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The REAL details of Iran leader's k*lling

Mohak Mangal

24m 43s3,718 words~19 min read
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[0:03]यह है पास्टेर स्ट्रीट तेहरान में। सेंट्रल तेहरान का एक सरकारी कॉम्प्लेक्स जहां ईरान के प्रेसिडेंट और कई मेजर गवर्नमेंट ऑफिशियल्स के दफ्तर है। एक रेगुलर दिन में बहुत कॉमन है इस सड़क पर आपको कई इंपॉर्टेंट लोग दिख जाए। इनकलूडींग ईरान के सुप्रीम लीडर अली खमेनी। पर जून 2025 से जब ईरान और इजराइल के बीच में जंग स्टार्ट हुई, सिचुएशन बदल गई है।

[0:43]और इसी के बाद अटकले लगाई जाती है कि इजराइल का नेक्स्ट टारगेट ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खमेनी है। जिसके बाद खमेनी अपना ज्यादातर टाइम एक अंडरग्राउंड बंकर में बिताने लगे। पर बहुत कम लोगों को जानकारी है कि 28 फरवरी की सुबह ईरान की सुप्रीम लीडर एक जरूरी मीटिंग करने जा रहे हैं। और इस मीटिंग के चलते कई सीनियर ऑफिशियल्स के बॉडीगार्ड तेहरान की पास्टर स्ट्रीट पर दिखते हैं। इन सभी लोगों का काम ये है इंश्योर करना कि सुप्रीम लीडर सेफली अपने बंकर से मीटिंग की लोकेशन पर आ पाए। पर उनको ये नहीं पता कि उन पर किसी की नजर है इजराइल की। कई सालों से इजराइल सुप्रीम लीडर के सारे मूव्स और पैटर्न ऑफ लाइफ को ट्रैक कर रहा है। और वो कर कैसे रहे हैं, ट्रैफिक कैमरास के जरिए। तेहरान के सभी ट्रैफिक कैमरास को इजराइल की फॉरेन इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद ने हैक कर लिया है। ये इमेजेस इंक्रिप्ट करके तेल अवीव और सर्न इजराइल के सर्वर्स में ट्रांसमिट करी जाती है। जहां इजराइली इंटेलिजेंस इन सारी इमेजेस को ध्यान से परखते हैं। और इस चीज में इजराइल अकेला नहीं है, उनको साथ मिल रहा है अमेरिका की फॉरेन इंटेलिजेंस एजेंसी सीआईए का। और इसी वजह से दोनों सीआईए और मोसाद को पता है कि 28 फरवरी को तेहरान की पास्टर स्ट्रीट में ईरान की लीडरशिप जमा होगी एक जरूरी मीटिंग के लिए। और इस मीटिंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खमेनी भी शामिल होंगे। इसी वजह से सुबह के 6:00 बजे इजराइल से उनकी फाइटर जेट्स बेस से टेक ऑफ करते हैं और अपने हाईली एक्यूरेट इम्यूनेशंस और लॉन्ग रेंज मिसाइल्स के साथ 9:40 पर वो इस कंपाउंड को स्ट्राइक करते हैं।

[2:26]इस कंपाउंड के साथ ये स्ट्राइक्स ईरान के मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर और कई मिलिट्री साइट्स को टारगेट करती है। फाइनली ये न्यूज पूरी दुनिया को पता चल जाती है।

[2:53]जिसके बाद प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ईरानियंस को बोलते हैं कि उनकी आजादी का समय आने ही वाला है।

[3:02]वो कहते हैं कि आप लोग घर पे ही रहो क्योंकि हम ईरान पर कई अटैक्स करने जा रहे हैं।

[3:12]इसी चीज को इजराइली प्राइम मिनिस्टर बेंजामिन नेतनयाहू दोहराते हैं।

[3:27]जिसके बाद मिडिल ईस्ट की ये जंग स्टार्ट हो जाती है।

[3:44]अब ये वीडियो ईरान और इजराइल की हिस्ट्री के बारे में नहीं है बट इट इज अबाउट दिस स्ट्राइक दैट किल्ड द इजरायली सुप्रीम लीडर। Especially how this strike was planned.

