[0:00]तो दोस्तों ये शुरू करते हैं लास्ट चैप्टर, लास्ट टॉपिक है हमारा चैप्टर फाइव सोशल मोबिलिटी। तो इसमें हम सोशल मोबिलिटी को पहले डिफाइन कर लेते हैं। मोबिलिटी का मतलब क्या होता है, देखो, एक मोबिलिटी आपकी ज्योग्राफिकल मोबिलिटी भी होती है। एक जगह से दूसरी जगह जाना ट्रांसपोर्ट की मदद से वो ज्योग्राफिकल मोबिलिटी है। वो डिस्कस नहीं करेंगे हम कौन सा डिस्कस कर रहे हैं? सोशल मोबिलिटी। कि सोशल स्ट्रक्चर में आप ऊपर नीचे अगर मूव करते हो तो उसकी डिस्कशन कि पहले लेटस से क्लास बेस्ड अगर सिस्टम की बात कर रहे हैं तो क्लास बेस्ड सिस्टम में अगर अगर आप अमीर होते जा रहे हो तो आप लेटस से लोअर क्लास से मिडिल क्लास, मिडिल क्लास से अपर क्लास ऐसे आ रहे हो तो मोबिलिटी की बात हो रही है सोशल सिस्टम में सोशल स्ट्रक्चर में स्टैटिफिकेशन में आप कैसे मूव करते हो ऊपर या नीचे, बहुत तरह की ये हम यहां टाइप्स डिस्कस करेंगे कि टाइप्स क्या हो सकती है। जनरली लोग सिर्फ वर्टिकल में ही उलझ के रह जाते हैं, नहीं। वर्टिकल से तो बहुत ही ज्यादा टाइप्स हैं देखते हैं अभी। पहला, डेफिनेशन कि सोशल मोबिलिटी इज़ मूवमेंट ऑफ़ ग्रुप्स एंड इंडिविजुअल्स अक्रॉस द सोशल स्ट्रक्चर। अक्रॉस द सोशल स्ट्रक्चर। कि किस तरह से सोशल स्ट्रक्चर में वो ऊपर नीचे मूव करते हैं। ठीक है जी। या फिर एक और क्या बात यहां जरूरी है कि चेंज इन पोजीशन इन सोशल स्ट्रक्चर कि सोशल ये बहुत ही सिंपल एंड होलिस्टिक डेफिनेशन है कि चेंज इन पोजीशन इन सोशल स्ट्रक्चर। कि आप स्ट्रक्चर में अपनी पोजीशन आपने बदल ली। अब क्या-क्या टाइप हो सकती है इसकी? पहले यहां पे टाइप है हमारे पास डिफरेंट टाइप्स में हमारे पास हॉरिजॉन्टल कि डायरेक्शन के उसमें सॉरी हॉरिजॉन्टल में क्या होगा? जैसे पहले मैं आपको मैं पहले बताऊं हॉरिजॉन्टल एंड वर्टिकल में मेजॉरिटी ऑफ़ पीपल एंड मेजॉरिटी ऑफ़ बुक्स दे टॉक ऑफ़ ओनली वर्टिकल मोबिलिटी। वर्टिकल मतलब लेटस से पहले आप स्ट्रक्चर में नीचे कहीं लाई करते थे। लेकिन ग्रेजुअली आप ऊपर आ गए। वर्टिकल। ऐसा भी हो सकता है। काउंटर भी ऊपर दे कहीं पे नीचे आ गए। ये भी हो सकता है। लेकिन ये रेयरली आप ये चाहोगे। इट इज़ नॉट डिजायरेबल गोइंग डाउन। डिजायरेबल इज़ गोइंग अप। कास्ट में आप चाहोगे ऊंची वाली कास्ट मिल जाए आपकी कास्ट को। ठीक है जी। क्लास में चाहोगे ऊपर वाली क्लास मिल जाए। तो जनरली वर्टिकल की बात होती है। लेकिन हॉरिजॉन्टल भी बहुत इंपॉर्टेंट है जाननी हॉरिजॉन्टल। ये देखते हैं क्या होता है? हॉरिजॉन्टल मोबिलिटी क्या होता है? ये कि आप लेटस से पहले एक सिस्टम का पार्ट थे आपने अपना सिस्टम बदल लिया आप। अब आप दूसरे सिस्टम में आ गए। फॉर एग्जांपल पहले आपका सिस्टम एग्रीकल्चरल सिस्टम था। एग्रीकल्चरल सिस्टम में आप क्या थे? आप वहां पर लेटस