Thumbnail for Exclusive Interview with TRAI Chairman Anil Kumar Lahoti | TRAI के अध्यक्ष AK Lahoti से खास बातचीत by DD News

Exclusive Interview with TRAI Chairman Anil Kumar Lahoti | TRAI के अध्यक्ष AK Lahoti से खास बातचीत

DD News

21m 48s3,063 words~16 min read
YouTube auto captions
Transcript source

YouTube auto captions

This transcript was extracted from YouTube's auto-generated caption track. The transcript below is server-rendered so it can be read, searched, cited, and shared without opening the original YouTube player.

Timestamped outline
[0:07]Section 1

नमस्कार आप सभी का स्वागत डीडी न्यूज़ पर आपके साथ मैं हूं मुकुल शर्मा आप देख रहे हैं हमारा विशेष कार्यक्रम। आज हम बात कर रहे हैं किस तरीके...

[5:37]Section 2

किस तरीके की जो पहल है वो ट्राई कर रहा है तो इस ये बहुत आवश्यक है क्योंकि हम किसी बिल्डिंग में डिजिटल कनेक्टिविटी का प्रावधान है या नहीं...

[10:43]Section 3

इसमें आपने सही कहा इसमें जो हमारी राज्य सरकार है सरकारें हैं और रेरा इसमें एक महत्वपूर्ण योगदान कर सकती हैं और उनका एक महत्वपूर्ण रोल है...

[11:36]Section 4

जो हमारी रियल स्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी हैं वो ये सुनिश्चित कर सकती हैं कि जो मॉडल बिल्डिंग बायर एग्रीमेंट्स हैं उनमें डिजिटल कनेक्टिविटी क...

[12:38]Section 5

और उसके बाद में हमने जो इसमें रेटिंग करेंगे वो रेटिंग करने की एजेंसीज का एंपैनलमेंट ट्राई कर रहा है और अभी तक पिछले कई महीनों के दौरान हम...

[19:54]Section 6

उनको उनके बारे में समय से व्यवस्था बनाए और टेक्नोलॉजी का उपयोग हमारा तंत्र हमारा संचार तंत्र समय से उपयोग करके उपभोक्ताओं को बेहतर और विश...

Pull quotes
[11:15]और जो बिल्डिंग्स के ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट्स हैं वो भी लोकल बॉडीज देती हैं तो इन सभी स्तरों पर ये सुनिश्चित किया जा सकता है कि जो बिल्डिंग्स बिल्डिंग्स बन रही हैं उनमें डिजिटल कनेक्टिविटी का प्रावधान हो
[12:18]तो क्या अभी तक इस पहल के साथ कोई और जो जुड़ पाए हैं अलग-अलग जो बिल्डिंग्स हैं सो ये जो पूरा फ्रेमवर्क है ये हाल ही में ट्राई ने कंप्लीट करके जो हमारा मैन्युअल हमने कुछ समय पहले जारी किया है
[19:54]उनको उनके बारे में समय से व्यवस्था बनाए और टेक्नोलॉजी का उपयोग हमारा तंत्र हमारा संचार तंत्र समय से उपयोग करके उपभोक्ताओं को बेहतर और विश्वसनीय सेवा प्रदान कर सके
Use this transcript
Related transcript hubs