[3:56]अब वीडियो में आगे बढ़ने से पहले, आई जस्ट वांट टू टेल यू अबाउट टुडेस स्पॉन्सर व्हिच मेड दिस वीडियो पॉसिबल, दैट्स ओडू। इफ यू आर अ बिजनेस ओनर और फ्रीलांसर, आई वांट टू रिकमेंड ओडूज प्रोजेक्ट ऐप। ओडू एक ऑल इन वन बिजनेस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर है जिसमें इनवॉइसिंग से लेके अकाउंटिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, इन्वेंटरी, इवन वेबसाइट क्रिएशन आपको सब कुछ एक जगह मिल जाएगा। ये एक सिंपल बट पावरफुल टूल है जिसमें आप अपने प्रोजेक्ट्स के लिए कस्टम स्टेजेस बना सकते हो, टास्क असाइन कर सकते हो और डेडलाइन्स भी सेट कर सकते हो। और सब कुछ आप एक जगह ट्रैक कर सकते हो। जैसे कानबान व्यू से आप पूरा काम अपना विजुअलाइज कर पाओगे और गेंट व्यू से आप टाइमलाइंस क्लियरली देख पाओगे। प्रोजेक्ट ऐप का रियल टाइम कोलाब्रेशन सिस्टम भी काफी यूजफुल है। आप किसी टास्क पर डायरेक्टली नोट्स डाल सकते हो, टीम को अलग टैग कर सकते हो या फाइल्स अटैच करके सब कुछ सेंट्रलाइज रख सकते हो। यानी कि आपको स्कैटर्ड व्हाट्सएप मैसेजेस या फिर डिसेंट्रलाइज अपडेट्स पर रिलाइ करने की जरूरत नहीं। और बेस्ट पार्ट ये है कि पहली ऐप बिल्कुल फ्री है एंड यू गेट अनलिमिटेड होस्टिंग एंड सपोर्ट फ्रॉम देम। तो अगर सिर्फ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट ऐप चाहिए यू डोनट इवन नीड टू पे। सो चेक आउट देयर ऐप डिस्क्रिप्शन में लिंक है एंड नाउ लेट्स कंटिन्यू।

[5:03]अली खमेनी को मारने के बाद इजरायली डिफेंस मिनिस्टर इजराइल कार्ट्स ने कहा कि उनको मारने का डिसीजन पिछले साल नवंबर में ही ले लिया गया था।

