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Inside the Most Dangerous Cartel You’ve Never Seen | Dhruv Rathee

Dhruv Rathee

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[0:00]नमस्कार दोस्तों, 22 फरवरी 2026, संडे की सुबह, किसी ने नहीं सोचा था कि दुनिया का मोस्ट वॉन्टेड ड्रग लॉर्ड एक ऐसी जगह पर छिपा होगा। मैक्सिको का एक छोटा सा पहाड़ी टूरिस्ट टाउन, टपालपा।
[0:17]यहां पत्थर की सड़कें हैं, टूरिस्ट शॉप्स हैं, हरे भरे पहाड़ हैं, लेकिन इसी खूबसूरत टाउन के बाहरी इलाके में जंगलों के बीच एक केबिन कॉम्प्लेक्स में छिपा था एल मेंचो।
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[0:00]नमस्कार दोस्तों, 22 फरवरी 2026, संडे की सुबह, किसी ने नहीं सोचा था कि दुनिया का मोस्ट वॉन्टेड ड्रग लॉर्ड एक ऐसी जगह पर छिपा होगा। मैक्सिको का एक छोटा सा पहाड़ी टूरिस्ट टाउन, टपालपा।

[0:17]यहां पत्थर की सड़कें हैं, टूरिस्ट शॉप्स हैं, हरे भरे पहाड़ हैं, लेकिन इसी खूबसूरत टाउन के बाहरी इलाके में जंगलों के बीच एक केबिन कॉम्प्लेक्स में छिपा था एल मेंचो।

[0:33]एल मेंचो वह आदमी था जिसके सर पर अमेरिका ने 15 मिलियन डॉलर्स का इनाम रखा हुआ था। और यह आदमी इतना सीक्रेटिव था कि दुनिया के पास इसकी बस कुछ ही फोटोज मौजूद थी। वो भी 1980s और 90s में उसकी पुरानी अरेस्ट के वक्त ली हुई। कोई नहीं जानता था कि आज ही आदमी दिखता कैसा है। लेकिन 20 फरवरी को मैक्सिकन इंटेलिजेंस को एक बड़ी इंपोर्टेंट लीड मिलती है। एल मेंचो की एक रोमांटिक पार्टनर के एसोसिएट को ट्रैक करते हुए अथॉरिटीज को पता चलता है कि वो एसोसिएट उस पार्टनर को टपालपा के बाहर एक सेक्लूडेड रूरल प्रॉपर्टी पर ले गया था। वही खुफिया जगह है जहां एल मेंचो छिपा हुआ था। 21 फरवरी उसकी पार्टनर वहां से निकल गई लेकिन एल मेंचो अपने बॉडीगार्ड्स के साथ वही रुका रहा।

[1:29]यहीं पर मैक्सिकन फोर्सेस को वो अपॉर्चुनिटी मिलती है जिसका वो सालों से इंतजार कर रहे थे। 22 फरवरी की सुबह अंधेरा छटने से पहले ही मेक्सिको की स्पेशल फोर्सेज नेशनल गार्ड एयरफोर्स और आर्मी ने मिलकर इस कंपाउंड को चारों तरफ से घेर लिया था। शक पैदा ना हो इसलिए मिशन को प्राइमरी ग्राउंड फोर्सेज से एग्जीक्यूट किया गया। हेलिकॉप्टर्स का बहुत लिमिटेड यूज हुआ। जैसे ही सोल्जर्स कंपाउंड की तरफ आगे बढ़े कार्टेल के गनमैन ने फायरिंग शुरू कर दी। भारी गोलीबारी हुई सिक्योरिटी फोर्सेस ने चार कार्टेल मेंबर्स को मार गिराया। लेकिन एल मेंचो अपने बॉडीगार्ड्स के साथ कंपाउंड से भागकर पास के जंगल में एक वुडन केबिन कॉम्प्लेक्स की तरफ निकल गया। सिक्योरिटी फोर्सेस उसका पीछा करती है और वहां पर दूसरी बार गोलीबारी होती है। फाइनली सोल्जर्स एल मेंचो को गंभीर रूप से घायल हालत में दो बॉडीगार्ड्स के साथ पकड़ लेते हैं। उसे तुरंत एयरलिफ्ट करके मैक्सिको सिटी ले जाया जाता है लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो जाती है। एक फॉर्मर डीईए के चीफ इस ऑपरेशन को ड्रग ट्रैफिकिंग की हिस्ट्री में सबसे सिग्निफिकेंट एक्शन्स में से एक बताते हैं। लेकिन कहानी यहां पर खत्म नहीं हुई। उसकी मौत के बाद जो हुआ वो किसी ने सपनों में भी नहीं सोचा था। एक ड्रग लॉर्ड की मौत पूरे देश को आग में झोंक देती है। लेकिन सवाल यहां पर यह उठता है कि आखिर यह एल मेंचो था कौन और इसका कार्टेल इतना पावरफुल आखिर कैसे बना?

