[0:00]is top counterterrorism official Joe Kent has resigned. We're learning this within the past hour here. Joe Kent, the director of the National Counterterrorism Center, announced his resignation today, saying he cannot in good conscience back the Trump Administration's war in Iran. Kent shared in a social media post, saying Iran posed no imminent threat to our nation, and it is clear that we started this war due to pressure from Israel and its powerful American lobby. Time's running out, guys. Time's run out, the people are waking up. We've reclaimed reality. The richest men in the world can't gaslight us anymore about what's going on. We know how everything connects, we know how we're being parasitically sucked all of our resources. Our blood, sweat, and tears going to feed this system. We're ready to break out of it. We're going to throw off the shackles of US imperialism, US colonialism and free the world, baby. Palestinian liberation is collectively intrinsically tied to all of ours. Free Palestine and free us all from US imperialism. So if Israel is seen to be responsible for pulling us into a losing war, uh, this will be, I think, uh, disastrous for the lobby. A message to the President of the United States. The outcome of war can not be determined by tweets. The result of a war is determined in the field. The very place where you and your forces do not dare to approach, and you can only talk about it in your tweets. It's better to name this war as Epic Fear instead of Epic Fury. तो ये जो वॉर है वेस्ट एशिया में, ये तो चलती जा रही है, थमने का नाम नहीं ले रही। पर अभी की जो सबसे धमाकेदार न्यूज़ आई है, वो आई है अमेरिका से।
[1:43]Joseph Kent, जो कि उनके नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर हैं। तो आप इसको ऐसे समझो कि ये बंदा नंबर टू था। Behind Tulsi Gabbard. Tulsi Gabbard is the Director for National Intelligence. किस वजह से दिया है, वो तो और भी मजेदार है। वो ये बेसिकली बता रहा है कि ये जो वॉर चल रहा है ईरान में, ईरान पोज्ड नो इमिनेंट थ्रेट टू आवर नेशन। बेसिकली हमको कोई थ्रेट नहीं था ईरान से। एंड वो साथ में ये भी बता रहे हैं कि हमने ये वॉर छेड़ा, क्योंकि प्रेशर था इजराइल से और उसकी पावरफुल अमेरिकन लॉबी से। वा यार! मजा आ गया ये सुनके, क्योंकि हम तो ये चीजें बोलते ही रहते थे। कोई भी आधा समझदार आदमी जो इस चीज को फॉलो करता हो, वो समझ जाएगा कि भाई इजराइल के कहने से ही ये सारी चीज हो रही है। एक्सपर्ट्स