[0:00]आओ आओ नाटक देखो नाटक वाले आए हैं। आओ आओ नाटक देखो नाटक वाले आए हैं। दौड़ के आओ भाग के आओ, नाटक वाले आए हैं।
[0:08]दौड़ के आओ भाग के आओ, नाटक वाले आए हैं। भारत देश की तुमको हम, आज बताने आए हैं। भारत देश की तुमको हम, आज बताने आए हैं।
[0:24]तंबाकू का सेवन यानि जिंदगी बर्बाद, पैसा बर्बाद। पैसा बर्बाद, पैसा बर्बाद।
[0:29]तंबाकू का सेवन करने से इसकी लत भी लग जाती है। मुझे तो तेरी लत लग गई लग गई, जमाना कहे लत ये गलत लग गई।
[0:39]तंबाकू का जिसने गले लगाया, मौत को उसने पास बुलाया। पास बुलाया, पास बुलाया।
[0:46]तंबाकू का सेवन करने से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होती है। होती है भई होती है।
[0:52]भाइयों और बहनों, तंबाकू का सेवन करने से रोज लगभग 3000 जानें जाती है। ओ, 3000.
[1:02]यम हैं हम यम हैं हम। अरे चित्रगुप्त, जी महाराज। मैं तो थक गया। क्यों महाराज?
[1:09]अब इतनी लाशे मुझसे उठाई नहीं जाती। हां महाराज, इनका तो कोई अंत ही नहीं है।
[1:14]क्यूंकि ये बीड़ी, ये सिगरेट, ये पान मसाला तूने खुद से ही खुद का गला काट डाला।
[1:21]ये बीड़ी, ये सिगरेट, ये पान मसाला तूने खुद से ही खुद का गला काट डाला।
[1:33]नशा ही नशा, मजा ही मजा। बोलो जुबां केसरी। दाने दाने में केसर का दम।
[1:41]अरे बाबा खून, अरे अस्पताल ले जाओ अस्पताल। अरे ये क्या दिन आ गया।
[1:47]गुलाब आया है। डॉक्टर ने बुलाया है।
[1:54]अब इनके पास ज्यादा समय नहीं रह गया है। इन्हें घर ले जाओ। आज से बीड़ी, गुटखा सब बंद।
[2:00]क्यूंकि बाबा को हो गया है कैंसर। क्योंकर दिया है दोनों से लगा। हां लगा।
[2:08]ये मिल गई उम्र कैद की सजा। हां सजा।
[2:19]अरे डोकरे, इसे मत खा, मर जाएगा। अरे मां 15 साल से खा रहा हूं। अब तक कुछ नहीं हुआ तो अब क्या ही होगा।
[2:27]तो जा मर। यम हैं हम, यम हैं हम। अरे चित्रगुप्त, जी महाराज।
[2:35]चलो चले। कहां महाराज? उस नशेड़ी के पास जो कहता था तंबाकू खाने से कुछ ना होवे।
[2:41]चलिए महाराज। क्योंकि ये बीड़ी, ये सिगरेट, ये पान मसाला तूने खुद से ही खुद का गला काट डाला।
[2:51]ये बीड़ी, ये सिगरेट, ये पान मसाला तूने खुद से ही खुद का गला काट डाला।
[3:00]अरे भगवान कहां हो? ये बत्ती काहे बुझा रखी है? अरे कहां से लाऊं बत्ती? बिजली का बिल भरा है क्या?
[3:07]अरे यार ये तो रोज का ही हो गया है। कभी बिजली, कभी पानी। तू पैसा पैसा करती है।
[3:11]तू पैसा पैसा करती है, तू पैसे पे क्यों मरती है? पैसा पैसा करने में क्या हर्ज है। तू भी तो गुटखा गुटखा करता है।
[3:19]तू गुटखा गुटखा क्यों मरता है? अरे मुझे नहीं पता, मुझे बीड़ी चाहिए। चल पैसे निकाल।
[3:23]कहां से लाऊं पैसे? कमा के लाया है क्या? मुझे कह रही है, तू भी तो लाल मंजन करती है।
[3:28]गुटखा खा के गुटखा हाय, क्या करे, हो गया है कैसा ये बीमार, क्या करे। थूका है थूका है थूका है थूका है थूका है थूका है थूका है थूका है थूका है।
[3:45]अरे इसे तो लेटा भी नहीं जा रहा है। चलो डॉक्टर के पास।
[3:56]इनके गले में गांठ हो गई है। इनका ऑपरेशन करना पड़ेगा।
[4:00]हाय राम। यम हैं हम, यम हैं हम। अरे चित्रगुप्त, जी महाराज। लगता है, यह भी बहुत जल्दी यमलोक आने वाला है।
[4:18]हां महाराज, ये तो तय है। क्योंकि ये बीड़ी, ये सिगरेट, ये पान मसाला तूने खुद से ही खुद का गला काट डाला।
[4:27]ये बीड़ी, ये सिगरेट, ये पान मसाला तूने खुद से ही खुद का गला काट डाला।
[4:44]मम्मी मम्मी टीवी ऑन करो। मैं मुकेश, मैं पांच साल से गुटखा चबा रहा हूं और मुझे कैंसर है और मेरा ऑपरेशन होने वाला है।
[4:54]क्या पता इसके आगे मैं कुछ बोल ना सकूं।
[4:59]अफसोस मुकेश बच नहीं सका और वह सिर्फ 24 साल का था।
[5:05]तंबाकू केवल बड़ों तक ही सीमित नहीं है। अब मैं छोटे बच्चों को भी अपने अंदर समेट रहा हूं।
[5:12]मेरा नाम पूनम है और मैं सात साल की हूं और मैं गुटखा खाती हूं।
[5:19]बचपन में लगी इन आदतों का नुकसान हमें भविष्य में भुगतना ही पड़ता है।
[5:25]धुम्रपान का इस्तेमाल करने से हमारी जिंदगी के 10 साल कम हो जाते हैं। धुम्रपान, गुटखा जैसी इस्तेमाल करने से हमारे मानसिक एवं शारीरिक रूप पर भी असर पड़ता है और यह हमारे परिवार की खुशियों को भी खत्म करता है।
[5:39]10 में से एक इंसान की मौत प्रतिदिन तंबाकू खाने से होती है।
[5:47]भारत को तंबाकू मुक्त बनाएं। इनकी नहीं, एहसास आपका।