[3:01]सन 1992 में कैलिफोर्निया में पुलिस ने एक बड़े छोटे मोटे ड्रग डीलर को पकड़ा। वो हेरोइन में डील कर रहा था। उसे जेल भेजा गया और बाद में डिपोर्ट कर दिया गया। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह आदमी 20 साल बाद दुनिया का मोस्ट वॉन्टेड ड्रग लॉर्ड बन जाएगा। यह कहानी शुरू होती है सन 1966 में मैक्सिको के मिशुआकन स्टेट के एग्युलिला शहर से। एक ऐसा इलाका जहां गरीबी अपने चरम पर थी और जहां पहाड़ों में इल्लीगल मैरुवाना के प्लांटेशंस लगे थे। एल मेंचो का असली नाम था नेमेसियो ओसेग्वेरा सर्वांतेस। इसकी फैमिली आवोकाडो की खेती करती थी और इसने अपने परिवार की मदद करने के लिए पांचवी कक्षा में ही स्कूल छोड़ दिया था। शुरुआत में इसने खेती में हाथ बटाया लेकिन जब तक यह 14 साल का हुआ तब तक इसका काम मैरुवाना के खेतों की रखवाली करना बन गया। 1980s में एक बेहतर जिंदगी की तलाश में यह अमेरिका चला जाता है और कैलिफोर्निया में जाकर रहने लगता है। द ग्रेट अमेरिकन ड्रीम के सपने तो इसने बहुत देखे लेकिन बेहतर जिंदगी की जगह अमेरिका में इसे मिला सिर्फ क्राइम। सन 1986 में सैन फ्रांसिस्को की पुलिस इसे चोरी का सामान और एक लोडेड गन रखने के जुर्म में गिरफ्तार करती है। ऑफिसर्स को शक था कि यह एक मेथ डीलर भी है। कुछ सालों तक चोरी छिपे बचते रहने के बाद 1992 में सैन फ्रांसिस्को के इंपीरियल बार में हेरोइन बेचते हुए अंडरकवर कॉप्स इसे पकड़ लेते हैं। तीन साल के लिए इसे जेल की सजा मिलती है। यह सिर्फ जनवरी 1997 में ही होता है कि मेंचो को पैरोल पर छोड़ दिया जाता है और मैक्सिको वापस डिपोर्ट कर दिया जाता है। इस वक्त इसकी उम्र थी 30 साल और यहीं पर कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आता है। मेक्सिको वापस आने के बाद मेंचो एक पुलिस ऑफिसर बन जाता है। सही सुना आपने दोस्त। एक कॉनविक्टेड ड्रग डीलर पुलिस ऑफिसर बन जाता है। कुछ सालों तक पुलिस की नौकरी करता है और इन सालों में पुलिस की इनर वर्किंग समझता है। इसे समझ आता है कि कैसे मैक्सिकन पुलिस को थोड़े से पैसों में खरीदा जा सकता है। कौन सा ऑफिसर कितने में बिकता है और सिस्टम में कहां-कहां छेद है। यही नॉलेज आगे चलकर इसके सबसे खतरनाक हथियारों में से एक बनने वाली थी। इसी दौरान इसकी शादी होती है रोजालिंडा गोंजालेस वैलेंसिया से। एक औरत जो पावरफुल कार्टेल फैमिली से आती थी और यह शादी ऑर्गेनाइज्ड क्राइम में इसकी एंट्री टिकट बन जाती है। शुरुआत में यह वैलेंसिया फैमिली के मिलेनियो कार्टेल में बॉडीगार्ड हिटमैन बना। लेकिन साल 2010 तक कार्टेल के सारे लीडर्स या तो मारे जा चुके थे या जेल में थे। मेंचो ने लीडरशिप मांगी जो उसे नहीं मिली तो उसने अलग होकर अपना ही अलग ग्रुप बना लिया। कार्टेल जालिस्को नुएवा जनरासियोन यानी सीजेएनजी। फास्ट फॉरवर्ड करते हैं पांच साल बाद। 