[0:00]कठिन है राह गुजर थोड़ी दूर साथ चलो। बहुत कड़ा है सफर थोड़ी दूर साथ चलो। तमाम उम्र कहां कोई साथ देता है। यह जानता हूं मगर थोड़ी दूर साथ चलो। अभी तो जाग रहे हैं चराग राहों के। अभी है दूर शहर थोड़ी दूर साथ चलो।

कठिन है राहगुज़र थोड़ी दूर साथ चलो... #shortsvideo #ahmadfarazpoetry #poetry #shaayri #gazal
Ravi Mishra
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