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Amanraj Shayari : Jhutha

Deepak Antil

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[0:00]समझूं मैं भी हूं सारी तू बेवफा है या सच में रूठा है। समझूं मैं भी हूं सारी तू बेवफा है या सच में रूठा है। तेरी बात बतावे तू कितना सच्चा है पर तेरी आंख बतावे। तू कितना झूठा है की तेरी बात बतावे है तू कितना सच्चा है तेरी आंख बतावे तू कितना झूठा है। यह झूठी तेरी शायरी तूने कितनी सुथरी जाची है यह नई नई सी बात है तेरी नए लोगों के खातिर अच्छी है। मैं तो सारी जानू हूं तू कितना मर्दाना है। तेरी भी कोई गलती ना है। ये झूठे का जमाना है। हाय-हाय

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