से वेज लेबरर थे। आप खेतों में काम करते थे एंड ना तो आप जो जमीन के मालिक हो ना ही आप प्रॉफिट्स कमाते हो। और ऐसा भी नहीं है। शेयर क्रॉपर भी नहीं हो आप वेज लेबरर हो बस देहात में काम करते हो। सबसे नीचे स्ट्रक्चर में सबसे नीचे माने गए। आप आपको लगा ये तो मैं काम गांव में बहुत कर लिया शहर चलता हूं। शहर गए शहर जा के लेटस से आप बन गए इंडस्ट्रियल लेबरर बन गए या फिर आप रिक्शा पुलर बन गए। शहर वाले एग्रीकल्चरल सिस्टम से आप लेटस से टाउन में आ गए या इंडस्ट्रियल किसी जगह पर आ गए। तो वहां पर आप इंडस्ट्रियल जगह पर आ गए तो वहां आ के आप वहां पर भी सबसे नीचे वाली ही स्ट्रक्चर में सबसे नीचे हो। तो आइडिया क्या है कि आपने स्ट्रक्चर बदल लिया लेकिन आप ऊपर नहीं गए जहां लोएस्ट पहले थे लोएस्ट आज भी हो। हॉरिजॉन्टली मूव कर गए बस आप। आपने अपना सिस्टम बदल लिया। दैटस इट। एग्रेरियन सिस्टम से अब आप इंडस्ट्रियल सिस्टम में आ गए हो। ठीक है जी। ओके मैं इसको हटा रहा हूं अभी। तो हॉरिजॉन्टल इज़ इंडिविजुअल या ग्रुप दे चेंज देयर पोजीशन इन सोशल स्ट्रक्चर। विदाउट चेंजिंग देयर पोजीशन इन सोशल हायरार्की। हायरार्की में अभी भी वो सबसे नीचे ही हैं या जहां पर थे वहीं पर हैं मिडिल में थे तो मिडिल में ही हैं दैटस इट। ठीक है जी। हायरार्की नहीं बदली हॉरिजॉन्टल कहलाया वो। एग्जांपल जो मैंने अभी लिया एग्रीकल्चरल वर्कर्स माइग्रेट टू सिटी टू बिकम वेज लेबरर। वहां पे भी सबसे नीचे वहां पे भी सबसे नीचे। एंड देन इंडस्ट्रियलाइजेशन के साथ एक इंपॉर्टेंट यहां पे बात नोट करनी है हमने ये पेपर में अगर आए तो लिख सकते हैं हम कि इनक्रीसिंगली स्किल बेस्ड होती जा रही है हमारी सारी सोसाइटी। स्किल के आने से क्या होगा? अगर आपके पास स्किल नहीं है रेक्विज़िट स्किल नहीं है तो आप ऊपर मूव नहीं कर सकते। आप सिर्फ और सिर्फ जहां थे वहीं रह सकते हो। इसीलिए कि एवरी टास्क रिक्वायर्स स्पेशलाइज्ड स्किल्स रेस्ट्रिक्टिंग हॉरिजॉन्टल मोबिलिटी। गेटिंग इट कि अगर आप पहले एग्रीकल्चर में काम करते थे अब आप इंडस्ट्री में नहीं आ पाओगे जब तक अनटिल अनलेस यू हैव रेक्विज़िट स्किल्स। हॉरिजॉन्टल मोबिलिटी रेस्ट्रिक्ट हो जाती है इससे। एंथनी गिडेंस का इसमें पॉइंट ऑफ व्यू देख लेते हैं। एंथनी गिडेंस ही सेज़ दिस इज़ देयर इज़ अ ग्रेट डील ऑफ़ हॉरिजॉन्टल मोबिलिटी इन मॉडर्न सोसाइटी। ही प्रेफर्स टू डिफाइन इट एज़ लैटरल मोबिलिटी। गिडेंस मानते हैं कि मॉडर्न सोसाइटी भरी हुई है हॉरिजॉन्टल से। कितने सारे लोग जॉब चेंज करते हैं? अभी मैं सिंपल सा एग्जांपल ले रहा हूं। कि इंजीनियर था पहले कोई इंसान। एमबीए कर ली अब वो मैनेजर वाली पोजीशन ढूंढ रहा है। वहां पर भी जनरली जनरली इस वाली पर्टिकुलर मोबिलिटी में थोड़ा सा वो ऊपर भी जाएगा। अगर अच्छी जगह से एमबीए कर