[0:07]नमस्कार आप सभी का स्वागत डीडी न्यूज़ पर आपके साथ मैं हूं मुकुल शर्मा आप देख रहे हैं हमारा विशेष कार्यक्रम। आज हम बात कर रहे हैं किस तरीके से डिजिटल भारत को और ज्यादा मजबूत कर रहा है और पूरे देश को जोड़ रहा है ट्राई यानी हमारा भारतीय दूरसंचार विनामक प्राधिकरण और उसके अध्यक्ष अनिल कुमार आहूटी जी आज हमारे साथ मौजूद हैं आपका बहुत-बहुत स्वागत सर डीडी न्यूज़ पर सर सबसे पहले मैं समझना चाहूंगा जब हम डिजिटल भारत की बात करते हैं तो शायद एक दशक पहले की अगर बात की जाए तो लोगों को बड़ा असंभव सा लगता था कि भला ये कैसे संभव हो सकता है कि इतना ज्यादा हम डिजिटली एडवांस हो जाए भारत इतना ज्यादा तकनीकी रूप से हमें हम कह सकते हैं मजबूत नजर आए किस तरीके से आप इस एक दशक में ट्राई की भूमिका को देखते हैं पहले ट्राई ने पिछले एक दशक में पिछले पहले तो मैं ये कहूंगा पिछले एक दशक में हमारे देश में लगभग जो डिजिटाइजेशन के क्षेत्र में लगभग एक क्रांति हुई है और बहुत तेजी से जो डिजिटल सेवाएं और जो डिजिटल व्यवस्था का उपयोग करके व्यवसाय फाइनेंसियल सर्विसेज इन सभी में इसका उपयोग तेजी से आगे बढ़ा है आज की तारीख में जो हमारी सोसाइटी है वो अपने सोशल इंटरेक्शन के लिए गवर्नमेंट सर्विसेज को यूज करने के लिए और अपने दैनिक इकोनॉमिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर रही है तो इसको संभव बनाने के लिए ट्राय ने समय-समय पर कई रिकमेंडेशन दी जिनका उद्देश्य था कि इस सेक्टर में जो डिजिटल सेवाएं हैं उनका विस्तार हो आसानी से उनका विस्तार हो और जो जो उपभोक्ता हैं जो हमारे नागरिक हैं उनको ये सेवाएं अच्छी गुणवत्ता की सेवाएं सस्ती दरों पर मिल सके यही कारण है कि आज की तारीख में भारत दुनिया भर में जो पर सब्सक्राइबर डेटा कंजंपशन यहां पर अधिकतम वाले देशों में है और जो हमारी जो डेटा कॉस्ट है वो पूरे विश्व में लोएस्ट स्तर पर है तो इससे सभी जो हमारे नागरिक हैं उनको डेटा एक सस्ती दर पर उपलब्ध हो रहा है और हमारे नागरिक डेटा डिजिटल सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग कर रहे हैं जी बिल्कुल लेकिन ऐसे में जब हम डिजिटल भारत की बात करते हैं और आजकल तो इंडोर कितना हमें डिजिटल कनेक्टिविटी मिल पा रही है लोग इसको लेकर काफी हम देखते हैं कि कहीं ना कहीं एक उनमें क्यूरियोसिटी भी नजर आती है चाहते भी हैं और कहीं अगर वो नहीं मिल पा रही है तो उनके लिए चुनौती और समस्या भी बन जाती है लेकिन क्या ये 4g या 5g की जो इस तरह में तमाम समस्याएं आती हैं ट्राई के लिए भी एक चुनौतियां हैं इस तरह की जी ये बहुत ये बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है क्योंकि अब जो समय के साथ में हमारा जो डाटा उपयोग तेजी से बढ़ा है

[3:07]जी और जो 4g 5g सेवाएं आई हैं इनसे इनसे हमें अधिक डाटा कंजंपशन की सुविधा तो उपलब्ध हो गई है लेकिन जो इंडोर कनेक्टिविटी है उसकी समस्या अब हमारे सामने आई है तो विशेषकर 5g में जो मिड बैंड यूज होता है जिसमें कि हाई फ्रीक्वेंसी वेव्स यूज होती हैं उनकी अ उनमें ज्यादा डेटा कैरी करने की क्षमता तो है लेकिन जब वो किसी भी बिल्डिंग में दीवार को या उसमें लगे कोई भी ग्लास को या कोई कंक्रीट स्ट्रक्चर को या मेटल स्ट्रक्चर को जब पार करती हैं तो उन उन सिग्नल्स की क्षमता कम हो जाती है जिसकी वजह से हमें इंडोर एरिया में बिल्डिंग्स के अंदर कनेक्टिविटी पुअर मिलती है और यह एक प्राय आम समस्या है जी लेकिन इसके लिए किसी तरह का कोई इनिशिएटिव या पहल या कैसे इसका कोई समाधान ट्राई उस पर काम कर रहा है या हमारे पास अब हम कह सकते हैं हम पूरे सफल उसमें हो चुके हैं तो इस समस्या को देखते हुए ये समस्या एक बहुत महत्वपूर्ण अ विषय है और इसको देखते हुए ट्राई ने 2023 में विस्तृत सिफारिशें सरकार को की हैं इसका समाधान यह है कि जिस प्रकार से अ यदि आपको बिजली चाहिए बिल्डिंग में तो आप इलेक्ट्रिक सप्लाई बिल्डिंग तक लाते हैं और उसके अंदर पूरी बिल्डिंग में उसके अंदर उसका डिस्ट्रीब्यूशन करके लाइट्स और फैन लगाते हैं जी या वाटर सप्लाई आप बाहर से लेकर के उसको अंदर डिस्ट्रीब्यूट करते हैं इसी प्रकार से आवश्यक है कि जो डिजिटल सिग्नल है जब वो बिल्डिंग में पहुंचे तो उसका इंटरनल डिस्ट्रीब्यूशन होना चाहिए जी जिसको कि हम डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर इनसाइड द बिल्डिंग कहेंगे या इन बिल्डिंग सॉल्यूशन कहेंगे तो यह आवश्यक है कि जो हमारी प्रॉपर्टीज हैं जो बिल्डिंग्स हैं चाहे वह बड़े रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स हों चाहे ऑफिस हो चाहे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स हो या पब्लिक बिल्डिंग्स हो उसमें यह सुविधा प्रदान करना आगे चलकर आवश्यक है लेकिन ये क्योंकि अगर देखा जाए तो अपने आप में एक बड़ा टास्क है ये भी कि हर जगह हम इतनी बेहतर कनेक्टिविटी दे सकें तो इसके लिए इसके लिए क्या किसी तरह के मानक हैं वो अभी तक हमने सुनिश्चित किए हैं या उन मानकों को पूरा करने के लिए

