Thumbnail for हिन्दू आतंकवाद कहने वालो को करारा जवाब | Kavi Amit Sharma | amit sharma poet | Sambhal Kavi Sammelan by Kavi Amit Sharma

हिन्दू आतंकवाद कहने वालो को करारा जवाब | Kavi Amit Sharma | amit sharma poet | Sambhal Kavi Sammelan

Kavi Amit Sharma

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[0:00]Section 1

हमको आग की बात क्यों करनी पड़ती है क्रांति की बात क्यों करनी पड़ती है किसी कवि ने कहा मित्रों की पौरुष महकती शाम के अधीन हो जाए अब अपने ह...

[11:00]Section 2

दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम पाक का झंडा ना होता अरे पाक का झंडा ना होता इस ह...

[15:52]Section 3

दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम पाक का झंडा ना होता अरे पाक का झंडा ना होता इस ह...

[20:31]Section 4

दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम पाक का झंडा ना होता अरे पाक का झंडा ना होता इस ह...

[25:15]Section 5

दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम पाक का झंडा ना होता अरे पाक का झंडा ना होता इस ह...

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[0:00]हमको आग की बात क्यों करनी पड़ती है क्रांति की बात क्यों करनी पड़ती है किसी कवि ने कहा मित्रों की पौरुष महकती शाम के अधीन हो जाए अब अपने हाथ खोलना अब तालियां उठाना आगे पीछे जितने भी लोग बैठे हैं कवि सम्मेलन को कवि सम्मेलन बनाना यह दो पंक्तियां मुझे बताएगी आपके बीच में मुझे कितनी देर रहना है कि पौरुष महकती शाम के अधीन हो जाए तुम ही बताओ रण में बाजूओ को कौन तोलेगा कि पौरुष पौरुष गर्म महकती शाम के अधीन हो जाए तुम ही बताओ रण में बाजूओ को कौन तोलेगा अरे हम ही चरण चुंबन की भाषा को बोले कहो फिर आग की भाषा किधर कौन बोलेगा बहुत बढ़िया बहुत सुंदर भाई मित्रों हमारे ऊपर आरोप लगा एक दादरी में कांड हो जाता है लोग कहते हैं कि 100 करोड़ हिंदू अशिशु हो गए मित्रों हम कभी अशीन नहीं थे हम सदा से सहिष्णु थे हम सहिष्णु हैं हम भविष्य में भी सहिष्णु रहेंगे 1414 बार 1414 बार मोहम्मद गौरी ने मोहम्मद गौरी ने 14 बार सोमनाथ के मंदिर को तोड़ा पुजारी ने उसे हाथ नहीं लगाया हमसे बड़ा सहिष्णु कौन है हम इस बार में इस देश को 18 बार बटवा के भी हम कौमी एकता की बात करते तो हमारे जितना सहिष्णु कौन है हमारे जितने एकत वान कौन है वहां से यह बात उठाता हूं आप अपनी तालियां उठाना कि पाप कभी नहीं करते हैं हम सदा पाप से डरते हैं कौन लोग हैं हम क्या लोग हैं हम कि पाप कभी नहीं करते हैं हम सदा पाप से डरते हैं तुलसी का पूजन करते हैं रोज जलहरी भरते हैं रोज परिंदे अपनी छत पर दाना चुगने आते हैं बड़े-बड़े उपहासों को भी हम यूं ही सह जाते हैं बड़े-बड़े उपहासों को भी अब यूं ही सह जाते हैं कि ताकत के बल पर हमने ताकत के बल पर हमने किसे सताया यह बोलो अरे तलवारों की धार दिखाकर तिलक लगाया यह बोलो अरे जिहादी अरे जिहादी अरे जिहादी जो मैल था उसको हमने साफ किया था जी अरे जिहादी तालियां उठाना कि जिहादी जो मैल था उसको हमने साफ किया था जी अरे 17 बार मोहम्मद गौरी हमने माफ किया था जी क्या बात है क्या बात है बहुत सुंदर बहुत सुंदर 17 बार मोहम्मद गौरी हमने माफ किया था जी मैं यदि सहिष्णु ना होता कश्मीर में काटा ना जाता वाह वाह वाह बढ़िया बढ़िया बहुत बढ़िया मैं यदि सहिष्णु ना होता कश्मीर में काटा ना जाता मैं यदि सहिष्णु ना होता यह भारत बांटा ना जाता मैं यदि सहिष्णु ना होता गुरुओं पर वार नहीं होते आज इस भारत के टुकड़े हर बार नहीं होते मैं यदि सहिष्णु ना होता मैं यदि सहिष्णु ना होता बहुत धन्यवाद बहुत बढ़िया भाई बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया कि मैं यदि सहिष्णु ना होता तो कोई कलंकी ना कहता मैं यदि सहिष्णु ना होता तो कोई कलंकी ना कहता संसद के गलहारे में भगवा आतंकी ना कहता मैं यदि सहिष्णु ना होता मैं यदि सहिष्णु ना होता मैं यदि सहिष्णु ना होता हिंदू बदनाम नहीं होते मैं यदि सहिष्णु ना होता हिंदू बदनाम नहीं होते मैं यदि सहिष्णु ना होता तंबू में राम नहीं होते वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह मैं यदि सहिष्णु ना होता हिंदू बदनाम नहीं होते मैं यदि सहिष्णु ना होता तंबू में राम नहीं होते अरे लगता है तुम हिंदुस्ता कंगाल बनाकर मानोगे लगता है अरे लगता है एक कड़वी सच्चाई बताता हूं कि लगता है तुम हिंदुस्ता कंगाल बनाकर मानोगे सारा भारत कश्मीर बंगाल बनाकर मानोगे कि लगता है कि लगता है तुम हिंदुस्ता कंगाल बनाकर मानोगे सारा भारत कश्मीर बंगाल बनाकर मानोगे ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है अब बताता हूं मित्रों क्या चीज काम में आती है हम इस अहंकार में रह गए हमने वेद लिख दिए हम इस अहंकार में रह गए सनात धर्म बहुत प्राचीन है उसको कोई नहीं मिटा सकता हम इस अहंकार में रह गए कि इस हिंदुस्तान को कोई बर्बाद नहीं कर सकता मित्रों क्या चीज काम में आती है मैं आपको बताता हूं कि ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काट दे दुश्मन का वह यंत्र काम में आता है वाह वाह वाह वाह वाह वाह 1200 साल गुलाम हम इसलिए नहीं रहे कि हमारे पास अहिंसा थी 1200 साल गुलाम हम इसलिए रहे क्योंकि हमारे पास अहिंसा थी उनके पास हथियार थे क्या बात है क्या बात है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काटते दुश्मन का वो यंत्र काम में आता है 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए 10-20 हजार लोग नहीं सर 7 लाख लोग 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए अरे तिलक लगाने वालों के भी होश ठिकाने लगा दिए मां को काटा बहन को लूटा वो चुपचाप खड़े रहे कोठी बंगले वाले भी राहत शिव में पड़े रहे अरे पंडितो अरे पंडितो सागर से बहती पतवार उठा लेते अरे पंडितों सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते क्या बात है अरे पंडितो सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम

