[0:00]नीला सियार एक घने जंगल में सियारों का एक बड़ा सा झुंड रहता था सभी सियार एक दूसरे के साथ मिलजुलकर रहते थे पर उनमें से एक सियार की किसी से भी दोस्ती नहीं थी उसका नाम था भूरा भूरा सभी सियारों में अपने को अधिक बुद्धिमान और चतुर समुचता था वह हमेशा उनका मजाक बनाता और बाकी सियारों से कहता मैं कितना बलिष्ठ और बुद्धिमान हूं तुम सबको मेरी पूजा करनी चाहिए पूरा स्वभाव से झगड़ालू और ईर्ष्यालु भी था वह कभी किसी का खाना झपट लेता तो कभी किसी की पूंछ काट लेता इसलिए उसकी रोज किसी ना किसी से लड़ाई भी होती थी उसके इस बर्ताव से तंग आकर एक दिन सभी जानवरों ने उसे सबक सिखाने की सोची हमें उसे पास वाले तालाब पर धकेल देना चाहिए तभी उसकी अकड़ ठिकाने आएगी नहीं-नहीं हमें उसे इस जंगल से बाहर भगा देना चाहिए ताकि वह किसी से लड़ाई ना कर सके कुछ देर तक सोचने के बाद सभी ने यह तय किया कि भूरा जब वापस आएगा तो उसकी डंडे से पिटाई करनी होगी दोपहर का वक्त था और भूरा मस्ती में चलता हुआ आ रहा था तभी अचानक से उसकी नजर बाकी सियारों पर पड़ी जो लाठी लिए उसकी ओर ही आ रहे थे बूढ़ा डर गया और वो धीरे-धीरे उल्टा चलने लगा उसे वापस जाता देख सभी जानवर उसकी और दौड़ने लगे और अब भूरा समझ चुका था कि सारे जानवर लाठी लेकर उसे ही मारने आ रहे हैं भूरा ने गांव की ओर दौड़ना शुरू किया तो सारे जानवर उसके पीछे दौड़े रुक जा बूढ़े आज हम तुझे सबक सिखा कर ही रहेंगे आज तू बच नहीं पाएगा हमारे से मुझे माफ कर दो मैं आज से कभी किसी को तंग नहीं करूंगा पर आज तो कोई उसे नहीं छोड़ना चाहता था भूरा आगे आगे जानवर पीछे पीछे दौड़ता दौड़ता भूरा एक धोबी की दुकान में घुस के छुप गया सभी जानवरों ने उसे बहुत ढूंढा पर जब वह किसी को नहीं मिला तो सब जंगल की तरफ लौट गए जब बाहर शांति हो गई तो भूरा ने सोचा लगता है सभी जानवर जंगल वापस चले गए अब मुझे कोई खतरा नहीं है भूरा जैसे ही कमरे से बाहर आने लगा तो उसे नीले रंग की भरी बाल्टी से ठोकर लग गई और वह जमीन पर गिर गया
[2:32]ठोकर लगने की वजह से बाल्टी का सारा पानी बूरा के ऊपर आ गिरा और वह नीले रंग का हो चुका था लेकिन उसे यह बात पता नहीं थी वह गांव से निकलकर जंगल की ओर चल दिया जैसे ही वह जंगल पहुंचा सारे जानवर उसे देखकर डर के भागने लगे क्योंकि उन्होंने ऐसा विचित्र जानवर कभी नहीं देखा था लगता है अब इनकी अकल ठिकाने आ गई है लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा था कि सारे जानवर अचानक उसे देखकर क्यों डर रहे थे जब वो तालाब के पास पानी पीने गया तो उसने देखा कि वो नीले रंग का हो चुका था भूरा को सारी बात समझ में आ गई सारे जानवर मुझे देखकर इसलिए डर रहे हैं क्योंकि मैं नीले रंग का हो चुका हूं क्यों ना मैं इस बात का फायदा उठाऊं और सारे जानवरों को डराकर अपना काम करवाऊं वह जंगल वापस गया और उसने भारी सी आवाज में कहा सुनो जानवरों मुझे भगवान ने इस जंगल का मालिक नियुक्त किया है आज से तुम सभी को मेरी बात माननी होगी और जो भी मेरी बात नहीं मानेगा मैं उसे खा जाऊंगा भूरा की भारी-भरकम आवाज और नीले रंग को देखकर सभी जानवर डर गए थे शेर भी भूरा को देखकर डर गया था और वह उसका मुकाबला नहीं करना चाहता था तो जंगल के सभी जानवरों ने उसे अपना राजा स्वीकार कर लिया अब तो भूरा की जिंदगी बड़े आराम से बीतने लगी कोई न कोई जानवर हर रोज उसके लिए भोजन का प्रबंध करता कोई उसके लिए पानी लाता और उसकी सभी बातों को मानते आराम का खाना खाकर अब सियार बहुत मोटा हो चुका था एक दिन जब सभी जानवर भूरा की आसपास बैठे थे तो कहीं दूर से सियारों की चिल्लाने की आवाज आई उस आवाज को सुनकर भूरा अपना झूठ भूल गया और जोर-जोर से सियारों की आवाज में चिल्लाने लगा जैसे ही सारे जानवरों ने भूरा को चिल्लाते हुए सुना उन्हें उसके बारे में सच पता चल गया अरे ये तो भूरा है उसने हमें बहुत समय तक बेवकूफ बनाया है आज तो इसकी खैर नहीं सारे जानवर भूरा के पीछे दौड़ गए और उसे मारकर जंगल से बाहर भगा दिया