तो ये सारी चीजें बोलते थे, एनालिसिस करके बोलते थे। आज तो प्रूफ मिल गया ऑन पेपर। या वा जी वा। मजेदार चीज तो अब ये होगी कि इसके बाद जो Tulsi Gabbard है, उनको रिजाइन करना चाहिए, एंड सीरीज ऑफ रेजिग्नेशंस होनी चाहिए। ऐसा अमेरिकन एक्सपर्ट्स बता रहे हैं कि ऐसा हो सकता है। एंड ऐसी चीज होगी तभी मजा आएगा। क्योंकि जब रेजिग्नेशन आप देते हो, तो आप ये बताते हो कि भाई अनफेयर चीजें चल रही हैं वहां पे, कुछ भी हो रहा है। चोरी चकारी चल रही है, कोई कॉन्स्टिट्यूशन का ख्याल नहीं रखा जा रहा। एक दम झूठ के, झूठ बोला जा रहा है लोगों को। ये बताएगा। एंड इतना ही नहीं, वो यहां तक नहीं रुके। वो उन्होंने ये भी बताया कि यही सेम टैक्टिक है, जो इजरायलीज ने यूज की थी, हमको इराक वॉर में घुसेड़ने की। ईरान की बात नहीं हो रही, इराक वॉर। एंड उससे कितने सारे हमारे लोग मारे गए थे। वो कह रहे हैं कि हम ये मिस्टेक फिर से नहीं कर सकते। तो भाई ऑफिशियल हो गया। बधाई हो सबको। अब तो ऑफिशियल हो गया, क्योंकि भाई जब मेरी भी बात होती थी लोगों से इन पर्सन, तो वो मुझसे पूछते थे कि यार एक बात बताओ, ये वॉर हो क्यों रहा है? तो मैं कहता था इजराइल की वजह से हो रहा है। पर हमारे यहां पे इतने भोले लोग हैं। इजराइल तो इतना अच्छा देश है, उनको पता नहीं कि सबसे बड़े क्रिमिनल है वो लोग। तो भाई फॉर ऑल दोस भोला पीपल आउट देयर, गेम सेट एंड मैच हो चुका है। ये साबित हो चुका है, सब मुसीबत की जड़ इजराइल है। एंड ये कोई ऐसा वैसा आदमी नहीं है, ग्रीन बैरेट है। कितने सारे वॉर्स में इसने सर्व किया है फॉर यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका। आर्मी में सर्व किया है, उसके बाद सीआईए ऑफिसर बन गया था। एंड इसके साथ एक पर्सनल बर्डन भी है, कि इसकी जो फर्स्ट वाइफ थी Shannon, उनकी मौत हो गई थी 2019 में, एक सुसाइड बॉम्बिंग हुई थी सीरिया में वहां पर। तो भाई ये पर्सनली इफेक्टेड है ये आदमी उससे। अब सवाल तो ये है कि भाई अमेरिकन लोग जो ऑलरेडी इजराइल के तरफ पब्लिक ओपिनियन तो काफी शिफ्ट हो चुका था, वो कैसे रिस्पॉन्ड करेंगे? ट्रंप ने तो कैसे रिस्पॉन्ड करना है हमें पता ही है, ही इज लूजिंग हिज माइंड। ठीक है। वो बंदा इतना ज्यादा डेस्परेट है, इतनी बुरी तरीके से हार रहा है यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका एंड इजराइल ऑफ कोर्स, कि वो चाह रहे हैं कि NATO इंवॉल्व हो जाए। एंड कह रहा है कि NATO इज मेकिंग अ वेरी फुलिश मिस्टेक। मैं तो कह रहा हूं यार, ये तो बहुत ही बढ़िया दिशा में जा रहा है। यूरोपियन एलाइज ने क्लियर कर दिया है कि हम तो बेसिकली बिल्कुल नहीं इंवॉल्व होंगे। तुम चाह रहे हो कि हम Strait of Hormuz को जा के खुलवाएं। दिस इज नॉट आवर वॉर। तो इससे ट्रंप इरिटेट हो रहा है। ठीक