अजीब और खतरनाक जीव बना दिया है वह दानव शुरुआत में एक छोटे बच्चे की तरह था हर चीज को हैरानी से देखता आवाजें सुनकर सीखने की कोशिश करता मगर वैज्ञानिक उसे इंसान की तरह नहीं एक प्रयोग की तरह देखता था वह उसे तहखाने में बंद रखता आदेश देता और कभी-कभी डर के कारण उससे दूर भाग जाता धीरे-धीरे उस दानव के अंदर गुस्सा और अकेलापन भरने लगा एक दिन वैज्ञानिक को लगा कि उसने दुनिया की सबसे बड़ी गलती कर दी है डर के मारे उसने पूरे किले में पेट्रोल फैला दिया और आग लगा दी ताकि उसके प्रयोग का कोई निशान ना बचे लेकिन आग की लपटों के बीच उस दानव के अंदर जीने की भयानक ताकत जाग गई उसने जंजीरें तोड़ दीं दीवारें तोड़ते हुए भाग निकला और अंधेरी रात में गायब हो गया अब वह जंगलों में भटक रहा था दूर से इंसानों को देखकर बोलना चलना और जीना सीख रहा था लेकिन उसके दिल में एक सवाल लगातार जल रहा था जिस इंसान ने उसे बनाया उसी ने उसे दुनिया में अकेला राक्षस बनाकर क्यों छोड़ दिया और शायद एक दिन वह उसी इंसान को ढूंढने वापस आएगा
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