[6:10]दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम पाक का झंडा ना होता अरे पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में पाक का झंडा ना होता पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में हर हर महादेव के नारे लगते कश्मीरी घाटी में हर हर महादेव के नारे लगते कश्मीरी घाटी में सच्चाई का शीशा लेकर कब सच्चाई खोलेंगे एक कड़वी बात कहता हूं उन दिल्ली के लोगों से बहुत सुंदर बहुत सुंदर कि लगता है कि लगता है तुम हिंदुस्ता कंगाल बनाकर मानोगे सारा भारत कश्मीर बंगाल बनाकर मानोगे ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है अब बताता हूं मित्रों क्या चीज काम में आती है हम इस अहंकार में रह गए हमने वेद लिख दिए हम इस अहंकार में रह गए सत्य सनातन धर्म बहुत प्राचीन है उसको कोई नहीं मिटा सकता हम इस अहंकार में रह गए कि इस हिंदुस्तान को कोई बर्बाद नहीं कर सकता

[7:51]मित्रों क्या चीज काम में आती है मैं आपको बताता हूं कि ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काट दे दुश्मन का वह यंत्र काम में आता है वाह वाह वाह वाह वाह वाह

[8:55]1200 साल गुलाम हम इसलिए नहीं रहे कि हमारे पास अहिंसा थी 1200 साल गुलाम हम इसलिए रहे क्योंकि हमारे पास अहिंसा थी उनके पास हथियार थे क्या बात है क्या बात है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काटते दुश्मन का वो यंत्र काम में आता है 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए 10-20 हजार लोग नहीं सर 7 लाख लोग 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए अरे तिलक लगाने वालों के भी होश ठिकाने लगा दिए मां को काटा बहन को लूटा वो चुपचाप खड़े रहे कोठी बंगले वाले भी राहत शिव में पड़े रहे अरे पंडितो अरे पंडितो