[5:18]ये कोई लास्ट मिनट स्ट्राइक नहीं थी बल्कि इजराइल कार्ट्स ने कहा कि ओरिजनली प्लान था कि हम 2026 की में या फिर जून में उनको मार डालेंगे। अमेरिका से ये प्लान शेयर किया गया और फिर डिसाइड किया गया कि जनवरी में ही ये काम कर दिया जाएगा। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि किसी भी आदमी के लिए इंपॉसिबल होगा हमारी इंटेलिजेंस और हाईली सोफिस्टिकेटेड ट्रैकिंग सिस्टम से बचना। अब द क्वेश्चन इज हाउ डिड इजराइल एंड यूएस मैनेज टू डू दिस। इजराइल के लिए प्लानिंग कर रही थी उनकी इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद और इजराइली डिफेंस फोर्सेस। सबसे पहले मोसाद ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरास हैक कर लिए थे। जैसे हमने पहले बताया कि ये इमेजेस इंक्रिप्ट हो के इजराइल के सर्वर्स में ट्रांसमिट करी जाती है। इन फैक्ट एक कैमरा का एंगल तो ऐसा था जिससे मोसाद क्लियरली इजराइल के टॉप ऑफिसर्स की डेली जिंदगी में झांक सकती थी। जिससे इजराइल को दो चीजें पता चली। पहली कि जो गार्ड्स थे वो अपनी गाड़ियां पार्क कहां करते थे और दूसरी पास्टर स्ट्रीट के कंपाउंड में लोगों के डेली रुटीन्स थे क्या। अब इन इमेजेस को कलेक्ट करने के बाद इजराइल ने डेटा साइंस और मशीन लर्निंग मेथड्स यूज करें गार्ड्स की प्रोफाइल्स बनाने में। ये वो गार्ड्स हैं जो सीनियर ऑफिशियल्स को प्रोटेक्ट करते हैं। हर गार्ड की प्रोफाइल में ये लिखा गया था कि ये गार्ड रहता कहां है, इनकी ड्यूटी स्टार्ट और एंड कब होती है, वो काम करने के लिए कौन सी रोड्स लेते हैं और मोस्ट इम्पोर्टेंटली किस सीनियर ऑफिशियल को वो प्रोटेक्ट कर रहे हैं। इंटेलिजेंस ऑफिसर्स इसको पैटर्न ऑफ लाइफ बुलाते हैं, व्हिच मीन्स दैट यू कैन प्रिडिक्ट एन इंडिविजुअल सो वेल कि आपको पता चल जाएगा कि वो कब, कहां और किसके साथ होंगे। एक इजराइली इंटेलिजेंस ऑफिसर कहते हैं कि इस जंग स्टार्ट होने से पहले मानो हमें तेहरान की सड़कें ऐसे पता थी जैसे वो जेरूसलम। और जब आपको कोई जगह इतनी अच्छी पता चल जाती है तो आप नोटिस कर पाते हो जब उधर एक पत्ता भी हिल जाता है। अब ये इंफॉर्मेशन गैदरिंग मोसाद कर रही थी, ऑन द अदर हैंड अमेरिका की सीआईए अपने आप इंफॉर्मेशन कलेक्ट कर रही थी अली खमेनी के बारे में। और कई महीनों के दौरान उनको सुप्रीम लीडर की लोकेशंस और उनके पैटर्न के बारे में पता चलने लगा। ट्रैफिक कैमरास को हैक करने के अलावा इजराइल ने कई और सोर्सेस को यूज किया अपनी इंटेलिजेंस गैदरिंग के लिए। इस चीज के लिए उनके इंटेलिजेंस सिस्टम के तीन पार्ट्स ने एक साथ काम किया। पहला पार्ट है इजराइल का सिग्नल इंटेलिजेंस यूनिट यानी कि यूनिट 8200 जो इजराइल डिफेंस फोर्सेस का सबसे बड़ा मिलिट्री यूनिट है। इस यूनिट की सिग्नल्स इंटेलिजेंस टीम बेसिकली इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल्स को छान मारती है। जिसका मतलब है उन फोन्स को देखना जो टेलीकॉम नेटवर्क से कनेक्टेड होते हैं, कम्युनिकेशन्स ट्रैफिक के पैटर्न्स को समझना और फिर इनके बेसिस पर इंपॉर्टेंट लोगों की पैटर्न ऑफ लाइफ समझना। अगर आप किसी का मैसेज पढ़ भी नहीं सकते पर जो सराउंडिंग डिटेल्स होती है उस मैसेज की वो आपको कई अहम क्लूज देती है। जैसे कौन किससे कनेक्टेड है, वो कितने समय और किस एरिया में उनसे बात करते हैं जिससे हमें उन लोगों के बीच में रिलेशनशिप्स का पता चल जाता है। इसके अलावा मोसाद ने ह्यूमन एसेट्स को भी यूज किया जो ईरान में तैनात है। जैसे मामून अबू आमेर जो एक इस्तानबुल बेस्ड एक्सपर्ट है इजरायली अफेयर्स में वो कहते हैं कि मोसाद कई बार लोकल ऑपोजिशन ग्रुप्स को यूज करता है जो ईरानियन सरकार से नफरत करते हैं। वो ये भी कहते हैं कि कई बार मोसाद ने फॉरेन प्रॉक्सीज को यूज किया है जिनकी ड्यूल सिटीजनशिप है जिससे उनको ऐसे देशों में इनफिल्ट्रेट करना बहुत आसान हो जाता है। और जब आईडियोलॉजी से बात नहीं बनती तो उन्होंने कहा कई बार मोसाद ब्लैक मेल और धमकी देता है ताकि एजेंट्स उनके लिए काम करें। ह्यूमन एसेट्स और इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल्स इंक्लूड करके इजराइल की मिलिट्री इंटेलिजेंस टीम्स ने इन सारी रॉ इंफॉर्मेशन को यूज किया छोटे डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए अपने लीडर्स के लिए। अब आप नोटिस करोगे कि उन्होंने कई डिफरेंट तरीके की इंफॉर्मेशन यूज करी है। ट्रैफिक कैमरास, कम्युनिकेशन्स और ह्यूमन इंटेलिजेंस। इस सारी इंफॉर्मेशन को प्रोसेस करने के लिए दे यूज मैथमेटिकल टेक्निक कॉल्ड सोशल नेटवर्क एनालिसिस जो बेसिकली बिलियंस ऑफ पीस ऑफ डेटा को देखता है और समझता है कि लोगों के बीच में क्या रिलेशनशिप्स हो सकते हैं। इस टेक्निक के जरिए उनका गोल ये था समझना कि कई बार ऊपर ही ऊपर आपको समझ नहीं आएगा कि दो लोग कनेक्टेड है। बट व्हेन यू लुक एट द डेटा यू ट्राइ टू अंडरस्टैंड एक्चुअली दे माइट बी कनेक्टेड टू ईच अदर। पूरे सिस्टम का मेन आउटपुट है टारगेट्स तैयार करना। नाउ इजराइल वाज़ फमिलियर विद दिस टेक्निक बिकॉज़ दैट यूज्ड इट इन द पास्ट।

