[0:00]एक राजा ने एक बकरा मंगवाया और अपनी राय में अनाउंस कर दिया कि जो भी इस बकरे का पेट भर के इसे खिलाकर मेरे पास लाएगा तो जो मांगेगा उसे दे दिया जाएगा।
[0:08]लेकिन याद रहे पेट भरकर खिलाना है मैं चेक करूंगा इसे खिलाकर अगर इसने थोड़ा सा भी कुछ खा लिया तो उसे कुछ नहीं मिलेगा।
[0:15]अब सारे खुश के बकरा है हाथी थोड़ी है कितना खा लेगा ज्यादा से ज्यादा हजार 2000 का ही खा लेगा और बेवकूफ राजा जो मांगो दे रहा है।
[0:24]कोई बोले घास खिलाऊंगा कोई बोले चारा तो कोई बोले हम तो काजू बादाम खिला देंगे।
[0:29]खैर कुछ लोग बकरा ले गए और उन्होंने उस बकरे को खिला खिलाकर फुल कर दिया कि कहीं राजा के सामने से भूख ना लग जाए।
[0:36]बकरे को दरबार में लाया गया तो राजा ने बकरे का पेट देखा तो समझ गया कि इसे भरपूर खिलाया गया है।
[0:41]उसने टेस्ट के लिए घास मंगवा कर बकरे के आगे रखी तो बकरा सूंघने लगा और उसने मुंह मार लिया।
[0:47]राजा बोला आप फेल हो गए।
[0:50]इसी तरह रोज कोई ना कोई बकरा ले जाता और उसे पेट भरकर खिलाकर लाता चारा घास काजू बादाम दुनिया की अच्छी से अच्छी चीजें खिलाकर लाता।
[0:57]लेकिन जब राजा टेस्ट लेता तो बकरा मुंह मार लेता।
[1:01]एक दिन एक बूढ़ा बुजुर्ग गरीब आदमी आया और बोला राजा अगर आप एक दिन के लिए हमें यह बकरा दे दें तो हम कर दिखाएंगे।
[1:07]तो लोग हंस पड़े और बोले इसके पास तो खुद खाने के लिए पैसे नहीं है यह बकरे को क्या खिलाएगा यह तो बकरा ही लेकर भाग जाएगा।
[1:15]खैर राजा ने उसे इजाजत दे दी और वह बकरा ले गया।
[1:18]अगले दिन वह बकरा राजा के पास लाया तो राजा बोला मुझे तो कहीं से नहीं लग रहा कि तूने इसे कुछ खिलाया भी है तू पागल है क्या?
[1:25]तो गरीब बोला आप टेस्ट लेकर देखें राजा हंस पड़ा।
[1:29]तो गरीब फिर बोला आप टेस्ट लेकर देखें। खैर राजा ने हंसते-हंसते बकरे के आगे घास की तो हैरान रह गया बकरे ने तो मुंह ही मोड़ लिया।
[1:36]काजू बादाम हजार किस्म के महंगे तरीन में बकरे के आगे डाल दिए लेकिन बकरे ने सूंघा तक नहीं इस चीज को।
[1:42]राजा बोला जो कोई ना कर सका वो तूने कैसे कर दिया?
[1:47]तो बूढ़ा आदमी बोला हम जब इसे यहां से लेकर गए तो हमने इसके आगे घास रखी इसने जैसे ही खाने के लिए मुंह मारा तो हमने इसे एक छड़ी मुंह से लेकर पीठ तक लगाई।
[1:54]फिर थोड़ी देर बाद कुछ आगे किया और फिर एक छड़ी मुंह से लेकर पीठ तक और ऐसा हमने इसके साथ पूरा दिन किया इसको ऐसे हिसाब में ले आए कि अब आप इसके आगे कुछ भी रखो यह नहीं खाने वाला और आते-आते भी लगा कर आए हैं एक छड़ी।
[2:08]हम गरीब हैं साहब और यह भूख की मार हम रोज खाते हैं तो मन पर कंट्रोल करना हमें बहुत अच्छे से आता है।
[2:15]अभी कहानी हर उस इंसान के लिए है जिसका अपने मन पर कंट्रोल नहीं है बस तिजोरियां भरे जा रहा है पेट भरे जा रहा है उसका मन ही नहीं भर पा रहा।
[2:24]टेस्ट और थोड़े मजे के चक्कर में दो की जगह तीन-तीन रोटी खा जाता है और फिर भी उसे कुछ ऑफर करो तो अपने पेट में उसकी भी जगह बना लेता है।
[2:32]खुदारा अपने मन पर कंट्रोल रखना सीखें क्योंकि आपकी एक से ज्यादा खाई गई रोटी किसी गरीब के पूरे दिन की भूख मिटा सकती है।