1 मई साल 2015 मैक्सिकन मिलिट्री ने एल मेंचो को पकड़ने के लिए ऑपरेशन जालिस्को लॉन्च किया। मिलिट्री हेलीकॉप्टर्स का इस्तेमाल किया गया लेकिन सीजेएनजी को पहले से ही खबर थी। कार्टेल गनमैन के पास आरपीजी 27 रॉकेट लॉन्चर्स और बड़ी हैवी मशीन गन्स थी। जब हेलीकॉप्टर्स इस कार्टेल पर अटैक करने आए तो इन लोगों ने रॉकेट लॉन्चर्स और मशीन गन से इस हेलीकॉप्टर को ही उड़ा दिया। 18 मिलिट्री के लोगों में से सिर्फ नौ जिंदा बचे वो भी सीरियसली वुंडेड। सोच कर देखो दोस्तों एक ड्रग कार्टेल ने मिलिट्री हेलीकॉप्टर गिरा दिया। यह कार्टेल इतना पावरफुल था कि बाद में मेक्सिको के अलग-अलग एरियाज में इसने दर्जनों बसेस, ट्रक्स और गैस स्टेशंस पर आग लगा दी। मैक्सिकन सरकार को इसे काबू करने के लिए 10000 ट्रूप्स भेजने पड़े। एक फेडरल इन्वेस्टिगेटर ने तो यह तक कहा कि पाब्लो एस्कोबार के बाद किसी ड्रग माफिया ने अथॉरिटीज से ऐसी सीधी टक्कर नहीं ली थी। लेकिन सवाल यह कि यह सीजेएनजी इतना पावरफुल आखिर हुआ कैसे? इसका जवाब है दो केमिकल्स मेथाम फेटोमिन और फेंटानिल। सीजेएनजी कोई साधारण ड्रग कार्टेल नहीं था। यह एक पैरामिलिट्री फोर्स की तरह ऑपरेट करता था। डीईए के एस्टिमेट्स के मुताबिक 2019 में अमेरिका में जो ड्रग्स एयर और सी से आ रही थी उनमें से कम से कम एक तिहाई सिर्फ इस एक ड्रग कार्टेल की थी। 2018 तक सीजेएनजी के पास मैक्सिको भर में 100 से ज्यादा मेथ लैब्स थे। कोकेन और हेरोइन के मुकाबले मेथ में प्रॉफिट मार्जिन्स कई गुना ज्यादा थे और सबसे बड़ी बात कोकेन के लिए कोलंबियन सप्लायर्स पर डिपेंड करना पड़ता था। लेकिन मेथ पूरी तरीके से खुद बनाया जा सकता था चाइना से केमिकल्स इंपोर्ट करके। कुछ एक्सपर्ट्स का एस्टिमेट है कि सीजेएनजी की वॉर चेस्ट 20 बिलियन डॉलर्स से ज्यादा थी। मैक्सिको का एक पूरा का पूरा पोर्ट पोर्ट ऑफ मनजानियो इस कार्टेल ग्रुप के कंट्रोल में था। इसी पोर्ट से चाइना से आने वाले रॉ मैटेरियल्स इंपोर्ट होते थे जिनसे मेथ बनती थी। यहां इस कहानी में एक बड़ा इंटरेस्टिंग पैटर्न है। सीजेएनजी ने पोर्ट ऑफ मनजानियो को इसलिए कंट्रोल किया क्योंकि एक सिंगल एक्सेस पॉइंट से सब कुछ मिल जाता था। केमिकल्स लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन सब एक जगह पर। और यही सिंगल एक्सेस पॉइंट वाली प्रिंसिपल दोस्तों मैंने एआई फिएस्टा बनाते हुए अप्लाई करी। आप में से बहुत से लोग पहले से ही एआई फिएस्टा को यूज कर रहे हैं लेकिन जिन लोगों को नहीं पता एआई फिएस्टा दोस्तों एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां पर चैट जीपीटी जेमिनाई, क्लॉथ, ग्रॉग, डीपसी, कवन, परपलेक्सिटी, लामा दुनिया के 10 से ज्यादा टॉप एआई मॉडल्स सब एक ही जगह पर मिलते हैं। एक सब्सक्रिप्शन, एक इंटरफेस और पिछले कुछ महीनों में हमने बहुत कुछ इंप्रूव किया है। प्लेटफॉर्म की स्पीड तेज हो गई है। मेमोरी जैसे नए फीचर्स ऐड किए गए हैं और प्लेटफॉर्म और ज्यादा रिलायबल बन गया है। लेकिन अभी तक का सबसे बड़ा अपडेट कुछ दिन पहले ही लॉन्च किया है इमेज स्टूडियो। दुनिया के टॉप इमेज जनरेशन एआई एक जगह पर। इमेजिन करो आपको एक प्रोफेशनल