[9:39]करीब दो साल पहले सितंबर 2024 में इजराइल ने हिजबुल्लाह के लीडर हसन नसरल्लाह को इसी टेक्निक के जरिए मार गिराया था।

[9:57]हिजबुल्लाह एक लेबनन बेस्ड मिलिटेंट ग्रुप है जो ईरान का बहुत क्लोज एला है। और कई सालों से हिजबुल्लाह ईरान का मेन हथियार बन गया है इजराइल के खिलाफ लड़ने के लिए। अब इससे ईरान को बहुत फायदा मिला क्योंकि बिना अपने सोल्जर्स भेजे वो फिर भी इजराइल से लड़ सकते हैं वो भी हिजबुल्लाह के जरिए। ये ग्रुप इतना स्ट्रांग बन गया कि वो सिंगल हैंडली इजराइली फोर्सेस को अटैक कर रहे थे। इसीलिए इजराइल चाहता था कि वो उनके लीडर को मार गिराए। 2006 से उन्होंने कई बार फेल्ड असैसिनेशन अटेम्प्ट्स करे हसन पर। उस समय से हसन को ढूंढना इतना आसान नहीं था क्योंकि वो मोस्टली अपना टाइम एक अंडरग्राउंड बंकर में ही बिताते थे। फिर इजराइल ने डिसाइड किया कि वो अपनी स्ट्रेटेजी बदलेंगे। पहले इजराइल अपनी मिलिट्री पर रिलाइ करता था किसी टारगेट को मार गिराने के लिए। पर 2006 के बाद मिलिट्री के बजाय इजराइल अपनी इंटेलिजेंस यूनिट पर रिलाइ करने लगा। जिसमें शामिल था यूनिट 8200 अगले 20 सालों के दौरान इजराइली इंटेलिजेंस ने हिजबुल्लाह के लीडर्स की पैटर्न्स ऑफ लाइफ समझने की कोशिश करी। वो ये देखने लगे कि उनकी ऑर्गेनाइजेशन में किसको प्रमोशन मिलती, कौन करप्ट था और कौन विदेशी ट्रिप से आ रहा था। इस चीज के लिए उन्होंने खुद के एजेंट्स डिप्लॉय करे और पब्लिक इंफॉर्मेशन यूज करने की कोशिश करी। एक की सोर्स इजराइल के लिए हिजबुल्लाह के मार्टियर पोस्टर्स। यानी कि जब एक हिजबुल्लाह के फाइटर को मार गिराया जाता तो ये पोस्टर्स छपते। और इन पोस्टर्स में बहुत बारीकी डिटेल्स मिलती। जैसे फाइटर किस शहर से था, कहां मार गिराया उसको और कौन से दोस्त उसकी मौत के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे थे। फ्यूनरल्स यानी कि जनाजे में तो और भी इंफॉर्मेशन उनको मिलती कि कौन से सीनियर लीडर्स पब्लिकली मौजूद है और कौन से छुपे हुए हैं। इजराइली इंटेलिजेंस और भी कई छोटी-छोटी क्लूज देखती। जैसे सड़क पर क्या कोई आईडी यानी कि इंप्रोवाइज एक्सप्लोसिव डिवाइस मौजूद है, एक टनल के ऊपर कोई वेंट है या फिर या नहीं, यहां फिर एक कंक्रीट रीइंफोर्समेंट स्ट्रक्चर जो नया बना हो। ये सारी चीजें एक बंकर को इंडिकेट कर सकती है। और इस चीज को समझने के लिए उन्होंने स्पाई सैटेलाइट्स और ड्रोंस को यूज किया और कई बार तो हिजबुल्लाह के मोबाइल फोन्स को भी लिसनिंग डिवाइसेस में कन्वर्ट कर दिया। एक हिजबुल्लाह ऑपरेटर को आइडेंटिफाई करने के बाद इजराइल फिर उनकी डेली मूवमेंट्स को ट्रैक करती और अपने डेटाबेस में ऐड करती। ये इंफॉर्मेशन वो किसी भी सोर्स से ले सकते थे, उनकी बीवी के मोबाइल फोन से या फिर गाड़ी के ओडोमीटर से। अगर किसी लीडर का रुटीन बदल जाता है जिंदगी का तो इमिजेटली अलर्ट जाता है एक इजराइली इंटेलिजेंस ऑफिसर को ताकि वो इसके बारे में इन्वेस्टिगेट करें। और ऐसी ही एनालिसिस से उनको पता चला कि हिजबुल्लाह के लीडर कौन से बंकर में है। जब ये आइडेंटिफिकेशन मिल गई तो नेक्स्ट स्टेप था इस बंकर को डिस्ट्रॉय करना। इसीलिए 27 सितंबर को जब हसन नसरल्लाह अपने बंकर में थे इजराइल ने 80 टन के बंकर बस्टर बॉम्स ड्रॉप करे।

