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Free AI COURSE for Beginners – Class 2 - What is LLM? LLMs Explained Easy #course #ai

Raj Photo Editing and Much More

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[0:00]इस एआई कोर्स में कल आपने सीखा कि एआई क्या होता है एआई कैसे काम करता है। वेलकम टू डे टू ऑफ एआई कोर्स फॉर बिगिनर्स।

[0:16]एंड एक जरूरी बात, अगर आपने कल वाला लेसन अभी तक नहीं देखा, तो मैं आपसे रिक्वेस्ट करूंगा, पहले आप कल वाला लेसन देखिए, ताकि आपको आज का लेसन और अच्छे से समझ में आए। अब एआई के ना बहुत सारे अलग-अलग मॉडल्स होते हैं। जैसे आपने सुना होगा कि मैंने टेक्स्ट लिखकर उससे वीडियो बना दी, टेक्स्ट लिखकर उससे फोटो बना ली, तो ये सारे डिफ्यूजन मॉडल्स होते हैं। और अगर आपने चैट जीपीटी का यूज करा है, गूगल जेमिनाई का यूज करा है, तो ये सारे लैंग्वेज मॉडल्स आ जाते हैं। वैसे तो ये बहुत सारे मॉडल्स हैं, लेकिन इनमें हम ज्यादा नहीं जाएंगे क्योंकि बहुत सारी कन्फ्यूजन क्रिएट हो जाएगी आपको। तो इन मॉडल्स में से जो सबसे ज्यादा पॉपुलर मॉडल है, वो है लार्ज लैंग्वेज मॉडल यानी एल एल एम। तो आपने सोशल मीडिया यूट्यूब पे भी काफी सुना होगा कि एलएलएम कुछ होता है, लेकिन ये नहीं पता होगा कि क्या होता है।