फोटो चाहिए लेकिन आपके पास ना कोई फोटोग्राफर है ना कोई कैमरा। इमेज स्टूडियो के जरिए आप यह सिर्फ एक क्लिक में कर सकते हो कुछ इस तरीके से। यहां हाइपर रियलिस्टिक इमेजेस जनरेट करना पॉसिबल है बिना किसी वॉटरमार्क के। दुनिया के टॉप एआई मॉडल्स की इमेजेस को भी आप साइड बाय साइड कंपेयर कर सकते हो। यहां Google के नैनो बनाना प्रो से लेकर चाइना के बेस्ट इमेज जनरेशन मॉडल सी ड्रीम तक सब मिलेंगे। आप सब से साथ में काम करवा सकते हो और जो इमेज आपको पसंद आए उसे खुद सेलेक्ट कर सकते हो। इतना ही नहीं अगर आपको इमेजेस को एडिट करना है हमने एक बिल्ट इन एडिटर भी वेबसाइट में ही डाल दिया है। चाहे बैकग्राउंड रिमूव करना हो किसी इमेज को अपस्किल करना हो स्टाइल बदलना हो या कुछ ऐड करना हो सब कुछ एक ही जगह पर पॉसिबल है। इसके अलावा चीजों को और आसान बनाने के लिए हमने टेंपलेट्स भी ऐड करी हैं। सिर्फ एक क्लिक में आप अपना प्रोफेशनल फोटो शूट करा सकते हो अपने कमरे को रीडेकोरेट कर सकते हो नया हेयर स्टाइल ट्राई ऑन कर सकते हो। और इसे इस्तेमाल करते वक्त आपकी इमेजेस का डेटा ट्रेनिंग के लिए कभी इस्तेमाल नहीं होता। आपकी प्राइवेसी पूरी तरीके से प्रोटेक्टेड रहती है अनलाइक यह बाकी जो फ्री एआई की एप्स हैं। आप खुद ट्राई करके देखो एआई फिएस्टा का लिंक नीचे डिस्क्रिप्शन और प्रिंट कमेंट में मिल जाएगा और अगर आप एआई फिएस्टा का एनुअल प्लान खरीदते हो तो आपको एक बहुत बड़ा डिस्काउंट भी मिलेगा सेम लिंक में। लेकिन ज्यादा देर मत करना क्योंकि यह लिमिटेड टाइम डिस्काउंट है। और याद रखना यह इमेज स्टूडियो का सिर्फ वर्जन 1.2 है। आने वाले टाइम में हम इसे और भी ज्यादा पावरफुल और भी ज्यादा यूजफुल बनाने वाले हैं। एक छोटे से टीजर के तौर पर बताऊं तो अगले ही महीने हम एआई फिएस्टा में एजेटिक कैपेबिलिटीज भी ऐड करने वाले हैं। अभी के लिए अब टॉपिक पर वापस आते हैं। लेकिन मेथ से भी ज्यादा खतरनाक एक और प्रोडक्ट था जिससे सीजेएनजी ने अपना फ्यूचर बना लिया। एक ऐसा प्रोडक्ट जो इतना डेडली है कि इसके सिर्फ दो मिलीग्राम से एक इंसान की जान जा सकती है। इसकी बात मैं आगे वीडियो में करता हूं लेकिन इससे पहले सवाल यह कि आखिर मैक्सिको में यह कार्टल्स इतने पावरफुल कैसे हुए कि वो सरकार से सीधे टक्कर लेने लगे। इमेजिन करो दोस्तों एक मैक्सिकन शहर का मेयर जिसकी सैलरी है 30000 पैसों से महीने की। एक रात को इसके घर पे एक एसयूवी आती है। अंदर बैठे हैं कार्टेल के आदमी। एक हाथ में ब्रीफकेस है जिसमें 5 लाख पैसोंज है और दूसरे हाथ में एक गन। यह कार्टेल के आदमी मेयर को सीधा कहते हैं प्लाटा ओ पलोमो। इसका मतलब है या तो पैसे लो या गोली खाओ। यह कोई इमेजिनरी स्टोरी नहीं है दोस्तों। यह कहानी हर हफ्ते हर महीने सैकड़ों शहरों में रिपीट होती है मैक्सिको में। आप सोचोगे सिस्टम बना कैसे है इसकी जड़ आती है दोस्तों एक पॉलिटिकल पार्टी तक पीआरआई। इसका इंग्लिश में फुल फॉर्म हुआ इंस्टिट्यूशनल रेवोल्यूशनरी पार्टी। एक ऐसी पार्टी जिसने मैक्सिको पर 71 साल के लिए एक सिंगल वन पार्टी की तरह राज किया। 