[0:09]नमस्कार मित्रों, आप सभी का मोस्ट वेलकम है। दोस्तों, आपको पता है कि हमारे जो हाथ हैं और हाथों की जो उंगलियां हैं, इन उंगलियों पर फिंगरप्रिंट्स होते हैं। जी हां, ऐसे प्रिंट्स होते हैं जो कि पामिस्ट्री के अकॉर्डिंग एस्ट्रोलॉजी के अकॉर्डिंग आपको कई तरह के फल देने में सामर्थ्य रखते हैं। जी हां, ऐसे ही जैसे कि आपने सुना है, उंगलियों पर शंख रूपी प्रिंट्स भी होते हैं, चक्र के प्रिंट्स होते हैं और तीसरा जो खास प्रिंट है, वो है सीप का प्रिंट। जी हां, सीप मोती जिसमें होता है आपने देखा है तो सीप के बाहरी कवर के आकार के भी प्रिंट्स हमारे हाथों पर पाए जाते हैं। तो इन उंगलियों पर शंख का प्रिंट होना, सीप का प्रिंट होना या चक्र का प्रिंट होना किस तरह के फलों की अनुभूति हमारे जीवन में कराता है। हथेली पर शंख का प्रिंट होना, उंगलियों पर शंख का प्रिंट होना एक अलग ही फल को देता है वहीं चक्र यदि उंगलियों पर ज्यादा है, कम है या कितने भी हैं उसके अकॉर्डिंग चक्र का फल भी कुछ विशेष माना जाता है और वहीं सीप का फल भी बिल्कुल अलग देखने को मिलता है। तो आज मैं आपको यही बताने वाला हूं कि किस तरह के शंख के निशान कितने हो, चक्र के निशान कितने फिंगर्स में हो या फिर सीप के निशान कितने हैं तो उसके अकॉर्डिंग ही क्योंकि एक से लेकर के और 10 तक इन तीनों में से शंख, चक्र या सीप में से कोई भी निशान अधिक से अधिक या कम से कम आपके हाथों पर हथेली उंगलियों के इन फिंगरप्रिंट्स पर हो सकते हैं। तो उनका क्या-क्या प्रभाव आपके जीवन में मिलता है क्योंकि कुछ फिंगरप्रिंट्स की मदद से व्यक्ति बहुत ही ऊंचाइयों को छूता है तो कभी दरिद्र हो जाता है किन्हीं फिंगरप्रिंट्स के कारण जो है व्यक्ति बहुत अमीर और धनी वैभव मतलब अलग-अलग प्रकार के यहां पर फल देखने को मिलते हैं। तो आइए जानते हैं कि किस प्रिंट का क्या प्रभाव आपकी लाइफ स्टाइल पर आपके जीवन पर धन संपदा सेहत और ऐश्वर्य इन सभी चीजों पर क्या-क्या फल और किस प्रकार से प्रभाव देने वाले होते हैं। तो वीडियो को बिना स्किप किए देखिए और आइए स्टार्ट करते हैं।
[3:04]तो मेरे लवली फ्रेंड्स सबसे पहले बात कर लेते हैं सीप रेखा की। जी हां, सीप रेखा सीप के आकार का फिंगरप्रिंट्स जब हमारी उंगलियों पर हो। तो देखिए हम पहले सीप की बात कर रहे हैं तो सीप रेखा सीप रेखा यदि किसी भी उंगली के आगे पोरवे पर क्योंकि ये रेखाएं यहीं पर होती हैं। तो किसी भी पोरवे पर यदि सीप की एक निशान सीप का एक निशान हो जैसे सीप मैं आपको दिखा रहा हूं कि किस तरह का निशान है तो ये सीप का यदि एक निशान दसों उंगलियों में से किसी एक में भी यदि सीप का निशान हो तो ऐसे व्यक्तियों को राजा समान राज तुल्य यानी कि बहुत बड़े इंसान के रूप में ऐसे व्यक्ति बनते हैं