[0:00]तो आप एक एआईएमएल इंजीनियर बनना चाहते हो? स्मार्ट डिसीजन क्योंकि बाय 2030 इट इज एक्सपेक्टेड टू बी वन ऑफ द हाईएस्ट पेइंग टेक करियरस। अगर आप जॉब लिस्टिंग्स देखोगे तो पता चलेगा कि इंडिया में एआईएमएल इंजीनियर्स इजीली 15 से 25 लाख कमा रहे हैं। और जिनके पास स्किल्स, डिग्री और सही एक्सपीरियंस है वो तो 70 लाख से भी ज्यादा कमा रहे हैं। और सोने पे सुहागा यह है कि हम एआई रेवोल्यूशन के सिर्फ स्टार्टिंग पॉइंट पर हैं। ग्लोबली एआई मार्केट 35% से ग्रो कर रहा है और इंडिया में तो ये नंबर 48% से भी ज्यादा है। तो एआई एमएल की डिमांड अब बढ़ती ही जाएगी। लेकिन कहानी में एक ट्विस्ट है जो अक्सर लोग बताते नहीं हैं। आजकल सिर्फ डिग्री होना काफी नहीं है। यही रीज़न है कि कई लोगों के पास डिग्री है, पर जॉब नहीं। लेकिन मैं ऐसे फ्रेशर्स को भी जानता हूं जिनके पास मल्टीपल जॉब ऑफर्स है और उनका स्टार्टिंग पैकेज 15 लाख से भी ज्यादा है। तो ऐसा क्या फर्क है दोनों में? एंड हाउ कैन यू बी ऑन द विनिंग साइड? आई विल शो यू इन दिस वीडियो। इफ यू आर न्यू टू दिस चैनल, वेलकम। माय नेम इज अकबर। वैसे तो मैं अहमदाबाद गुजरात से हूं बट आई करेंटली वर्क एज ए सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर फॉर जेपी मॉर्गन चेज इन द यूके। और आज की इस वीडियो में मैं आपको बताऊंगा कि क्या आपको डिग्री की जरूरत है और कौन सी डिग्री बेस्ट है? आपको स्टार्ट कहां से करना है? क्या-क्या सीखना है? कहां से सीखना है और कितना टाइम लगेगा? वो कौन सी मिस्टेक्स है जिससे आपको बचना है? एंड लास्ट बट द मोस्ट इंपोर्टेंट हाउ टू एक्चुअली लैंड ए हाई पेइंग जॉब। अगर आप सच में एआईएमएल में एक सक्सेसफुल करियर बनाना चाहते हो तो ये वीडियो पूरा जरूर देखें। राइट, तो क्या आपको डिग्री की जरूरत है? अगर आप थोड़ा सा मार्केट रिसर्च करोगे तो देखोगे आउट ऑफ ऑल द जॉब लिस्टिंग्स 28% ऐसी है जहां पीएचडी मस्ट है। स्पेशली रिसर्च रोल्स एट प्लेसेस लाइक गूगल एंड ओपन एआई। 24% जॉब्स ऐसी है जहां मास्टर डिग्री प्रेफरड होती है। स्पेशली प्रोडक्ट बेस्ड कंपनीज में। 24% जॉब के लिए बैचलर्स भी चलेगी। प्रेफरेबली बीटेक वरना बीएससी, बीसीए। और इंटरेस्टिंगली 25% ऐसी जॉब्स हैं जहां कोई डिग्री मेंशंड नहीं है। तो डिग्री चाहिए या नहीं? सिंपल आंसर है, यस, बहुत हेल्पफुल रहेगी बट इट इज नॉट मैंडेटरी। अब डिग्री नहीं है तो आपको प्रूफ ऑफ वर्क्स चाहिए जैसे रियल वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स। गिट हब पोर्टफोलियो, फ्रीलांसिंग, इंटर्नशिप्स और ओपन सोर्स कंट्रीब्यूशन। अगर यह सब रहेगा यू कैन स्टिल गेट अ जॉब। राइट, लेट्स टॉक अबाउट स्टार्ट कहां से करना है और क्या-क्या सीखना है? लेकिन पहले ये बताओ एआईएमएल, डेटा साइंस, क्लाउड