[0:00]तो इस मिसाइल को छोड़कर यमन के हॉथीज ने इस बात का ऐलान कर दिया कि हमारा पहला मिसाइल इजराइल पर आकर गिरा है, सही सुना आपने दोस्तों अब इस जंग में एक नया मोड़ आ गया है।
[0:15]क्योंकि अब यहां पर दबाव सिर्फ हॉर्मूस की खाड़ी पर नहीं पड़ने वाला है।
[0:20]बाप अल मंदब एक और सकरा सा चोक पॉइंट है, जिसका इस्तेमाल अब ईरान और यमन या ये कहा जाए, बहुत ही विद्रोही करने वाले हैं।
[0:33]सबसे पहले मैं आपको वो मंजर दिखाना चाहता हूं, जब हौथियों ने वह मिसाइल यमन से इजराइल की तरफ दागी।
[0:41]जो कई खबरों के मुताबिक उसके न्यूक्लियर प्लांट्स को निशाना बनाने के लिए था।
[0:46]यानी कि जो लक्ष्मण रेखा इजराइल ने पार की अब उसका मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है।
[0:51]सबसे पहले मैं चाहूंगा आप इस वीडियो को देखें।
[1:33]और मैं आपको बतलाना चाहता हूं, दोस्तों हौथियों के जो प्रवक्ता हैं, उन्होंने औपचारिक तौर पर इस बात का ऐलान कर दिया कि अब हम इस युद्ध में घुस चुके हैं।
[1:44]इजराइल और अमेरिका की खैर नहीं। मैं आपसे बार-बार कह रहा हूं, पहले से ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूस पर दबाव है।
[1:52]अब बाब अल मंदब एक और जगह है, जहां पर दबाव बढ़ने वाला है।
[1:57]सुनिए उनके प्रवक्ता क्या कह रहे हैं।
[2:04]of the Yemeni armed forces regarding the immediate intervention in support of the Islamic Republic of Iran and to the resistance front in Lebanon, Iraq and Palestine and within the current situation of the escalation and the ongoing attacks against our brothers in Lebanon and Iran and Iraq and Palestine.
[2:30]दोस्तों अब आपके जहन में दो सवाल होंगे कि हौथीज के प्रवेश के बाद यह जंग किस तरह से अब एक नया मोड़ लेने वाली है।
[2:37]दूसरी बात पहले से ही हॉर्मूस जल डमरू मध्य पर दबाव था।
[2:42]अब बाब अल मंदब जहां पर हॉथियों का कब्जा है, वहां पर उनका नियंत्रण है।
[2:49]वहां से भी अब शिप्स जो हैं, आगे नहीं बढ़ पाएंगी।
[2:54]इसका क्या असर पड़ने वाला है, सबसे पहले बहुत ही सरल शब्दों में, हॉथीस का प्रवेश सिर्फ अमेरिका और इजराइल के लिए करारा झटका नहीं है।
[3:02]ग्लोबल शिपिंग के लिए एक बहुत करारा झटका है।
[3:05]सबसे पहला सवाल जो आपके जहन में आ रहा है दोस्तों, हॉथीस की एंट्री का मतलब क्या है।
[3:10]गौर फरमाएं। हौथी लीडर अब्दुल-मलिक अल-हौथी और उनके स्पोक्समैन साफ बोल चुके हैं, कि यमन 'पूरी तरह तैयार है' ईरान के साथ खड़े होने के लिए।
[3:19]उन्होंने कहा है कि उनके हाथ ट्रिगर पर हैं और अगर एस्कलेशन बढ़ती है, तो वो बड़े अटैक्स फिर से शुरू कर सकते हैं।
[3:27]वो इस पूरे कॉन्फ्लिक्ट को ईरान वर्सेस यूएस-इजराइल वॉर का ही हिस्सा मान रहे हैं।
[3:32]इसका सीधा मतलब: रेड सी शिपिंग रूट्स, ऑयल सप्लाई और शायद इजराइल पर भी दोबारा हमले हो सकते हैं।
[3:40]अब आपके जहन में एक सवाल आ रहा होगा दोस्तों कि हौथीज ने प्रवेश तो कर दिया है, मगर उनका फायर पावर क्या है, उनके हथियारों की ताकत क्या है?