[5:37]किस तरीके की जो पहल है वो ट्राई कर रहा है तो इस ये बहुत आवश्यक है क्योंकि हम किसी बिल्डिंग में डिजिटल कनेक्टिविटी का प्रावधान है या नहीं है और कैसा है इसकी जानकारी कंज्यूमर को कैसे मिले इसके लिए ट्राई ने अक्टूबर 2024 में एक रेगुलेशन जारी किया है जिस रेगुलेशन के तहत किसी भी प्रॉपर्टी का रेटिंग किया जा सकता है कि उसमें जो डिजिटल कनेक्टिविटी का इंफ्रास्ट्रक्चर है उसकी गुणवत्ता कितनी अच्छी है

[6:22]और उसमें उसके कई आयाम हैं जिनके कई पहलू हैं जिनके आधार पे उसका मूल्यांकन किया जाएगा जिससे कि उपभोक्ता को एक रिलायबल रेजिलियंट और अच्छी क्वालिटी की डिजिटल कनेक्टिविटी मिल सके और यह जब रेटिंग होगी तो निश्चय ही क्योंकि डिजिटल कनेक्टिविटी हमारी दैनिक जीवन की इतनी महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुका है कि जिस प्रॉपर्टी में की रेटिंग डिजिटल कनेक्टिविटी के में अच्छी होगी उस प्रॉपर्टी का नेचुरली कंज्यूमर्स में आकर्षण बेहतर होगा उस प्रॉपर्टी का वैल्युएशन अच्छा होगा और वह अब अपने जो यूजर्स हैं या जो उसके टेनेंट्स हैं या जो उसके बायर्स हैं उनको बेहतर सेटिस्फेक्शन प्रोवाइड कर सके लेकिन सर इसमें जब हम रेटिंग के अगर आधार की बात करें उस पर अगर आप मुझको जानकारी दे पाए क्योंकि अक्सर हम देखते हैं कि जहां बेहतर सुविधा मिल रही है वहां लोगों को लगता है शायद ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा लेकिन जब हम कनेक्टिविटी की बात करें तो हर किसी के लिए हम मान सकते हैं कि जरूरत भी है आज के समय में तो ऐसे में क्या उसके लिए भी किसी तरह का आधार या कोई पहले से गाइडलाइन जो है वह तैयार की गई है तो इसके बारे में ट्राई ने एक जो रेटिंग की जाए इसके बारे में एक डिटेल रेटिंग मैन्युअल जारी किया है जो कि इसका आधार होगा और उस रेटिंग मैन्युअल में जो इसके महत्वपूर्ण पहलू हैं उन सभी का प्रावधान किया गया है तो पहली चीज तो उस बिल्डिंग में सभी आवश्यक इन बिल्डिंग डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर है या नहीं दूसरा उसकी परफॉर्मेंस कैसी है उसकी क्वालिटी कैसी मिल रही है तीसरी बात वो उसमें मल्टीपल सर्विस सर्विस प्रोवाइडर्स का प्रावधान उसमें किया गया है कि नहीं टेक्नोलॉजी न्यूट्रल होना चाहिए ये प्रावधान और ये प्रावधान ऐसा हो कि जिसमें पावर के लिए अल्टरनेट सप्लाई अवेलेबल हो क्योंकि अगर कोई भी परिस्थिति आए तो उसमें आप कनेक्टिविटी सबसे पहली आवश्यकता होती है कम्युनिकेशन जी पावर बैकअप होना चाहिए और जो सिग्नल आ रहा है उसके लिए अल्टरनेट पाथ होना चाहिए बिल्डिंग डिजाइन में डक्ट्स या केबल रूट्स आदि का प्रावधान हो टेलीकॉम इक्विपमेंट का प्रावधान हो किसी कारण से यदि कोई भी डिजास्टर होता है तो उस स्थिति में भी आपका कम्युनिकेशन चलता रहे तो इन सभी चीजों को देखते हुए रेटिंग मैनुअल में जो पूरी प्रक्रिया है किस प्रकार से मूल्यांकन किया जाएगा और किस प्रकार से मार्क्स