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Sociology for UPSC : DAVIS AND MOORE's THEORY OF STRATIFICATION - Chapter 5 - Paper 1 - Lecture 9

Sleepy Classes IAS

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[0:01]Section 1

ठीक है अब डेविस एंड मूर की थ्योरी क्या कहती है स्ट्रेटिफिकेशन की समाज में स्ट्रेट एग्जिस्ट करते हैं. 2016 में 20 मार्कर क्वेश्चन है इस पर...

[3:55]Section 2

एंड समाज प्रॉपर्ली काम नहीं करेगा ठीक है जी ओके एंड देन मोर क्वालिफाइड डू मोस्ट इंपोर्टेंट फंक्शंस दैट्स इट एज सिंपल एज दिस. क्विकली रिमा...

[6:54]Section 3

ठीक है जी तो यही है डॉक्टर नर्स का एग्जांपल लिखो मैकेनिक एंड इंजीनियर का एग्जांपल अगर इंजीनियर कुछ बनाएगा ही नहीं तो मैकेनिक कैसे काम करे...

[8:32]Section 4

ठीक है जी ओके सस्पेंडेड अर्निंग वाला पॉइंट बहुत ही अच्छा है इसका कि कोई सैक्रिफाइस नहीं किए पेरेंट्स ने उसके बारे में भी प्रोवाइड कर दिया...

[9:45]Section 5

ठीक है जी आगे जो कहते हैं लेकिन अनस्किल्ड टास्क के लिए ऐसा कुछ रिक्वायर्ड नहीं है ठीक है एंड देन एम एन ट्यूमिन एक और वहां पर बात बोलते है...

[13:07]Section 6

इल्जाम लगता है बहुत ऑफन यूपीएससी पर भी कि वो जो ब्यूरोक्रेट्स के जितने भी बच्चे हैं उनको ज्यादा नंबर मिलते हैं इंटरव्यू में क्योंकि वो ऐस...