[14:18]ये पूरा सिस्टम दो चीजों पर डिपेंड करता है। फर्स्ट यू हैव एनफ वार्निंग टाइम एंड सेकंड यू कैन प्रिडिक्ट द पाथ ऑफ द इनकमिंग ऑब्जेक्ट। मोस्ट एयर डिफेंस नेटवर्क्स बनते हैं जिससे वो उन मिसाइल्स को कैच कर सके जो साइडवेज ट्रैवल कर रहे होते हैं। पर ब्लू स्पैरो साइडवेज ट्रैवल ही नहीं करता। वो पहले ऊंचाई में जाता है और फिर मानो एक तीर की तरह स्ट्रेट नीचे आता है। इन फैक्ट ब्लू स्पैरो के डिजाइन की वजह से वो अर्थ के एटमॉस्फियर के बाहर जाकर डिसेंड करता है अपने टारगेट की तरफ। जब एक मिसाइल का ड्रॉप ऑलमोस्ट वर्टिकली स्ट्रेट होता है तो रेडार्स और कमांड सिस्टम को कम टाइम मिलता है वो मिसाइल डिटेक्ट करने के लिए और रिएक्ट करने के लिए। इसका मतलब है कि ऐसे मिसाइल को इंटरसेप्ट करने के लिए आपके पास कम टाइम है नोटिस करने के लिए, कन्फर्म करने के लिए अपना इंटरसेप्टर चूज करने के लिए, उस इंटरसेप्टर को लॉन्च करने के लिए और इंटरसेप्ट करने के लिए। इसीलिए एक इंटेलिजेंस ऑफिशियल कहते हैं कि इस मिसाइल से हमने उनकी मानो आंखें ही छीन ली। इनको ट्रैक करने के अलावा ये मिसाइल एक छोटी सी डाइनिंग टेबल को भी टारगेट कर सकते हैं जो 1000 किलोमीटर दूर है। इसी वजह से 28 फरवरी को जब खमेनी को टारगेट किया गया ईरान के डिफेंस फोर्सेस के पास कुछ रिएक्शन टाइम बचा ही नहीं। अब याद रहे क्योंकि ये ऑपरेशन हाल ही में हुआ है इसलिए सारी डिटेल्स बाहर नहीं आई है। जो भी सोर्सेज हमने यूज करी है इन डिटेल्स की वो आपको इधर मिल जाएंगी। एक और स्ट्रेटेजिक चीज थी कि ये दिन क्यों चुना होना। पिछले साल जून में इजराइल ने ईरान को अटैक किया था।

[15:57]उन्होंने एक बहुत बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन लॉन्च किया ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटीज को डिस्ट्रॉय करने के लिए। कुछ ही घंटों में 200 से ज्यादा इजराइली फाइटर जेट्स इंक्लूडिंग एडवांस F-35 स्टेल्थ बॉम्बर्स ईरानियन एयर स्पेस में घुसे और उन्हें 100 से ज्यादा साइट्स को टारगेट किया। ये थी ईरान की न्यूक्लियर और मिलिट्री साइट्स। इन स्ट्राइक्स के बाद ईरान के कई मेजर न्यूक्लियर साइंटिस्ट्स और गवर्नमेंट ऑफिशियल्स मारे गए।

[16:39]और ईरान के सुप्रीम लीडर अली खमेनी ने एक चेतावनी दी थी।

[16:55]इस अटैक के बाद ईरान ने अपना ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस थ्री लॉन्च किया। जहां ईरान ने कई दर्जन मिसाइल्स लॉन्च करे इजराइल की तरफ। ये पूरी जंग 12 दिन चली और कई इनोसेंट सिविलियंस मारे गए।

[17:17]इसी वजह से अली खमेनी फिर अपनी रातें बंकर में बिताने लग गए और रिपोर्ट्स के हिसाब से ये बंकर इतना गहरा था कि 5 मिनट लगते इसके अंदर घुसने में। अब आप पूछोगे कि शाम की बात ही क्यों हो रही है क्योंकि ईरान की इंटेलिजेंस के हिसाब से ज्यादा चांसेस थी कि इजराइल शाम को अटैक करेगा। और ईरान की प्रेडिक्शन गलत नहीं थी। इन फैक्ट ये ऑपरेशन ओरिजनली रात के लिए ही प्लान किया गया था जिससे इजराइल के एयर कैंपेंस आसानी से छुप सके। पर इजराइल और यूएस इंटेलिजेंस को बहुत अजीब सी खबर मिली। उनको ये पता चला कि अली खमेनी ईरान के टॉप ऑफिशियल्स को मिलने वाले हैं 28 की सुबह ही। तो उन्होंने एक नई तरकीब प्लान करी। इजराइल डिफेंस फोर्सेस ने जानबूझकर फोटोज पब्लिश करी ये दिखाने के लिए कि कैसे उनका सीनियर स्टाफ और कमांडर्स हेड क्वार्टर्स छोड़कर घर जा रहे हैं वीकेंड के लिए। ऑपरेशन में इंवॉल्व्ड एक ऑफिशियल कहते हैं कि हमने ये फोटोस रिलीज करी ये दिखाने के लिए कि कैसे हमारे सीनियर ऑफिसर्स घर जा रहे हैं। जिससे ईरान को लगे कि भाई कुछ बड़ा होने ही नहीं वाला। ये एक डिसेप्शन टैक्टिक थी। पर ईरान को नहीं पता था कि कई लोग जिनकी फोटोज रिलीज करी गई कि वो हेड क्वार्टर से निकल गए हैं वो कुछ ही देर बाद उधर वापस आ गए। इसीलिए जब 28 फरवरी की सुबह जब ईरान के ट्रैफिक कैमरास और मोबाइल फोन नेटवर्क्स के जरिए इजराइल को ये प्रूफ मिल गया कि ईरान के सुप्रीम लीडर ये मीटिंग अटेंड करने वाले हैं तब ये ओपर्चुनिटी बहुत बड़ी थी। इस अटैक के दो घंटे पहले ही इजराइल ने इस इलाके की मोबाइल फोन सर्विसेज से छेड़छाड़ करी ताकि अगर आप एक मोबाइल फोन को कॉल करोगे इस एरिया में तो वो बिजी आएंगे। और इजराइल का मकसद ये था कि अगर बाय चांस ये इंफॉर्मेशन लीक हो जाती है तो ये इंफॉर्मेशन सुप्रीम लीडर के बॉडीगार्ड्स और दूसरे सीनियर ऑफिसर्स के पास पहुंचेगी ही नहीं। और 9:40 मिनट बाद इजराइल के मिसाइल्स इस बिल्डिंग पर गिर गए। किसी की इवाक्युएशन होने से पहले ही इस बिल्डिंग पर कई स्ट्राइक्स लगी। जहां कई सीनियर ईरानियन ऑफिशियल्स एक बिल्डिंग में थे अली खमेनी दूसरी बिल्डिंग में थे।

