Thumbnail for भूतिया Hand Pump। Possessed Village Water Hand Pump। Bhootiya Kahaniya | Stories in Hindi | Kahaniya by Dream Stories TV Adventure

भूतिया Hand Pump। Possessed Village Water Hand Pump। Bhootiya Kahaniya | Stories in Hindi | Kahaniya

Dream Stories TV Adventure

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[0:07]गांव में सरकारी हैंड पंप के आसपास कुछ विचित्र घटनाएं होने लगी। सभी लोग उन घटनाओं से अचंभित थे। अरे दीदी, का तुम रात सुने रही?
[0:33]हां रानी, हम सुने रही। हमारे रिंकिया के पापा तक कहत रहे कि हम जा के देखा। हम उनके रोक लहीस। कौन जाने का भला होई?
[8:48]अरे हम इकरा के कह रही ना जावत सुबह-सुबह। पर ये हमारी एक ना सुनी। हम तो लुट गईली, बर्बाद हो गईली, हे राम। पर तोहार पति सुबह-सुबह आया क्या करने रहा?
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[0:07]गांव में सरकारी हैंड पंप के आसपास कुछ विचित्र घटनाएं होने लगी। सभी लोग उन घटनाओं से अचंभित थे। अरे दीदी, का तुम रात सुने रही? ये हैंड पंपवा खुददे चलत रहा। राति 12:00 बजे भला कौन पानी भरे आई? हमें तो बहुत डर लागत बा।

[0:33]हां रानी, हम सुने रही। हमारे रिंकिया के पापा तक कहत रहे कि हम जा के देखा। हम उनके रोक लहीस। कौन जाने का भला होई? फिर उसी रात फिर से 12:00 बजते ही वह हैंडपंप खुद से चलने लगा। सभी गांव वाले सुन रहे थे पर किसी की हिम्मत नहीं हुई कि जा कर देखें। फिर सुबह होने पर अरे मीना दीदी, चला हो, हंद पंपवा पर पानी भरे के। हमें अकेले जाते डर लागत बा। फिर वे दोनों हैंड पंप पर जाती हैं। वहां पहुंचकर उनकी आंख फटी की फटी रह जाती है। वहां किसी के पैर का निशान होता है जो इंसानी पैर से दुगुने साइज का होता है। ई देखा हो रानी। हम कहत रहे ना कुछ गड़बड़ जरूर बा। ई देखा। भला किस इंसान के इतना बड़ पैर होई? तभी वहां पिंकी आ जाती है। अरे दीदी क्या हुआ? आप दोनों इतनी परेशान क्यों है? ई देखो बहन। इतना बड़का पैर। लागत है कौनो शैतान ई हंदपंपवा पर आया रहा। कम ऑन दीदी, कोई प्रैंक कर रहा होगा। हमारी सिटी में तो ऐसे बहुत करा जाता है। अरे आप शहर से आई रही पिंकी बहन। आप ये सब ना समझी। फिर रात होने पर हैंड पंप फिर खुद से चलने लगता है। मम्मी मैं जा रही हूं हैंड पंप के पास। मैं अभी सबक सिखाती हूं इस नमूने को। फिर जैसे ही पिंकी वहां पहुंचती है, वह दंग रह जाती है। वहां दो सिर की एक चुड़ैल हैंड पंप चला रही होती है। पिंकी के पसीने छूट जाते हैं। आ गई। बहुत इंतजार कराया तुम गांव वालों ने। हम्म दो दिन से कोई खोपड़ी खाने को नहीं मिली। मेरा तो सिर ही दर्द हो गया यह हैंड पंप चला चला के। कितने दिनों में एक शिकार आया है। पिंकी हाथ जोड़कर अपने घुटनों पर बैठ जाती है। चुड़ैल जी आई एम आई एम सो सॉरी। मुझे लगा कोई गांव वालों से प्रैंक कर रहा है। मुझे माफ कर दो चुड़ैल जी। मैं तो पास के शहर में पढ़ती हूं। इस गांव में घूमने आई हूं। पर चुड़ैल उसकी विनती नहीं सुनती और उसकी खोपड़ी खा जाती है। फिर अगली सुबह अरे मीना बहन देखा तो आज तो यहां खून भी पड़ा बा। कोनो अनहोनी हो गई लागत बा। तभी पिंकी की मां वहां आ जाती है। अरे कल रात से मेरी पिंकी घर नहीं आई। वो रात इस नल पर आई थी। ये खून कैसा पड़ा है? कहीं कहीं ये मेरी पिंकी का तो नहीं? अरे भौजाई हम उसे कल ही कहे रहे कि ज्यादा लेक्चर का झाड़ो। लगता है उसके साथ कुछ गलत हुई गवा। थोड़ी देर में झाड़ियों में उन्हें पिंकी की सिर कटी लाश दिखती है। यह बात पूरे गांव में फैल जाती है। सब फैसला करते हैं कि अब से इस हैंड पंप पर कोई नहीं आएगा। फिर रात होने पर वह चुड़ैल फिर से हैंडपंप पर आकर उसे चलाने लगती है पर कोई नहीं आता। लगता है गांव वाले चालाक बन रहे हैं। हम्म इनको किसी और तरकीब से बुलाना होगा। नहीं तो हम भूखी मर जाएंगी। हां पर करें क्या? रुक जा मेरे जुड़वा सिर। अभी तुझे किसी खोपड़ी का स्वाद चखवाती हूं। फिर वह चुड़ैल पिंकी के घर के पास पहुंच जाती है। वहां जाकर चुड़ैल पिंकी की आवाज में उसकी मां को आवाज देती है। मम्मी मम्मी दरवाजा खोलो मम्मी। पिंकी की आवाज सुन उसकी मां झट से दरवाजा खोलती है। वह बाहर चुड़ैल को देख पिंकी की मां कांपने लगती है। पिंकी ये तुझे तुझे तुझे क्या हुआ? चुड़ैल की एक खोपड़ी अपनी लंबी जीभ से पिंकी की मां को जकड़ लेती है। मैं कोई पिंकी विंकी नहीं। तेरी पिंकी तो कब की हजम भी हो गई होगी। अब तू मेरा खाना बनेगी मूर्ख औरत। फिर चुड़ैल उसकी खोपड़ी काटकर निकाल लेती है और उसे खा जाती है। फिर सुबह होने पर पिंकी की मां की सिर कटी लाश देखकर पूरे गांव में हाहाकार मच जाता है। किसी को कुछ समझ में नहीं आता कि यह कौन कर रहा है और क्यों कर रहा है। सुनत हो जी उस शहर वाली मां बेटी के कोई मार के मुंडी गायब कर दिया रहा। लगता है कौनो भूत पिशाच ई सब कर रहा है। तुम बाहर ना जावा। तुमका कुछ हो गई तो हम का करब? अरे हमका कुछ ना होई। हम जात रहे वो हैंडपंपवा के आसपास सीसीटीवी कैमरा लगाई खातिर हां। ताकि देख सकें आखिर मामला का बा। फिर वह गांव की कई दीवारों पर सीसीटीवी कैमरा लगा देता है। रात होने पर वह चुड़ैल वापस आती है। वह थोड़ी देर हैंडपंप चलाती है पर कोई नहीं आता। लगता है गांव वाले चालाक बन रहे हैं।