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[0:01]ठीक है अब डेविस एंड मूर की थ्योरी क्या कहती है स्ट्रेटिफिकेशन की समाज में स्ट्रेट एग्जिस्ट करते हैं.
[0:01]2016 में 20 मार्कर क्वेश्चन है इस पर बहुत ही आसान सवाल लो हैंगिंग फ्रूट आप सब भी इस फ्रूट का फायदा उठाओ.
[0:01]ओके डेविस एंड मूड की थ्योरी में आपको अगर बिल्कुल एक आसान शब्दों में समझाऊं काफी टल्कट पार्सन की थ्योरी जैसी थ्योरी है लेकिन इसमें कुछ स्पेसिफिक कीवर्ड्स है.
[0:01]ठीक है जी ओके वो कहते हैं उसके बाद लेकिन ये इंपॉर्टेंट पोजीशंस के लिए क्या रिक्वायर्ड है टैलेंट और ठीक है टैलेंट रिक्वायर्ड है.
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[0:01]ठीक है अब डेविस एंड मूर की थ्योरी क्या कहती है स्ट्रेटिफिकेशन की समाज में स्ट्रेट एग्जिस्ट करते हैं. 2016 में 20 मार्कर क्वेश्चन है इस पर बहुत ही आसान सवाल लो हैंगिंग फ्रूट आप सब भी इस फ्रूट का फायदा उठाओ. ओके डेविस एंड मूड की थ्योरी में आपको अगर बिल्कुल एक आसान शब्दों में समझाऊं काफी टल्कट पार्सन की थ्योरी जैसी थ्योरी है लेकिन इसमें कुछ स्पेसिफिक कीवर्ड्स है. आप अगर वो कीवर्ड्स वहां ड्रॉप करते रहो आपकी थ्योरी आप वहां प्रूव करना शुरू कर देते हो क्या ये पहले तो सबसे पहले बात क्या करेंगे समाज में कहते हैं कि सोसाइटी ने क्या कहा कि सोसाइटी को पता है कि कुछ पोजीशंस कुछ पोजीशंस बाकी पोजीशन से ज्यादा इंपोर्टेंट है. ठीक है जी ओके वो कहते हैं उसके बाद लेकिन ये इंपॉर्टेंट पोजीशंस के लिए क्या रिक्वायर्ड है टैलेंट और ठीक है टैलेंट रिक्वायर्ड है. एंड ये मानते हैं कि जो टैलेंट है टैलेंट बहुत स्कार्स है समाज में टैलेंट की कमी है. इसलिए अगर आपको ये इंपोर्टेंट पोजीशंस के लिए टैलेंट अगर आपको अट्रैक्ट करना है जो कि बहुत ही कम है समाज में तो आपको इन इंपोर्टेंट पोजीशंस को हायर स्टेटा में रखना पड़ेगा. ठीक है जी क्योंकि इस अगर इवन इन केस अगर आपने मान लो टैलेंट को हायर पोजीशन या हायर स्टेटा नहीं प्रोवाइड किया तो ये जो स्कार्स टैलेंट है जो ये इंपोर्टेंट पोजीशंस के लिए आना था ये नहीं आएगा. इट विल नॉट बी मोटिवेटेड इनफ कि मैं इतनी मेहनत करूं इतना आप एफर्ट लगाओ आपको कोई रिवार्ड तो मिलेगा नहीं इसलिए कहते हैं समाज इंपोर्टेंट पोजीशंस को ऊपर रखता है. इसका क्रिटिसिजम पढ़ेंगे सब कुछ कंप्लीट थ्योरी करेंगे विद इन स्पन ऑफ लेस देन 10 मिनट्स ठीक है शुरू करते हैं. सबसे पहले बेसिस यह क्या बोलते हैं कि क्या बेसिस है हमारी थ्योरी का इन्होंने पहले आर्टिकल पब्लिश किया क्योंकि यह बहुत ही इंपोर्टेंट है पेपर में 25000 बार पूछी जा चुकी है. आप इस इसके बारे में नई-नई बातें जो भी मिले याद करते रहो इनके आर्टिकल का नाम क्या था सम प्रिंसिपल्स ऑफ स्ट्रेटिफिकेशन ठीक है उसमें इन्होंने डिस्कस किया इसके बारे में. ठीक है आगे इन्होंने बोला कि डिफरेंशियल दे एक्सटेंडेड दैट डिफरेंशियल डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ अवार्ड्स की जो समाज में डिफरेंशियली जो समाज में जो आपने रिवार्ड अलग-अलग दिए किसी को ज्यादा किसी को कम कहते हैं उससे वो डिफरेंट पोजीशंस के साथ अटैच है. एंड कहते हैं जो समाज में जो डिफरेंट पोजीशंस हैं उनके साथ डिफरेंशियल अवार्ड्स अटैच्ड हैं एंड कोई भी सोसाइटी इस कारण से अनस्ट्रेटिफाइड नहीं रह पाती. क्योंकि कहते हैं हर एक सोसाइटी में डिफरेंट अवार्ड देने के लिए डिफरेंट पोजीशंस बनी हुई है या डिफरेंट पोजीशंस के लिए डिफरेंट अवार्ड्स हैं ठीक है जी इसलिए सोसाइटी में स्टेटा होगा ही होगा आगे. अब यहां पर चीज अब ये पूरी थ्योरी यहां पर एक-एक एक ऑलमोस्ट एक फ्लो चार्ट ही बनाया है कि थ्योरी कैसे चलती है. वो बोलते हैं सोसाइटी इज मेड अप ऑफ पोजीशंस सोसाइटी इज नथिंग बट पोजीशंस कोई हायर पोजीशन कोई लोअर पोजीशन कहते हैं कैसे डिसाइड करेंगे कौन सी हायर कौन सी लोअर आगे देखते हैं. सम आर मोर इंपोर्टेंट देन अदर्स आगे बोलते हैं पोजीशन विद हाई इंपोर्टेंस अट्रैक्ट्स हाई रिवार्ड. ठीक है जी हाई इंपोर्टेंस वाली पोजीशन को हाई रिवार्ड बात करी अभी तक हमने आगे बढ़ते हैं. एंड देन वो कह रहे हैं इन ऑर्डर टू अट्रैक्ट टैलेंटेड पीपल टैलेंट व्हिच इज स्कार्स इन सोसाइटी अगर आपको ये जो कम जो बहुत ही जो चुनिंदा कुछ लोग हैं इनको बुलाना है आपको इनको ज्यादा पैसे रिवार्ड देने पड़ेंगे. आगे क्या लिखते हैं बहुत ही इंपोर्टेंट बात है फंक्शनली मोर इंपोर्टेंट पोजीशंस रिक्वायर्स स्किल्स एंड ट्रेनिंग जो जितनी इंपोर्टेंट महत्वपूर्ण पोजीशन उतनी स्किल्स और उतनी ट्रेनिंग चाहिए. ठीक है कहते हैं अब ये स्किल और ट्रेनिंग के लिए आपको सैक्रिफाइस करने पड़ते हैं जैसे आप सब बैठे हो और अपने घरों से बाहर नहीं निकलते हो सारे दिन पढ़ते रहते हो बुक्स के आगे सैक्रिफाइसेस ही हैं. दो सब के घूम रहे हैं मॉल्स में और मूवीज देख रहे हैं आप नहीं देख रहे. तो आगे वो कह रहे हैं जो ये सैक्रिफाइस करते हैं उनको कंपनसेशन मिलनी चाहिए बहुत ही सिस्टमैटिकली डेवलप करें हम थ्योरी इसलिए बहुत फेमस थ्योरी है आज भी आप बैठ के इनको पढ़ रहे हो 50 60 साल हो गए इनकी थ्योरी दिए हुए. आगे वो कह रहे हैं सोशल स्ट्रेटिफिकेशन इज मैकेनिज्म ऑफ रोल एलोकेशन सो रोल्स आर परफॉर्म्ड प्रॉपर्ली वो कह रहे हैं ताकि कहते हैं अगर स्टेटा अगर हमने समाज को स्टेटा में डिवाइड नहीं किया तो हम प्रॉपर्ली रोल एलोकेशन नहीं कर पाएंगे.