दिए जाएंगे इसका प्रावधान किया गया है और यह एक ट्रांसपेरेंट और स्ट्रक्चर्ड फ्रेमवर्क प्रोवाइड करता है जो ना केवल मूल्यांकन में उपयोगी होगा बल्कि ये एक गाइडेंस है जो हमारे प्रॉपर्टी डेवलपर्स हैं या जो भी प्रोजेक्ट ओनर्स हैं कि जब वो बिल्डिंग बनाएं तो उसमें किन-किन चीजों का ध्यान रखें यानी उसको इंफ्रास्ट्रक्चर है कोई भी तो वहां पे जब हम मूलभूत सुविधाओं की बात करते हैं जैसे पानी की सप्लाई की बात की जाए या बिजली की सप्लाई की बात हम करें उसी के जैसे ही अब जो डिजिटल कनेक्टिविटी है इसको भी हम लेकर आगे बढ़ रहे हैं जी बिल्कुल ठीक कहा आपने जिस तरह से हम अपनी बिल्डिंग में वाटर सप्लाई पाइपलाइन लगा कर के प्रावधान करते हैं या लाइट्स और फेंस के लिए इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई का प्रावधान करते हैं उसी तरह अब आवश्यक है कि हम अपनी बिल्डिंग्स के अंदर डिजिटल कनेक्टिविटी का इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइड करें ताकि जो भी उसके उसमें रहने वाले लोग हैं या उपयोग करने वाले लोग हैं उनको बिल्डिंग में सेटिस्फेक्टरी डिजिटल कनेक्टिविटी मिल सके जी बिल्कुल लेकिन सर जब हम गवर्नमेंट सेक्टर में देखते हैं जैसा आपने कहा कि वहां थोड़ा सा प्रक्रिया हमें आसान लगती है लेकिन जब हम अलग-अलग राज्यों की बात करें या रेरा के नियमों की अगर बात की जाए तो क्या इस दिशा में जब हम बात करते हैं तो उनके साथ भी एक बेहतर समन्वय ट्राई लगातार कर रहा है

[10:43]इसमें आपने सही कहा इसमें जो हमारी राज्य सरकार है सरकारें हैं और रेरा इसमें एक महत्वपूर्ण योगदान कर सकती हैं और उनका एक महत्वपूर्ण रोल है स्टेट गवर्नमेंट के बहुत सारे प्रोजेक्ट होते हैं इसके अलावा जो बिल्डिंग्स बनाने के नियम है बिल्डिंग बायलॉज हैं वो स्टेट गवर्नमेंट्स के तहत तय किए जाते हैं

[11:15]और जो बिल्डिंग्स के ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट्स हैं वो भी लोकल बॉडीज देती हैं तो इन सभी स्तरों पर ये सुनिश्चित किया जा सकता है कि जो बिल्डिंग्स बिल्डिंग्स बन रही हैं उनमें डिजिटल कनेक्टिविटी का प्रावधान हो

[11:36]जो हमारी रियल स्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी हैं वो ये सुनिश्चित कर सकती हैं कि जो मॉडल बिल्डिंग बायर एग्रीमेंट्स हैं उनमें डिजिटल कनेक्टिविटी का प्रावधान हो और कुल मिलाकर राज्य सरकारें रेरा इसमें एक जो पूरा इकोसिस्टम है उसको इस दिशा में आगे बढ़ाने के बारे में एक महत्वपूर्ण पहल कर सकते हैं जी लेकिन इस पहल से क्या अब तक कोई जो बिल्डर्स हैं या अगर हम कहा जाए कि जो लगातार नए-नए इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हमारे देश में हो रहा है

[12:18]तो क्या अभी तक इस पहल के साथ कोई और जो जुड़ पाए हैं अलग-अलग जो बिल्डिंग्स हैं सो ये जो पूरा फ्रेमवर्क है ये हाल ही में ट्राई ने कंप्लीट करके जो हमारा मैन्युअल हमने कुछ समय पहले जारी किया है