लेगा तो ऊपर भी जाएगा। लेटस से उसने किसी आई वुड से एक बिलो एवरेज कॉलेज से इंजीनियरिंग करी। एंड बिलो एवरेज कॉलेज से ही अगर एमबीए कर लेगा तो कोई खास उसकी पोजीशन में चेंज नहीं आने वाला। जो पहले था अभी वही रहेगा। एंड उसको क्या कहेंगे? पहले इंजीनियरिंग वाली जॉब कर रहा था अब जॉब कर रहा है लेटस से मार्केटिंग की जो भी तो वो हॉरिजॉन्टल मोबिलिटी ही रह गई। उसको एंथनी गिडेंस क्या कहते हैं? लैटरल मोबिलिटी। बस आपने अपना पोजीशन या स्किल टाइप बदल लिया रहे आप सबसे नीचे ही। ओके जी। ठीक है। आगे। वर्टिकल की बात करते हैं। वर्टिकल में वही ऊपर बढ़ना। जैसे चेंज इन पोजीशन अलोंग सोशल हायरार्की अपवर्ड भी हो सकती है। मोस्ट पीपल सीक दिस इट इज़ अ वैल्यू। ठीक है। वैल्यू है ये। ये समाज में इट इज़ वैल्यूड। है ना इसकी कीमत है मतलब लोग इसको रिवॉर्ड करते हैं अच्छी चीजें। डाउनवर्ड भी हो सकता है। मोस्ट पीपल अवॉइड इट। इट इज़ अ स्टिग्मा। ठीक है जी। कलंक है ये। एंड जनरेट्स डिस्कंटेंट। लोगों में डिस्कंटेंट भर देता है। तो ये बातें कहीं लिख लेना नोट्स बनाते रहो साथ-साथ में। ठीक है। एंथनी गिडेंस। एंथनी गिडेंस क्या बोलते हैं देखो एंथनी गिडेंस जी हमारे बहुत ही महान हैं। हर जगह पे ही हैज़ टू से समथिंग। दैट इज़ व्हाई ही इज़ वन ऑफ़ द ग्रेटेस्ट सोशियोलॉजिस्ट ऑफ़ ऑल टाइम। तो वर्टिकल मोबिलिटी इज़ मूवमेंट अप एंड डाउन ऑन सोशियो-इकोनॉमिक स्केल। ठीक है जी। एंड सोशियोलॉजिकली स्पीकिंग वर्टिकल मोबिलिटी इज़ स्टडीड मोर। है ना ज्यादा पढ़ाई होगी उसकी। कि कैसे हम समाज में ऊपर उठ सकते हैं। कि जो बहुत लोअर रंग के जो लोग हैं उनको कैसे ऊपर ऊपर ला सकते हैं। ठीक है जी। सोशल इंप्लिकेशंस हैं इसकी। हॉरिजॉन्टल मोबिलिटी इंडिविजुअल के लिए इंपॉर्टेंट होती है। वर्टिकल पूरे समाज के लिए इंपॉर्टेंट है क्योंकि ऑप्शंस होने चाहिए लोगों के पास ऊपर आने के लिए। ठीक है। गिडेंस सेज़ दैट सम टाइम्स बोथ मोबिलिटीज आर सीन इन टैंडेम। जैसे मैंने एग्जांपल लिया इंजीनियर था उसने एमबीए कर ली जैसे बिलो एवरेज कॉलेज से इंजीनियर था। उसने अच्छे कॉलेज से एमबीए कर ली। तो अब क्या हुआ? उसने अपनी हॉरिजॉन्टल मोबिलिटी भी की है। ठीक है जी। एंड वर्टिकल भी की है। उसने अपना स्किल टाइप भी चेंज किया एट द सेम टाइम उसने अपने आपको अमीर बना लिया। क्लास बेस्ड सिस्टम में ऊपर आ गया वो। सीन इन टैंडेम इसको इकट्ठे देखना है आपने। ठीक है। एंड लास्ट में प्रमोशन इन अ न्यू सिटी। आप किसी बिलो जैसे टियर टू टियर थ्री टाइप सिटी से आप मेट्रोपॉलिटन सिटी में किसी में आ गए एंड आपकी जॉब में भी अब सैलरी बढ़ गई आपकी। तो दोनों इकट्ठे ही हो गए हैं। हॉरिजॉन्टल मोबिलिटी भी हो गई है वर्टिकल भी हो गई है। एमबीए वाला एग्जांपल भी लिख सकते हैं अभी हम। ओके। एक और टाइप है