[3:55]एंड समाज प्रॉपर्ली काम नहीं करेगा ठीक है जी ओके एंड देन मोर क्वालिफाइड डू मोस्ट इंपोर्टेंट फंक्शंस दैट्स इट एज सिंपल एज दिस. क्विकली रिमाइंड करें क्या हुआ सोसाइटी कहते हैं कुछ नहीं है बस पोजीशन से बनी है सिर्फ सोसाइटी इज नथिंग बट पोजीशंस एंड ज्यादा इंपोर्टेंट पोजीशन को ज्यादा रिवार्ड चाहिए. इसके लिए आपको टैलेंटेड लोग चाहिए होते हैं इंपोर्टेंट पोजीशन के लिए टैलेंट जो कि स्कार्स है समाज में. लॉजिकली चल रहा है बस आपने कुछ कीवर्ड दिमाग में रखने हैं टैलेंट स्कार्स स्किल एंड ट्रेनिंग सैक्रिफाइस ठीक है सैक्रिफाइस की कंपनसेशन करनी पड़ेगी. अदरवाइज कहते हैं कि अगर समाज में स्टेटा नहीं होगा तो ढंग से रोल जो एलोकेट किए गए थे प्ले नहीं कर पाएंगे अगर टैलेंटेड लोग नहीं आए समाज ढंग से हमारा काम नहीं करेगा. ठीक है जी एंड देन लास्ट इज लास्ट सेज इंश्योर पीपल दैट पोजीशंस आर गिवन एट एज पर देयर टैलेंट. ठीक है जी कहते हैं जितना आपका टैलेंट ज्यादा रहेगा क्योंकि टैलेंट तो स्कार्स है जितनी मेहनत करोगे उतना प्रूव करोगे लोगों को कि मैंने भाई मैंने टैलेंट दिखाया अपना तो इसीलिए आपकी पोजीशन इंश्योर की जाती है. आपको ऊपर वाला रैंक मिलेगा ओके इसलिए आप अगर दिन रात सुबह शाम ये लेक्चर लगा रहे हो मेहनत ही कर रहे हो यार तो रिवार्ड मिलना भी चाहिए. अकॉर्डिंग्ली सोसाइटी रिवार्ड करेगी आपको सोसाइटी कौन है हमारी यूपीएससी बहुत बढ़िया जी अब कहते हैं एक एमएम ट्यूमिन मेलविन ट्यूमिन करके बंदा आया. डेविस एंड मूड दो बंदे थे किंग्सले डेविस एंड विलबर मूड उन्होंने ऐसे अपना पब्लिश किया उसके उसके रिस्पांस में ट्यूमिन ने चिट्ठी लिखी ट्यूमिन की चिट्ठी बहुत ज्यादा अच्छी है. हम इसके ट्यूमिन के कुछ क्रिटिसिजम को पढ़ेंगे एंड उसके रिप्लाई में किंग्सले डेविस एंड विलबर मूड रिप्लाई भी करते हैं उसका वो भी पढ़ेंगे. आप अपने आंसर में बात भी लिखोगे वाली कि भाई किंग्सले डेविस की थ्योरी को ट्यूमिन ने क्रिटिसाइज किया एंड ट्यूमिन का रिप्लाई भी दिया डेविस एंड मूर ने. ठीक है जी बात में आप हम लिखेंगे कि ओवरऑल लेकिन अभी भी थ्योरी में कुछ कमियां है ओके पहले पढ़ते हैं क्रिटिसिजम क्या है. वो कह रहे हैं कि कहते हैं ट्यूमिन कह रहा है कि कैसे पता लगेगा कि कोई पोजीशन आपने बोल दिया अभी कोई पोजीशन इंपॉर्टेंट है कोई कोई नहीं कहता यह कौन बताएगा कोई भगवान ने चिट्ठी थोड़ी नहीं लिख के दिया हमें कि ये फंक्शनली इंपोर्टेंट है कोई नहीं कहता बड़ी ही वैल्यू लोडेड बात कर रहे हो आप जो आपको लगती है इंपोर्टेंट या फिर जो आपने समाज में देखा इंपोर्टेंट आपने उसको इंपोर्टेंट बोल दिया कहते हैं ओबवियस स्टेट कर रहे हो आप. ठीक है जी तो इसका रिप्लाई करते हैं वो अपने डेविस एंड मूर डेविस मूर कह रहे हैं कि हां ये बात डिफिकल्ट है कि बताना कि कौन सी चीज फंक्शनली इंपोर्टेंट है लेकिन इंपॉसिबल नहीं बहुत ही अच्छा एग्जांपल लेंगे यहां पर ये वो कह रहे हैं कि इंपोर्टेंस ऑफ पोजीशन कैन बी मेजर्ड अकॉर्डिंग टू डिग्री ऑफ यूनिकनेस और डिपेंडेंसी ऑफ अदर पोजीशंस ऑन इट.