[3:50]अब आपके स्क्रीन्स पर वही बात मैं आपको सरल लफ्जों में समझा रहा हूं।
[3:53]गौर फरमाइए। नंबर एक मिसाइल्स प्लस ड्रोनस: ईरान की मदद से हौथीस के पास बैलिस्टिक मिसाइल्स, क्रूज मिसाइल्स और सुसाइड ड्रोनस हैं जिनकी रेंज करीब 2000-2500 km तक मानी जाती है।
[4:06]यानी ये रेड सी, गल्फ, मिडिल ईस्ट और इजराइल तक हिट कर सकते हैं।
[4:10]इसके अलावा इनके पास एंटी-शिप कैपेबिलिटी है।
[4:13]हौथीस दुनिया का पहला ग्रुप है जिसने एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल को रियल कॉम्बैट में इस्तेमाल किया।
[4:20]इसके अलावा उनके पास एंटी-शिप क्रूज मिसाइल्स और स्वॉर्म ड्रोनस भी हैं।
[4:25]आपके जहन में सवाल इसका असर क्या होता है, क्या होता है इसका इंपैक्ट?
[4:30]तो गौर फरमाएं। शिप्स को रूट बदलना पड़ता है (Suez avoid करके)।
[4:35]इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ जाती है।
[4:38]ऑइल और फ्रेट प्राइसेज ऊपर जाते हैं। यूएस नेवी को लगातार डिफेन्स मोड में रहना पड़ता है।
[4:44]और दोस्तों ईरान जो ये जंग लड़ रहा है ना, इसमें सिर्फ हॉथीज के प्रवेश की बात नहीं की जानी चाहिए।
[4:50]इस वक्त जो पूरा एक्सेस ऑफ रेजिस्टेंस है, जिसमें हिज्बुल्लाह भी शामिल है, वह भी लगातार इजराइली सेना को तोड़ रहा है।
[5:01]इसके बाद एक्सेस ऑफ रेजिस्टेंस अपने आप में उसे हराना नामुमकिन हो जाएगा।
[5:07]और अब मैं आपको बताने वाला हूं, आपके स्क्रीन्स पर एक्सेस ऑफ रेजिस्टेंस कैसे ईरान की मदद करता है।
[5:15]ये एक नेटवर्क है जिसमें ईरान + हेज़बोल्लाह + इराकी मिलिशियास + हौथीस + कुछ पलेस्टिनियन ग्रुप्स शामिल हैं।
[5:22]ईरान (IRGC/Quds Force) इन सबको फंडिंग, ट्रेनिंग, weapons और intelligence देता है।
[5:29]Hezbollah जैसे groups बाकी militias को train भी करते हैं।
[5:33]Strategy क्या है: ईरान खुद अकेले fight नहीं करता, बल्कि अलग-अलग fronts खोल देता है।
[5:39]Hezbollah इजराइल के north से pressure बनाता है।
[5:44]इराकी मिलिशियास की बात करें, तो वो अमेरिकी बेसिस पर attack करते हैं।
[5:48]Houthi’s की बात करें, तो वो समुद्री रास्तों और shipping पर हमला करते हैं।
[5:55]और इसका परिणाम क्या है, आपके स्क्रीन्स पर यूएस और इजराइल को एक साथ कई जगह लड़ना पड़ता है, resources divide हो जाते हैं, cost बढ़ जाती है।
[6:06]यानी कि जाहिर सी बात है, इस जंग में अमेरिका और इजराइल का करोड़ों डॉलर्स खर्च होता है।
[6:14]और इसलिए यह जंग उसके लिए कॉस्ट इफेक्टिव नहीं है।
[6:18]अब जबकि बात मैं एक्सेस ऑफ रेजिस्टेंस की कर रहा हूं दोस्तों, तो सबसे पहले मैं आपको बताना चाहता हूं कि हिज्बुल्लाह कैसे टारगेट कर रहा है।
[6:24]गौर फरमाएं। वेपन्स (हथियार): Hezbollah के पास हजारों rockets, missiles और drones हैं, जिनमें कुछ precision guided भी हैं।
[6:32]Targets: Border के पास towns और military bases, Northern Israel में लगातार rocket fire और अगर हम deep targets की बात करें, तो उसमें airbases, cities, energy infrastructure पर target करना हो सकता है।
[6:47]हिज्बुल्लाह की टैक्टिक्स यानी रणनीति क्या है?