[19:21]इन स्ट्राइक्स के अलावा तेहरान के अलग-अलग जगहों में भी अटैक किए गए और फाइनली ये डिक्लेयर किया गया कि ईरान के सुप्रीम लीडर को मार गिराया गया है।

[19:35]उनके साथ-साथ उनकी बेटी, दामाद, ग्रैंड चाइल्ड और डॉटर इन लॉ भी मारे गए। उनकी बीवी जो बहुत सीरियसली घायल थी उनकी मौत दो दिन बाद हो गई। इन टोटल 30 सीनियर ऑफिशियल्स भी मारे गए और यूएस ने इस ऑपरेशन को एपिक फ्यरी बुलाया है।

[20:02]पर जैसे हम जानते हैं कि ये अटैक्स अली खमेनी की मौत के बाद रुके नहीं।

[20:13]सबसे भयानक अटैक हुआ जब एक अमेरिकन मिसाइल लड़कियों के स्कूल में जा लगा। ये स्कूल उन बिल्डिंग्स के पास था जहां इस्लामिक रेवोलुशनरी गार्ड कॉप्स जो ईरान का एक इंपॉर्टेंट मिलिट्री यूनिट है उनकी बिल्डिंग्स थी। इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि यूएस मिलिट्री ने आउटडेटेड इंफॉर्मेशन यूज करी थी और गलती से स्कूल को टारगेट कर दिया। अनफॉर्चुनेटली 150 से ज्यादा बच्चे मारे गए। धीरे-धीरे ईरान के कम्युनिकेशन चैनल्स बंद कर दिए गए, ईरानियन सरकारी वेबसाइट्स हैक कर दी गई और एक बहुत पॉपुलर रिलीजियस कैलेंडर ऐप भी कॉम्प्रोमाइज होगी। इस रिलीजियस ऐप के जरिए ईरानियन आर्मड फोर्सेस को मैसेज भेजे गए कि उनको सरेंडर कर देना चाहिए। इन मैसेजेस का मकसद था ईरानियन डिफेंस फोर्सेस के कॉन्फिडेंस को कमजोर करना। अब ईरान की सरकार के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात है पॉलिटिकल वैक्यूम। इसी वजह से उन्होंने अपना कांस्टिट्यूशनल प्रोसेस स्टार्ट किया नेक्स्ट सुप्रीम लीडर को चुनने के लिए। सबसे पहले कई आम लोग सड़कों पर उतरे सुप्रीम लीडर की मौत में एक यूनिटी दिखाने के लिए। वहीं कई वीडियोस भी वायरल हुए जो दिखा रहे हैं कि कैसे कई लोग इस मौत को सेलिब्रेट कर रहे हैं जिसने दिखाया कि ईरान के समाज में सुप्रीम लीडर के बारे में जो परसेप्शन है वो भी डिवाइडेड है। अब ईरान के कांस्टिट्यूशन में आर्टिकल 111 के हिसाब से असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स जहां 88 रिलीजियस स्कॉलर्स होते हैं वो अगला सुप्रीम लीडर चुनते हैं। अब जहां नए सुप्रीम लीडर की चुनने का प्रोसेस जारी है ईरान अमेरिका और इजराइल की स्ट्राइक्स को काउंटर करने की कोशिश करता है। कई मिसाइल स्ट्राइक्स मिडिल ईस्ट में बसे अमेरिकन बेसिस को टारगेट करती है और दूसरी स्ट्राइक्स मिडिल ईस्ट के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करते हैं। जैसे ओमान का कमर्शियल पोर्ट या फिर कतर का एलएनजी पोर्ट। इस लड़ाई में सबसे अहम किरदार मानो है स्ट्रेट ऑफ हॉरमूस का जहां से दुनिया का 20% ऑयल पास करता है। ये स्ट्रेट बहुत छोटे से साइज का जरूर है पर हमारी दुनिया का वन ऑफ द मोस्ट इंपोर्टेंट एनर्जी कॉरिडोर्स