[0:00]क्या होता अगर अल्बर्ट आइंस्टाइन एशंट ग्रीस में पैदा हुआ होता? ऐज 10. दूसरे बच्चे खेल रहे हैं। तुम एक पेड़ के नीचे बैठे हो। पत्थर से कैलकुलेशंस कर रहे हो। एक टीचर पास से गुजरता है। क्या कर रहे हो? लाइट कैलकुलेट कर रहा हूं। वो तुम्हें घूरता है। लाइट क्या होती है? तुम एक लंबी सांस लेते हो। छोड़ो रहने दो। वो तुम्हारे पेरेंट्स को बताता है। यह बच्चा शायद श्रापित है। ऐज 17। फिलॉसफी सोक्रेटिस पढ़ा रहे हैं। सच्ची विजडम यही है कि तुम जानते हो कि तुम कुछ नहीं जानते। तुम हाथ उठाते हो। अगर आप जानते हो कि आप कुछ नहीं जानते तो आप कुछ तो जानते हो। क्लास में सन्नाटा छा जाता है। सोक्रेटिस 30 सेकंड तक अपनी दाढ़ी सहलाते हैं और वहां से चले जाते हैं। ऐज 25। एथेंस यूज से प्रार्थना कर रहा है कि तूफान ना आए। तुम खड़े होते हो। बादल की गरज यूज का गुस्सा नहीं है। यह सिर्फ एनर्जी है। भीड़ रुक जाती है। फिर कोई चिल्लाता है। यह यूज का अपमान कर रहा है। एक पुजारी आगे आता है। यूज तुम्हें सजा देगा। तुम कहते हो अगर यूज मुझे मारना चाहता है तो मैं यहीं हूं मार दो। तुम इंतजार करते हो। कुछ नहीं होता। भीड़ ने फ्रूट्स और वेजिटेबल्स फेंकने शुरू कर दिए। एक सेब तुम्हारे सर के पास से गुजरता है। तुम उसे हाथ में पकड़ लेते हो मुस्कुराते हो। नाश्ते के लिए शुक्रिया। ऐज 35। सम्राट ने तुम्हारे ऊपर चार्जेस लगाए हैं। 15 साल से देवी देवताओं का अपमान। एथेंस चाहता है तुम्हें यूज का बलि में दे दिया जाए। तुम सीधी आंख मिलाकर देखते हो। अगर मैं आपको एक भी सैनिक खोए बिना पूरी दुनिया जितवा दूं तो। वो हंसा फिर रुक गया। ठीक है। क्या चाहिए तुम्हें? तुम मुस्कुराते हो। हर पागल सोचने वाला जो तुम्हें मिल सके। छह महीने बाद तीन शहर एक रात में गायब। कोई फौज नहीं कोई जंग नहीं बस एक रोशनी। तुम अपना कोट ठीक करते हो। एक गहरी सांस लेते हो। 10 साल पहले बोला था यह सिर्फ एनर्जी है।
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