[6:54]ठीक है जी तो यही है डॉक्टर नर्स का एग्जांपल लिखो मैकेनिक एंड इंजीनियर का एग्जांपल अगर इंजीनियर कुछ बनाएगा ही नहीं तो मैकेनिक कैसे काम करेगा. तो छोटे-छोटे एग्जांपल्स है ट्यूमिन का था कि कैसे हम पता करेंगे कौन सी इंपोर्टेंट है उसने रिप्लाई किया ये यूनिकनेस और डिपेंडेंस पे कर सकते हैं हम ओके अगला ट्यूमिन का क्रिटिसिजम. ट्यूमिन सेज की टैलेंट और एबिलिटी नापने का क्या मैकेनिज्म है कैसे पता लगेगा भाई किसको अगर अलग-अलग चीजों के अलग-अलग तरह की रिक्वायरमेंट हो सकती हैं किसी में बैठ के बहुत पढ़ना हो सकता है किसी में रेस भागनी पड़ सकती है. तो कैसे क्या मैकेनिज्म है कोई मैकेनिज्म ही नहीं है एंड देन ही राइट्स अनदर क्रिटिसिजम सोसाइटी डस नॉट प्रोवाइड इक्वल अपॉर्चुनिटीज तो ठीक है जी सबको बराबर का हक तो मिलता ही नहीं है अपना टैलेंट दिखाने का मौका तो कहते कैसे हम बताएं. एंड देन लास्ट में वो लिखता है ट्रेनीज डू नॉट मेक एनी सैक्रिफाइस अदर देन सस्पेंडेड अर्निंग यूपीएससी के बच्चे बैठे हैं. ट्यूमिन ने लगता है यूपीएससी वाले बच्चे देख लिए वो कह रहे हैं क्या कर रहे हैं वो बैठ के कहते हैं कुछ सैक्रिफाइस तो कर नहीं रहे सिर्फ अपनी इनकम उन्होंने सस्पेंड की हुई है ऐसे नहीं है बस अभी जा के जॉब नहीं कर रहे आपने इसको सैक्रिफाइस बोल दिया. तो कह रहे हैं और कहते हैं ये ये जो इनकम भी क्या सैक्रिफाइस है कहते हैं पूरी के पूरे सब इनको पैसे पूसे सब मिल रहे हैं पेरेंट्स प्रोवाइड कर रहे हैं पेरेंट्स प्रोवाइड फॉर दीज पीपल हु हैव सस्पेंडेड देयर अर्निंग्स तो कहते हैं क्या सैक्रिफाइस किया आप क्या बोल रहे हो समझ नहीं आया ट्यूमिन ने इसको सवाल पूछा.