है। मजा तो आ जाएगा NATO ही ब्रेक अप हो जाए इससे। तब मजा आएगा। क्योंकि NATO की कोई जरूरत नहीं है हमको। NATO ने आतंक ही फैलाया है। वो कहते हैं कि हम हैं डिफेंसिव ऑर्गेनाइजेशन। उन्होंने डिफेंड करने का काम कुछ भी नहीं किया है। ठीक है। उन्होंने सिर्फ आतंक ही फैलाया है। अभी देखो बात इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि पोलैंड को बोला जा रहा था कि आप ट्रूप्स डिप्लॉय करो ईरान में। उन्होंने आके मना कर दिया कि नहीं भाई हम बिल्कुल नहीं करेंगे। फ्रांस की न्यूज़ आई है कि भाई वो बोल रहे हैं कि वी विल नेवर टेक पार्ट इन ऑपरेशंस टू अनब्लॉक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज। वेरी गुड। सब हाथ खींच रहे हैं भाई, because सब जानते हैं कि ये एक सुसाइड मिशन है। यूरोपियन यूनियन अब लगता है फाइनली कुछ लगता है कि भाई इनके लीडर्स में कुछ तो थोड़ा बहुत भेजा है। या भेजे से ज्यादा थोड़ी रीढ़ की हड्डी है इनमें। EU की तरफ से स्टेटमेंट आई है कि भाई, नहीं, हम नहीं जाएंगे Strait of Hormuz में खुद भरने। Strait of Hormuz की बात की जाए, तो ईरान ने बोला है कि हमारे फ्रेंड्स के लिए खुला है, हमारे दुश्मनों के लिए बंद है। इराक बता रहा है कि उनकी कोई अंडरस्टैंडिंग है ईरान के साथ एंड उनके टैंकर्स विल बी अलाउड टू फ्लो थ्रू Strait of Hormuz। सबसे खतरनाक न्यूज़ तो वर्ल्ड फूड प्रोग्राम से आ रही है, कि अगर स्ट्रेट बंद रहता है, तो 4.5 करोड़, 4.5 करोड़ लोग फेस करेंगे एक्यूट हंगर। मतलब भुखमरी वाली कैटेगरी में आ जाएंगे 4.5 करोड़ लोग। क्योंकि यहां से कितना सारा फर्टिलाइजर निकलता है। तो ये सब कुछ भी प्लानिंग नहीं की अमेरिका ने, कुछ भी नहीं। सीधे जाके अटैक कर दिया। एंड सबसे बड़ा लेवरेज, हम हर बार कहते हैं, हर बार बताना ही पड़ेगा, इस वॉर में सबसे बड़ा लेवरेज जो ईरान के पास है, वो Strait of Hormuz का है। अब बताओ स्कैंडिनेविया में, मतलब स्वीडन, डेनमार्क, नॉर्वे, वो वाला जो एरिया है, वहां की जो एयरलाइंस है SAS, उन्होंने फ्लाइट्स कैंसिल करनी चालू कर दी है, क्योंकि वो कह रहे हैं फ्यूल प्राइसेस इतने ज्यादा बढ़ गए हैं। तो देखो इफेक्ट सबको आएगा। एंड इमेजिन करो कि अभी तो Strait of Hormuz बंद हुआ है। अब इमेजिन करो Bab el-Mandeb कॉरिडोर। सबकी ज्योग्राफी एकदम दुरुस्त हो रही है यहां पे, पूरी दुनिया की। ये है रेड सी का रूट। अगर Houthis वहां पे ब्लॉक कर देते हैं, जो उन्होंने इजरायलीज के लिए पहले ब्लॉक किया हुआ था, अमेरिका तक गया इनको अटैक किया। कितने टाइम तक वॉर चलती रही। ट्रंप डिक्लेयर्ड विक्ट्री एंड केम बैक। कुछ हासिल नहीं हुआ। कोई कुछ नहीं कर पाएगा, अगर ईरान और Houthis डिसाइड कर लें कि ये वाला स्ट्रेट भी बंद करना है तो। इससे 8.8 मिलियन बैरल्स ऑफ ऑयल फ्लो होता है रोज के रोज। एप्रोक्सीमेटली 10-12% ऑफ ग्लोबल जो सीबॉर्न ट्रेड होता है, 10 से 12% पूरी दुनिया का जो सी के थ्रू ट्रेड होता है, वो इस स्ट्रेट के थ्रू होता है।