हमारी स्टैटिफिकेशन देखने की स्पीड के बेसिस पर। कि स्पीड कितनी जल्दी होता है कि एक जनरेशन में हो जाएगा या मल्टीपल जनरेशंस लगेंगी। मॉडर्न टाइम्स में एक जनरेशन में ये पॉसिबल हो गया जैसे माइक्रोसॉफ्ट का जो मालिक या फेसबुक का जो मालिक। जितने भी नए-नए एंटरप्रेन्योर्स आ रहे हैं ये 20-20 साल में दे बिकम वॉट दे हैव बिकम। ठीक है जी। एंड इनक्रीसिंगली मॉडर्निटी की टर्म्स में देखें तो हमारी जो प्रेजेंट जो आईटी की एरा चल रही है इसमें तो स्पीड ऑफ़ मोबिलिटी हैज़ बिकम वेरी-वेरी शार्प और रेदर वेरी रैपिड, फ्रीक्वेंट। कैसे? इंटर-जनरेशनल का मतलब क्या हुआ? जनरेशंस लगेंगी। इंटर। ठीक है जी। जनरेशंस लगेंगी। पापा ने कुछ किया देन बेटे ने इम्प्रूव किया देन उसके बेटे ने इम्प्रूव किया। जनरेशंस लगती हैं।
[7:22]जैसे चेंज इन पोजीशन बिटवीन जनरेशन। एग्जांपल है रिक्शा पुलर था शहर में आ गया। बच्चों को स्कूल में पढ़ने डाल दिया। कि पता लगा स्कूल में पढ़ाना जरूरी है शहरों में। तो डाल डाल दिया एंड ग्रेजुअली हम पढ़ते हैं कि रिक्शा हमारे बहुत फेसबुक वगैरह पे पोस्ट आती रहती है हाउ अ रिक्शा पुलर सन बिकम्स एन आईएएस। ठीक है। बहुत बहुत रेयर है ये बहुत रेयर है। लेकिन ऐसा हो सकता है या प्रोफेसर बन गए। ठीक है जी। बहुत सारे लोगों ने कहीं न कहीं जैसे लेटस से रिक्शा पुलर के बच्चे रिक्शा पुलर नहीं बन रहे। ठीक है। दे आर चूसिंग नॉट टू बिकम दैट क्योंकि वो अर्बन शहरों में आ के सेंटर्स में आ के दे हैव चूज़न टू टेक स्किल्स। ठीक है। कोई मोबाइल रिपेयर कर रहा है। कुछ भी कर रहा है। लेकिन थोड़ी-थोड़ी मोबिलिटी हो रही है बहुत ज्यादा नहीं हो रही लेकिन शुरुआत हो चुकी है। इंटर-जनरेशनल कि एक अगली जो उनके बच्चे आएंगे उनको और बेटर कर देंगे वो। ओके। देन इंट्रा-जनरेशनल इज़ कि एक ही जनरेशन में बहुत रैपिड इम्प्रूवमेंट कि पोजीशन विद इन लाइफटाइम ऑफ़ अ पर्सन। एक्ज़ाम्पल पर्सन अपॉइंटेड एज़ क्लर्क देन टू सुपरिटेंडेंट। ठीक है जी। तो काफी ऊपर तक जाते हैं लोग। तो एक ही लाइफटाइम में बच्चों को काफी इम्प्रूव कर देंगे वो और रेदर खुद भी बहुत इम्प्रूव हो जाएंगे बाय द टाइम दे विल डाई दे वुड हैव दे वुड एक्चुअली चेंज अ लॉट इन देयर जो ओवरऑल क्लास में। अपनी क्लास काफी इम्प्रूव हो जाएगी। ठीक है। जनरली दिस मोबिलिटी इज़ एक्सपीरियंस्ड इन ऑक्यूपेशन। जब आप ऑक्यूपेशन में होते हैं लेकिन आजकल इसमें प्लीज ऐड कर देना एंटरप्रेन्योरियल जितनी भी एक्टिविटीज हैं वहां पर भी काफी ज्यादा रैपिडली अब ये देखा जा रहा है। आगे। लास्ट में मर्टन कॉल्स इट अ एज़ अ स्टेटस स्टेटस सीक्वेंस। कि स्टेटस में आपकी सीक्वेंशियली देखा जाए तो राइज़ होता गया। ऑक्यूपेशन में स्टेटस सीक्वेंस बोलते हैं कि स्टेटस में सीक्वेंशियली राइज़ होता गया। आगे। ऑन द बेसिस