[0:00]दुनिया का क्रेजियस्ट फ्लाइट डिसअपीयरेंस का इंसिडेंट साल 2003 में अफ्रीका में हुआ था जब एक बोइंग 727 प्लेन ने रनवे पे आके बिना परमिशन के उड़ान भरी.
[0:09]पायलट्स ने प्लेन की लाइट्स और उसका ट्रांसपोंडर जो सिग्नल भेजता है ये दोनों बंद कर दिए. ये प्लेन धीरे-धीरे समंदर की तरफ गया और फिर रेडार से हमेशा के लिए गायब हो गया. उस दिन के बाद ना तो वो प्लेन कभी मिला ना ही उन दोनों पायलेट्स का कोई सुराग मिला. यह एविएशन हिस्ट्री की सबसे बड़ी पजल्स में से एक बन गई. यह है इंडिया और यहां अफ्रीका में एक देश है अंगोला. यहां एक एयरपोर्ट पर अमेरिका ओनड बोइंग 727 प्लेन काफी समय से खड़ा था. क्योंकि टाइम से एयरपोर्ट की फीस और मेंटेनेंस के पैसे नहीं भरे गए थे. प्लेन की हालत खराब हो रही थी और उसके इंजन सर्विस मांग रहे थे. तो 25 मई 2003 शाम के वक्त सूरज ढलने से पहले एक सर्टिफाइड फ्लाइट इंजीनियर बेन चार्ल्स और एक मैकेनिक जॉन माइकल प्लेन के अंदर गए. इनमें से किसी के पास भी बोइंग 727 उड़ाने का लाइसेंस नहीं था. और वैसे भी इनका काम था प्लेन के इंजन को चेक करना और उन्हें स्टार्ट करके देखना. लेकिन तभी अचानक वो हुआ जो एटीसी वालों ने सपने में भी नहीं सोचा था. ये महीनों से एयरपोर्ट पर पड़ा हुआ प्लेन रनवे की तरफ बढ़ने लगा. प्लेन में बिना किसी लाइट और बिना कंट्रोल टावर से परमिशन लिए रनवे पर टैक्सी किया. कंट्रोल टावर ने बार-बार रेडियो पर कांटेक्ट करने की कोशिश की लेकिन प्लेन से कोई जवाब नहीं आया. प्लेन अजीब तरीके से जिगजैग करते हुए उड़ा और अटलांटिक ओशन की तरफ निकल गया. आज 20 साल से ज्यादा हो गए हैं लेकिन ना तो उस प्लेन का एक भी टुकड़ा मिला है और ना ही उन दोनों लोगों की बॉडीज. एफबीआई ने ऑफीशियली इस केस को बंद कर दिया है. एविएशन एक्सपर्ट्स क्या मानते हैं? वो मैंने पिनड कमेंट में बताया है.