इंजीनियरिंग, डेवोप्स, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ये सब में कॉमन क्या है? आंसर है इन सब के लिए आपको चाहिए कोर कंप्यूटर साइंस स्किल्स। जैसे प्रोग्रामिंग, डीएसए, गिट, एपीआईस एंड क्लाउड प्लेटफॉर्म का नॉलेज। अगर ये कोर स्किल्स आपने अच्छे से सीख ली तो आप इनमें से कोई भी फील्ड में अपना करियर बना सकते हो। दिस इज व्हाई इट इज द बेस्ट प्लेस टू स्टार्ट। हम एआईएमएल की लर्निंग को पांच ग्रुप्स में डिवाइड करेंगे। सबसे पहले है कोर कंप्यूटर साइंस स्किल्स। उसके बाद है डेटा हैंडलिंग स्किल्स। फिर आएगा फाउंडेशनल मैथ्स स्किल्स। उसके बाद कोर मशीन लर्निंग स्किल्स और लास्ट में एडवांस मशीन लर्निंग स्किल्स। नाउ फ्रेशर्स के लिए एडवांस मशीन लर्निंग स्किल्स जरूरी नहीं है। यह आप धीरे-धीरे अपने करियर में सीखते रहोगे। अब कोर कंप्यूटर साइंस में सबसे पहले आपको सीखना है पाइथन। बिकॉज एआईएमएल के लिए इससे बेटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है ही नहीं। वैसे तो मार्केट में बहुत सारे नो कोड टूल्स अवेलेबल है, बट अगर आपको हाई पेइंग जॉब चाहिए तो कोडिंग आना बहुत जरूरी है। आपको ये सारे फंडामेंटल सीखना है। टाइम की बात करें तो अगर आप डेली तीन से चार घंटे दे सकते हो तो इजीली थ्री टू फोर वीक्स में पाइथन सीख सकते हो। उसके बाद आपको फोकस करना है डीएसए यानी कि डेटा स्ट्रक्चर एंड एल्गोरिथम्स पर। क्योंकि ये इंटरव्यू के लिए बहुत जरूरी है। डीएसए से आपकी प्रॉब्लम सॉल्विंग इंप्रूव होती है और आप एफिशिएंट कोड करना सीखते हो। एंड दिस इज व्हाट सेपरेट्स ग्रेट इंजीनियर्स फ्रॉम एवरेज इंजीनियर्स। सो फोकस ऑन दिस टॉपिक्स। आपको लीड कोड पे 100 से 150 क्वालिटी क्वेश्चन सॉल्व करना है। इजी से स्टार्ट करो फिर मीडियम लेवल पर जाओ। हार्ड पे ज्यादा फोकस करने की जरूरत नहीं है। टाइमिंग की बात करें तो इसको 6 टू 9 वीक्स फुल फोकस के साथ दो। उसके बाद आपको गिट सीखना है। वाय? क्योंकि गिट आपको हेल्प करता है कोड को सेफली मैनेज करने में और टीम के साथ इफेक्टिवली कोलाबोरेट करने में। आपको सीखना है गिट बेसिक्स, गिट हब वर्कफलोस, ब्रांचिंग एंड पुल रिक्वेस्ट्स। इसके लिए वन वीक इज मोर देन इनफ। उसके बाद आपको एपीआई के साथ काम करना सीखना होगा। क्योंकि रियल वर्ल्ड मशीन लर्निंग सिस्टम्स एपीआई के थ्रू ही इंटरेक्ट करते हैं। पहले आप एपीआई के बेसिक्स समझो, फिर सीखना है एपीआई कॉल करना। और उसके बाद आपको सीखना है खुद की एपीआईस बनाना यूजिंग फ्रेमवर्क्स लाइक फास्ट एपीआई और फ्लास्क। दो से चार वीक्स में आप कॉन्फिडेंटली एपीआई के साथ काम करना सीख सकते हो। और लास्टली आपको क्लाउड प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करना सीखना है। क्योंकि आज के टाइम पे क्लाउड प्लेटफॉर्म्स जैसे