[0:00]कयामत के दिन एक शख्स अल्लाह के सामने खड़ा था उसका हिसाब लिया गया उसकी नेकियां और बुराइयां तोली गई मगर बुराइयां भारी पड़ गई तो अल्लाह ताला ने फरिश्तों से फरमाया इसे जहन्नुम में ले जाओ
[0:11]फरिश्ते उसे पकड़ कर ले जाने लगे मगर वो शख्स बार-बार इधर-उधर देखने लगा कभी दाएं कभी बाएं अल्लाह ताला ने फरमाया इसे वापस लाओ
[0:18]जब उसे वापस लाया गया तो अल्लाह ने उससे पूछा क्या मैंने तुझ पर जुल्म किया क्या तेरे आमाल का हिसाब गलत लिया
[0:23]वो शख्स बोला नहीं ऐ मेरे रब तूने कोई जुल्म नहीं किया फिर अल्लाह ने फरमाया फिर तू बार-बार इधर-उधर क्यों देख रहा था
[0:28]उस शख्स ने कहा ऐ मेरे रब मैंने कभी ये गुमान नहीं किया था कि तू मुझे यूं छोड़ देगा मुझे तुझसे रहमत की उम्मीद थी
[0:33]और तभी अल्लाह ताला ने फरमाया जा मैंने तुझे माफ कर दिया फिर आवाज आई या अल्लाह उस हाथ को भी जन्नत अता फरमा जो यह दास्तान आगे पहुंचाए
[0:40]अगर तुम्हें अल्लाह की रहमत पर भरोसा है तो अभी लाइक दबाओ और कमेंट



