[0:00]जब यमराज ने हनुमान जी से कहा कि मैं भगवान राम के प्राण हरने आया हूं तब हनुमान जी की आवाज बदल गई। और हनुमान जी ने कहा, जब तक मेरा शरीर जीवित है, कोई शक्ति मेरे प्रभु को यहां से नहीं ले जा सकती। हनुमान जी के यह शब्द सुनकर यमराज को गुस्सा आ गया और फिर यमराज ने क्रोध से कहा, हे मूर्ख वानर, तुम समय को रोकने की हिम्मत कर रहे हो, मेरी राह से हट जाओ, वरना युद्ध के लिए तैयार हो जाओ। यमराज की प्रचंड आवाज और युद्ध की पुकार सुनकर हनुमान जी के शरीर का तेज और अधिक चमकने लगा। और उसी क्षण वह भयानक युद्ध शुरू हो गया, तब फिर यमराज ने अपना सबसे शक्तिशाली अस्त्र यमदंड निकाल लिया। और पूरी ताकत से हनुमान जी के तरफ यमदंड फेंक कर वाल किया, जैसे ही यमदंड हनुमान जी की ओर आया। हनुमान जी ने अपना रूप इतना विशाल कर लिया कि यमराज उनके सामने एक चींटी जैसे दिखाई देने लगे। और जैसे ही वह प्रचंड यमदंड उनके पास आया हनुमान जी ने अपना विशाल मुंह खोल दिया और उसी तरह यमदंड को निगल लिया। जैसे उन्होंने कभी भगवान शंकर का त्रिशूल निकला था और उसी क्षण हनुमान जी ने अपने गधा से ऐसा प्रहार किया कि यमराज का कवच चकनाचूर हो गया। और वह धरती पर गिर गए और फिर यमराज अपनी जान बचाने के लिए युद्ध भूमि छोड़कर चले गए।

जब हनुमान ने दिखाया असली ताकत… यमराज डर गया! 😳Hanuman #Yamraj #MahabharatStories
Rohit Sanatani
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