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Imam Mahdi, Khorasan And Dajjal |Signs of the End Times#islamicshorts #islamichistory#islamicvideo

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[0:00]इल्यूमिनाटी, कुछ लोग कहते हैं यह सिर्फ एक नाम है। मगर सवाल यह है, क्या मॉडर्न सिस्टम्स किसी बड़े फितने की तरफ इशारा करते हैं?
[0:00]अपनी राय जरूर दें। यह तमाम बातें गौर और फिक्र के लिए हैं। हकीकी इल्म सिर्फ अल्लाह के पास है।
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[0:00]इल्यूमिनाटी, कुछ लोग कहते हैं यह सिर्फ एक नाम है। मगर सवाल यह है, क्या मॉडर्न सिस्टम्स किसी बड़े फितने की तरफ इशारा करते हैं? एआई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ना या फिर एनआई एक आंख जो हर जगह मौजूद है। एक नाम जो अक्सर लोगों के जहन में आता है जब वह छुपे हुए निजाम की बात करते हैं। मगर आज बात किसी थ्योरी की नहीं, बात उन निशानियों की है जिनका जिक्र खुद हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने किया। आप ने फरमाया फितने अंधेरी रात के टुकड़ों की तरह होंगे। एक ऐसा दौर जहां झूठ तेज होगा और हक कमजोर। लोग दिन में मोमिन रात को काफिर हो जाएंगे। लोग पूछ रहे हैं क्या तीसरी आलमी जंग शुरू होने वाली है? या वह जंग जिसे अहादी इसमें अलम लहामा अल कुबरा कहा गया। यानी बहुत शदीद जंग, मगर शायद जंग मिसाइल से नहीं होती। कभी-कभी जंग फित से होती है। सोच पर कब्जा करके नरेटिव कंट्रोल करके तो फिर सवाल उठता है। इस अंधेरे के बाद रोशनी कहां से आएगी? रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इमाम महदी के बारे में फरमाया। मेहदी मेरी औलाद में से होंगे फातिमा की नस्ल में से फिर फरमाया। वह जमीन को इंसाफ से भर देंगे जिस तरह वह जुल्म से भरी होगी। सोचिए क्या दुनिया जुल्म से भर नहीं रही है? क्या इंसाफ कमजोर नहीं हो रहा है? और फिर खुरासान से सियाह झंडे निकलेंगे, उन्हें कोई नहीं रोक सकेगा। रसूल अल्लाह ने फरमाया तुम और रूम अमन का मुआयना करोगे। फिर मिलकर एक दुश्मन से लड़ो फिर धोखा होगा और फिर बड़ी जंग होगी। खुरासान तारीखी तौर पर अफगानिस्तान, ईरान और उसके गिर्द नवा का इलाका। आज वही इलाके जहां पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। क्या यह सिर्फ इत्तेफाक है या वक्त अपने उस मोड़ की तरफ बढ़ रहा है जिसका जिक्र 1400 साल पहले कर दिया गया? रसूल अल्लाह ने दज्जाल को सबसे बड़ा फितना करार दिया। मगर याद रखिए इमाम महदी का जहूर जुल्म के बाद होगा। और वह इंसाफ कायम करेंगे। यह बात यकीन की है क्योंकि यह नबी का वादा है। क्या हम उन निशानियों को पहचान रहे हैं जिनका जिक्र हदीस में है? अपनी राय जरूर दें। यह तमाम बातें गौर और फिक्र के लिए हैं। हकीकी इल्म सिर्फ अल्लाह के पास है।

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