[12:38]और उसके बाद में हमने जो इसमें रेटिंग करेंगे वो रेटिंग करने की एजेंसीज का एंपैनलमेंट ट्राई कर रहा है और अभी तक पिछले कई महीनों के दौरान हमने हमें कई एप्लीकेशंस प्राप्त हुई और अब तक हमने 20 रेटिंग एजेंसीज का एंपैनलमेंट कर लिया है जी और जो पूरी प्रक्रिया है उसके लिए उसको ट्राई के माध्यम से किया जाएगा ताकि कोई भी प्रोजेक्ट प्रोपोनेंट है कोई भी प्रॉपर्टी मैनेजर है वो यदि प्रॉपर्टी अपनी प्रॉपर्टी का रेटिंग कराना चाहता है तो वो ट्राई को के पास अपने रजिस्टर करके फिर एक डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी एंगेज कर सकता है और जो पूरी प्रक्रिया है उसका डिटेल्स ट्राई के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा अभी तक हमने 20 रेटिंग एजेंसीज को एम्पैनल कर लिया है और उसके बाद में हमें ऑलरेडी पांच प्रॉपर्टी मैनेजर्स हमारे पास में रजिस्टर कर चुके हैं और वो अब डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी को एंगेज करने की प्रक्रिया में आगे बढ़ रहे हैं जी बिल्कुल और सर खासतौर से क्योंकि जब हम उपभोक्ताओं के नजरिए से देखते हैं आज हर कोई इस तरह की सुविधा लेना चाहता है फिर चाहे वो किसी बड़ी हम कह सकते हैं सोसाइटी में हो फ्लेट सोसाइटी में हो लेकिन जो आजकल हम देखते हैं कि कल्चर हमें नजर आता है अलग सोसाइटी उसका उसमें भी क्या एक आम जनता जो है या आम बिल्डर जिसने हम कह सकते हैं कि एक छोटी सोसाइटी बनाई वहां शायद उतनी ज्यादा संख्या में घर नहीं है तो क्या वहां भी हम इस तरह की सुविधाएं जो हैं दे सकते हैं जी आवश्यक है कि इवन छोटी सोसाइटी में भी इस तरह की सुविधाएं दी जाए और यह संभव है और उस जो भी कोई छोटी सोसाइटी है या छोटा बिल्डर है जो अपनी प्रॉपर्टी डेवलप कर रहा है वह भी अपने आपको इस प्रक्रिया में रजिस्टर करके और अपना रेटिंग प्राप्त कर सकता है और ये उपभोक्ताओं के लिए बहुत उपयोगी भी होगा जी और खास सर जब हम उपभोक्ताओं की बात करते हैं तो उनके नजरिए से अगर देखा जाए ट्राई में काफी बड़े बदलाव हमें नजर आते हैं या कहा जाए कि रिफॉर्म जो है वह काफी नजर आते हैं

