[0:00]तुझे क्या लगता है, तूने सामने वाले को माफ नहीं किया तो उसका नुकसान हो रहा है? नहीं... तूने जिसे माफ नहीं किया, तूने तो उसे अपने दिमाग में कैद कर रखा है। तूने अपने मन के सुकून को उस इंसान की गलती का गुलाम बना दिया है। एक बात बता... अगर तू गर्म कोयला किसी दूसरे पर फेंकने के लिए उठाएगा, तो सबसे पहले तेरा हाथ जलेगा या उसका? नफरत भी वही गर्म कोयला है। जिस इंसान ने तुझे दुख दिया, वो तो अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गया... पर तू आज भी उसी बीते हुए पल के दर्द को अपनी मुट्ठी में बंद करके बैठा है। माफी का मतलब ये नहीं कि तू उसे गले लगा ले। माफी का मतलब है- उस इंसान को.. अपने दिमाग से आजाद कर देना...उसे माफ कर दे इसलिए नहीं कि वो माफी के लायक है... बल्कि इसलिए क्योंकि तू शांति के लायक है। जब तू माफ करता है, तो तू उसे नहीं, तू खुद को उस दर्द से आजाद करता है। छोड़ दे उस बोझ को, जितना शांत होगा उतना ही मेरे करीब होगा। मैं बैठा हूं यहां, तेरे हर घाव को भरने के लिए। माफी कमजोरी नहीं, इंसान की सबसे बड़ी ताकत है। तय कर ले... तुझे नफरत का गुलाम बनकर मरना है, या माफ करके आजाद होना है?

उसे माफ नहीं करके तू सिर्फ खुद को जला रहा है | Mahadev Message
Shiv Bhakt
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