[0:01]ओए आलसी आदमी, कितना सोएगा बे? 10 बज गया, अब उठ। कुछ काम-धाम भी कर लिया कर। रुक जा मोटी, थोड़ी देर और सोने दे। क्या कौवे की तरह कांव-कांव कर रही है? साला कैसा आलसी कंजूस पति मिल गया है। एक काम का नहीं है। जिंदगी बर्बाद हो गया है इसके साथ शादी करके। जिंदगी तो मेरा बर्बाद हो गया, दहेज ना लेकर फ्री में शादी करके। अगर पता होता तो शादी करता ही नहीं। तो तो किसने बोला था मेरे पीछे आने का? बाबू सोना करके पापा से मेरा मेरा हाथ मांगने का। जिंदगी का सबसे बड़ा गलती मेरा वही था। जो तुझसे शादी किया। साला सो सो के तो कामचोर हो गया है। कमाने भी नहीं जाता। कर्जे से घर चला रहा है और गर्मी दिखाता है। देख पूजा, ज्यादा बकवास मत कर। चुपचाप खाना बना, भूख लगी है। कौवे की तरह कांव-कांव मत कर। मैं कुछ नहीं बनाने वाली। जा खुद बना और खुद खा। ज्यादा मेरे सामने बकवास किया ना तो मायके चली जाऊंगी। जा चली। जा लेने भी नहीं आऊंगा। कम से कम सुकून से सो तो पाऊंगा। ना तुम्हारी चेचे सुनने को नहीं मिलेगा। देख कितना आलसी है। साला दिन भर सोने की बात करता है। कभी तो कुछ काम-धाम भी कर लिया कर। कोई काम होगा तो ना करूंगा। तेरी बकवास सुन-सुन के कोई काम करने का मन नहीं करता। मूड खराब हो जाता है। काम नहीं करने जाएगा तो घर का राशन कैसे लाएगा? उसकी चिंता मत कर। मैं हैंडल कर लूंगा। भूल मत, इतने दिनों से मेरा लाया हुआ ही खा रही है। हां हां, जैसे तू कोई राजा महाराजा है ना, पेड़ से पैसे तोड़ के लाता है। साला कंजूस कहीं का। कहीं से लाऊं तुम्हारी जरूरतें पूरा करता हूं ना। अब जा यहां से, सोने दे। दिमाग मत खराब कर।
[1:56]साला उठता है या नहीं कि लगाऊं दो चार डंडे। क्यों मेरा दिमाग खराब कर रहा है?
[2:03]पागल हो गई क्या? क्या कर दी मोटी तुमने? ठंड लग रहा है। जा के तोलिया ले के आ। चल जा, उठ जा के। खुद खुद ला। आलसी कहीं का खुद से तो कोई काम कर ले। जा रहा हूं। ज्यादा गर्मी मत दिखा। वरना मैं अपना काम खुद कर लेता हूं। तू नहीं कर देती थी 10 साल पहले। ओए आलसी। ले पैसे और जा के सब्जी ले के आ बाजार से। जल्दी मेहमान आने वाला है घर पे। हे राम, कितना परेशान करती है मोटी। कभी तो चैन से जीने दे। ला ले के आता हूं। सुन, कद्दू लेना, भिंडी और मटर ले लेना। समझा बे? कल्लू याद रहेगा ना कि वो भी भूल जाएगा? ठीक है, सुन लिया। ले लूंगा। और कुछ लाना है तो अभी बता दे। बहुत जोरों की नींद आ रही है, थकान लग रहा है। भैया, ये भिंडी, आलू और मटर दे दीजिए, एक-एक किलो।
[3:08]बा बापरे, उठा के थक गया हूं। थोड़ा आराम कर लेता हूं तब जाऊंगा। साला ये आलसी आदमी कहां रह गया? मेहमान के आने का भी समय हो गया है। मैं खाना कब बनाऊंगी? ये देखो, यहां मरा पड़ा है। ओए आलसी, उठ। तुझे सब्जी लाने बोला और तू यहां सो रहा है। सब्जी उठा-उठा के थक गया। कब नींद आ गई पता नहीं। चला, चलो घर चलो।