[8:32]ठीक है जी ओके सस्पेंडेड अर्निंग वाला पॉइंट बहुत ही अच्छा है इसका कि कोई सैक्रिफाइस नहीं किए पेरेंट्स ने उसके बारे में भी प्रोवाइड कर दिया अपॉर्चुनिटी बराबर नहीं मिली एंड टैलेंट को कैसे मेजर किया जाए कि एक टैलेंट किसको बोलते हो आप पढ़ाई करने को या भागने को. ठीक है जी इसके रिप्लाई में क्या लिखेंगे हम दे राइट डेविस एंड मूर दे राइट कि कहते जो भी आप बात बोल रहे हो बिल्कुल सही है लेकिन कहते अगर हमने रिवार्ड्स का सिस्टम ही हटा दिया तो लोग मोटिवेट कैसे होंगे. ठीक है वो ट्रेनिंग की हार्डशिप के दौरान क्यों गुजरेंगे कि कहते आप इमेजिन करो कि बहुत ज्यादा इंटेंस ट्रेनिंग है लेट्स से टू बिकम अ रिक्शा पुलर. पीपल विल नॉट वांट टू अंडरगो दैट बिकॉज उनको लगता ही नहीं है कि मैं क्यों करूं ऐसा इतनी एनर्जी टाइम मनी क्यों लगाऊं लेकिन आप कहोगे इंटेंस ट्रेनिंग रिक्वायर्ड है आईएस बनने के लिए आप करने को तैयार हो. ठीक है जी क्योंकि जॉब जो है वो उस पर डिपेंडेंसी हायर है डीसी पर पूरा का पूरा डिस्ट्रिक्ट ऑलमोस्ट लाइ करता है डिपेंडेंट है. जबकि आई आई वुड से रिक्शा पुलर पे पूरा डिस्ट्रिक्ट रिलाई नहीं करता इसलिए इंपोर्टेंट फंक्शनली इंपोर्टेंट या इंटर डिपेंडेंट वाली पोजीशन है आपकी कौन सी डीसी बनना इसलिए आपको हार्डर ट्रेनिंग रिक्वायर्ड भी है.