[7:01]अगर अभी किल्लत हो रही है तेल की और गैस की, अगर ये बंद हो जाता है, तो तो इमेजिन भी नहीं कर सकते क्या होगा। खाने का भी नहीं इमेजिन कर सकते क्या होगा। दुनिया में इतनी फूड सप्लाईस की शॉर्टेज हो जाएगी। एंड अगर ये स्ट्रेट बंद हो जाता है, तो सबसे पहले फूड सप्लाईस की शॉर्टेज आएगी गल्फ कंट्रीज में। क्योंकि अभी यही स्ट्रेट यूज हो रहा है, सऊदी अरेबिया के थ्रू बाकी जो गल्फ कंट्रीज हैं, फॉर एग्जांपल कुवैत, वहां तक खाना पहुंच रहा है। देखो, अगर स्ट्रेट बंद होता है, तो मे बी और रूट्स हैं, सच एज ओमान, वहां से थ्रू रोड ले जाना पड़ेगा। बट हालत बहुत ज्यादा खराब हो जाएगी पूरी दुनिया की, अगर ये वाला स्ट्रेट भी बंद हो जाता है तो। दुबई के ऊपर कंटीन्यूअस अटैक हो रहे हैं। भाई, ये दुबई का फ्यूचर तो आगे पता नहीं क्या होल्ड करेगा। ये वीडियोस आई हैं। ये क्लियर नहीं है कि अटैक्स हुए कहां हैं, एंड वहां पे इतनी ज्यादा इंफॉर्मेशन को ब्लॉक किया हुआ है, कि आपको कुछ भी नहीं पता चलेगा कि वहां पे एक्जेक्टली कहां क्या अटैक हो रहा है। एयरपोर्ट वगैरह पे, मतलब बहुत ही कम इंफॉर्मेशन आ रही है वहां से। तो जो फ्यूचर ऑफ गल्फ कंट्रीज है, वो तो बहुत ही ज्यादा पेरिल में है। सबसे पहले UAE की बात करते हैं। अगर इनका ऑयल एक्सपोर्ट खत्म हो जाता है, एंड फूड इंपोर्ट बंद हो जाता है, तो ये तो एकदम ही क्राइसिस में आ जाएगा। छोटा सा देश है, एकदम ही क्राइसिस में। वैसे भी जो इनका दुबई मॉडल था कि भाई बार-बार से लोग आएंगे, यहां पे रहेंगे। ठीक है। एक फाइनेंशियल हब भी बन जाएगा। ट्रेडिंग हब भी बन जाएगा, वो तो वैसे ही कोलैप्स होता हुआ दिख रहा है। एंड अभी जो इनका Fujairah पोर्ट है, वो एक्चुअली बाईपास कर सकता है Strait of Hormuz को। बट वहां पे भी जो टैंकर्स हैं, उनको भी अटैक किया गया। कतर की अगर बात करें, तो वहां पे जो LNG प्रोडक्शन है, अगर वो बहुत टाइम तक हॉल्ट रहता है, वहां से LNG ही नहीं निकल पाती है, जो बेसिकली अकाउंट करती है फॉर 70% ऑफ द कंट्रीज इनकम, तो भाई ये कैटास्ट्रोफी आ जाएगी पूरी इंडस्ट्रियल। हमको तो फील हो ही रही है ये सारी चीजें। गैस सिलेंडर, गैस शॉर्टेज बहुत, पूरे दुनिया को फील हो रही है। स्पेशली वो सारे देश जो यहां से लेते हैं। बट कतर एज अ स्टेट का पूरा रेवेन्यू ही खत्म हो रहा है। तो ये बहुत टाइम तक नहीं चल पाएगा। भरीन की अगर बात करें, तो ये तो बहुत ही छोटा सा देश है। इसको एक कॉजवे कनेक्ट करता है सऊदी अरेबिया से। अगर उस पर अटैक हो गया, तो भरीन टोटली आइसोलेट हो जाएगा। पॉपुलेशन शिया मेजॉरिटी है, एंड सुन्नी सुल्तान है। तो भाई क्या होगा यहां पे? वैसे भी अफाएं आ रही हैं कि वो तो निकल ही चुके हैं।