[6:50]रोज़ थोड़ा-थोड़ा harassment attack।
[6:54]बीच-बीच में बड़े rocket barrages।
[6:57]Anti-tank missiles से armored units पर हमला और मैं आपको लगातार बता रहा हूं किस तरह से इजराइल के Merakava tanks को बुरी तरह से बर्बाद कर रहा है हिज्बुल्लाह।
[7:11]और बाकायदा उसके प्रमाण उसके सबूत वीडियोस के जरिए सामने आ रहे हैं।
[7:15]और हम जब एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस की बात कर रहे हैं, तो हौथीस ने इस मुद्दे में प्रवेश का ऐलान कर दिया है।
[7:20]उनके प्रवेश से क्या होने वाला है आपके स्क्रीन्स पर।
[7:24]एक और फ्रंट खुल जाएगा अब सिर्फ land war नहीं, sea war भी intense हो जाएगा (Red Sea, Bab-el-Mandeb)।
[7:33]अब यहां जिक्र मैं कर रहा हूं बाब-अल-मंदब की।
[7:37]इसके मायने क्या हैं? इसका क्या स्ट्रेटेजिक सिग्निफिकेंस है?
[7:41]तेल के बाजार पर इसका क्या असर पड़ेगा? अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर पड़ेगा कुछ देर बाद मैं आपको बताऊंगा।
[7:46]मगर आपके लिए जानना जरूरी हो जाता है कि ग्लोबल इकॉनमी पर इसका त्वरित असर क्या पड़ने वाला है।
[7:53]Oil prices बढ़ेंगे, Shipping cost बढ़ेगी, Supply chains disturb होंगी।
[7:58]Military pressure: US और allies को और ships, missiles, defence systems deploy करने पड़ेंगे।
[8:05]Political signal: Message साफ है:
[8:08]अगर Iran पर हमला किया, तो पूरा region जल उठेगा।
[8:14]और वो किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने वाले हैं।
[8:18]मगर आपके जहन में सवाल होगा दोस्तों, कि होतीस के मैदान में घुसने के बाद, बाब-अल-मंदब पर क्या असर पड़ने वाला है?
[8:29]मगर उससे पहले मैं आपको बताने वाला हूं अल जजीरा हॉथीस के प्रवेश के बाद क्या कह रहा है।
[8:36]आइए देखते हैं अल जजीरा की ये रिपोर्ट। Precisely so. In fact, just hours after the statement was made last night by the Yemeni group's military spokesperson, Yahya Saree, where he mentioned that the fingers are on the trigger, just a couple of hours later, according to reports, they seem to have launched a aerial attack, a hypersonic, a ballistic missile strike against Israeli military positions, according to the reports. Now, we have confirmation that we will receive a press statement from the Ansar Allah Houthi military spokesperson, in just less than 20 minutes. Now, in that speech, in that TV statement, which he's expected to give, he will outline what exactly the attack targeted, what type of missile was used. I can tell you that throughout these throughout the years, the past two years of Ansar Allah Houthi strikes against Israel, it's most likely a hypersonic missile. And hypersonic missiles, as we've seen in the past, they're able to bypass Israeli security, Israeli radars, Israeli air defense systems. The other the third option that we've seen the Ansar Allah Houthi's use, is the newly advanced hypersonic missile with a fragmented warhead. Now, the fragmented warhead is able to expand the capacity of the strike zone, similar to the Iranian missiles that we've seen dispersed upon entering Israeli airspace into smaller bombs that are able to hit more targets. This is what the Ansar Allah Houthi spokesman is expected to announce in the coming, uh, in the next 15 to 20 minutes, and we'll be updated updating throughout the day of these, uh, attacks that are coming from Yemen. I can tell you that this is the, if this is an attack from Yemen, if this is an attack from the Yemeni group, they have officially entered the war. The strikes from Yemen will not stop, they will only continue.
