[0:00]तुम एक बात पूछना चाहती हूं क्या एक दिन यह दिवस मना लेने से समस्त नारी जिसकी वह अधिकारी है उसको वह सम्मान मिल पाता है हम मां को देवी का दर्जा देते हैं जब परिवार में कन्या का जन्म होता है तो हम लक्ष्मी होने की बधाई देते हैं
[0:17]परंतु समाज में कुछ ऐसे असामाजिक तत्व हैं जो मां की कोख से पैदा होकर उसके अस्तित्व को तार-तार कर देती है आज इसी विषय पर मैं यतिका आप सभी के समक्ष एक मार्मिक कविता प्रस्तुत करने जा रही हूं जिसका नाम है मैं स्त्री हूं।
[0:35]मैं स्त्री हूं मैं स्त्री हूं मैं नारी हूं मैं कली हूं मैं फुलवारी हूं मैं बेटी हूं मैं माता हूं मैं बलिदानों की गाथा हूं।
[0:44]मैं श्रीमद् भगवत गीता हूं मैं द्रौपदी हूं मैं सीता हूं मैं द्रौपदी हूं मैं सीता हूं पुरुषों की इस दुनिया ने मुझे कैसी नियति दिखाई कहीं जुए में हार गए तो कहीं अग्नि परीक्षा दिलवाई कहीं जुए में हार गए तो कहीं अग्नि परीक्षा दिलवाई
[1:00]कभी सतयुग हो इल्जाम मुझे पर आता है क्यों घनी अंधेरी सड़कों पर चलने से मेरा मन घबराता है मेरी मुट्ठी बंद जाती है दिल की धड़कन बढ़ जाती है हर तरफ पसीना माथे पर दिल में मेरी घबराहट है
[1:14]जाने ये किसका साया है जाने ये किसकी आहट है जाने ये किसका साया है जाने ये किसकी आहट है अंधेरे में उन हाथों ने मुझे बाहों में खींच लिया एक ने मुंह पर हाथ रखा और एक ने आंचल खींच लिया
[1:29]नारी के सम्मान को मिलकर तार-तार सा कर डाला मर्यादा के आंचल को फिर सार-सार सा कर डाला
[1:36]मारा है मुझको पीटा है बालों से मुझे घसीटा है उन घनी अंधेरी सड़कों पर मुझे तड़पता छोड़ दिया सन्नाटों में चीख रही थी खून से लतपत हो गई
[1:48]कोई मदद करो कोई मदद करो चीख चीख कर चीख भी मुझसे रूठ गई थी जब होश में आई तो समाज की बातें सुनकर टूट गई परिवार की बदनामी होगी सब मुझे यही समझाते हैं
[2:00]ये नई उम्र के लड़के हैं थोड़ा तो बह के जाते हैं वो जो जो भी हुआ तुम लड़की हो दुनिया वाले तुम्हें पर प्रश्न उठाएंगे क्यों नहीं था कोई साथ में क्या कपड़े पहने थे क्या मेकअप था इन प्रश्नों के भूल भुलैया में सच्चाई हो जाती है भूल जाओ कहने वालों क्या शर्म तुम्हें नहीं आती है
[2:20]ये भूल आपसे भी हो सकती है कल सड़क पर बेसुध बहन या बेटी आपके भी हो सकती है और इससे बदतर दर्द नहीं हो सकता जो नारी का सम्मान ना करे वो मर्द नहीं हो सकता जो नारी का सम्मान ना करे वो मर्द नहीं हो सकता नारी का सम्मान करो नारी का सम्मान करो धन्यवाद।