[9:06]कोई पुष्टि नहीं हो सकती उन खबरों की अभी। कुवैत तो वैसे ही इतना छोटा सा देश है। अगर मान लो खाना ही नहीं पहुंच पाएगा वहां पे थोड़े टाइम के लिए या इनकी रिफाइनरीज बंद हो जाएंगी, रेवेन्यू अगर नहीं आएगा थोड़े टाइम के लिए भी, क्या होगा हाल? एंड UAE के पीछे तो वैसे ही ईरान का ज्यादा टारगेट है। Because these guys are in bed with the Zionists. ये बताया जा रहा है कि जितने भी प्रोजेक्टाइल्स फायर हुए हैं टुवर्ड्स द गल्फ कंट्रीज, उसमें से आधे से ज्यादा तो टुवर्ड्स UAE हुए हैं। एंड इनकी भी तो हरकत आप देखो ना, जो Kharg Island में अटैक हुआ था, वो भी UAE से ही कहीं से हुआ था। अमेरिकन बेस था कि नहीं, ये हमें नहीं पता अभी। ईरान से बड़ी खबर ये आई थी कि उनके वन ऑफ द सिक्योरिटी चीफ जो है Ali Larijani, जो बताया जा रहा था वुड प्रोबेबली बी नेगोशिएटिंग। मतलब इजराइल ने अपनी वही हरकत कर दी जो पहले वो करता था, वो नेगोशिएटर्स को ही मार देता है। ठीक है। इसके साथ-साथ जो एक और कमांडर थे वहां पे, Soleimani, उनको भी मार दिया गया। भाई क्या हो जाएगा ये असैसिनेशन्स करके? जो भी बाद में आएंगे, और ज्यादा कट्टरवादी सोच वाले आएंगे। ठीक है। ये टाइम एंड टाइम अगेन हम देख चुके हैं। एंड कोई नेगोशिएट नहीं करना चाहेगा, एंड शायद इजरायलीज चाहते ही यही हैं कि नेगोशिएशन हो ही ना। क्योंकि उनका ट्रैक रिकॉर्ड भी ऐसा रहा है। एंड जहां तक रिवेंज की बात है, ईरान ने बोला था हम रिवेंज लेंगे। अब से जो न्यूज आ रही है इजराइल से, और जिस टाइप के वीडियोस दिखाई दे रहे हैं, कि भई Tel Aviv में कितना ज्यादा डिस्ट्रक्शन हुआ है। कितनी ज्यादा मिसाइल्स फायर हो रही है। बस आप तो ये वीडियो देखते जाओ। वी डोंट बिलीव एनी ऑफ दीस आर AI, इसीलिए आपको दिखा रहे हैं। ईरान ने भी बोला है कि 100 मिलिट्री एंड सिक्योरिटी टारगेट्स हमने हिट किए हैं इनसाइड ऑफ इजराइल। एंड एयर डिफेंस सिस्टम तो देखो बचा है नहीं। बिल्कुल नहीं बचा। एंड अब तो नई-नई टाइप की जो मिसाइल्स हैं, ईरान उनको भी निकाल रहा है। ठीक है। मतलब ये ऐसी मिसाइल्स हैं कि 7 मिनट में ईरान से फायर होती हैं एंड इजराइल पहुंच जाती है। इजराइल मीडिया खुद ही रिपोर्ट कर रही है कि एक्सटेंसिव प्रॉपर्टी डैमेज हुआ है। एक्सटेंसिव प्रॉपर्टी डैमेज। इसके अलावा, ये बहुत बड़ी खबर है। ईरान ने टारगेट किया है इजराइल के जो साइबर टेक सेंटर्स हैं, जो वेपन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं, उनको टारगेट किया है। तो अब इसका मतलब क्या हुआ? इजरायलीज की जो वेपन प्रोडक्शन कैपेसिटी थी, वो अब खत्म हो गई है या बहुत ज्यादा कम हो गई है। इजराइल देखो छोटा सा देश है। लिमिटेड