1929 से लेकर साल 2000 तक पीआरआई की सेंट्रल गवर्नमेंट इतनी कमजोर थी कि उसने ऑर्गेनाइज्ड क्राइम को खत्म करने के बजाय उन्हीं से ही डील करना शुरू कर दिया। इसे प्लाजा सिस्टम कहते हैं। रूल्स बड़े सिंपल थे। यह कार्टल्स पब्लिक वायलेंस को लिमिटेड रखेंगे पीआरआई ऑफिशियल्स को धमकाएंगे नहीं और बदले में मेयर से लेकर गवर्नर्स तक सबको मोरदीदा मिलेगा यानी कि रिश्वत। इमेजिन करके देखो दोस्तों पूरा देश हफ्ता वसूली पर चल रहा हो। साल 2000 में पीआरआई की सत्ता खत्म हुई तो यह पूरा सिस्टम बिखर गया। 2006 में प्रेसिडेंट फेलिपे काल्डेरो ने कार्टल्स के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया। हजारों सोल्जर्स को डिप्लॉय किया गया और अमेरिका की मदद से मैक्सिको के टॉप 37 ड्रग किंगपिंस में से 25 को मार गिराया गया या फिर पकड़ा गया। लेकिन इस वॉर ऑन ड्रग्स में दिक्कत यह हुई कि एक ड्रग लीडर को खत्म करो तो दूसरा उसकी जगह ले लेता था। एक किंग पिन को हटाओ तो दो और आ जाते थे। इससे दर्जनों छोटे और ज्यादा खतरनाक गैंग्स पैदा होने लगे। बढ़ते वायलेंस की वजह से 2018 में प्रेसिडेंट बनते हैं आंद्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रादोर जिन्हें एएमएलओ कहते हैं। इन्होंने एक नया नारा दिया हग्स नॉट बुलेट्स। यानी कि हम गोलियों से नहीं बल्कि प्यार से सिस्टम को साफ करेंगे। इन्होंने कहा कार्टेल से लड़ाई छोड़कर गरीबी और बेरोजगारी खत्म करेंगे तो क्राइम अपने आप ही कम हो जाएगा। लेकिन अनफॉर्चूनेट चीज यह थी कि इसकी इंप्लीमेंटेशन भी फेल रही। ना जंग काम आई ना गले लगना और इसके पीछे कारण कुछ और भी था। इस पूरी कहानी की सबसे शॉकिंग बात यह है कि अमेरिकन लोग इन ड्रग्स के विक्टिम थे लेकिन अमेरिका खुद इस ड्रग क्राइसिस का आर्किटेक्ट था। और यह किसी एक गलती की वजह से नहीं बल्कि बार-बार की गई गलतियों की चेन थी जहां हर बार अमेरिका ने अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारी। पहला सन 1980s में सीआईए ने निकारागुआ की सोशलिस्ट सरकार के खिलाफ कोंट्रा रेबल्स को सपोर्ट किया। इन कोंट्राज को ट्रेनिंग और पैसा मैक्सिकन ड्रग कार्टेल से मिलता था। वॉशिंगटन पोस्ट ने जुलाई 1990 में एक्सपोज किया कि कैसे सीआईए ने वेरा क्रूस के पास मैक्सिको के सबसे बड़े ड्रग लॉर्ड राफेल कारो क्विन तेरो की रांच पर कोंट्रा रेबल्स को ट्रेन किया। यानी सीआईए ओपनली एक ड्रग ट्रैफिकर की प्रॉपर्टी को यूज कर रही थी। और यह कोई कंस्पिरेसी थ्योरी नहीं थी क्योंकि अमेरिका की अपनी सीनेट इन्वेस्टिगेशन अप्रैल 1989 की कैरी कमेटी रिपोर्ट में भी यह चीज साबित हुई। अमेरिका ने अपने पॉलिटिकल एजेंडा के लिए खुद इन ड्रग कार्टल्स को इतना ताकतवर बनाया और आज यही उसके सबसे बड़े दुश्मन बन गए। दूसरा 1994 का नाफ्टा नॉर्थ अमेरिकन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट। इसके अनुसार यूएस कैनेडा और मैक्सिको के