एडब्ल्यूएस, जीसीपी, एज़यूर एक मॉडर्न टेक स्टेक का एसेंशियल पार्ट है। आई सजेस्ट कि आप एडब्ल्यूएस से स्टार्ट करो बिकॉज़ इट इज यूज्ड बाय मोस्ट कंपनीज। आपको स्टार्ट करना है बेसिक से, फिर उसके बाद कोर सर्विसेज समझने। तीन से चार वीक्स में आप रियल वर्ल्ड लेवल क्लाउड एक्सपोजर इजीली ले सकते हो। कोर कंप्यूटर साइंस स्किल्स सीखने के बाद आपको डेटा हैंडलिंग स्किल्स पे ध्यान देना है। जो आपको डेटा एनालिस्ट और डेटा साइंटिस्ट जैसे रोल में जाने के लिए भी हेल्प कर सकती हैं। आपको स्टार्ट करना है एसक्यूएल से जो हर एक एआईएमएल इंजीनियर के लिए कोर स्किल है। सीक्वल सीखना है क्योंकि आपको रियल वर्ल्ड डेटा के साथ काम करना होता है। एंड डेटा जनरली सीक्वल डेटाबेस में होता है जैसे माय सीक्वल, पोस्टग्रेस सीक्वल, बिग क्वेरी। और ये डेटा एक्सेस करने के लिए, क्वेरी करने के लिए और मैनिपुलेट करने के लिए सीक्वल बहुत जरूरी है। आपको ये सब सीखना है जिसमें रफली तीन से चार वीक्स लगेंगे। फिर आपको सीखना है पेंडस। क्योंकि एज एन एआईएमएल इंजीनियर आपका 60-70% काम होता है डेटा को क्लीन, एक्सप्लोर और ट्रांसफॉर्म करना। और पेंडस इस प्रोसेस को आसान करता है। तो आपको यह स्किल्स पे फोकस करना है जिसमें रफली दो से तीन वीक्स लगेंगे। फिर आपको सीखना है नंपाए जो कि एक पाइथन लाइब्रेरी है फॉर वर्किंग विद नंबर्स। इट इज वेल नोन फॉर बीइंग फास्ट एंड एफिशिएंट। आपको ये सब सीखना है जिसमें आपको दो से तीन वीक्स लगेंगे। और लास्टली आपको डेटा विजुअलाइजेशन सीखना है। क्योंकि जनरली डेटा बड़ा मैसी होता है एंड इफ यू कांट विजुअलाइज द डेटा आप उसको अंडरस्टैंड नहीं कर सकते और अच्छे मॉडल नहीं बना सकते। इसके लिए आपको मैट प्लॉट लिब और सी बोर्न सीखना है जिसमें रफली एक से दो वीक्स लगेंगे। डेटा हैंडलिंग सीख लिया तो अब टाइम है मैथ्स सीखने का। मैथ्स सुन के काफी लोगों की फटने लगती है। बट ट्रस्ट मी ये उतना डिफिकल्ट है नहीं। राइट रिसोर्स से पढ़ोगे तो सब समझ आएगा। मैथ्स के बिना आप समझ नहीं पाओगे कि हाउ मॉडल्स लर्न एंड मेक डिसीजनस। और राइट मॉडल कैसे चूज़ करना है वो भी पता नहीं चलेगा। तो मैथ्स बहुत जरूरी है। आपको सीखना होगा स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोबेबिलिटी, लीनियर अलजेब्रा एंड कैलकुलस जिसके लिए आपको 6 टू 8 वीक्स देने होंगे। एक बार मैथ्स अच्छे से आ गया तो आप रेडी हो कोर मशीन लर्निंग सीखने के लिए। सेल्फ ड्राइविंग कार्स, फ्रॉड डिटेक्शन, रेकमेंडेशन सिस्टम, ये सबके पीछे के कोर लॉजिक को समझने के लिए। यहां पे काफी बिगनर्स गलती करते हैं वो डायरेक्ट डीप लर्निंग स्टार्ट कर देते हैं जबकि जरूरत है पहले सिंपल एल्गोरिथम समझने की। पहले आप ये एल्गोरिथम्स एंड कॉन्सेप्ट्स समझो। उसके बाद आपको सीखना है साइकिट