है। चाइना, इंडिया, जापान और साउथ कोरिया का कम से कम तीन चौथाई तेल इसी स्ट्रेट से आता है। अब जहां इन अटैक्स के साथ ईरान पॉलिटिकल लेवरेज क्रिएट करने की कोशिश कर रहा है एट द सेम टाइम ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स अली खमेनी के बेटे को नया सुप्रीम लीडर बनाते हैं। कई सालों से उनके बेटे एक इन्फ्लुएंशियल फिगर रहे हैं। इन फैक्ट आयतुल्लाह खमेनी जो इस्लामिक रिपब्लिक के फाउंडर थे उन्होंने खुद कहा था कि हेरेडिटरी सक्सेशन इविल और इनवैलिड है और इस्लाम में इसकी कोई जगह नहीं है। उनके कहने के बावजूद भी ये टाइटल पास हुआ फैमिली में ही। सुप्रीम लीडर के बेटे खुद कभी पब्लिकली पॉलिटिक्स में इतने इनवॉल्व नहीं थे। देश के रिलीजियस स्कॉलर्स के बीच में उनकी रैंकिंग टॉप में नहीं थी पर उनका ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स जो एक इंपॉर्टेंट पावर सेंटर है देश में उससे एक बहुत क्लोज नाता जरूर था। इन फैक्ट 1987 में उन्होंने आर्मड फोर्सेस को ज्वाइन किया था इराक के खिलाफ एक जंग पर इन फोर्सेस में भी वो ना कभी एक ऑफिसर थे और ना कमांडर। कई लोगों का ये भी मानना था कि ईरान नया सुप्रीम लीडर अनाउंस नहीं करेगा इस डर में कि इजराइल या फिर यूएस उनको टारगेट करेगा। 11 मार्च को नए सुप्रीम लीडर के बारे में और इंफॉर्मेशन मिलती है कि वो इजराइल की पहली स्ट्राइक में घायल हो गए थे। एक न्यूज़ पेपर ने तो ये तक कहा कि उनको ईरान से बाहर लेकर जाया गया है एक टॉप सीक्रेट सर्जरी के लिए। इस सर्जरी के लिए उनको ईरान से मॉस्को भेजा गया एक सीक्रेट रशियन मिलिट्री एयरक्राफ्ट में। अब ये रिपोर्ट ऑब्वियसली ऑफिशियली कंफर्म नहीं हुई है और कहना मुश्किल है कि ये सच है या गलत। क्योंकि इस रिपोर्ट में भी सोर्स दी गई है एक हायर रैंकिंग सोर्स क्लोज टू द न्यू ईरानियन सुप्रीम लीडर। कई दिन बीत गए हैं पर इसके बावजूद हमें पता नहीं कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर है कहां। इस न्यूज़ पेपर की रिपोर्ट के हिसाब से दोनों मोसाद और सीआईए इसी चीज की छानबीन कर रही है। कुछ दिन पहले जब डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि ये जंग खत्म कब होगी तो उनका मानना था जब मैं कहूंगा।

[24:16]प्रेसिडेंट ट्रंप कहते हैं कि ईरान में बॉम्ब करने के लिए अब उनके पास कुछ बचा ही नहीं है। जबकि इजराइल का रुख बहुत अलग है। उनके डिफेंस मिनिस्टर के हिसाब से ये जंग तब तक चलेगी जब तक इजराइल अपने सारे ऑब्जेक्टिव्स अकॉम्प्लिश नहीं कर सकता। अब ये होगा कब योर गेस इज एस गुड इज माइन। दिस वाज माय फर्स्ट वीडियो ऑन द रिसेंट वॉर। जो अगला वीडियो आने वाला है विल बी अबाउट द इंपैक्ट ऑफ दिस वॉर ऑन इंडिया एंड यू।

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