[0:00]एक गरीब मछुआरा समुंदर में मछली पकड़ने का काम करता था। अक्सर वो काम से घर लौटते वक्त उस शहर के सबसे अमीर आदमी को एक लग्जरी गाड़ी में चलता देख मन ही मन सोचता।
[0:11]काश मेरी भी ऐसी किस्मत होती। जिसकी किस्मत अच्छी होती है वो कितने शान से जीते हैं।
[0:18]मेरी तो किस्मत ही खराब है। जिसकी वजह से मैं इतनी मेहनत करने के बावजूद भी गरीब ही हूं।
[0:24]एक दिन उस अमीर आदमी को व्यापार में बहुत बड़ा नुकसान हुआ और वो रातोंरात रोड पर आ गया।
[0:30]यह जानकर गरीब मछुआरा बहुत खुश हुआ कि अब इस अमीर आदमी को पता चलेगा कि गरीबी क्या होती है।
[0:37]अब संजोग से यह अमीर आदमी उसी मछुआरे के पास एक छोटे से किराए के घर में रहने लगा।
[0:42]अब दोनों सुबह जल्दी उठकर एक साथ मछलियां पकड़ने जाते।
[0:46]एक दिन इन दोनों को समुंदर में बहुत सारी मछलियां मिली जिन्हें बेचकर काफी पैसे मिले।
[0:52]अब जो अमीर आदमी था उसने उतने ही पैसे खर्च किए जितनी उसे जरूरत थी और बाकी पैसे उसने बचा लिए।
[0:58]जबकि उस गरीब मछुआरे ने सारे पैसे अपने शौक पर खर्च कर दिए।
[1:03]फिर अगले दिन वो गरीब मछुआरा अकेले ही मछलियां पकड़ने जाता है।
[1:06]जबकि वो अमीर आदमी अपने बचाए हुए पैसों से दो और लोगों को काम पर रख लेता है।
[1:11]और शाम तक इन तीनों ने मिलकर उस गरीब मछुआरे से कई गुना ज्यादा मछलियां पकड़ी।
[1:17]उसके बाद इस अमीर आदमी ने वही प्रक्रिया दोहराई। जितनी जरूरत उतने पैसे खर्च करके बचे हुए पैसों से और लोगों को काम पर रख लेता।
[1:26]इस तरीके से धीरे-धीरे इस अमीर आदमी ने मछलियां पकड़ने वालों का एक बहुत बड़ा नेटवर्क बना लिया।
[1:32]और देखते ही देखते ये मछलियों का सबसे बड़ा व्यापारी बन गया और साथ ही ये फिर से शहर का सबसे अमीर आदमी बन गया।
[1:39]जबकि वो गरीब मछुआरा गरीब का गरीब ही रह गया। दोस्तों अगर आप अपने जीवन में परिवर्तन करना चाहते हैं
[1:47]तो सबसे पहले आपको अपनी मानसिकता में परिवर्तन करना पड़ेगा।
[1:50]अगर गरीबी को हटाना है तो माइंडसेट चेंज करना पड़ेगा।