[9:45]ठीक है जी आगे जो कहते हैं लेकिन अनस्किल्ड टास्क के लिए ऐसा कुछ रिक्वायर्ड नहीं है ठीक है एंड देन एम एन ट्यूमिन एक और वहां पर बात बोलते हैं ये प्लीज आप साथ-साथ नोट करते रहो. ठीक है ये ना लेक्चर पढ़ के बहुत सुन के बहुत मजा आता है कई बार लेकिन भाई लेकिन एक सिंसियर रिक्वेस्ट है नोट करते रहो क्योंकि सोशियोलॉजी एक ऐसा ऑप्शनल है जहां पर जितना गुड़ डालोगे उतना मीठा होता जाएगा. ठीक है जी हम सब गुड़ डाल रहे हैं नए-नए तरह के पॉइंट निकाल के ला रहे हैं ताकि हमारे आंसर में डेप्थ आए ओके. वो बोलता है कि अल्टरनेटिव मोटिवेशनल स्कीम रादर देन डिफरेंशियल रिवार्ड्स ट्यूमिन बोलता है कि भाई ऐसा मत करो कि सिर्फ और सिर्फ आपने उनको स्टेटा में ऊपर बिठा दिया. कुछ और मोटिवेशन की स्कीम हम ढूंढ सकते हैं नए-नए तरह के रिवार्ड्स निकाल सकते हैं अब इस पे मूर रिप्लाई करेंगे डेविस एंड मूर वो कह रहे हैं मॉडर्न सोसाइटी कैन नॉट फंक्शन इफ पीपल आर लेफ्ट टू डू व्हाट दे वांट. क्योंकि क्योंकि कहीं ना कहीं ये बोरो करते हैं मॉडर्न सोसाइटी की कांसेप्शन क्या है कि डिवीजन ऑफ लेबर हो चुकी है. अगर अगर लेट्स से मैंने बैठ के पढ़ना है तो मेरे मैं बहुत लोगों पर डिपेंडेंट हूं कोई कोई मेरे लिए लेट्स से दुनिया में कहीं चाय बना रहा है दुनिया में है ना जैसे कि चाय उगा रहा है बना बन रही है चाय मेरे लिए कोई मेरे लिए वीट उगा रहा है मैं रोटी में ले गया शाम को एंड बहुत सारी चीजें कोई मेरे लिए इलेक्ट्रिसिटी प्रोड्यूस कर रहा है. अलॉट ऑफ थिंग्स पीपल आर डूइंग जो मैं यहां घर बैठ के कंज्यूम करता हूं ठीक है जी क्योंकि मेरे को बैठ के पढ़ना है और आप इमेजिन करो एक प्रिमिटिव सोसाइटी प्रिमिटिव सोसाइटी में हर इंसान अपना हर काम खुद कर रहा है. ठीक है जी अपने लिए अनाज खुद उगा रहा है वो अपने कपड़े खुद खुद बनाता है वो सब कुछ खुद करता है मॉडर्न सोसाइटी डिवीजन ऑफ लेबर पर बेस्ड है वो कह रहे हैं अगर हर इंसान अपने आप ही वो करने लग जाए जो उसको जो उसको करना है तो या फिर बाकियों पर डिपेंड बाकी लोग औरों के लिए काम करना बंद कर दें तो क्या होगा मॉडर्न सोसाइटी विल नॉट फंक्शन इसलिए डेविस एंड मूड बोलते हैं कि अल्टरनेटिव मोटिवेशनल स्कीम डिफरेंशियल रिवार्ड. ये हमारे काम नहीं करेंगे हमको उनको स्टेटा में ऊपर बिठाना ही पड़ेगा लेकिन ट्यूमिन का आखरी रिप्लाई आएगा. स्ट्रेटिफिकेशन के आपकी सब बातें पसंद है हमें लेकिन स्ट्रेटिफिकेशन से दुश्मनी आती है हॉस्टिलिटी आती है जो स्टेटा में ऊपर है और जो स्टेटा में नीचे है नीचे वाला तो हमेशा ऊपर वाले से चिढ़ेगा. ठीक है जी एंड कहता है इसलिए ये फंक्शनल नहीं है चीज देर सवेर तो उसको जाना ही पड़ेगा स्टेटा को अब इसका आखरी रिप्लाई करेंगे डेविस मूर डेविस मूर कह रहे हैं कि हर जगह प्रेजेंट है स्ट्रेटिफिकेशन कहते हैं जहां भी नजर उठा के देखो स्टेटा प्रेजेंट है. यूनिवर्सलिटी है इस बात में यूनिवर्सलिटी है इसी कारण कहता इसी कारण ये फंक्शनल है चीज और इनएविटेबल है दिस इज इनएविटेबल आप इससे बच ही नहीं सकते आप इसको बस क्या आप देखो डेविस एंड मूड फंक्शनलिस्ट है. तो इसलिए बस ये एक्सप्लेन करने लगे हुए हैं वो कह रहे हैं अब इनएविटेबल है फंक्शनल है तो आप इससे बच नहीं सकते तो यू विल हैव टू अंडरस्टैंड इट प्रॉपर्ली एंड मे बी क्रिएट द राइट ट्रेनिंग प्रोग्राम्स ओके ओवरऑल लेकिन अभी भी थ्योरी में कुछ कमियां हैं. क्रिटिसिजम हम अभी भी लिख सकते हैं जैसे कि एप्लीकेबल ओनली टू अचीवमेंट ओरिएंटेड वेस्टर्न सोसाइटीज इंडिया में कास्ट सिस्टम है कास्ट सिस्टम में ये बात ही नहीं होगी क्या अचीव किया क्या नहीं. दलित दलित पैदा हुए हैं तो उनको वही कराया जाएगा सोसाइटी में हमारी सोसाइटी ऐसी है ठीक है कास्ट बेस सोसाइटी एस्क्रिप्टिव सोसाइटी इसको कहा गया. ठीक है जी एंड नॉट एस्क्रिप्शन बेस्ड कास्ट ओरिएंटेड सोसाइटीज लाइक इंडिया ठीक है यहां पे क्या करेंगे हम देन डज नॉट टेक केयर ऑफ एलीट सेल्फ रिक्रूटमेंट ये एक इंपोर्टेंट वर्ड है एलीट सेल्फ रिक्रूटमेंट जहां पर देखा गया कि एलीट अपने तरह के लोगों को ही अपनी जैसे पोजीशंस पे रिक्रूट करना चाहते हैं.

