[0:00]11,000 लीटर दूध नर्मदा नदी में बहा दिया जाता है इन लोगों के द्वारा. मध्य प्रदेश में नर्मदा रिवर के पास एक रिलीजियस इवेंट होता है, 21 दिन तक यह चलता है और आखिरी दिनों में यह काम किया जाता है. कहा गया कि यह भगवान को चढ़ावा है. अब मैं बता दूं कि इतने सारे दूध को बहाने से जो पोल्यूशन फैला, इस वजह से पानी में ऑक्सीजन की कमी होगी. जितनी भी मछलियां, जितने भी जानवर पानी में है, वो जिंदा नहीं रह पाएंगे. वो सांस नहीं ले पाएंगे. नदी का नेचुरल बैलेंस जो है, वो बिगड़ जाएगा. विदेश में भी एक ऐसा केस हुआ था. वहां पे तो एक डैम बनाना पड़ा था पोल्यूटेड वाटर को रोकने के लिए और बड़ी मुश्किल से उस दूध को पानी से निकाला गया. यह देखना एक न्यूज़ आई थी. यूपी के एक स्कूल में बच्चों को देने के लिए दूध नहीं था. तो वहां पानी की बाल्टी में दूध की थैली डालती हुई दिख रही है आंटी. सोचो यहां पे लोग भूखे मर रहे हैं. लोगों के पास खाने के लिए नहीं है, दूध पीने के लिए नहीं है. कितना अच्छा होता अगर गरीब लोगों को यह मिलता. चलो माना कि पूजा कर रहे हैं और आपको नहीं लगता कि भगवान उस चीज से ज्यादा खुश होते कि अगर उनके बनाए हुए बच्चों को खाना मिलता और उनका पेट भरता. यहां ना बच्चों को खाना मिला ना उनका पेट भरा, बल्कि नदी के अंदर जो मछलियां थी, जो जानवर हैं, उनकी ओर जान जाएगी. सोच के देखो हमारे देश में क्या-क्या होता है.

Narmada river me ye 11,000 litre milk #shivammalik
Shivam Malik
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