और राजा के समान उनके पास धन वैभव होता है और उनकी लाइफ स्टाइल भी बहुत अच्छी होती है। लेकिन दोस्तों यदि दो निशान हो यदि सीप के दसों उंगलियों में से या फिर एक ही हाथ की उंगलियों में या एक ही एक ही उंगली एक ही पूर्व पर दो निशान यदि सीप के हो तो ऐसे व्यक्ति को यह दो सीप की रेखाएं दो प्रिंट जो है व्यक्ति को अति दरिद्र बनाना है। दरिद्र देखिए दरिद्र का मतलब यहां पर है धन से हीन को भी दरिद्र कहते हैं पैसे से हीन को भी दरिद्र कहते हैं और बुरी आदतें सब चीज होने के बावजूद इसके अंदर हाय हाय की हाय हाय की आदत होती है ऐसे व्यक्तियों को भी दरिद्र कहते हैं। तो दो सीप एक ही उंगली पर होना बहुत ही अशुभ माना जाता है जो कि व्यक्ति को दरिद्र देने वाला होता है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र इस चीज पर भी गणना देता है कि यदि सीप मैंने कहा था अभी कि एक अलग दो सीप होना यहां पर ज्यादा विशेष दरिद्रता की बात तब ज्यादा आ जाती है जब एक ही उंगली पर दो सीप हो।
[5:05]तो ज्यादा दरिद्र होने की संभावनाएं बन जाती हैं लेकिन इनमें यदि अलग-अलग उंगलियों में दो सीप हो तो ऐसे व्यक्ति धनी भी शास्त्र कहता है कि धनी भी होते हैं यानी कि पैसे वाले बनते हैं अपने लाइफ में। उंगलियों दसों उंगलियों में से तीन उंगलियों पर यदि सीप की रेखा है। दसों उंगलियों में से तीन तीन रेखा यदि सीप की है तो ऐसे व्यक्ति योगी कहे जाते हैं योगी बनते हैं अपने जीवन योग साधना से सब कुछ प्राप्त करने वाले और विशेषकर योग साधना से प्रभु भक्ति करने वाले शरीर को स्वस्थ रखने वाले अपने योग और सिद्धियां ऐसे व्यक्ति के पास होती हैं तो ये सब चीजें अपने जीवन में पा लेते हैं। और चार यदि सीप की रेखाएं दसों उंगलियों में से हो दसों उंगलियों में से किसी में भी यदि चार सीप की रेखाएं हो तो भी ऐसे व्यक्ति को दरिद्र माना जाता है धन से हीन और प्रभुता से हीन मान सम्मान से हीन ऐसे व्यक्तियों को दरिद्र कहा जाता है तो ऐसे दरिद्र होते हैं जिनके दसों उंगलियों में चार सीप होते हैं। पांच सीप यदि हो दसों उंगलियों में से किसी में भी पांच सीप पांच गणना में यदि आ रहे हो तो ऐसा व्यक्ति भी बहुत धनमान पद प्रतिष्ठा और अवनति अपने जीवन में आसानी से पा लेता है लेकिन वहीं छठवां छह छह यदि सीप है दसों उंगलियों में से तो छह सीप ऐसे व्यक्ति को भी सिद्धि प्रद बनाते हैं ऐसे व्यक्ति दूसरों के लिए बड़े सिद्ध होते हैं। ऐसे व्यक्तियों की वाणी बड़ी सुंदर सिद्ध होती है और अपने जीवन में जो भी कार्य करते हैं वह सिद्धिदा यानी कि आप कह सकते हैं एक योगी संत के रूप में भी हो सकते हैं और बहुत ही सिद्ध व्यक्ति होते हैं जो दूसरों के और अपने दोनों के ही काम बनाने वाले ऐसे योगी योग साधना में रत व्यक्ति माने