[10:26]स्वतंत्र और आजाद पत्रकारिता का समर्थन कीजिए, सच में मेरा साथी बनिए।
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[10:42]और अब वह अहम सवाल हॉथीस के प्रवेश के बाद तेल के बाजार पर क्या असर पड़ने वाला है?
[10:50]सरल शब्दों में आपके स्क्रीन्स पर अगर हॉर्मूज़ जलडमरूमध्य पहले से पूरी तरह चालू नहीं है और बाब-अल-मंदब पर हौथियों का दबदबा या खतरा बना हुआ है, तो इसका मतलब है कि दुनिया के तेल के दो सबसे बड़े रास्ते एक साथ प्रभावित हो रहे हैं।
[11:09]इसका मतलब दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा पर पड़ेगा, कैसे?
[11:17]गौर फरमाएं। ये दोनों रास्ते इतने अहम क्यों हैं? सबसे पहले हॉर्मूज़ जलडमरूमध्य: दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से जाता है।
[11:25]अगर यहां दिक्कत आई तो बाजार में तेल की कमी हो जाती है।
[11:29]बाब-अल-मंदब: यह रास्ता एशिया और यूरोप के बीच बहुत बड़ा व्यापारिक मार्ग है।
[11:36]यहां से तेल और सामान दोनों बड़ी मात्रा में गुजरते हैं।
[11:40]अहम मुद्दा: अगर बाब-अल-मंदब पर भी खतरा बना रहे तो इसका क्या असर होगा?
[11:47]बाजार में डर बना रहता है। बिना पूरी रुकावट के भी तेल महंगा रहता है। मतलब तेल लंबे समय तक महंगा रहेगा।
[11:54]जहाज और व्यापार पर असर। जहाजों को अब लंबा रास्ता लेना पड़ता है (अफ्रीका के नीचे से)।
[12:00]इससे समय ज्यादा लगता है, ईंधन ज्यादा खर्च होता है, बीमा और किराया बहुत महंगा हो जाता है।
[12:06]नतीजा: सामान महंगा हो जाता है।
[12:09]और इसका सीधा असर महंगाई और अर्थव्यवस्था पर।
[12:14]तेल महंगा - हर चीज महंगी। यात्रा, कारखाने, खाने-पीने का सामान, इससे महंगाई बढ़ती है।
[12:21]और आपके जहन में सवाल होगा कि किन देशों पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है।
[12:25]आपके स्क्रीन्स पर भारत, चीन, यूरोप जैसे देश तेल बाहर से खरीदते हैं, खर्च बढ़ जाता है, महंगाई और बढ़ती है।
[12:35]यानी कि भारत को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा और भारत को इसका नुकसान पहले से हो रहा है।
[12:41]यानी कि हर भारतीय को हॉथियों ने जो मिसाइल हमला किया है, उस पर चिंतित होना चाहिए।
[12:47]तो अब आप समझे दोस्तों, डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू की जिद ने दुनिया को किस कदर बर्बादी के रास्ते पर ला दिया है।
[12:56]अमेरिका ने बातचीत के दौरान ईरान पर हमला कर दिया।
[13:00]ईरान के पास जवाब के अलावा क्या रास्ता था?
[13:03]इसके अलावा अमेरिका इस बात का ऐलान करता है कि 10 दिन तक हम आपके एनर्जी सेंटर्स पर हमला नहीं करेंगे।
[13:10]बावजूद इसके इजराइल लगातार न सिर्फ उनके एनर्जी प्लांट्स, बल्कि उनके परमाणु संयंत्रों पर भी हमला कर रहा है।
[13:19]इसलिए आज हॉथी विद्रोही खुलकर ईरान के साथ खड़े हुए हैं।
[13:26]और यहां से मामला और पेचीदा हो गया है।
[13:29]अभिसार शर्मा को दीजिए इजाजत। नमस्कार।



