[0:00]किसी भी देश में किसी भी धर्म की कोई किताब भगवान ने कभी नहीं लिखी हर किताब मनुष्य ने लिखी है और धर्म पंडितों ने बार-बार कह कर ये बात हमारे दिमाग में भर दी है कि ये भगवान की आज्ञा है ताकि हम कोई सवाल नहीं उठा सके।
[0:13]शूद्रों और औरतों को भगवान के नाम पर दबाया गया है और कुछ नहीं है।
[0:17]मैं आप ही से पूछता हूं कि यह कानून किसने बनाया है कि सिर्फ ब्राह्मणों को पढ़ने का अधिकार है और शूद्रों को नहीं है।
[0:22]मेरी पत्नी सावित्री मेरी पहली शिष्या है अब वो तुम्हें पढ़ाने में मेरी मदद करेंगे।
[0:26]हम इस तरह ज्ञान फैलाएंगे क्योंकि ज्ञान ही वो दौलत है जिसे आपस में बांटना बहुत जरूरी है।
[0:35]धर्म भ्रष्ट करने वालों का ऐसा ही होता है तू हिम्मत रखो सावित्री ये तो शुरुआत है।
[0:40]उनका समाज हम पर कीचड़ी उछाल सकता है और कर ही क्या सकता है? रुका सड़ा हुआ समाज।
[0:45]अपने हाथो पैदा किए दलदल में धंसा हुआ समाज है वो।
[0:48]जब हम कुवि किसान शिक्षा पा लेंगे तो कुल समाज को उलट कर रख देंगे हम सारी कालिमा धो देंगे।



