[0:00]एक मेंढक था वो एक छोटे से कुएं में रहता था वो अपने कुएं को ही पूरी दुनिया समझता था उसे लगता था कि इस दुनिया में इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता एक दिन उस कुएं में एक मछली आई मेंढक बोला अरे तू कौन है और कहां से आई है मछली बोली मैं समुंदर से आई हूं अब मेंढक जिसने बाहर की दुनिया कभी नहीं देखी बोले यह समुंद्र क्या होता है मछली बोली समुंद्र विशाल पानी का भंडार होता है जिसमें बहुत पानी होता है मेंढक ने एक जोर से कुएं में छलांग लगाए और बोला क्या इतना पानी होता है तेरे समुंदर में मछली बोली समुंदर के पानी की कल्पना भी नहीं कर सकते और लंबी और गहरी छलांग मेंढक ने एक और लंबी और गहरी छलांग लगाई बोला इससे ज्यादा तो नहीं हो सकता मछली मुस्कुराई और बोली मेंढक भाई समुंद्र बहुत बड़ा होता है इतना बड़ा कैसे हजारों कुएं उसमें समा जाए वहां पानी पानी पानी होता है ना दीवार ना किनारा मेंढक बोला नीतू झूठ बोल रही है भला कुएं से भी बड़ा कुछ हो सकता है मछली बोली मेंढक भाई तू एक बार मेरे साथ चलकर तो देख अगर इससे बड़ा ना लगे तो कुआं तो है ही वापस कुएं में आ जाना मछली ने उसको बहुत समझाया आखिरकार मेंढक समझ गया मछली अपनी पीठ पर बिठाकर उसे समुंद्र में ले गई मेंढक बोला अरे वाह यह तो सच में ही बहुत बड़ा है अब मैं जितनी चाहूं उतनी लंबी छलांग लगा सकता हूं थैंक यू मछली तूने मुझे एक नया जीवन दिया है अगर तू ना होती तो शायद मैं अपनी पूरी जिंदगी उसे कुएं में घुटघुट कर बिताता इसी तरीके से इस दुनिया में बहुत से लोग हैं जिनकी सोच जहां से शुरू होती है वहीं पर ही खत्म हो जाती है इसी कारण से 90% लोग अपना करियर बनाने के लिए नौकरी के पीछे भागते हैं और जब उनको कोई नई अपॉर्चुनिटी के बड़े में बताता है तो वो ठीक उसे मेंढक की तरह जवाब देते हैं भला सरकारी नौकरी से भी बड़ा कुछ हो सकता है अगर इस स्टोरी

एक बंधक था वो एक छोटे से कुएं में रहता था #shortvideo #ytshorts #video
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