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Nuclear पावर के धुरंधर? #sumitmehrotra

Sumit Mehrotra

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सो न्यूक्लियर पावर एक नया बज वर्ल्ड बना हुआ है और इस बज वर्ड में यानी कि न्यूक्लियर पावर की क्षमताएं अगर सरकार बढ़ाती है या 100 गीगावाट क...

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जिसमें एलएनटी, बीएचईएल, वालचंदनगर इंडस्ट्रीज और आईएसजीईसी आईएस चेक। यह कुछ कंपनियां हैं जो कि इसकी सबसे बड़ी बेनिफिशरी रह सकती हैं।

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इसके बड़े प्लेयर्स में आते हैं बीएचईएल एलएनटी लार्सेन एंड टर्बो और थर्मेक्स ये तीन बड़े प्लेयर इस सेगमेंट के लिए बन सकते हैं।

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यह पांच कंपनियां इसकी बड़ी बेनिफिशरी होते हुए दिखाई पड़ेंगे। ईपीसी जो 12% के आसपास का हिस्सा बैठेगा उसके लिए एलएनटी सामने आएगा।

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साइट की प्रिपरेशन के लिए 8% हिस्सा रहेगा। जिसमें आता है एलएनटी, एचसीसी, ईआईएल और पावर मैश।

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[0:00]सो न्यूक्लियर पावर एक नया बज वर्ल्ड बना हुआ है और इस बज वर्ड में यानी कि न्यूक्लियर पावर की क्षमताएं अगर सरकार बढ़ाती है या 100 गीगावाट का जो न्यूक्लियर पावर कैपेसिटी लगाने की सरकार की योजना है।
[0:13]कौन-कौन से बड़े सुपरस्टार इस सेक्टर के बनते हुए दिखाई पड़ेंगे यानी कि न्यूक्लियर पावर के महारथी कौन-कौन रहेंगे?
[0:13]नाम आपके सामने रखता हूं। सबसे पहले रिएक्टर अगर लगते हैं कंपोनेंट्स में तो उसमें करीब-करीब 36% के आसपास का रिएक्टर का मार्केट शेयर होता है।
[0:30]जिसमें एलएनटी, बीएचईएल, वालचंदनगर इंडस्ट्रीज और आईएसजीईसी आईएस चेक। यह कुछ कंपनियां हैं जो कि इसकी सबसे बड़ी बेनिफिशरी रह सकती हैं।
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[0:00]सो न्यूक्लियर पावर एक नया बज वर्ल्ड बना हुआ है और इस बज वर्ड में यानी कि न्यूक्लियर पावर की क्षमताएं अगर सरकार बढ़ाती है या 100 गीगावाट का जो न्यूक्लियर पावर कैपेसिटी लगाने की सरकार की योजना है।

[0:13]कौन-कौन से बड़े सुपरस्टार इस सेक्टर के बनते हुए दिखाई पड़ेंगे यानी कि न्यूक्लियर पावर के महारथी कौन-कौन रहेंगे? नाम आपके सामने रखता हूं। सबसे पहले रिएक्टर अगर लगते हैं कंपोनेंट्स में तो उसमें करीब-करीब 36% के आसपास का रिएक्टर का मार्केट शेयर होता है।

[0:30]जिसमें एलएनटी, बीएचईएल, वालचंदनगर इंडस्ट्रीज और आईएसजीईसी आईएस चेक। यह कुछ कंपनियां हैं जो कि इसकी सबसे बड़ी बेनिफिशरी रह सकती हैं।

[0:40]टर्बाइन बनाने के लिए करीब-करीब 25% के आसपास का हिस्सा जो होगा इस पूरी क्षमताओं का पावर के वो 25% ये हिस्सा बनेगा।

[0:53]इसके बड़े प्लेयर्स में आते हैं बीएचईएल एलएनटी लार्सेन एंड टर्बो और थर्मेक्स ये तीन बड़े प्लेयर इस सेगमेंट के लिए बन सकते हैं।

[1:00]इसके अलावा बैलेंस ऑफ प्लांट जो कि करीब 14% के आसपास का हिस्सा बैठेगा अगर उसके कुछ बड़े प्लेयर्स की बात की जाए तो उसमें आएगा सीमेंस, एबीबी, बीएचईएल, एलएनटी और थर्मेक्स।

[1:16]यह पांच कंपनियां इसकी बड़ी बेनिफिशरी होते हुए दिखाई पड़ेंगे। ईपीसी जो 12% के आसपास का हिस्सा बैठेगा उसके लिए एलएनटी सामने आएगा।

[1:23]एचसीसी बड़ा प्लेयर है हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी। ईआईएल और पावर मैश ये कुछ बड़े नाम हैं जो कि इसमें कामकाज करेंगे।

[1:32]साइट की प्रिपरेशन के लिए 8% हिस्सा रहेगा। जिसमें आता है एलएनटी, एचसीसी, ईआईएल और पावर मैश।

[1:43]यह इसके लिए कामकाज कर रहा है। एक और नाम है वाटिक वबाग यह भी कुछ हद तक कूलिंग सिस्टम प्रोवाइड कराएगा। तो यह न्यूक्लियर पावर अगर क्षमताएं बढ़ती है तो उसके महारथी यह बनते हुए दिखाई पड़ेंगे।

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