[7:00]हम्म इनको किसी और तरकीब से बुलाना होगा। नहीं तो हम भूखी मर जाएंगी। गांव वाले हैंडपंप से पानी नहीं भर रहे। पर कुएं से तो भर रहे हैं। हम चलकर कुएं में बैठ जाती हैं। जैसे ही कोई आएगा तुम अपनी लंबी जीभ से उसे अंदर खींच लेना। फिर हम उसे खा जाएंगे। हां सही कहती हो। फिर वह चुड़ैल कुएं में जाकर छिप जाती है। सुबह होने पर अरे सुबह-सुबह कहां जावत बा? रात वो शैतानी शक्ति सारे गांव में घूम रही। अरे तू डरा ना। हमार राजकुमारी। हमका कुछ ना होई। हम जाए रहे सीसीटीवी कैमरा से रिकॉर्डिंग ले खातिर हां। अच्छा जावत ही हो। तू मटका मा पानी भरलावा कुआं से। फिर रानी का पति मटका लेकर निकल जाता है। अरे पहले रिकॉर्डिंग निकाला कि कुएं पे जाव? चलो पहले कुएं पे चलत है। नहीं तो वहां भीड़ होई जाई। फिर वह कुएं पर जाता है। जैसे ही वह कुएं में अपना घड़ा डालता है, चुड़ैल का सिर अपनी जीभ से लपेटकर उसे अंदर खींच लेता है। वह कुछ बोल भी नहीं पाता और चुड़ैल उसकी खोपड़ी खा जाती है। कुछ देर में गांव वालों को उसकी सिर कटी लाश कुएं में दिखती है। इस बार और कोहराम मच जाता है। हम कहे

[8:48]अरे हम इकरा के कह रही ना जावत सुबह-सुबह। पर ये हमारी एक ना सुनी। हम तो लुट गईली, बर्बाद हो गईली, हे राम। पर तोहार पति सुबह-सुबह आया क्या करने रहा? फिर रानी ने बताया कि उसके पति ने सीसीटीवी कैमरे लगाए थे गांव में जिससे यह पता चल सके कि आखिर मामला क्या है। फिर वे सब गांव वाले सीसीटीवी कैमरे से रिकॉर्डिंग निकालते हैं। टीवी पर चलाते हैं और चुड़ैल का सारा सच उनके सामने आ जाता है। वे यह भी सुन लेते हैं कि अगर वे चुड़ैल दो दिन भूखी रही तो मर जाएंगी। गांव वालों, हमारे सामने एक बहुत खतरनाक दुश्मन है। इसे हराने के लिए हमें बस यह करना है कि हम तीन दिन तक अपने घरों में कैद रहें। नहीं तो यह दो मुंडी वाली चुड़ैल कई और लोगों को अपना शिकार बना लेगी। मैं गांव में तीन दिन के लॉकडाउन का ऐलान करता हूं। लॉकडाउन होने के बाद वे चुड़ैल दो दिन तक गांव में आईं। अपना शिकार पकड़ने के लिए। उन्होंने कई तरकीबें लगाईं पर कोई अपने घर से बाहर नहीं आया और वे दोनों चुड़ैल मर गईं।

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