बीच ट्रेड रिस्ट्रिक्शंस कम कर दी गई। जिन ऑफिशियल्स ने वॉर्निंग दी थी कि नाफ्टा बॉर्डर को ड्रग्स के लिए भी खोल देगा उनको कांग्रेस की डिबेट्स में चुप करा दिया गया। इस ट्रेड एग्रीमेंट से पहले एक दिन में बॉर्डर से करीब 7500 ट्रक्स गुजरते थे लेकिन इसके बाद यह बढ़कर 12000 ट्रक्स हो गए। हर ट्रक को चेक करना फिजिकली इंपॉसिबल था इसलिए ड्रग्स की ट्रेड और भी ज्यादा बढ़ गई। यानी अमेरिका ने खुद ही ड्रग्स के लिए हाईवे खोल दिया था। नाफ्टा का एक और भी खतरनाक साइड इफेक्ट होता है। अमेरिका मैक्सिको में अपने सस्ते क्रॉप्स डंप करना शुरू कर देता है। मैक्सिको के फार्मर्स के लिए कॉन की कीमत 65% से ज्यादा गिर गई। 1991 से लेकर 2007 के बीच करीब 20 लाख किसानों को मैक्सिको में इसकी वजह से खेती छोड़नी पड़ी। और यही बेरोजगार किसान आगे चलकर इन ड्रग कार्टल्स के फुट सोल्जर्स बन गए। तीसरा है हथियार। 2014 से लेकर 2018 के बीच में मैक्सिको में रिकवर की गई फायर आर्म्स में से 70% हथियार अमेरिकन थे। मैक्सिकन सरकार का एस्टिमेट है कि हर साल 2 लाख फायर आर्म्स अमेरिका से स्मगल होती है। चौथा पॉइंट सबसे एब्सर्ड है। अमेरिकन एजेंसीज ने ऑपरेशन फास्ट एंड फ्यूरियस के तहत जान पूछकर 2000 से ज्यादा हथियार मैक्सिको जाने दिए। यूएस एजेंसीज का इंटेंशन था कि इन गन्स को ट्रैक करके क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशंस तक पहुंचेंगे लेकिन यूएस एजेंसीज इन वेपन्स को ट्रैक ही नहीं कर पाई और बाद में यही गन्स अमेरिकंस के खिलाफ इस्तेमाल होने लगी। तो यहां पर अमेरिका का रोल समझ रहे हो आप दोस्तों। पहले कार्टल्स को ग्रो होने दो फिर बॉर्डर खोल दो और फिर 2 लाख से ज्यादा गन्स भी भेज दो। फिर जब इन्हीं गन से लोग मरने लगे तो 2000 गन्स और भेज दो यह कहकर कि यह तो हमारा प्लान है। ऐसे फालतू प्लांस तो सिर्फ अभिषेक बच्चन को आते थे धूम फिल्मों में। अब आते हैं उस प्रोडक्ट पर जिसका जिक्र मैंने पहले किया था। वह प्रोडक्ट जिससे सीजेएनजी ने अपना फ्यूचर बना लिया। यह है फेंटानिल। फेंटानिल एक सिंथेटिक ओपियोइड है एक बहुत ही खतरनाक ड्रग जो हेरोइन से 50 गुना ज्यादा पावरफुल है। इमेजिन करो आप अपनी हथेली पर रेत के कुछ दाने रखते हो। बस इतनी सी ही मात्रा सिर्फ दो मिलीग्रामस काफी हैं एक इंसान को मारने के लिए। और इसकी इकोनॉमिक्स और भी कमाल की है। एक फेंटानिल पिल बनाने में लगते हैं 10 सेंट्स यानी 8 से ₹9 जबकि यही पिल बिकती है 10 से 30 डॉलर्स में हजारों से ₹3000 में। एक ड्रग कार्टेल जो इसे बनाने का काम कर रहा है उनकी प्रोडक्शन कॉस्ट सिर्फ 50000 डॉलर की आती है और उससे कमाई 20 मिलियन डॉलर्स तक की हो जाती है। इसका नुकसान भी इतना ही हैरान कर देने वाला है। 