[0:00]तुझे गुजरातियों की ताकत का अंदाजा नहीं है अगर तुझ में हिम्मत है तो अखाड़े में आ दो-दो हाथ कर और हम में से किसी एक को हरा अपनी नाव वापस ले जा बहुत अच्छा मौका है मालिक एक हाथ उठा के पटक देते हैं ना वापस लेके चलते हैं ए क्या खुसुर पुसुर कर रहे हो हिम्मत है तो आ अगर मैं जीत गया तो वो वोट वापस मिलेगा नकी और मेरा पैसा तो उधारी माफ हां पक्का पक्का सबके सामने चलो चलो चलो चलो चलो माफ आशीर्वाद दे तेरे बेटे को पछाड़ आशीर्वाद दे
[0:39]जय मां दुर्गा मां खाला कर दे आ वापस क्यों हो गया यह गलत है मैंने नहीं खाऊंगा मैंने नहीं खाऊंगा मालिक क्या हुआ उसने तो चड्डी पहनी है तो इसमें आपको क्या लेकिन मैंने नहीं पहनी है कम से कम दूसरे घर तो चड्डी पहन के आना चाहिए था ना क्या करे चड्डी भी उसके पास है वो कैसे अरे मैंने बोट पे चड्डी सुखाने को रखी थी बोट गई चड्डी गई हां तो पहले चड्डी मांग लेते बाद में ला मांगते पहले बोट फिर लंगोट क्यों भाई क्या हुआ अभी से पसीना छूट गया नहीं नहीं पसीना नहीं लेकिन अगर कुछ और छूट गया तो उसे रोकने के लिए जो चीज चाहिए वो नहीं है इनके पास और चौहान साहब आप यह मत समझना कि हम लोग डरपोक है नहीं मेरे दादा परदादा लड़ाकू थे और आज के खानदान में तो सुरवीरों का खून दौड़ रहा है हां इससे मेरी जगह यह लड़ेगा मैं किसी कर सकता हूं क्यों तुम सूरवीर नहीं हो मैं हूं लेकिन मैं नहीं ये बराबर बोल रहा है मैं इसके साथ नहीं रख सकता तो ठीक है शीतल के साथ लाओ शीतल अभी पता चलेगा
[2:20]ये धोखा है ये कैसे कैसे नाम देते हो आदमी को औरत का नाम देते हो जरा सा ना इंसाफी मैं नहीं लडूंगा इसके साथ
[2:58]अरे पकड़ उसको अरे पकड़ उसको
[3:14]छीड़ दे और छीड़ के एक टुकड़ा फेंक सूरत मां और एक टुकड़ा फेंक अहमदाबाद मां घुमा चक्री घुमा आ अरे नहीं नहीं है कुकुरा
[3:43]इधर आओ इसको छोड़ो उसको मारो मैं भी गूंगा हूं मैं भी गूंगा हूं इसको बोलो मारना बंद करो अच्छा छोड़ो जरा छोड़ो देखो यह मार नहीं थी तो यह तो हमारे लिए खेल था ये खेल था हां ये खेल था मार तो अब पड़ेगी अरे रुकिए रुकिए रुकिए देखिए देखिए हमें मारने से या हमारी नाव पर कब्जा करने से आपके पैसे थोड़ी चुकते हो जाएंगे तो और मैं क्या करूं देखिए आप मुझे मेरी नाव वापस ले लीजिए उसे बेच कर मैं आपकी सारी उधारी चुका दूंगा सच नहीं मुझे तुम पर बिल्कुल भरोसा नहीं है अगर मैं तुझे तेरी नाव दे दूं तू छू मंतर हो जाएगा नहीं एक ही शर्त पर नाव दे सकता हूं क्या अगर तू अपनी कोई चीज मेरे पास गिरवी रखे तो अब जो चीज पहले से आपके पास गिरवी पड़ी हुई है उसे छुड़ाने और कौन सी चीज गिरवी लेकर आऊ वो मुझे नहीं मालूम मुझे कुछ ना कुछ तो चाहिए जर जमीन या जोर हे भगवान अब मैं जोरू कहां से
[4:59]सेठ जी आपको मुझ पर भरोसा नहीं है नहीं तो जब तक मैं वापस नहीं आ जाता यह आपके पास गिरवी रहेगा बस ये ये कौन है ये मेरा इकलौता भतीजा है बड़े बड़े प्यार से मैंने इसका जतन किया है मैं नीचे नहीं रखता था कि उसको सांप काट ले सर पे नहीं बिठाया ताकि चील कौए उड़ा के ले जाए इसे हमेशा मैंने मैंने अपनी गोद में रखा है गोद में मेरा प्यारा भतीजा आ मैं तुम्हारे बगैर एक पल भी जिंदा नहीं रह सकता क्या करूं मैं मेरे पास और कोई रास्ता भी नहीं है जब तक तुम मेरे चाचू के पैसे नहीं लौटा देते तुमको यहीं रहना पड़ेगा मालिक मैं आप मेरे जैसे गरीब के बगैर एक पल नहीं रह सकते साहब ने इस कलेजे के टुकड़े के बगैर कैसे जिंदा रहेगा मालिक ए चुप रह तो तू भी इसकी जुदाई बर्दाश्त नहीं कर सकता नहीं तो ठीक है इस टिंडे को भी यहीं छोड़ दो क्या नहीं नहीं नहीं नहीं यह नहीं हो सकता क्यों क्योंकि मैं अपने मालिक की जुदाई बर्दाश्त नहीं कर सकता ए बांडिया बांडिया तेरी जुदाई का गम मैं सह लूंगा बांडिया सह लूंगा जा मालिक सेठ जी मैं अपनी नाव लेकर जा रहा हूं लेकिन मेरा कलेजा और मेरे कलेजे का छलका यहीं छोड़ के जा रहा देखा देखा चौहान से खिलवाड़ करने का अंजाम देखा
[6:59]बच्चों अपना ख्याल रखना और मैं 2 तारीख को आऊंगा कौन सी दो तारीख अरे बंडिया हर महीने में दो तारीख तो होती है ना नहीं होती मालिक मत जाओ मत जाओ मैं जबान दे चुका हूं जबान वापस लेना मैं इन भांडो को
[7:20]सूखी ठाकरा अरे बैग ले रहा हूं जो विचारों रहतो रहतो जाए रणने दो ऐसे ही सबक समझेगा अब पता चलेगा कि मैं कितना चलाक हूं गूंगा मेरा भी गया बोझ भी गया और नाव भी गया मैं तो नहीं आया