[1:04]अब एआई की एक ऐसी टाइप है जिसके बारे में बहुत बात होती है और आपने भी जरूर इसके बारे में सुना होगा। जो है एलएलएम यानी लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स। तो ये काफी इंपोर्टेंट टाइप है, काफी पॉपुलर टाइप है एआई की और ये एलएलएमस को अभी हम आसान तरीके से समझते हैं। ये क्या होते हैं, काम कैसे करते हैं, क्या चीज है? तो पहले तो मैं आपके माइंड को थोड़ा सा इजी कर देता हूं कि अगर आपने चैट जीपीटी, गूगल जेमिनाई या क्लॉड का नाम सुना है, तो भाई ये सारे एलएलएमस ही हैं। क्योंकि बड़ा सा पहाड़ नहीं है जो मुश्किल लग रहा है आपको, चाहे आपने चैट जीपीटी का नाम सिर्फ सुना ही हुआ है, तो भाई वो एक एलएलएम ही है। और बाकी ये होता क्या है वो अभी हम देखते हैं। तो बेसिकली ये एलएलएमस होते हैं लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स। और ये मॉडल्स डीप लर्निंग का यूज करते हैं और इन्हें बहुत सारे मिलियंस और ट्रिलियंस वर्ड्स पे ट्रेन किया जाता है, यानी बहुत सारी इंफॉर्मेशन पे इनको ट्रेन करते हैं। अभी लार्ज को थोड़ा छोड़ दें, लैंग्वेज मॉडल पे फोकस करते हैं कि लैंग्वेज मॉडल। हम जैसे सोशल मीडिया यूज करते हैं, उसके अंदर क्या है लैंग्वेज है। स्टूडेंट्स पढ़ाई करते हैं, स्टडी करते हैं, अपना होमवर्क करते हैं, तो उसके अंदर क्या है लैंग्वेज है। कहीं कोई बिजनेस के अंदर अपनी ईमेल्स लिख रहा है, कोई जॉब के अंदर अपनी जॉब लेटर्स लिख रहा है, कॉन्ट्रैक्ट साइन हो रहे हैं, ट्यूटोरियल्स आ रहे हैं, तो सबके अंदर क्या चीज है? लैंग्वेज है। तो इसका मतलब अगर हमारे पास एक ऐसा एआई है जो लैंग्वेज को अच्छे से समझता है तो वो एआई हम इंसानों के बहुत सारे काम इजी कर सकता है क्योंकि वो लैंग्वेज को समझ रहा है और हमारे ज्यादातर काम लैंग्वेज पे ही डिपेंड करते हैं। अभी एलएलएम क्या होते हैं? आप सब स्कूल कॉलेजेस में गए हुए हैं तो आप सपोज करिए आप एक स्कूल में गए हो और वहां एक लाइब्रेरी है, बहुत ही बड़ी लाइब्रेरी जिसके अंदर अलग-अलग सब्जेक्ट्स की किताबें पड़ी हुई हैं। और वहां पर एक लाइब्रेरियन है। एक लाइब्रेरियन बैठी हुई हैं, जिनको वो सारी किताबों के बारे में पता है जो जो वहां पर पड़ी हुई है, यानी वो लाइब्रेरियन ने सब कुछ याद कर लिया है। सब कुछ उसके माइंड में है, उसको पता लग गया है कि कौन सी बुक में क्या-क्या लिखा हुआ है, सब इंफॉर्मेशन उसने ले ली। और अब आप जो भी उससे पूछेंगे, वो तुरंत उसका आंसर आपको दे देगी। यानी वो कुछ नई नॉलेज नहीं आपको दे रही, उसके पास जो भी इंफॉर्मेशन है, जो भी पैटर्न्स उसने अपने अंदर ऑब्जर्व किए हैं, उसके अकॉर्डिंग वो आपको आंसर दे देगी। तो ये मैंने आपको लैंग्वेज मॉडल का एक बेस समझाया कि कैसे ये लैंग्वेज मॉडल काम करता है। लेकिन अगर वही लाइब्रेरियन के पास बहुत सारी शक्तियां आ जाएं, वो इतनी बड़ी बन जाए कि अभी तो उसके पास सिर्फ एक स्कूल की लाइब्रेरी की इंफॉर्मेशन है। आप सपोज करिए उसके पास इस शहर के और भी स्कूल्स की इंफॉर्मेशन आ जाए। स्कूल्स के अलावा यूनिवर्सिटीज की, लोगों के घरों की बातें उसको पता लग जाएं। फिर उसके बाद उसको इंडिया के अलग-अलग सिटीज की इंफॉर्मेशन पता लग जाए। उसको मूवीस की, पॉलिटिक्स की, उसको अलग-अलग स्टेट्स की इंफॉर्मेशन पता लग जाए। स्टेट्स के बाद फिर उसको पूरी दुनिया की अगर इंफॉर्मेशन पता लग जाए, फिर वो कितनी पावरफुल हो जाएगी। और अब वही लाइब्रेरियन इतनी ज्यादा ट्रेन हो चुकी है कि अब उसको सिर्फ आप वो लाइब्रेरी के क्वेश्चन नहीं, उसके अलावा भी आप उसको बहुत सारी चीजें पूछ सकते हो। जैसे आपने कुछ हिस्ट्री के बारे में पूछ लिया, जैसे आपने उसको मूवीस के बारे में पूछ लिया, पॉलिटिक्स के बारे में पूछ लिया, आपने कोई न्यूट्रीशन एडवाइस ले ली, और वो सबके आंसर्स आपको दे पाएगी, क्योंकि अब वो ह्यूज वॉल्यूम ऑफ डेटा पे ट्रेन हो चुकी है। तो ये होता है लार्ज लैंग्वेज मॉडल जिसके पास सारी की सारी इंफॉर्मेशन आ चुकी है। और ऐसे लार्ज लैंग्वेज मॉडल से जब हम क्वेश्चंस पूछते हैं, उसी इंफॉर्मेशन के हिसाब से हमें वो आंसर दे देते हैं। तो ये मैंने आपको एक्सप्लेन कर दिया अभी एलएलएम क्या होते हैं। अभी आपको इसकी डेफिनेशन भी बताता हूं। अ लार्ज लैंग्वेज मॉडल यानी एलएलएम इज एन एआई सिस्टम दैट लर्न्स फ्रॉम अ लॉट ऑफ रिटन टेक्स्ट कि वो टेक्स्ट से समझता है एंड यूजेस दैट लर्निंग टू अंडरस्टैंड व्हाट वी से एंड रिप्लाई इन अ ह्यूमन लाइक वे। यानी कैसा मॉडल जो टेक्स्ट को समझने में एक्सपर्ट होता है, वो अच्छे से टेक्स्ट को समझता है और फिर उसी स्टाइल में जिस स्टाइल में क्वेश्चन पूछा होता है, उसी वे में ये आंसर्स देने में भी एक्सपर्ट होता है। और अब आप सोच रहे हो ये एलएलएमस आपकी हेल्प कहां पर कर सकते हैं। तो अगर तो आप एक स्टूडेंट हो आपको कोई टॉपिक मुश्किल लग रहा है, उसमें ये आपकी हेल्प कर देंगे। आप अगर वीडियोस बनाते हो तो स्क्रिप्ट्स लिखने में ये आपकी हेल्प कर सकते हैं। कोडिंग सीखने में, कोई नई लैंग्वेज सीखने में आपकी हेल्प कर सकते हैं। आपको खाना बनाना सीखना है तो कुकिंग के लिए आप यहां से टिप्स ले सकते हो। बेटर ईमेल्स लिखने में, प्रेजेंटेशंस बनाने में, इवन जॉब के रेजुमेस बनाने में भी ये आपकी हेल्प कर सकते हैं। यानी बहुत सारे यूज केसेस हैं, आपका जो भी काम है, आप ट्राई करिए, ये चैट जीपीटी, गूगल जेमिनाई इनसे पूछने की और ये आपकी हेल्प करेंगे। लेकिन आपको ये कंफ्यूज नहीं होना अभी आपको आगे बताएंगे कि आपने ये टूल्स को कैसे यूज करना है। एंड इसके पहले एक और जरूरी बात, जो हम एआई से पूछेंगे, जो टेक्स्ट लिख के इससे हम पूछेंगे, जो क्वेश्चन अपना आप पूछेंगे उसको कहते हैं प्रॉम्प्ट। और ये प्रॉम्प्ट पे ही डिपेंड करेगा कि ये एआई हमें कैसी आउटपुट दे रहा है, कैसा आंसर दे रहा है। यानी गुड प्रॉम्प्ट विल गिव गुड आउटपुट एंड अ बैड प्रॉम्प्ट विल गिव अ बैड आउटपुट। और ये प्रॉम्प्टस कैसे लिखते हैं, कैसे बढ़िया प्रॉम्प्ट लिखते हैं ये भी आगे आपको बताएंगे। तो अभी आपको जो मैंने एलएलएम समझाने थे और मुझे उम्मीद है आपको पक्का समझ में आ गए होंगे। एंड एक और चीज ये मॉडल्स ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्चर पे काम करते हैं। जिसकी वजह से इन्हें वर्ड्स का कॉन्टेक्स्ट और रिलेशन समझ में आता है। यानी सेंटेंसेस का मीनिंग और वर्ड्स के बीच में कनेक्शन को समझ के ये काम करते हैं। और इसी वजह से ये स्मूथ एंड नेचुरल कन्वरसेशंस कर पाते हैं। और याद रखना ये एलएलएमस हम ह्यूमंस हम इंसानों की तरह सोच नहीं सकते। बस ये एलएलएमस नेक्स्ट वर्ड प्रिडिक्ट करने में इतने परफेक्ट हो चुके हैं कि ये हमें लगने लग गया कि वो एआई सोच रहा है, लेकिन भाई वो बस अपनी इंफॉर्मेशन जो उसके पास है, उसके हिसाब से नेक्स्ट वर्ड्स को प्रिडिक्ट ही कर रहा है। यानी ये एलएलएमस बहुत पावरफुल हैं, बहुत अमेजिंग हैं, लेकिन ये परफेक्ट नहीं है। कई बारी तो ये बहुत सारी गलत इंफॉर्मेशन भी दे देते हैं, यानी इसकी इंफॉर्मेशन पे बिल्कुल 100 परसेंट पे रिलाय मत करना। खुद से रिसर्च करना भी इंपोर्टेंट है। तो आज की वीडियो में आपको एलएलएमस के बारे में पता लग गया और अभी कल फिर से मिलेंगे नेक्स्ट चैप्टर के साथ।

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