Thumbnail for Fuel Density क्या है? ⛽️ #cars24 by Cars24

Fuel Density क्या है? ⛽️ #cars24

Cars24

2m 12s403 words~3 min read
YouTube auto captions
Transcript source

YouTube auto captions

This transcript was extracted from YouTube's auto-generated caption track. The transcript below is server-rendered so it can be read, searched, cited, and shared without opening the original YouTube player.

Use this transcript
Related transcript hubs

[0:00]तो समय आ गया था नीलिमा के मासिक खानपान का और हमेशा की तरह गाड़ी घुमाई अपने फेवरेट पेट्रोल पंप पे। नॉर्मल फ्यूल पे फुल टैंक करवाया और एक सचेत ड्राइवर की तरह गाड़ी से बाहर निकल के पेट्रोल भरवाया। सारे आंकड़े सही घूम रहे थे। फिर एक नंबर पे ध्यान गया। 751.8 kg/m3 की फ्यूल डेंसिटी ये क्या है? देखिए भारत के हर पेट्रोल पंप के डिस्पेंसर पर फ्यूल डेंसिटी भी डिस्प्ले होता है जो ज्यादातर किलोग्राम पर मीटर क्यूब से डिनोट किया जाता है। फ्यूल डेंसिटी बेसिकली एक प्राइमरी क्वालिटी इंडिकेटर है जो बताता है कि 1 लीटर ईंधन का कितना वेट है। सरल भाषा में अगर आपको समझाऊं तो यह नंबर डिसाइड करता है कि आपको सही ईंधन मिल रहा है या नहीं। पेट्रोल का एक्सेप्टेबल रेंज होता है 0.72 से 0.78 kg/l 15°C पे या 720 से 780 kg/m3 जो नंबर आपको डिस्पेंसर पे दिखता है। और क्योंकि डीजल पेट्रोल से भारी होता है तो डीजल का एक्सेप्टेबल फ्यूल डेंसिटी रेंज होता है 0.81 से 0.86 kg/l या 810 से 860 kg/m3। तो अगर पेट्रोल पंप पे डेंसिटी डिस्प्ले इस रेंज से बाहर दिखे तो समझ जाइए ईंधन में कुछ काला है। अब सबसे इंटरेस्टिंग बात कि फ्यूल डेंसिटी नापी जाती है 15 डिग्री सेल्सियस के रेफरेंस पॉइंट पे। यह इसलिए क्योंकि जैसे-जैसे तापमान बदलता है वैसे-वैसे ईंधन कॉन्ट्रैक्ट या एक्सपेंड करता है। आधुनिक डिस्पेंसर में एटीसी या ऑटोमेटिक टेंपरेचर कंपनसेशन सिस्टम होता है जो फ्यूल डेंसिटी को 15 डिग्री सेल्सियस के रेफरेंस पॉइंट पे करके दिखाता है। और हां, हर पेट्रोल पंप पे एक डेंसिटी रिकॉर्ड मेंटेन होता है जिस पे हर दिन की डेंसिटी को रजिस्टर किया जाता है। और इस डेंसिटी रजिस्टर को आप यानी कस्टमर भी चेक कर सकते हैं। अब इस पॉइंट पे आते हैं कि फ्यूल डेंसिटी से आपका क्या लेना-देना है? लेना-देना है क्योंकि अगर ईंधन में मिलावट होगी जैसे केरोसीन जो डेंसिटी बढ़ा देता है या सॉल्वेंट जो डेंसिटी घटा देता है तो सबसे पहला प्रभाव पड़ेगा फ्यूल डेंसिटी पर। और हां, इथेनॉल ब्लेंडिंग से पेट्रोल की नेचुरल डेंसिटी बढ़ जाती है क्योंकि इथेनॉल पेट्रोल से ज्यादा डेंस होता है। इसीलिए जब अगली बार अपनी गाड़ी को पेट्रोल पंप की ओर घुमाएं तो एक बार जरा अपनी नजर को भी फ्यूल डेंसिटी पे लगाएं। बाकी गाड़ी से बाहर निकल कर पेट्रोल भरवाए। फ्यूल डेंसिटी को चेक करें, मीटर पे पहनी नजर रखें। और यह वीडियो इंफॉर्मेटिव लगी तो शेयर जरूर करें।

Need another transcript?

Paste any YouTube URL to get a clean transcript in seconds.

Get a Transcript