जाते हैं लेकिन वहीं यदि दोनों हाथों में दसों हाथों दसों उंगलियों में यदि सात यदि हो तो भी ऐसे व्यक्तियों को दरिद्र कहा जाता है। दरिद्र यानी कि धनहीन हो जाते हैं कर्महीन हो जाते हैं और पैसे से भी हीन ऐसे व्यक्ति हो जाते हैं जिनके सात प्रिंट यदि केवल सीप के हों। आठ फिंगरप्रिंट्स यदि सीप के बन रहे हों दसों उंगलियों में किसी में भी टोटल तो आठ सीप वाला भी धनी होता है भी पैसे वाला होता है और अपने जीवन में ऐसा व्यक्ति को भी हम यह कहते हैं कि अष्टसिद्धि नव निधि के दाता ऐसे व्यक्तियों को आठ प्रकार की सिद्धियां होती हैं जिसमें कि धन पैसा अन्न सुंदरता शरीर की स्वस्थता और जिसे हम ऐश्वर्य कहते हैं ये आठ चीजें जो है ऐसे व्यक्तियों को विरासत में मिलती है। यूं कहिए कि भाग्यशाली ऐसे व्यक्ति होते हैं तो धन मान पद प्रतिष्ठा और सम्मान की कोई आवश्यक कोई कमी नहीं रहती और बहुत ऊंचे जाते हैं। वहीं नौ वाले भी ऐसे व्यक्ति बहुत अच्छे होते हैं नौ का अंक तो वैसे भी बहुत शुभ होता है नौ का अंक यानी कि नव सिद्धि ऐसे व्यक्तियों को हर प्रकार से योगी कहा जा सकता है ऐसे व्यक्ति भी बहुत भाग्यशाली होते हैं और नौ सीप हाथ में होना व्यक्ति को बहुत भाग्यशाली बनाता है। यानी कि कर्म करने वाले ऐसे व्यक्ति होते हैं अपने पैरों पर खड़े होने वाले होते हैं ऐसे नौ निशान यदि सीप के उंगलियों पर हो तो ऐसे व्यक्तियों के पास सभी प्रकार की धन संपदा होती है और अपने जीवन में जो चाहे वह कर पाते हैं सभी सारी की सारी एक्सपेक्टेशंस पूरी होती है और ऐसे व्यक्ति बड़े मंडल के या बड़ी कंपनी के या बड़े सामाजिक स्तर पर या बहुत ऊंचाइयों को छूने वाले और बहुत बड़े पद पर बैठने वाले होते हैं। ऐसे व्यक्ति सम्मानित और पूजनीय होते हैं रिस्पेक्टेड होते हैं अपने जीवन में खूब इज्जत कमाते हैं खूब प्रतिष्ठा धन इकट्ठा करवाते हैं और बहुत सम्मान पाते हैं लेकिन वहीं यदि दसों उंगलियों में 10 सीप यदि हो तो व्यक्ति के लिए बहुत खराब होता है वहीं ये सारी की सारी सिद्धियां मान पद प्रतिष्ठा सम्मान से रहित व्यक्ति हो जाता है बहुत ही अशुभ माना जाता है।
[9:34]तो दसों हाथ में 10 सीप यदि हैं तो ऐसे व्यक्ति कर्महीन तो नहीं कहेंगे कर्म करने के बावजूद ऐसे व्यक्तियों को कुछ जीवन में प्रोग्रेस नहीं मिल पाती है। तो ये 10 सीप मैंने अलग-अलग प्रकार से आपको बताएं लेकिन अब आगे जानते हैं फिंगरप्रिंट्स पर शंख की रेखा उससे मिलने वाले फल और उसके बाद जानेंगे चक्र कितने चक्र हैं चक्र से संबंधित कितने अच्छे और बुरे फल आपको मिल सकते हैं। दोस्तों इस वीडियो के माध्यम से आज हम आपको बताएंगे कि स्त्री हो अथवा पुरुष जिनकी हथेली पर शंख का निशान यदि हो तो वो कितना प्रभावशाली हो सकता है। शंख का निशान होना व्यक्ति को राज तुल्य योग प्रदान करता है। इसे राज योग भी कह सकते हैं, राज तुल्य प्रभुता पाने वाला व्यक्ति भी कह सकते हैं। यह शंख स्त्री या पुरुष के किसी के भी हाथ पर पाया जा सकता है और शंखों की संख्या एक से लेकर के और 10 शंख तक व्यक्ति के हाथ में हो सकते हैं।