नंबर ऑफ टारगेट्स हैं। कितना फैला लोगे, कितना इधर-उधर रख लोगे? एंड अब तो अंडरग्राउंड बंकर्स भी सेफ नहीं है। ये देखो प्रूफ कि इजरायलीज आर लूजिंग इट। ईरान से आपको जो न्यूज़ आएगी, खबरें आएगी, आपको दिखेंगी कि पीपल आर आउट ऑन द स्ट्रीट्स। काफी हद तक एक नॉर्मल लाइफ जीने की कोशिश कर रहे हैं वहां पे लोग। इजराइल में ऐसा पॉसिबल ही नहीं है। Enough. I can't anymore. I can't with them. Being closed. I just can't anymore. How? Fifteen days have passed. Not a minute worked. Not a minute worked. How can we make progress on anything in our lives? Every second, they stop me. I get going. Build momentum. A stop. A month. Two months. Month and a half. Enough. I want continuity. भाई पागल हो रहे हैं इजरायलीज। एकदम ही पागल। एंड आप खुद ही इमेजिन करो, अगर आप खुद ही ऐसी स्थिति में हो कि 18 दिन हो गए हैं, आप कोई काम नहीं कर पा रहे। आपको फुल टाइम अपना बॉम्ब शेल्टर में रहना पड़ता है, आप घर जाते हो, आधा घंटा नहीं होता, फिर से सायरन बजने लगते हैं। अब तो स्थिति ये है कि सायरन भी नहीं बज रहे, क्योंकि रेडार खत्म हो चुके हैं जो यूनाइटेड स्टेट्स के बेसिस में थे, तो अर्ली वार्निंग सिस्टम भी खत्म है। आसपास तबाही-तबाही। आप अपना बॉम्ब शेल्टर से निकलते हो, देखते हो यार, ये क्या हो गया? तो ये हालत है वहां पर। Alastair Crooke हमें बताते हैं कि जो हिब्रू प्रेस है, उसमें ऐसा दिख रहा है कि समथिंग हैज चेंज्ड। पहले तो काफी लोग उसमें थे कि हां, वॉर हम लड़ेंगे, ईरान को हराएंगे, डोमिनेट करेंगे। बट अब हालत पतली सी लग रही है। हालत बदली-बदली सी लग रही है। अब Netanyahu मरा है कि नहीं, इस पे तो स्पेकुलेशन चलती रहेगी। उसने आके अभी एक वीडियो भी रिलीज किया, जिसमें बता रहा है कि भाई जो इनके लीडर्स हैं, हमने उनको मार दिया। एंड आसपास लोग एकदम ऐसे ही मुंह सुझाए बैठे हैं, कि भई क्या हो रहा है हमारे साथ? एकदम ही डाउन एंड आउट लग रहे हैं इनके लोग। अब इसके अलावा Netanyahu के एंड से एक और वीडियो रिलीज हुआ है, जो US एंबेसडर टू इजराइल है Mike Huckabee, एक नंबर का बेवकूफ है ये इंसान। Tucker Carlson ने तो साबित ही कर दिया। अब वो उसकी वीडियो है Netanyahu के साथ। अब Netanyahu जब उसको हैंडशेक कर रहा है, तो उसकी उंगलियां नहीं दिख रही। फिर ये भी बता रहे हैं कि जो माइक हकाबी है, उसका फेस भी अजीब सा दिख रहा है। देखो, ये सब स्पेकुलेशन चलती रहेगी। अगर असली में जिंदा है, असली में कोई भी प्रॉब्लम नहीं है, तो आके एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लीजिए। देखो, मरा है कि नहीं, हमें ये नहीं पता, पर बहुत ज्यादा कोशिश की जा रही है, कुछ न कुछ छिपाने की। तो इतना वीक देश, आप जो ईरान को