ऑफ़ सिस्टम ऑफ़ स्ट्रैटिफिकेशन। कि सिस्टम कैसा है? ओपन है या क्लोज्ड है? ये लास्ट टाइम के हमारे मेन्स का सोशियो का इसका जो क्वेश्चन है पेपर 2016 का। ओपन सिस्टम में क्या होता है? नॉर्म्स प्रिस्क्राइब। ओपन सिस्टम में नॉर्म्स अलाउ करते हैं कि हां जी प्रिस्क्राइब हम बोल रहे हैं कि आओ ऊपर अगर आपके पास मेरिट है तो कम। एंड ऑक्यूपाय टॉप पोजीशंस। मेरिटोक्रेसी कहा गया। ओपन सोसाइटीज में ओपन सिस्टम्स में ज्यादा इंसिडेंसेस या ज्यादा बार देखा गया कि लोग ऊपर आ गए लोअर स्टेट से अपर में। एंड क्लास सिस्टम। देन क्लोज्ड। क्लोज्ड में जहां पे अलाउड नहीं हो ऊपर आना। जहां पर वर्ड देखो क्या है? नॉर्म्स प्रोस्क्राइब। प्रोस्क्राइब मतलब मना करते हैं, बैंड है। तो ये प्रिस्क्राइब एंड प्रोस्क्राइब चॉइस ऑफ़ वर्ड्स ऐसे रख लेना। थोड़ा सा अच्छा लगता है देखने में। एंड अंडरलाइन कर दोगे तो प्रोस्क्राइब मोबिलिटी मना करते हैं। एस्क्रिप्टिव कि भई जन्म से ही अगर आपको मिल रहा है अच्छा स्टेटस तो मिलेगा वरना नहीं मिल सकता। एंड देन लेसर इंसिडेंसेस ऑफ़ मोबिलिटी। नेचुरली कि जन्म से अगर आप अच्छे पैदा नहीं हुए तो बहुत ही हाई चांस करना पड़ेगा। हम आगे देखेंगे कैसे होता है क्लोज्ड सिस्टम में भी। सो लेकिन अभी बस जानो कास्ट सिस्टम। कास्ट सिस्टम में रेयरली कभी होगा कि लोअर कास्ट अगर मान लो सिर्फ कास्ट बेस्ड सोसाइटी में रह रहे हो लोअर कास्ट को लाइफटाइम में इज्जत मिले नहीं होता ऐसा। ठीक है। एस्क्रिप्टिव सोसाइटीज में। तो लेकिन आज की सोसाइटी से कंफ्यूज मत करना आज की सोसाइटी काफी ओपन होती जा रही है। आगे। एब्सोल्यूट वर्सेस रिलेटिव। ये प्लीज नोट्स बनाते रहो। ठीक है। नई-नई तरह की मैं आपको बता रहा हूं मोबिलिटी की टाइप्स आपने लिखा हो सकता है पहले। लेकिन अगर नहीं लिखा हुआ है तो प्लीज लिख लेना। सिर्फ सुनो मत। लिखते रहो क्योंकि लिखते रहोगे तो याद हो जाएगा बिट टाइम आई एम टेलिंग यू। ठीक है। एब्सोल्यूट रिलेटिव। एब्सोल्यूट मतलब कि सच में इन एक्चुअल टर्म्स मेरा सच में कुछ बदला, चेंज हुआ। ठीक है जी। लेटस से मेरी पहले सैलरी थी 50 हज़ार रुपए अब सैलरी हो गई है 2 लाख महीना। ठीक है। सच में कुछ बदला और इसी कारण देखता हूं मेरी क्लास बदल गई है अब मैं ऊपर वाली क्लास में आता हूं। ठीक है। अपर क्लास में आना शुरू हो गया हूं। ओके। इनक्रीस इन इनकम। दूसरा है रिलेटिव। रिलेटिव मोबिलिटी मतलब कि मैं तो वहीं का वहीं हूं लेकिन बाकी लोग गरीब हो गए या बाकी लोग अमीर हो गए। मेरी 50 थी बाकियों की बहुत कम हो गई है। बाकियों की मेरे रिलेटिवली घट गई है इनकम तो अब मैं अमीर नज़र आता हूं। ठीक है। कंपैरिजन टू अदर्स। ओके। लास्ट इज़ स्पॉन्सर्ड वर्सेस कंटेस्टेड। ये टर्नर का आइडिया है आर एच टर्नर का आइडिया। स्पॉन्सर्ड वर्सेस कंटेस्टेड