2023 में अमेरिका में एप्रोक्सीमेटली 73000 ड्रग ओवरडोज डेथ्स सिर्फ सिंथेटिक ओपियोड्स की वजह से हुई थी। इनमें से लगभग 70% डेथ्स के पीछे कारण सिर्फ और सिर्फ फेंटानिल था। इवन ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर अनुनय सूद अगर आपको याद हो दोस्तों। इनकी डेथ भी यूएस अथॉरिटीज के अनुसार एक्सीडेंटल फेंटानिल ओवरडोज की वजह से हुई थी। तो आप इमेजिन कर सकते हो कि यह मुद्दा कितना सीरियस है और इस ड्रग का हानिकारक असर कितना खौफनाक है। फेंटानिल क्राइसिस में सीजेएनजी का रोल बहुत बड़ा रहा है। 2013 में एल मेंचो के बेटे एल मेंचीतो ने कहा था कि वह फेंटानिल का एक एंपायर बनाना चाहते हैं। यह अमेरिका में फेंटानिल एपिडेमिक शुरू होने से ठीक पहले की बात है। सितंबर 2024 में यूएस कोर्ट ने एल मेंचीतो को गिल्टी भी पाया था और मार्च 2025 में इसे उम्र कैद की सजा भी सुनाई गई थी। बेटा जरूर जेल में था लेकिन इस पॉइंट तक बाप अभी भी आजाद था एटलीस्ट 22 फरवरी 2026 की सुबह तक। अब यहां जो ऑपरेशन होता है जिसकी मैंने वीडियो में शुरू में बात की थी इसमें एल मेंचो अपनी इंजरीज के बाद मारा जाता है। लेकिन इसकी मौत की खबर फैलते ही सीजेएनजी पूरे मैक्सिको में तबाही मचा देता है। कार्टेल का एक सीनियर लीडर एल तुली जो एल मेंचो का राइट हैंड मैन था उसने कोऑर्डिनेटेड अटैक्स का आदेश दिया। इसने हर एक सोल्जर को मारने के बदले 20000 मैक्सिकन पैसोंज यानी लगभग 1100 डॉलर का इनाम रखा। सोच कर देखो एक बार फिर से यह कितनी अजीबोगरीब चीज है कि एक कार्टेल अपने ही देश की आर्मी के सोल्जर्स को मारने के लिए बाउंटी रख रहा है। इसके बाद कार्टेल के गनमैन ने 20 अलग-अलग स्टेट्स में एक साथ आग लगाई गाड़ियां जलाई गई हाईवेज ब्लॉक किए गए। बिजनेसेस को तबाह किया गया। 250 से ज्यादा रोड ब्लॉक्स लगाए गए स्कूल्स बंद हो गए। फ्लाइट्स कैंसिल हो गए। मैक्सिको का दूसरा सबसे बड़ा शहर ग्वाडालाखारा एक घोस्ट टाउन बन गया।

[18:16]सिक्योरिटी एनालिस्ट का कहना है कि सीजेएनजी मेंबर्स के इस वायलेंट रिस्पांस में नारको टेररिज्म के साइंस दिखते हैं। यह 1980s के कोलंबिया जैसा सिनेरियो हो सकता है जब पाब्लो एस्कोबार ने स्टेट के खिलाफ जंग छेड़ दी थी। अभी ऐसा लग रहा है कि सभी मेन सीजेएनजी के कमांडर्स एकजुट होकर मैक्सिकन स्टेट पर ही अटैक कर रहे हैं। अपने ही देश पर हमला बोल रहे हैं। कुछ सिक्योरिटी एनालिस्ट के अनुसार अगर कार्टेल इस ऑपरेशन को अपने खात्मे की कोशिश के तौर पर देख रहा है तो मैक्सिकन देश के खिलाफ टोटल वॉर शुरू कर सकता है। अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा। एल मेंचो की सक्सेशन लाइन टूट चुकी है। उसका बेटा अमेरिका में जेल में बंद है। उसकी पत्नी नवंबर 2021 में मैक्सिको में मनी लॉन्ड्रिंग चार्जेस पर गिरफ्तार हो चुकी है। उसके दो भाई भी मैक्सिकन जेल में सड़ रहे हैं। बस चार बचे हुए सीजेएनजी कमांडर्स में सक्सेशन वॉर अब छिड़ सकती है। अमेरिका में ट्रंप सरकार ने कार्टल्स को फॉरेन टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशंस डिक्लेअर कर दिया है और बात सिर्फ डिक्लेरेशन तक नहीं रुकी है। सितंबर 2025 में अमेरिकन मिलिट्री ने कुछ ऐसा किया जो पहले कभी नहीं हुआ था। उन्होंने इंटरनेशनल वाटर्स में एलेजिड ड्रग ट्रैफिकिंग वेसल्स पर बॉम्स गिराने शुरू कर दिए। ऑपरेशंस सदर्न स्फीयर के तहत अब तक 44 स्ट्राइक्स में कम से कम 150 लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका बिना किसी ट्रायल के बिना किसी सबूत के खुले समुंदर में बोट्स पर बॉम्ब गिरा रहा है।