[13:07]इल्जाम लगता है बहुत ऑफन यूपीएससी पर भी कि वो जो ब्यूरोक्रेट्स के जितने भी बच्चे हैं उनको ज्यादा नंबर मिलते हैं इंटरव्यू में क्योंकि वो ऐसे वो बोलते हैं एक हमारे इसमें हर लम्बस पे भी लिखा हुआ है आर्मी में देखा गया आर्मी ने अपने जितने भी और लोग थे जब रिक्रूटमेंट चली जिनके मां-बाप आर्मी से जुड़े हुए थे उनके उनको रख लिया. ठीक है जी वो कह रहे हैं एलीट अपने जैसे लोगों को ही रिक्रूट करते रहते हैं नीचे वाले को कभी रिक्रूट ही नहीं करेंगे तो सोसाइटी में मोबिलिटी खत्म हो जाती है नीचे वाला कभी ऊपर आ ही नहीं पाएगा. एंड देन उसके बाद स्ट्रेटिफिकेशन लीड्स टू पीपल हैविंग पावर डिप्राइविंग एक्सप्लोइटिंग अदर्स जो स्टेटा में ऊपर है वो एक दूसरे को एक्सप्लोइट कर रहा है एंड जैसे हैव्स इन कैपिटलिज्म वो हैव नॉट को एक्सप्लोइट करते हैं. एंड देन पीपल विद मोर पावर टेक मैक्सिमम रिवार्ड्स ये तो हो ही रहा है इसको करप्शन कहते हैं हम जिसके पास ज्यादा पावर है जिसकी लाठी उसकी भैंस एंड देन विदाउट स्टेट इंटरवेंशन देयर इज वेरी लेस प्रोबेबिलिटी ऑफ पीपल कमिंग आउट ऑफ पॉवर्टी साइकिल. स्ट्रक्चर हमेशा ही परपेचुएट होता जाएगा हमने पहले ही पढ़ा था कि जब डिफरेंसेस जब रैंकिंग में कन्वर्ट हो जाते हैं रैंकिंग से कन्वर्ट हो जाते हैं इवैल्यूएशन होने के बाद आपके फाइनल स्टेटा में स्टेटा स्टेटा में कन्वर्ट होने के बाद वो परपेचुएट हो जाते हैं सालों-साल चलते हैं जिंदगी भर चलते हैं और सदियों तक चलते हैं. तो इसलिए कह रहे हैं अगर आपको इनको जो नीचे वाले जो लोग फंस गए परपेचुएट हो गए नीचे वाले में उनको अगर बाहर निकालना है सरकारी मदद रिक्वायर्ड रहेगी स्टेट इंटरवेंशन ठीक है जी तो अपनी पास ये थ्योरी थी डेविस एंड मूर की इसके बारे में आप इसके नोट्स बनाओ इसको रटो पेपर में बार-बार आती है लेट्स सी इस बार दोबारा आए तो ठीक है मिलते हैं जल्दी थैंक यू.

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