लर्न। फोर टू सिक्स वीक्स में आप ये इजीली सीख सकते हो। कोर मशीन लर्निंग स्किल्स सीखने के बाद ही आपको एडवांस मशीन लर्निंग पे जाना है। याद रखना फ्रेशर्स के लिए एडवांस स्किल्स इतनी जरूरी नहीं है। और ये भी याद रखना कि एआईएमएल कांस्टेंटली इवॉल्व करता रहता है। यह एक लाइफलोंग जर्नी जहां पे आपको हमेशा सीखते रहना पड़ेगा। आपको फोकस करना होगा डीप लर्निंग आर्किटेक्चर पे, एडवांस्ड ऑप्टिमाइजेशंस पे, मॉडल डिप्लॉयमेंट पे, एंड रीडिंग रिसर्च पेपर्स एंड अंडरस्टैंडिंग कटिंग एज टेक्निक्स। यह याद रखना कि दुनिया का बेस्ट मशीन लर्निंग इंजीनियर भी सब कुछ नहीं जानता। वो सिर्फ सही चीज राइट टाइम पे सीखता है। चलो अब बात करते हैं उन कॉमन गलतियों की जो लोग बार-बार करते हैं। और इसी वजह से एक्सपर्ट बनने की जगह स्टक रह जाते हैं। मिस्टेक नंबर वन मेमोराइजिंग इंस्टेड ऑफ अंडरस्टैंडिंग। सिर्फ एल्गोरिथम का नाम याद मत रखो। वो काम कैसे कर रहा है वो ज्यादा इंपॉर्टेंट है। आपको पता होना चाहिए कौन सा डेटा डीप लर्निंग के लिए है और कौन सा नहीं। वाय एंड वेन? ये क्वेश्चन करने की वजह से ही आप ग्रेट बनते हो। मिस्टेक नंबर टू गेटिंग स्टक इन ट्यूटोरियल हेल। कुछ लोग एंडलेस ट्यूटोरियल्स देखे जाते हैं बिना खुद से कुछ बनाए। यह सिर्फ लर्निंग का इल्यूजन क्रिएट करता है। ऐसा लगता है कि हम कुछ सीख रहे हैं बट एक्चुअली में कुछ होता नहीं है। इसका सॉल्यूशन यही है कि आप एक से दो ट्यूटोरियल्स देखो और तुरंत उसपे प्रैक्टिस करो। अगर आपसे नहीं भी हो रहा है तब भी आप ट्यूटोरियल से ज्यादा तेज लर्न करते हो। मिस्टेक नंबर थ्री, लर्निंग इन आइसोलेशन। देखो अकेले सीखने की भी एक लिमिट होती है। अगर ग्रोथ फास्ट चाहिए तो आपको लोगों के साथ जुड़ना पड़ेगा। आप क्या कर सकते हो तो कोडिंग बडीज़ ढूंढो। अपना प्रोजेक्ट शेयर करो मशीन लर्निंग कम्युनिटीज में। अपने सीनियर्स और मेंटर्स से फीडबैक लो। जब आप डिस्कस करते हो, एक्सप्लेन करते हो तभी रियल क्लेरिटी आती है। फाइनली लेट्स टॉक अबाउट हाउ टू एक्चुअली लैंड ए हाई पेइंग जॉब। देखो यहां पे ज्यादातर बिगनर्स मार खा जाते हैं। वो बस रैंडम चीजें सीखते रहते हैं बिना ये समझे कि रिक्रूटर्स को क्या चाहिए। बेस्ड ऑन रिक्रूटर सर्विस, हायरिंग ट्रेंड्स एंड रियल डेटा फ्रॉम टॉप कंपनीज लाइक Google, Microsoft एंड Amazon ये टॉप फाइव चीजें हैं जो आपको जॉब दिलवा सकती हैं। जिसमें नंबर वन है रियल वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स एंड पोर्टफोलियो। कंपनीज इंटरेस्टेड होती है जानने में आपने क्या बनाया है, कैसे बनाया है और क्या रियल वर्ल्ड प्रॉब्लम सॉल्व की है। थ्योरी से ज्यादा कंपनी रियल वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स को इंपोर्टेंस देती है। तो एक