[19:50]ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स के अनुसार ये इंटरनेशनल लॉ के अंदर गैर कानूनी है और बहुत से विक्टिम्स सिविलियन फिशरमैन थे। 9 जनवरी 2026 को ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ पर कहा था कि वो कार्टल्स पर जमीनी हमले भी करेंगे। और अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी ने कार्टल्स को वेस्टर्न हेमिस्फीयर का अलकायदा भी बताया है। इसी वजह से मैक्सिकन प्रेसिडेंट क्लॉडिया शाइन बम पर कार्टल्स पर एक्शन लेने का प्रेशर बढ़ रहा है। एल मेंचो की किलिंग उनकी सरकार की सबसे बड़ी सफलता है। उनको यह दिखाना था कि मैक्सिको अब अपने बलबूते पर कार्टेल से लड़ सकता है और अमेरिकन फोर्सेस की मदद की यहां पर कोई जरूरत नहीं है। लेकिन असली सवाल तो यहां पर यह है कि क्या इस सब के बाद अब फाइनली मैक्सिको में ड्रग कार्टल्स खत्म होंगे या नहीं। इतिहास यह दिखाता है कि हर बार जब भी एक ड्रग लॉर्ड हटा है मैक्सिको में दो और आ खड़े हुए हैं। असलियत में इसका सॉल्यूशन रूट कॉसेस को एड्रेस करना है। जब तक अमेरिका में डिमांड है मैक्सिको में सप्लाई बनी रहेगी। जब तक अमेरिकन गन्स बॉर्डर क्रॉस करके मैक्सिको आ रही हैं तब तक मैक्सिकन कार्टल्स लड़ते रहेंगे। जब तक मैक्सिको में लोकल पुलिस ऑफिसर्स की मंथली सैलरी से ज्यादा उन्हें कार्टल्स पे करेंगे तब तक करप्शन शायद नहीं रुकेगा। और जब तक फेंटानिल और मेथ के रॉ मैटेरियल्स चाइना से आते रहेंगे तब तक यह सप्लाई चेन शायद नहीं टूटेगी। यह सिर्फ मैक्सिको या सिर्फ अमेरिका की अकेले की प्रॉब्लम नहीं है। यह एक शेयर्ड क्राइसिस है जिसका सॉल्यूशन भी शेयर्ड ही होगा। आज से कुछ महीने बाद जून 2026 में फीफा वर्ल्ड कप के चार मैचेस मैक्सिको के इसी शहर में होने वाले हैं। यानी कि दुनिया का सबसे बड़ा स्पोर्टिंग इवेंट दुनिया के सबसे खतरनाक कार्टेल के इलाके में होगा। यह कहानी है एक ऐसे ड्रग लॉर्ड की जिसने पूरी सरकार को अपनी जेब में रख लिया। लेकिन ऐसा सिर्फ मैक्सिको में नहीं होता दोस्तों। अमेरिका में भी एक आदमी था जिसने दुनिया के सबसे पावरफुल लोगों को प्रेसिडेंट्स, प्राइम मिनिस्टर्स, प्रिंसेस, बिलियनेयर्स, सब को अपनी मुट्ठी में रख लिया था। उसका नाम था जेफरी एप्स्टीन। एप्स्टीन की कहानी मैक्सिकन ड्रग कार्टेल से भी ज्यादा डिस्टर्बिंग है क्योंकि इसने सिर्फ क्राइम नहीं बल्कि पूरे सिस्टम को ब्लैकमेल किया। यह पूरी कहानी आप जान सकते हैं इस वाले वीडियो में यहां क्लिक करके और एआई फिएस्टा को डाउनलोड करना मत भूलना लिंक डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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