[10:04]सागर से बहती पतवार उठा लेते अरे पंडितों सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते क्या बात है अरे पंडितो सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम

[11:00]दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम पाक का झंडा ना होता अरे पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में पाक का झंडा ना होता पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में हर हर महादेव के नारे लगते कश्मीरी घाटी में

[12:00]हर हर महादेव के नारे लगते कश्मीरी घाटी में सच्चाई का शीशा लेकर कब सच्चाई खोलेंगे एक कड़वी बात कहता हूं उन दिल्ली के लोगों से बहुत सुंदर बहुत सुंदर कि लगता है कि लगता है तुम हिंदुस्ता कंगाल बनाकर मानोगे सारा भारत कश्मीर बंगाल बनाकर मानोगे ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है अब बताता हूं मित्रों क्या चीज काम में आती है हम इस अहंकार में रह गए हमने वेद लिख दिए हम इस अहंकार में रह गए सत्य सनातन धर्म बहुत प्राचीन है उसको कोई नहीं मिटा सकता हम इस अहंकार में रह गए कि इस हिंदुस्तान को कोई बर्बाद नहीं कर सकता

[13:06]मित्रों क्या चीज काम में आती है मैं आपको बताता हूं कि ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काट दे दुश्मन का वह यंत्र काम में आता है वाह वाह वाह वाह वाह वाह

[14:02]1200 साल गुलाम हम इसलिए नहीं रहे कि हमारे पास अहिंसा थी 1200 साल गुलाम हम इसलिए रहे क्योंकि हमारे पास अहिंसा थी उनके पास हथियार थे क्या बात है क्या बात है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काटते दुश्मन का वो यंत्र काम में आता है 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए 10-20 हजार लोग नहीं सर 7 लाख लोग 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए अरे तिलक लगाने वालों के भी होश ठिकाने लगा दिए मां को काटा बहन को लूटा वो चुपचाप खड़े रहे कोठी बंगले वाले भी राहत शिव में पड़े रहे अरे पंडितो अरे पंडितो

[14:55]सागर से बहती पतवार उठा लेते अरे पंडितों सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते क्या बात है अरे पंडितो सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम

[15:52]दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम पाक का झंडा ना होता अरे पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में पाक का झंडा ना होता पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में हर हर महादेव के नारे लगते कश्मीरी घाटी में

[16:47]हर हर महादेव के नारे लगते कश्मीरी घाटी में सच्चाई का शीशा लेकर कब सच्चाई खोलेंगे एक कड़वी बात कहता हूं उन दिल्ली के लोगों से बहुत सुंदर बहुत सुंदर कि लगता है कि लगता है तुम हिंदुस्ता कंगाल बनाकर मानोगे सारा भारत कश्मीर बंगाल बनाकर मानोगे ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है अब बताता हूं मित्रों क्या चीज काम में आती है हम इस अहंकार में रह गए हमने वेद लिख दिए हम इस अहंकार में रह गए सत्य सनातन धर्म बहुत प्राचीन है उसको कोई नहीं मिटा सकता हम इस अहंकार में रह गए कि इस हिंदुस्तान को कोई बर्बाद नहीं कर सकता

[17:45]मित्रों क्या चीज काम में आती है मैं आपको बताता हूं कि ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काट दे दुश्मन का वह यंत्र काम में आता है वाह वाह वाह वाह वाह वाह

[18:41]1200 साल गुलाम हम इसलिए नहीं रहे कि हमारे पास अहिंसा थी 1200 साल गुलाम हम इसलिए रहे क्योंकि हमारे पास अहिंसा थी उनके पास हथियार थे क्या बात है क्या बात है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काटते दुश्मन का वो यंत्र काम में आता है 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए 10-20 हजार लोग नहीं सर 7 लाख लोग 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए अरे तिलक लगाने वालों के भी होश ठिकाने लगा दिए मां को काटा बहन को लूटा वो चुपचाप खड़े रहे कोठी बंगले वाले भी राहत शिव में पड़े रहे अरे पंडितो अरे पंडितो

[19:34]सागर से बहती पतवार उठा लेते अरे पंडितों सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते क्या बात है अरे पंडितो सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम

[20:31]दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम पाक का झंडा ना होता अरे पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में पाक का झंडा ना होता पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में हर हर महादेव के नारे लगते कश्मीरी घाटी में

