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Motivational Story | Positive सोच की ताक़त क्या है | Rj Kartik Story | Inspirational Video

Rj Kartik

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[0:00]किसी ने बड़े कमाल की बात कही है कि पानी में गिरने से इंसान की मृत्यु नहीं होती। इंसान की मृत्यु तब होती है जब उसे तैरना नहीं आता। परिस्थितियां कभी भी समस्या नहीं बनती। समस्या तब बनती है जब उनसे निपटना नहीं आता। नमस्ते दोस्तों मेरा नाम है आर जे कार्तिक और आपके लिए एक छोटी सी कहानी। यह कहानी एक दिव्यांग राजा की जिसके राज्य में कहीं कोई समस्या नहीं थी। सब लोग खुश थे ऊपर वाले को धन्यवाद करते थे कि इतने अच्छे राजा साहब आपने हमारी जिंदगी में भेजे। वो राजा दिव्यांग था उसकी एक आंख नहीं थी एक पैर नहीं था। लेकिन राजा को इस बात का कोई मलाल नहीं था। एक दिन राजा अपने महल की गैलरी में घूम रहा था उस गलियारे में घूम रहा था और पोर्ट्रेट्स देख रहा था जो शानदार पेंटिंग लगी थी उनको देख रहा था। वो जो शानदार पेंटिंग्स थी वो उसके पूर्वजों की थी उसके पिताजी की उनके पिताजी की उनके पिताजी की। और राजा घूमते-घूमते उन पेंटिंग्स को देखते-देखते निहारते हुए सोच रहा था कि कितने शूरवीर खानदान में मुझे जन्म लेने का मौका मिला। ऊपर वाले का धन्यवाद है। मेरे पिताजी इतने शूरवीर थे उनके पिताजी इतने शूरवीर थे। वो देखता चला जा रहा था। और जब आखिरी पेंटिंग को देखा और उसके बाद में खाली जगह को देखा तो चिंता में पड़ गया। उसे मालूम था कि अब यहां पर जो पेंटिंग लगेगी वो उसकी लगेगी। इस बात की चिंता नहीं थी कि वो मरने वाला है या मर जाएगा मरना तो सबको है। चिंता इस बात की थी कि वहां जो पेंटिंग लगेगी वो कैसी लगेगी। राजा सोचने लगा कि मेरी एक आंख नहीं है एक पैर नहीं है। इस गलियारे में इतनी शानदार पेंटिंग्स लगी हैं मेरी वाली सबसे खराब लगेगी सबसे भद्दी लगेगी। उसके अंदर ही अंदर चिंता होने लगी। तो राजा ने सोचा कि मेरे मरने के बाद में ना जाने कैसी पेंटिंग बने। एक काम करता हूं मैं जिंदा हूं इसी बीच में एक शानदार सी पेंटिंग बनवाता हूं ताकि कम से कम यह तो सुकून रहे कि मेरी अच्छी पेंटिंग यहां लगेगी। तो उस राज्य में ऐलान करवा दिया गया पेंटर्स को न्योता दिया गया कि आप आइए और राजा साहब की तस्वीर बनाइए। शानदार तस्वीर बनाएंगे शानदार इनाम मिलेगा। पेंटर आए उन्हें मालूम था कि शानदार बनेगी तो शानदार इनाम मिलेगा लेकिन शानदार बनेगी कैसे। राजा की एक आंख नहीं है एक पैर नहीं है ऐसे राजा की क्या तस्वीर बनेगी। और पेंटर सोच रहे थे कि नाम की बात छोड़िए अगर खराब बन गई राजा गुस्सा हो गया तो सजा मिलेगी। इसलिए बड़े-बड़े चित्रकार भी आगे नहीं आए हां नहीं भरी। तब एक लड़का था उसने बोला कि राजा साहब मैं आपकी पेंटिंग बनाना चाहता हूं मुझे 24 घंटे का वक्त दीजिए। बड़े-बड़े पेंटर आश्चर्य में पड़ गए कि लड़का क्या चाहता है मतलब फांसी पर लटकना चाहता है राजा को गुस्सा दिलाना चाहता है क्या पेंटिंग बनाएगा। राजा को भरोसा था उसने बोला कि ठीक है आप बना करके लाइए। अगले दिन वह लड़का पेंटिंग बनाकर के लाना लाने वाला था दरबार भर चुका था दूर-दूर से लोग आए हुए थे ये देखने के लिए कि वो लड़का क्या पेंटिंग बनाकर के लाएगा। और लड़का जब वो पेंटिंग बनाकर के लाया राजा की तो हर कोई ताली बजाने लगा सीटी बजाने लगा। राजा ने जब वो पेंटिंग देखी तो खुश हो गया राजा ने सोचा कि वाह मतलब इससे अच्छी पेंटिंग तो उस गलियारे में नहीं है। यह अब तक की सर्वश्रेष्ठ है। राजा ने उस लड़के को बड़ा इनाम दिया आप सोच रहे होंगे लड़के ने उस राजा की जिसकी एक आंख नहीं थी एक पैर नहीं था उसकी क्या पेंटिंग बनाई होगी। उस लड़के ने राजा को एक घोड़े पर सवार दिखाया। एक साइड से वो तस्वीर थी जिसमें एक पैर दिख रहा था राजा तीरंदाजी कर रहा था निशाना साध रहा था और जब निशाना साधते हैं तो एक आंख बंद हो जाती है। एक आंख बंद थी। वही वाली आंख बंद थी जो राजा की नहीं थी। तो इस तरीके से लड़के ने एक आंख बंद कर दी। एक ही पैर दिखाया। राजा को घुड़सवार दिखाया। निशानेबाज दिखाया और इतनी कमाल की पेंटिंग बनी। कि वह अब तक की सर्वश्रेष्ठ थी। उस लड़के के सामने भी चुनौती थी संकट था। लेकिन उसने सकारात्मकता का साथ नहीं छोड़ा पॉजिटिविटी का साथ नहीं छोड़ा। जिंदगी में चाहे जो संकट आ जाए एक वैक्सीन की डोज हमेशा लगा करके चलिएगा। इसे पॉजिटिविटी की वैक्सीन कहते हैं और इसकी डोज रोजाना लगानी जरूरी है। जिंदगी में चाहे जिस मुकाम पर आप हो जिस संकट में आप फंस जाए जिस भी स्थिति में आप हो अगर आपने पॉजिटिविटी की वैक्सीन लगा रखी है। तो यकीन मानिए आप उस संकट से बाहर निकल आएंगे। बस आपसे इतना सा कहना चाहता हूं कि जिंदगी में उम्मीद का साथ मत छोड़िएगा। क्योंकि जिसने उम्मीद का साथ छोड़ दिया जिंदगी उसका साथ छोड़ देती है। हर पल सकारात्मक रहिए खुश रहिए प्रसन्न रहिए। ऊपर वाले के आशीर्वाद के साथ अपनों के प्यार के साथ। और अपनी अच्छी और सच्ची मेहनत के साथ कर दिखाओ कुछ ऐसा कि दुनिया करना चाहे आपके जैसा। याद रखिए हर सोमवार सुबह 9:30 बजे मेरे साथ देखिए मेरे सोशल मीडिया हैंडल पर एक नई कहानी।

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