[0:00]एक बार जंगल में बहुत तेज बाढ़ आई। तब डूबता हुआ बिच्छू मेंढक से बोला, प्लीज मुझे बचा लो अपनी पीठ पर बिठाकर नदी पार करा दो। मेंढक बोला, भाई तू बिच्छू है। तू मेरी पीठ पर बैठा तो मुझे ही डंक मारेगा, मुझे तेरे पे भरोसा नहीं है। बिच्छू आंखों में आंसू लेकर बोला, भाई भरोसा तो कर भला मैं तुझे क्यों डंक मारूंगा? तू तो मेरी जान बचा रहा है। और अगर मैं तेरे को डंक मारूंगा, तो मैं भी तो डूब जाऊंगा। मेंढक को दया आ गई। और लगा कि बात तो सही है। अगर यह डंक मारेगा तो यह भी तो डूब जाएगा। उसने भरोसा करके बिच्छू को पीठ पर बिठा लिया। जैसे ही वह दोनों नदी के बीचों-बीच पहुंचे। बिच्छू ने मेंढक को जोर से डंक मारा। मरते हुए मेंढक ने बिच्छू से पूछा, भाई तूने ऐसा क्यों किया? मैंने तो तेरे पर भरोसा किया था, और अब तू भी तो मेरे साथ डूब जाएगा। बिच्छू बोला, भाई क्या करूं? आदत से लाचार हूं, यही तो मेरा नेचर है। मोरल ऑफ द स्टोरी आजकल की भागदौड़ भरी दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी मिलेंगे। जो आपके सामने तो आपको पूरा भरोसा दिलाएंगे कि मैं तेरे साथ धोखा नहीं करूंगा। लेकिन धोखा उनकी फितरत में ही है, तो वह धोखा ही करेंगे, तो ऐसे लोगों से हमेशा सतर्क रहना।

ek dubta hua bichu mendhak se bola please mujhe bacha lo. #shorts #motivation
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