का मतलब क्या हुआ? कि आपको कोई स्पॉन्सर कर रहा है ऊपर आने के लिए। जैसे रिजर्वेशन। ठीक है जी। आपको कोई स्पॉन्सर कर दे मीन्स मोबिलिटी ड्यू टू आउटसाइड सपोर्ट। जैसे सरकार लोअर कास्ट को स्पॉन्सर कर देती है कि इनके लिए थोड़ा सा कंसेशंस हम दे रहे हैं इन टर्म्स ऑफ़ लेटस से मेरिट एट्रै। तो स्पॉन्सर्ड मोबिलिटी कहलाया वो। एंड देन कंटेस्टेड इज़ जहां पे ओपन कंपटीशन है। हर चीज़ के लिए आपको कंपीट करना पड़ेगा। तो रिजर्वेशन इज़ नॉट एक्जेक्टली स्पॉन्सर्ड। ये मिक्सचर है स्पॉन्सर्ड प्लस ओपन कंपटीशन का। क्योंकि जो जो लोग स्पॉन्सर हो रहे हैं उनकी सीट्स भी लिमिटेड है ना। ऐसे नहीं है ना कि अगर लेटस से 1 लाख कैंडिडेट्स अप्लाई कर रहे हैं लोअर कास्ट के जो लेटस से रिजर्व्ड कैटेगरी से हैं तो 1 लाख सीट्स हैं। नहीं 1 लाख की भी सीट्स तो कम ही हैं 500 सीट्स हैं। तो 500 के लिए मुकाबला तो वो भी कर रहे हैं। तो इट इज़ अ मिक्सचर। ठीक है। ओके। तो ऑल सिस्टम्स हैव मोबिलिटी। ठीक है। अब ये कंक्लूडिंगली यहां पे कंक्लूड करते हुए लिख सकते हैं हम कि हर एक सिस्टम में मोबिलिटी है चाहे क्लोज चाहे ओपन। क्लोज्ड सिस्टम में मोबिलिटी कैसे है? क्लोज्ड सिस्टम लेटस से कास्ट सिस्टम की बात करो आप कास्ट सिस्टम में भी डोमिनेंट कास्ट नाम की चीज़ आई जो एम एन श्रीनिवास भी हम पढ़ेंगे। एम एन श्रीनिवास सेज़ कि भई ऐसे नहीं है कि अगर मैं अगर लेटस से इफ इफ आई एम बोर्न इन शूद्र कम्युनिटी, शूद्र तो देखा जाए चौथे नंबर पर आता है वन सिस्टम में। तो मैं सबसे नीचे वाली कास्ट को नहीं। वो कह रहे हैं कि मैंने देखा वेरिएशन है। जैसे मैंने प्रीवियस लेक्चर में बताया था आपको क्या जैसे इन स्टेट्स लाइक पंजाब हरियाणा जट्ट एंड जाट शूद्र कम्युनिटी। यूपी बिहार यादव्स आर शूद्र कम्युनिटी बट लेकिन दे हैव दे आर लैंडेड। लैंडेड कम्युनिटीज। वो पूरा वो डोमिनेंट कास्ट का श्रीनिवास देता है पांच तरह के मॉडल कि पांच चीजों पे डिपेंड करता है। लेकिन ननदलेस अभी वापस आते हैं आप बस मान के चलो कि डोमिनेंट कास्ट नाम की चीज़ है तो वो क्या हुआ? वो एक क्लोज्ड सिस्टम में भी हमने देखा क्लोज्ड सिस्टम में भी क्या देखा हमने कि मोबिलिटी मिली। लोग ऊपर आए। ठीक है। डिफरेंस किसका है? इसका मतलब डिग्री का है। तो हम हमको ये सवाल ऑफर पूछते हैं यूपीएससी में कि क्या कोई सोसाइटी कंपलीटली ओपन या कंपलीटली क्लोज्ड होती है? आप बोलोगे नहीं कंपलीट वाली ओपन कंपलीट क्लोज कोई भी नहीं है।
[13:17]यहां पर भी चैलेंजेस हैं हम अपनी अगली स्लाइड में देखेंगे अगले उसमें लेक्चर में एंड कंपलीटली क्लोज्ड भी कोई नहीं है। यहां पर भी ऑप्शंस मिलती हैं। ठीक है जी। तो ये हमारा आज का लेक्चर था। बाकी अगले लेक्चर में मिलते हैं एंड कीप स्टडीइंग एंड कीप वर्किंग हार्ड थैंक यू।



