[0:30]हजारों सालों से जिस रात का हमें इंतजार था आखिर वो रात आ ही गई शैतान की काली रात अब हमारा वक्त शुरू होगा
[1:04]जाओ जाकर हमारा जादुई पानी, आबे पत्थर लेकर आओ
[1:25]इस दुनिया में 1001 बादशाह है, जो ताकत के लिए एक-दूसरे का खून बहाते है पर अब कोई खून नहीं बहेगा, क्योंकि पत्थर से खून नहीं बहता और हम इस दुनिया की सबसे ताकतवर जादूगरनी मल्लिका है जो कि इन 1001 बादशाहों को आबे पत्थर से पत्थर का बनाकर खुद इस पूरे जहां पर हुकूमत करने वाले है
[2:08]ये कौन है? मंगोल का बादशाह चंगेज खान
[2:14]वो पहला बादशाह जो पत्थर का बनने वाला है लाओ हमारा आबे पत्थर
[2:37]रंगरेज मेरे, रंगरेज मेरे पत्थर का बन जा चंगेज मेरे
[2:52]गौर से देखो हसन अब हमारा दौर शुरू होने वाला है
[3:20]संभाल के जाना चंगू और थोड़ा कम लोगों को मारा करो ठीक है
[3:27]बेअकल तूने गलती से हमें पानी गुब्बारा दे दिया गलती से नहीं जानबुझ के गलती से तो यह गिर गया नमक हराम मैं मरने से नहीं डरता
[4:20]हम तुम्हें मौत नहीं उससे भी बड़ी सजा दे रहे हैं
[5:03]चलते है दुश्मन हमारे एक दहकती आग में कैद होगा तू हसन आज से इस चिराग में हम हारे नहीं है हसन आज से 500 सालों बाद हम फिर लौटेंगे हसन लेकिन तुम्हें कोई बाहर नहीं निकाल पाएगा कोई नहीं
[10:22]काले चोर का इंतजार तो 11 मुल्कों के सिपाही कर रहे हैं लेकिन काले चोर को पकड़ना मुश्किल नहीं नामुमकिन है
[11:57]कोई बात नहीं बेटा मेरी किस्मत में नहीं था अगर मेरी किस्मत में होता तो मुझे कुछ ना कुछ जरूर मिल जाता
[12:13]किस्मत में होता नहीं लिखना पड़ता है ये लीजिए बड़े चौक में अत्तर नाम के एक आदमी है वो पुरानी चीजों का कदरदान है वहां जाकर बेचेंगी तो अच्छी कीमत मिलेगी शुक्रिया बेटा और दादी इत्र लगाकर जाइएगा बताया था ना कि पुरानी चीजों का कदरदान है शैतान रहेगा तेरा नाम क्या है अलादीन नाम तो सुना होगा ऊपरवाला तेरे को लंबी उम्र दे अलादीन लंबी उम्र का क्या करूंगा दादी जब सारी उम्र मुस्तफा चाचा की गुलामी करनी है अब मैं उन्हें क्या दूंगा यह काला चोर को हाथ आया नहीं उसके चक्कर में यह घुटना जरूर छिल गया
[13:11]मेरी अम्मी कहती है कि हल्दी वाला दूध पीने से ना दर्द जल्दी चला जाता है अब आप भी पी लीजिएगा
[14:31]आज चाचा मुझे अम्मी को पक्का घर से बाहर निकालेंगे
[14:41]लो आ गया अलादीन
[14:52]ये वक्त है आने का अब जल्दी से खलीफा का गुलदान दे अरे दे चाचा वो वो एक बूढ़ी औरत थी मैंने उसको दे दिया बहुत अच्छा किया बेटा अब वो कमबख्त खलीफा का गुलदान भिखारन को दे आया भाई मेरे भाई यह गलत किया ना अरे भिखारन को ही देना था तो क्या मेरे अब्बू बुरे थे
[20:19]अलादीन क्या मेरे अब्बू बुरे थे जा चाचा चाचा चला चाल चलन चोर बनाता है
[20:31]आज पूरा शहर दावत ए अमन की तैयारी कर रहा है तो मैंने भी तेरे लिए खीर कोरमा बनाया है
[20:50]ऊपरवाले ने कितनी जिंदादिली दी है मेरे लाल को कोई मुसीबत मुसीबत ही नहीं लगती
[21:18]मूर्ख की चीज है क्यों ना दूं भला पर एक बात कह दूं रुकसार बेगम तुम जैसे मुफत खोरों को तो मुफ्त में भी कुछ नहीं देना चाहिए
[24:00]और वैसे भी तब पजामों की कमी कहां होगी पर अब्बू आप आप घर की बड़ी है आप से क्या कह सकती हूं पर इतना जरूर कहूंगी मैं भाभी हम ना इब्न बतूता के खानदान के हैं ऐसे ऐसे एहसान नहीं रखते किसी का आप यहीं रुकिए भगाडे बाप का चोर बेटा
[22:37]पर आप आप घर की बड़ी है आप से क्या कह सकती हूं पर इतना जरूर कहूंगी मैं भाभी हम ना इब्न बतूता के खानदान के हैं ऐसे ऐसे एहसान नहीं रखते किसी का आप यहीं रुकिए