[10:41]उसी प्रकार से यह शंख रेखा कितना प्रभाव शाली व्यक्ति को बनाती है आज इस वीडियो के माध्यम से हम जानेंगे।
[10:55]तो दोस्तों यह शंख हथेली पर कहां होते हैं और इनका क्या शुभ फल आपके जीवन में हो सकता है आइए जानते हैं डिटेल्स में।
[11:34]दोस्तों जिन शंखों की बात मैं कर रहा हूं इन्हें शंख रेखा कहा जाता है और यह शंख रेखा हमारे हाथों पर पाई जाती है।
[11:46]हाथों की उंगलियों पर आपने कभी देखा होगा हाथ की आगे उंगलियों पर पहले सिरे पर ऊपर आपने देखा होगा किसी हथेली या किसी उंगली पर आपने शंख बना देखा होगा तो किसी उंगली पर आपने चक्र बना देखा होगा इन्हें ही शंख और चक्र रेखा कहते हैं लेकिन आज हम इस वीडियो में उंगली पर पाई जाने वाली शंख रेखा के बारे में कह रहे हैं। शंख रेखा की डिटेल्स हम जानेंगे तो दोस्तों यह शंख व्यक्ति के एक से लेकर के और दसों उंगलियों में 10 शंख भी हो सकते हैं नौ भी हो सकते हैं या इससे कम भी हो सकते हैं लेकिन शंखों की संख्या कुल मिलाकर के कितनी है उसी के आधार पर व्यक्ति को राज योग या राज योग जैसा मिलने वाला राज तुल्य प्रभाव और फल जीवन में देखा जाता है। मित्रों स्त्री हो अथवा पुरुष जिन मनुष्यों के हाथ में यहां पर दोनों हाथों की गणना हम एक साथ करेंगे। लेफ्ट और राइट दोनों ही हाथों के रेखा शंख को हम काउंट करेंगे। दोस्तों जिन मनुष्यों के हाथ में एक शंख हो दसों उंगलियों में लाकर के यदि दसों में से एक उंगली में यदि एक ही शंख हो तो वह मनुष्य यत्नशील होता है और कर्मठ होता है।
[13:14]ऐसे व्यक्ति निरंतर कार्यों में और कार्यों को पूर्ण करने के लिए निरंतर लगा रहता है इसलिए वह अपने जीवन में काफी सारी सफलताएं प्राप्त कर लेता है ऐसा व्यक्ति बिल्कुल भी आलसी नहीं होता बल्कि बहुत कर्मठ व्यक्ति माना जाता है। इसी के साथ में दोस्तों यदि दसों दसों उंगलियों में से केवल दो ही शंख यदि किसी व्यक्ति के हाथ में हो शंख रेखा दो ही हो तो दो शंख रेखा होने से व्यक्ति दरिद्री माना जाता है। और दरिद्र का मतलब यहां पर है वह अपनी आदतों से दरिद्र होता है जैसे कि किसी के पास बहुत सारी धन संपदा हो उसके बावजूद वह अपने अपने को गरीबों में गिनता हो या गरीबों जैसा या दरिद्र जैसा रहता हो या जिसकी बहुत सारी चीजों की प्राप्त करने के बाद भी जिसकी लालसा खत्म ना हो ऐसे व्यक्ति को दरिद्र कहते हैं तो ऐसा व्यक्ति दरिद्र होता है जिसके कि हाथों पर मात्र दो शंख ही होते हैं। दोस्तों यदि किसी व्यक्ति