Thumbnail for कबीर अमृतवाणी, संत कबीर के Popular Dohe,Kabir Amritwani,Debashish Das Gupta,कबीर जयंती, HD Video by T-Series Bhakti Sagar

कबीर अमृतवाणी, संत कबीर के Popular Dohe,Kabir Amritwani,Debashish Das Gupta,कबीर जयंती, HD Video

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[0:30]Section 1

गुरु गोविंदो खड़े, का के लागू पाये, गुरु गोविंदो खड़े, का के लागू पाये बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए, कबीरा गोविंद दियो बताए

[2:47]Section 2

निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाए, निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाए बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय कबीरा निर्मल करे सुभाय

[5:04]Section 3

मेरा मुझमें कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा, मेरा मुझमें कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा तेरा तुझको सौंपते क्या लागे हे मेरा कबीरा क्या लागे हे मेरा

[7:26]Section 4

नहाए धोए क्या हुआ, जो मन मैल ना जाए, नहाए धोए क्या हुआ, जो मन मैल ना जाए मीन सदा जल में रहे, धोए बांस ना जाए रे भैया धोए बांस ना जाए

[8:55]Section 5

साईं इतना दीजिए, जा में कुटुंब समाए, मैं भी भूखा ना रं खुं, साधु न भूखा जाए कबीरा साधु न भूखा जाए

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[0:30]गुरु गोविंदो खड़े, का के लागू पाये, गुरु गोविंदो खड़े, का के लागू पाये बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए, कबीरा गोविंद दियो बताए
[1:14]ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोए, ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोए औरन को शीतल करे, आप हूं शीतल होए, आप हूं शीतल होए
[2:03]बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर, बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर भैया फल लागे अति दूर
[2:47]निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाए, निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाए बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय कबीरा निर्मल करे सुभाय
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[0:30]गुरु गोविंदो खड़े, का के लागू पाये, गुरु गोविंदो खड़े, का के लागू पाये बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए, कबीरा गोविंद दियो बताए

[1:14]ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोए, ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोए औरन को शीतल करे, आप हूं शीतल होए, आप हूं शीतल होए

[2:03]बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर, बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर भैया फल लागे अति दूर

[2:47]निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाए, निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाए बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय कबीरा निर्मल करे सुभाय

[3:37]दुःख में सुमिरन सब करे, सुख में करे ना कोई, दुःख में सुमिरन सब करे, सुख में करे ना कोई जो सुख में सुमिरन करे, तो दुःख काहे होए कबीरा तो दुःख काहे होए

[4:20]माटी कहे कुम्हार से, तू क्यों रोंदे मोहे, माटी कहे कुम्हार से, तू क्यों रोंदे मोहे एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदुंगी तोए रे भैया मैं रौंदुंगी तोए

[5:04]मेरा मुझमें कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा, मेरा मुझमें कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा तेरा तुझको सौंपते क्या लागे हे मेरा कबीरा क्या लागे हे मेरा

[5:53]काल करे सो आज कर, आज करे सो अब, काल करे सो आज कर, आज करे सो अब पल में परले होएगी, बहुरि करेगा कब कबीरा बहुरि करेगा कब

[6:38]जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान, जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान मोल करो तलवार का, पड़ी रहन दो म्यान रे भाई पड़ी रहन दो म्यान

[7:26]नहाए धोए क्या हुआ, जो मन मैल ना जाए, नहाए धोए क्या हुआ, जो मन मैल ना जाए मीन सदा जल में रहे, धोए बांस ना जाए रे भैया धोए बांस ना जाए

[8:11]पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ, पंडित भया ना कोई, पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ, पंडित भया ना कोई

[8:34]ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होए कबीरा पढ़े सो पंडित होए

[8:55]साईं इतना दीजिए, जा में कुटुंब समाए, मैं भी भूखा ना रं खुं, साधु न भूखा जाए कबीरा साधु न भूखा जाए

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