ऐसा प्रोजेक्ट जिसमें आपने एडब्ल्यूएस, एपीआईस, पेंडस, साइकिट लर्न, टेंसरफ्लो सब यूज किया है ये प्रूफ करता है कि आप जॉब के लिए रेडी हो। नंबर टू इज प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स। आप चाहे एआईएमएल हो या बैक एंड डेवलपर रोल। इंटरव्यू में डीएसए राउंड हर जगह मैंडेटरी है। ये टेस्ट करता है आपके प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स को स्पेशली अंडर प्रेशर। अगर आपको हाई पेइंग जॉब चाहिए तो एटलीस्ट इंटरमीडिएट लेवल का डीएसए आना चाहिए। नंबर तीन पे है इंटर्नशिप्स एंड प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस। देखो कंपनीज के लिए इंटर्नशिप का मतलब है ट्रस्ट। यह दिखाता है कि आप टीम में काम कर सकते हो, डेडलाइन मीट कर सकते हो और रियल वैल्यू डिलीवर कर सकते हो। इवन एक अनपेड इंटर्नशिप भी आपके चांसेस बहुत बढ़ा सकती है। नंबर फोर कम्युनिकेशन एंड बिजनेस अंडरस्टैंडिंग। ये काफी बिगनर्स मिस कर देते हैं। सिर्फ मॉडल्स बनाना काफी नहीं है। आपको क्लाइंट को सिंपल लैंग्वेज में एक्सप्लेन करना भी आना चाहिए। आपको बताने आना चाहिए कि मॉडल का बिजनेस इंपैक्ट क्या होगा। आपको डेटा से स्टोरी बना के उसको प्रेजेंट करना आना चाहिए। ट्रस्ट मी ये स्किल आपको दूसरों से बहुत आगे ले जाएगी। एंड नंबर फाइव सर्टिफिकेशंस एंड एजुकेशन। देखो कोर्सेज लाइक स्टैनफोर्ड मशीन लर्निंग, Google एआई, डीप लर्निंग और आईआईटी के सर्टिफिकेशंस क्रेडिबिलिटी बढ़ाते हैं। अच्छा सीजीपीए और डिग्री भी आपको एज देती है। तो फोकस ऑन दिस फाइव थिंग्स ये आपकी लाइफ बदल सकते हैं। आपको यह कंप्लीट रोड मैप विद रिसोर्सेज डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। मेरा मिशन सिंपल है कि हर एक स्टूडेंट अपना ड्रीम करियर अचीव करें। इस चैनल पे मैं वही प्रैक्टिकल एडवाइस देता हूं जो एक्चुअली काम करती है। अगर आपको यह वीडियो हेल्पफुल लगा हो तो सब्सक्राइब कर लेना ताकि अगली वाली वीडियो मिस ना हो। आप मुझे लिंक्डइन और इंस्टाग्राम पर भी फॉलो कर सकते हो। थैंक्स अ लॉट फॉर वाचिंग। सी यू इन द नेक्स्ट वन। Mediocre कुछ कर

The PERFECT Machine Learning Engineer Roadmap for 2026 (You Don't Need Another)
Akber Shaikh
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[0:00]एंड लास्ट बट द मोस्ट इंपोर्टेंट हाउ टू एक्चुअली लैंड ए हाई पेइंग जॉब। अगर आप सच में एआईएमएल में एक सक्सेसफुल करियर बनाना चाहते हो तो ये वीडियो पूरा जरूर देखें। राइट, तो क्या आपको डिग्री की जरूरत है?
[0:00]लेकिन पहले ये बताओ एआईएमएल, डेटा साइंस, क्लाउड इंजीनियरिंग, डेवोप्स, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ये सब में कॉमन क्या है?
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