Thumbnail for किष्किंधा काण्ड | कहइ रीछपति सुनु हनुमाना #shorts #hanuman #ramcharitmanas #motivation #bhakti #ram by Bhakti Saga

किष्किंधा काण्ड | कहइ रीछपति सुनु हनुमाना #shorts #hanuman #ramcharitmanas #motivation #bhakti #ram

Bhakti Saga

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[0:00]कहे रीछ पति सुन हनुमान कहे रीछ पति सुन हनुमान का चुप साधी रहे बलवाना का चुप साधी रहे बलवाना पवन तनय बल पवन समाना पवन तनय बल पवन समाना बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना जामवंत जी बोले हनुमान जी आप जाएंगे न उस पार? चुप क्यों है बोलिए। पवन पुत्र है आप। पवन के समान आपका बल है और वेग है। आप जाएंगे न उस पार। हनुमान जी आंख बंद कर के बड़े प्रेम के साथ राम सिया राम सिया राम जय जय राम राम सिया राम सिया राम जय जय राम राम सिया राम सिया राम जय जय राम कवन सो काज कठिन जग माही कौन सो काज कठिन जग माहिं जो नहीं होई तात तुम पाही जो नहीं होई तात तुम पाही श्री जामवंत जी ने कहा हनुमान जी कौन सा संसार कार्य आपके लिए असंभव है? जो आप नहीं कर सकते है। आप कुछ भी कर सकते हैं आप जाएंगे ना उस पार हनुमान जी राम सिया राम सिया राम जय जय राम राम सिया राम सिया राम जय जय राम जामवंत जी बोले आप यहां कीर्तन करने के लिए आए हैं। यह कीर्तन करने का अवसर है। आपका अवतार क्यों हुआ है आपको याद है हनुमान जी? हनुमान जी बोले कुछ याद नहीं है मुझे। जामवंत जी ने स्मरण दिलाया उनको। राम काज लगी तब अवतारा सुनत भयो पर्वताकारा राम काज लगी तब अवतारा सुनत भयो पर्वताकारा जामवंत जी ने कहा है बजरंगबली आपका अवतार ही राम कार्य के लिए हुआ है। आप जाएंगे न उस पार। श्री हनुमान जी सुने राम काज लगी मम अवतारा सुनतहि भयउ पर्वताकारा हनुमान जी लगे बढ़ने बढ़ते बढ़ते हनुमान जी पर्वत का आकार धारण कर लिए। सिंह के आवाज में दहाड़ मारने लगे। जामवंत जी आप ने कहा कोई आज तक समुद्र को पार नहीं किया। मैं खेल खेल में समुद्र को लांघ जाऊंगा।

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