[21:28]हर हर महादेव के नारे लगते कश्मीरी घाटी में सच्चाई का शीशा लेकर कब सच्चाई खोलेंगे एक कड़वी बात कहता हूं उन दिल्ली के लोगों से बहुत सुंदर बहुत सुंदर कि लगता है कि लगता है तुम हिंदुस्ता कंगाल बनाकर मानोगे सारा भारत कश्मीर बंगाल बनाकर मानोगे ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है अब बताता हूं मित्रों क्या चीज काम में आती है हम इस अहंकार में रह गए हमने वेद लिख दिए हम इस अहंकार में रह गए सत्य सनातन धर्म बहुत प्राचीन है उसको कोई नहीं मिटा सकता हम इस अहंकार में रह गए कि इस हिंदुस्तान को कोई बर्बाद नहीं कर सकता

[22:26]मित्रों क्या चीज काम में आती है मैं आपको बताता हूं कि ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काट दे दुश्मन का वह यंत्र काम में आता है वाह वाह वाह वाह वाह वाह

[23:22]1200 साल गुलाम हम इसलिए नहीं रहे कि हमारे पास अहिंसा थी 1200 साल गुलाम हम इसलिए रहे क्योंकि हमारे पास अहिंसा थी उनके पास हथियार थे क्या बात है क्या बात है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काटते दुश्मन का वो यंत्र काम में आता है 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए 10-20 हजार लोग नहीं सर 7 लाख लोग 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए अरे तिलक लगाने वालों के भी होश ठिकाने लगा दिए मां को काटा बहन को लूटा वो चुपचाप खड़े रहे कोठी बंगले वाले भी राहत शिव में पड़े रहे अरे पंडितो अरे पंडितो

[24:18]सागर से बहती पतवार उठा लेते अरे पंडितों सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते क्या बात है अरे पंडितो सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम

[25:15]दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम पाक का झंडा ना होता अरे पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में पाक का झंडा ना होता पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में हर हर महादेव के नारे लगते कश्मीरी घाटी में

[26:11]हर हर महादेव के नारे लगते कश्मीरी घाटी में सच्चाई का शीशा लेकर कब सच्चाई खोलेंगे एक कड़वी बात कहता हूं उन दिल्ली के लोगों से बहुत सुंदर बहुत सुंदर कि लगता है कि लगता है तुम हिंदुस्ता कंगाल बनाकर मानोगे सारा भारत कश्मीर बंगाल बनाकर मानोगे ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है अब बताता हूं मित्रों क्या चीज काम में आती है हम इस अहंकार में रह गए हमने वेद लिख दिए हम इस अहंकार में रह गए सत्य सनातन धर्म बहुत प्राचीन है उसको कोई नहीं मिटा सकता हम इस अहंकार में रह गए कि इस हिंदुस्तान को कोई बर्बाद नहीं कर सकता

[27:09]मित्रों क्या चीज काम में आती है मैं आपको बताता हूं कि ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काट दे दुश्मन का वह यंत्र काम में आता है वाह वाह वाह वाह वाह वाह

[28:06]1200 साल गुलाम हम इसलिए नहीं रहे कि हमारे पास अहिंसा थी 1200 साल गुलाम हम इसलिए रहे क्योंकि हमारे पास अहिंसा थी उनके पास हथियार थे क्या बात है क्या बात है ना तंत्र काम में आता है ना मंत्र काम में आता है जो शीश काटते दुश्मन का वो यंत्र काम में आता है 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए 10-20 हजार लोग नहीं सर 7 लाख लोग 7 लाख कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए अरे तिलक लगाने वालों के भी होश ठिकाने लगा दिए मां को काटा बहन को लूटा वो चुपचाप खड़े रहे कोठी बंगले वाले भी राहत शिव में पड़े रहे अरे पंडितो अरे पंडितो सागर से बहती पतवार उठा लेते अरे पंडितों सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते क्या बात है अरे पंडितो सागर से बहती पतवार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते 7 लाख में से केवल 100 ही हथियार उठा लेते दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम

[29:02]दुश्मन की छाती पड़ जाकर सीधे ही तन जाते तुम केवल कुछ दिन की खातिर ही परशुराम बन जाते तुम पाक का झंडा ना होता अरे पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में पाक का झंडा ना होता पाक का झंडा ना होता इस हिंदुस्तान की माटी में हर हर महादेव के नारे लगते कश्मीरी घाटी में

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