स्त्री या पुरुष के दसों उंगलियों में से केवल तीन ही शंख निकलते हो तीन ही शंख रेखा हो तो ऐसा व्यक्ति पुरुष स्त्री के लिए आकर्षित जिंदगी पर्यंत रहता है या ऐसे स्त्री पुरुषों के लिए आकर्षित रहती है जीवन पर्यंत और पुरुष स्त्री के लिए रुदन करती रहती है जीवन पर्यंत। किंतु दोस्तों यदि किन्ही व्यक्तियों के हाथ पर टोटल दसों उंगलियों में से पांच शंख की गणना होती है केवल पांच शंख ही रेखा है तो ऐसे व्यक्ति समुद्र पर्यंत प्रभुता का सूचक माना जाता है।
[15:48]ऐसे व्यक्ति बहुत गहरे मिजाज के होते हैं बहुत भारी विद्वान माने जाते हैं बड़े शक्तिशाली होते हैं ऐसे व्यक्तियों के लिंक बहुत फैले हुए होते हैं बहुत ऊंची पहचान होती है ऐसे व्यक्ति बहुत भारी विद्वान भी होते हैं बहुत बुद्धिमान व्यक्ति होते हैं।
[16:37]और बुद्धिमत्ता के बल पर ऐसे व्यक्ति राज करते हैं।
[16:44]दोस्तों यदि किन्ही व्यक्तियों के हाथ में केवल सात यदि शंख रेखा हो तो ऐसे व्यक्ति दरिद्र माने जाते हैं दरिद्र की परिभाषा मैंने आपको पहले भी कहा है दरिद्र धन ना होना भी दरिद्र होता है और अच्छे गुण ना होना भी दरिद्र कहा जाता है। यदि दसों उंगलियों में से आठ उंगलियों पर यदि शंख है जिन व्यक्तियों के तो वह ऐसे व्यक्ति अपना पूरा जीवन सुख समृद्धि पूर्वक जीवन व्यतीत करते हैं। ऐसे व्यक्तियों का भाग्य बहुत अच्छा होता है भाग्य बल पर ये व्यक्ति अपने जीवन पर्यंत एक अच्छी लग्जरी और सुंदर जीवन जीने की कला रखते हैं। दोस्तों यदि हथेली पर मात्र दसों उंगलियों में से यदि नौ उंगलियों में यदि शंख पाए जाते हो शंख रेखा हो तो ऐसे व्यक्ति स्त्री पुरुष मनुष्य स्त्री प्रवृत्ति के होते हैं। और स्त्री पवित्र का यहां पर मतलब है प्राकृतिक रूप से पुरुष भी हो तो वह स्त्रियों की तरह ही गुण वाले होते हैं। बहुत सारे गुण होते हैं और 10 शंख यदि जिन व्यक्तियों के हो तो ऐसे मनुष्य राजा माने जाते हैं राजयोग में उत्पन्न होते हैं धन शंख 10 शंख दसों उंगलियों पर यदि हो तो ऐसे व्यक्ति या तो बहुत भारी राजा माने जाते हैं बहुत बड़े कर्मचारी माने जाते हैं बहुत ही शक्तिशाली व्यक्ति माने जाते हैं या फिर ध्यान मुद्रा में योग्य होते हैं।
[18:39]योग साधना में रत रहने वाले ऐसे परम योगी माने जाते हैं परमहंस रूप में हो जाते हैं ऐसा सामुद्रिक शास्त्र के वेत्ताओं का स्पष्टीकरण है कथन है दोस्तों ये थे शंख के प्रकार और शंख किन-किन संख्या में व्यक्तियों के हाथ में है उनके क्या-क्या फल देखे जाते हैं यह हमने इस वीडियो में स्पष्ट किया। अधिक जानकारी के लिए और भी वीडियो में हम और भी सारी डिटेल्स दे सकते हैं आपको हमारे इस चैनल को इस तरह की वीडियोस पाने के लिए सब्सक्राइब जरूर करें यदि आपने सब्सक्राइब नहीं किया है तो।