समझते हो कि हम सुप्रीम लीडर को खत्म कर देंगे, इन लोग को खत्म कर देंगे, सीनियर लीडरशिप को तो देश ही खत्म हो जाएगा। एक्चुअली इजराइल की ऐसी स्थिति। इजराइल नहीं सरवाइव कर पाएगा। एंड ऐसे उस समय स्थिति में, नो वन वॉन्ट्स टू स्टेप अप। कोई ये नहीं कहना चाहता कि भई प्राइम मिनिस्टर मर गया है, अब नाऊ हियर इज द नेक्स्ट प्राइम मिनिस्टर। और इनकी जुर्रत देखो इजरायलीज की। फुल स्केल इनवेजन चल रहा है लेबनॉन का। दिस गोस टू शो यू बियॉन्ड एनी डाउट कि इनका जो ग्रेटर इजराइल का सपना है, वो उसको पूरा करना चाहते हैं। होगा कि नहीं, वो अलग बात है। अभी तक तो लेबनॉन का एयरपोर्ट भी चल रहा था। अब बता रहे हैं कि शायद अटैक्स हो गए हैं, एयरपोर्ट के आसपास भी अटैक्स हुए हैं। अब इतने ज्यादा डेस्परेट है अमेरिकन्स एंड ट्रंप की तो हालत क्या ही बोलो। ठीक है। अपना हेकड़ी मारता फिरता था। अल-जुलानी, एक टेररिस्ट, इनका पाला पोसा हुआ, इनका बच्चा टेररिस्ट, जो अल-कायदा में था, फिर ISIS में था, अल-नुसरा में था, अब फिर इसको आके अल्टीमेट प्रमोशन मिल गई। सीरिया जैसे देश का प्रेसिडेंट बना दिया इसको। उसको बोल रहे हैं कि भई तुम जॉइन करो फाइट अगेंस्ट हिजबुल्लाह। बट दे आर हेज़िटेंट। वो कह रहे हैं कि नहीं नहीं नहीं, हम नहीं कर पाएंगे। क्योंकि उनको लगता है कि भई अगर हम इंवॉल्व होंगे, तो हमारे ऊपर ईरान के अटैक होने लगेंगे। हमारा देश तो वैसे भी क्या ही बचा था सीरिया का। एंड अल-जुलानी वही है, जो एक्चुअली हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ा हुआ है, तो उसको पता है कि भई क्या वेट कर रहा है मेरे लिए। एंड ये भी कहा जा रहा है कि जो अरब एलाइज हैं, दे बेसिकली हैव सेड कि भई इस चीज से दूर रहो। टर्की का भी डेफिनेटली इंवॉल्वमेंट रहा होगा, क्योंकि सीरिया और टर्की तो नेबरिंग है ना। इजराइल और टर्की के बीच में क्या आता है? सीरिया आता है। तो अगर सीरिया गिरता है या सीरिया में प्रॉब्लम होती है, तो टर्की को बहुत ज्यादा अफेक्ट करेगा। इसलिए मेरा ये मानना है कि अरब कंट्रीज के साथ-साथ टर्की ने भी एडवाइज किया होगा कि भई मत इंवॉल्व हो। अब यूएस की अगर बात करें, तो अब रिपोर्ट्स इतनी तक है कि इनके पास जो टोमाहॉक मिसाइल्स थी, जो मेजर वेपन ये लोग यूज कर रहे हैं, इनका मोस्ट इफेक्टिव वेपन है, 4000 थी। 400 मिसाइल, यानी कि उसकी 10% तो इन्होंने पहले तीन दिन में, सिर्फ तीन दिन में फायर कर दी थी। आज के डेट में 19th डे है। एंड 2026 में इन्होंने कितनी ऑर्डर करी थी ये नई मिसाइल्स? 57 ओनली। एंड कैपेसिटी क्या है बनाने की इसको? ऑलमोस्ट 100 मिसाइल्स बनती हैं हर साल। 