[0:13]ए भांडिया मुझे नहीं पता था मैं इतना खूबसूरत लगता हूं क्या बोलती है तू अबे चुप हमने तुझे यहां तेरी खूबसूरती देखने के लिए नहीं बुलाया इधर आ बैग नीचे रख और जो बताया समझ गया ना हां समझ गया क्या समझा बैग नीचे रखने का एक मारूंगी तुझे कोई मजाक नहीं चल रहा है बहुत जिम्मेदारी का काम है कौन सा बैग नीचे रखने का
[0:41]अब चलो बताओ सबसे पहले तुम क्या करोगे अरे सबसे पहले उस गांव की बस पर चढूंगा कंडक्टर को सो की पत्ती दूंगा 92 रुपये का टिकट खरीदूंगा फिर फिर बाकी छुटा वापस लूंगा ओफ फिर अरे फिर बस स्टॉप पे उतरूंगा और उतरते ही पूछ लूंगा जावेद प्रसाद का घर कहां है जावेद प्रसाद नहीं जय वेद प्रसाद बस ठीक ठीक बाकी काम तो मैं यूं चुटकी में कर डालूंगा वो कैसे मैंने सब कुछ एक पर्ची में लिख के ऐसे जेब में रख लिया है
[1:08]हां वो मासू जी के बेटे का नाम क्या है मरा हुआ जीतू अरे मरा हुआ बोलने की कोई जरूरत नहीं सिर्फ जीतू बोलो काफी है काफी है तो ठीक है तुम कौन हो पांडिया तुम जीतू के कौन हो मैं मरे हुए जीतू का लंगोटिया यार हूं एक बात बताओ ये मरा हुआ जीतू दिखता कैसा है क्यों तुम्हें क्या नहीं क्या है ना अगर वो रास्ते में कहीं मिल जाए तो बैग वहीं पकड़ा दूंगा इतनी दूर जाने की क्या जरूरत है अरे तुम जाते हो या नहीं ठीक है जाता हूं अरे बैग तो लेते जाओ ओहो ये बैग भी इतनी भुलक्कड़ है जहां रखता हूं वहीं बैठ जाती है चल सीधे और सुनो फालतू कुत्ते की तरह सिर्फ ये बैग देखकर मत लौटाना जीतू के बारे में जितनी जानकारी मिले सब हासिल करके लाना और बाहर निकल बाहर निकलो बाहर निकलो तुम
[1:54]ये बाजू हट बाजू हट बाजू हट क्या कह रही हो छोड़ने वाली नहीं उसको पैसा दो पैसा दो मरे हुए जीत का घर यही है क्या हां यही है क्या बात है आप लोगों में मरे हुए जीत का बाप कौन है क्यों क्या बात है
[2:17]तो आप हैं जयवेद प्रसाद जी आपको क्या चाहिए मुझे ऑल एंड सोल कंपनी के मालिक ने भेजा है यानी की मरे हुए जीत के पार्टनर ने पैसों का मामला है हां आपको कैसे पता तो आप भी भीड़ में खड़े हो जाइए ये घर जलाने के लिए इकट्ठा हुए है सब लोग क्या घर जलाने हां जाइए इन लोगों के साथ खड़े हो जाइए और फिर सब लोग मिलकर हमें जला दीजिए उस तरह से आप लोगों का कर्जा चुकता हो जाएगा तो ठीक है लेकिन सच्चाई ये है की मेरे पास एक भी फूटी कोड़ी नहीं है आप लोगों को देने के लिए और इतनी हिम्मत भी नहीं की आत्महत्या कर सकूं जाइए जो आप लोगों को करना है कर लीजिए जाइए अबे नीचे उतर नीचे उतर सुबह सुबह बैग उठाकर चला आया पैसे मांगने के लिए और इतना छोटा बैग क्यों लाया बड़ा ट्रक क्यों नहीं लाया चल बे तुम ही तरह हम भी पैसे लेने के लिए खड़े हैं हम कोई लल्लू नहीं है अरे नहीं नहीं मैं पैसे लेने के लिए नहीं मैं पैसे देने के लिए आया हूं देखो इस बाइक में है क्या बैग में पैसे है देने आया है अरे बाप रे क्या कहा की पैसे देने आया हूं
[3:16]किसको आपको मतलब आप इनको पैसा देने आया है अब तक क्या मैं चाइनीज बोल रहा था कान में कुछ और सुनाई क्या है मास्टर जी कंपनी का दिवाला निकल गया फिर भी मुनाफे में चल रही है तो उस मुनाफे में मरे हुए जीत का जो हिस्सा है ना वो इस बैग में है कितना है कितना है ये मुझे नहीं मालूम मुझे तो बैग पहुंचाने के लिए बोला तो खोल दे बेवकूफ क्यों खोल ना खोल ना देखते है खोल ना खोल ना अरे अरे अरे पकड पकड पकड
[3:58]नमस्ते मोहन राव जी का घर यही है ना हां क्यों मैं सोच रहा था कि एक बार उनको देख कर चला जाऊं मैं हूं मोहन राव देख लिया चले जाओ जी धन्यवाद
[4:21]क्या है मैं लंगोटिया जीतू का मरा हुआ यार हूं मैं मतलब मरे हुए जीतू का लंगोटिया यार हूं क्या था थी
[4:36]अरे क्या हूं बेवकूफ तुम्हारा पेज ढीला है क्या क्या काम है लोग कहते हैं ये उस लड़की का घर है पूजा जिसकी शादी मरे हुए जीतू से होने वाली थी खबरदार जो उसका नाम इस घर में लिया तो हां हां अच्छा ठीक है चलो नाम नहीं लेते है क्या मैं उससे मिल सकता हूं वो यहां नहीं रहती उसे मिलना है तो जाओ उसके पति के घर पति के घर आप पति पति पति काहे का पति था और कुछ अब उसके बारे में एक भी लफ्ज़ निकाला ना तो चले जाओ यहां से जान बच्ची तो लाखों पाए लौट कर बुद्धू घर को आए अरे अरे अरे ये तो वो है ये कौन है
[5:29]क्या पूछा तूने ये कौन है तुम्हें पता नहीं ये कौन है तुम जीतू के क्या लगते हो क्या है तो तुम्हें पता नहीं है कौन है मैं तुम्हें अभी समझाता हूं अरे साले साले साले साले रावण के खानदान साले मछली का सूअर की चिलिया का मुंह साले धोखेबाज अच्छी दोस्ती निभाई तूने इतना बड़ा धोखा दिया तूने मुझे साले मैंने तेरी जान बचाई तू कम से कम एक लव मुझे तो बोल सकता था एक बार बोल मैं तेरी गूंजी जुबान सुनना चाहता हूं और एक बात याद रख अगर मैं तेरी जान बचा सकता हूं तो मैं तेरी बंद बोबड़ी भी खोल सकता हूं बोल साले बोल मुझे माफ़ करना दोस्त
[6:29]ये सब क्या चल रहा है पता लगा लिया सब कुछ पता लगा लिया मैंने अपने दिमाग का इस्तेमाल करके सब कुछ पता लगा लिया ये बोल सकता है ठीक है ठीक है ठीक है ये सब छोड़ो हां छोड़ दिया मेरे दिमाग का इस्तेमाल करके और कुछ पता लगाना है हां अपने दिमाग के साथ थोड़ा साबुन भी इस्तेमाल करो बाहर कपड़े रखे हैं जाकर धोकर आओ
[6:51]फिर क्या पति पति काहे का पति बोल एक थुका उसने
[6:58]एक बात तो साफ है कि ससुर दामाद के संबंध में



