[0:00]सच बोलूं हर लड़की लॉयल नहीं होती और हर लड़का गलत नहीं होता। पर प्रॉब्लम यह है कि आजकल कोई पूरी कहानी सुनना ही नहीं चाहता। जो साइड ज्यादा इमोशनल लगे हम उसी को सच मान लेते हैं। लड़की रो दे तो लोग बिना सोचे उसके साथ खड़े हो जाते हैं। और लड़का चुप रहे तो उसे ही गलत मान लिया जाता है। पर कभी किसी ने यह सोचा कि वह लड़का चुप क्यों है? हर इंसान एक्सप्रेस नहीं कर पाता हर किसी को अपनी बात समझाना नहीं आता। कुछ लोग लाउड नहीं होते इसका मतलब यह नहीं कि वह गलत है। कुछ लोग अपनी कहानी ऐसे बताते हैं कि वह हमेशा सही लगे अपनी गलतियां छुपा लेते हैं। और सामने वाले को पूरा विलन बना देते हैं। फिर लोग वही सुनते हैं वही मानते हैं क्योंकि उन्हें सच नहीं कहानी पसंद आती है पर रियलिटी यह है गलती जेंडर की नहीं होती, गलती इंसान की होती है। फिर भी हम क्या करते हैं एक एक्सपीरियंस के बेसिस पर पूरी कैटेगरी को जज कर देते हैं और शायद इसी वजह से आजकल रिश्ते कम और गलतफहमियां ज्यादा हैं। इसलिए अगली बार किसी को जज करने से पहले यह जरूर सोचना कि जो तुम देख रहे हो वह पूरा सच है या सिर्फ उसका एक हिस्सा?

हर बार लड़की की side ही क्यों? 😶 | Untold Reality
Shruti Mishra | Shruvaani
57s215 words~2 min read
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