400 आपने यूज कर ली तीन दिन में। ठीक है। आपके स्टॉक पाइल जो है, ये पूरे स्टॉक पाइल है। पूरी दुनिया भर में आपने आतंक फैलाना है, तो आपको बहुत सारी मिसाइल्स चाहिए। ठीक है। और आपने यहां पे तीन दिन में ही 10% ऑफ जो आपका स्टॉक था, उसको खत्म कर दिया। आपके बेसिस नहीं बचे। यूजेबल तो एटलीस्ट। ठीक है। आपके रेडार्स नहीं बचे, जो आपकी आंखें थी, आप उससे पूरा सर्वेलेंस कर पाते थे, कहां से क्या मिसाइल लॉन्च हो रही है, कौन क्या कर रहा है। एयर डिफेंस तो साबित हो गया कि स्कैम है। एयर डिफेंस की मिसाइल्स भी नहीं बची अब। अमेरिका इतना बुरा एक्सपोज हो गया है ना, इतना बुरा एक्सपोज हो गया इस वॉर से, कि अब तो मतलब सैडली इस टाइप की बात चलती है। बहुत सारे एक्सपर्ट्स ये बात करते हैं कि भई ट्रंप मे बी द वन टू यूज अ न्यूक्लियर वेपन। क्योंकि किस तरीके से फेस सेविंग करके वो इस वॉर से बाहर निकलेगा। तो भई ट्रंप तब से कह रहा है कि भई ये लोग सीज फायर चाहते हैं, मुझे कॉल कर रहे हैं, सीज फायर चाहते हैं। सब बकवास है। असली बात तो ये है कि बिहाइंड द सीन्स, स्टीव विटकॉफ जो है, जो नेगोशिएट भी कर रहा था, डील ऑन बिहाफ ऑफ ट्रंप, वो रीच आउट कर रहा है टू ईरान्स फॉरेन मिनिस्टर। उनको WhatsApp पे मैसेजेस भेज रहा है कि भई बात कर लेते हैं। इतना ही नहीं, व्हाइट हाउस के बिहाफ पे बाकी जो थर्ड कंट्रीज हैं, जो थर्ड पार्टीज हो गई बेसिकली, दे आर ऑल्सो रीचिंग आउट टू ईरान कि भई बात कर लो। एक और बड़ी खबर ये है कि Amnesty International ने ये पाया है कि अमेरिका रिस्पॉन्सिबल है वो Minab में जो छोटी बच्चियों को मारा गया था। वो जो गर्ल स्कूल को अटैक किया गया था, जिसमें 6 से 10 साल की बच्चियां थीं, ऑलमोस्ट 150 से भी ज्यादा बच्चे उसमें मारे गए थे। तो अमेरिका इज रिस्पॉन्सिबल फॉर दिस। अब Amnesty International ये चीज बता रहा है, तो फिर आप खुद ही कंक्लूड कर लो कि कौन है सबसे बड़े टेररिस्ट। इसके अलावा दुनिया में तो एकदम ही पागलपन हो रहा है। मैंने ये वाली न्यूज देखी, जिसमें ये बता रहे हैं कि भाई Polymarket, एक तो इस चीज को बंद कराओ यार, ये Polymarket को। हद हो गई। People are betting कि ईरान की मिसाइल गिर रही है, इजराइल पर लैंड करेगी कि नहीं। देखो, इस पर भी इतना भारी मैनिपुलेशन चल रहा होगा, क्योंकि गिरती ही होंगी। ये सिंपल मैथ्स है। मतलब ये कोई IPL चल रहा है क्या? देखो, द वर्ल्ड हैज़ लॉस्ट इट। अब, खास तौर पे जो हमारे वर्ल्ड लीडर्स हैं, दे हैव लॉस्ट इट। बहुत जरूरी है इस चीज को कंट्रोल कर लेना, नहीं तो जितनी जल्दी अभी एस्केलेशन हुई है ना, अभी आपको दो-तीन दिन में दिख रहा है, मे बी उतना ऐसा कोई एस्केलेट नहीं हुआ। क्योंकि जो नेक्स्ट एस्केलेशन होगा, अगर रिफाइनरीज पर अटैक होता है, दोनों साइड पे, किसी की भी, चाहे ईरान की साइड पे चाहे गल्फ कंट्रीज के साइड पे, वर्ल्ड इकोनॉमिक कोलैप्स तय है। और न्यूक्लियर की तो अभी बात भी नहीं कर रहे।