[15:29]किस तरीके से उपभोक्ताओं के नजरिए से क्या कुछ अहम बदलाव जो है वह ट्राई ने किए हैं सर्विसेज में देखिए अगर उपभोक्ताओं के दृष्टिकोण से हम देखें तो उसमें क्वालिटी ऑफ सर्विस का जो के बारे में पिछले लगभग डेढ़ दो वर्ष में ट्राई ने कई महत्वपूर्ण पहले की है जिससे तेजी से क्वालिटी ऑफ सर्विस में सुधार आ रहा है इसके अलावा जो स्पैम की समस्या है उस उसको डील करने के लिए हमने कई पहले की है जी और जो उपभोक्ताओं को एक जो फाइनेंसियल सेक्टर से कॉल आती हैं उसमें उनको रिलायबल कॉलिंग मिले इसके लिए हमने एक 1600 सीरीज का प्रावधान किया है जी ताकि जो भी फाइनेंसियल सेक्टर से सर्विस या ट्रांजैक्शन की कॉल्स आएं वो उनको कॉन्फिडेंटली आइडेंटिफाई कर सकें और उसको मतलब उसका एक विश्वसनीयता रहे यानी आसान भाषा में अगर समझें बैंक से अगर कोई कॉल हमारे पास आ रही है और वो सही कॉल है तो वो 1600 के जरिए अब हमारे पास आएगी जी बिल्कुल ठीक कहा आपने यदि बैंक से कॉल आ रही है जी तो वो 1600 से शुरू होने वाली सीरीज से आए जो कि पूर्व में या आज की तारीख में किसी सामान्य मोबाइल नंबर या लैंडलाइन से आती है तो और यदि वो कहे कि मैं फलाना बैंक के फलाना ब्रांच से बोल रहा हूं तो उपभोक्ता को शक हो सकता है ये कॉल सही है या विश्वसनीय है या नहीं है और इस प्रकार से कॉल करके उपभोक्ता के साथ फाइनेंसियल फ्रॉड भी किया जा सकता है लेकिन अब यदि ट्रांजैक्शन से संबंधित या सर्विस से संबंधित कॉल है जी तो वो 1600 से शुरू होने वाले नंबर से ही आएगी और उसको उपभोक्ता कॉन्फिडेंटली विश्वसनीयता के साथ उसको अटेंड कर सकता है बिल्कुल और अब से पहले हम देखते थे 1600 1400 140 तो वहां तो हम अक्सर देखते थे जो उपभोक्ता हैं या मैं अपनी भी बात करूं मैं अक्सर उसको ब्लॉक कर देते थे लेकिन अब ये एक फायदा रहेगा कि अगर हमें 1600 से कॉल आ रही है तो उसको हम वैलिड मान सकते हैं यानी इनफैक्ट अगर 1600 से कॉल आ रही है तो उसको ब्लॉक नहीं करना चाहिए बल्कि उसको जरूर अटेंड करें क्योंकि वो आपके किसी ट्रांजैक्शन से या आपकी सर्विस से संबंधित है तो उसको ब्लॉक करना उचित नहीं होगा उसको अटेंड करना चाहिए और ये सर क्योंकि जब आज के समय में हम देखते हैं साइबर क्राइम किस तरीके से बढ़ रहा है और वहां पे एक मेन माध्यम जो है मेन मीडियम जो है हम देखते हैं किस तरीके हमारे फोन जो हैं सिम है इसके जरिए होता है तो काफी हद तक क्या उस पर लगाम लग पाएगी क्योंकि अधिकतर हम देखते हैं साइबर फ्रॉड जो है वो बैंक का नाम लेते हैं कि बैंक फलाना बैंक से हम बात कर रहे हैं आपका या इंश्योरेंस है आपका एफडी है तरह-तरह की बातें वो करते हैं तो उस पर काफी हद तक लगाम लग पाएगी अब तो साइबर फ्रॉड का जो एक आयाम है कि जो कोई व्यक्ति जो प्रॉडस्टर है वह कॉल करके अपने आपको बैंक या या इंश्योरेंस कंपनी आदि से आइडेंटिफाई करे उस पर इस इससे लगाम लगेगी और वो यदि 1600 सीरीज के बजाय किसी मोबाइल नंबर से या लैंडलाइन से कॉल कर रहा है तो जरूर ही उपभोक्ता को उसे शक के नजरिए से देखना चाहिए और कोशिशली डील करना चाहिए जी तो आने वाले समय में यानी और बेहतर जो सेवाएं हैं ट्राई लगातार अपने उपभोक्ताओं को दे रहा है और ऐसे में अगर सर बात की जाए क्योंकि लगातार हम नई-नई जो सेवाएं हैं वो अपने उपभोक्ताओं को देते हैं लेकिन क्या इसके साथ-साथ अब अगर बात की जाए पिछले एक दशक में एक जो भरोसा था ट्राई पे वो और ज्यादा मजबूत आपको लगता है कि उपभोक्ताओं का भरोसा और ज्यादा बढ़ा है जो विश्वास है वह और बढ़ा है अब निश्चय ही ट्राई ट्राई की ये जिम्मेदारी है और ट्राई इसके लिए कटिबद्ध है कि जो टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट्स हैं उनमें

[19:54]उनको उनके बारे में समय से व्यवस्था बनाए और टेक्नोलॉजी का उपयोग हमारा तंत्र हमारा संचार तंत्र समय से उपयोग करके उपभोक्ताओं को बेहतर और विश्वसनीय सेवा प्रदान कर सके

[20:17]ट्राई इसके बारे में निरंतर कार्य करता रहता है जी बिल्कुल तो बेहतर सुविधाएं जो हैं देखिए किस तरीके से उपभोक्ताओं को लगातार मिल रही हैं और खासतौर से जब हम इंडो डिजिटल कनेक्टिविटी की बात कर रहे हैं तो उसके लिए भी ट्राई लगातार प्रयासरत है और हम कह सकते हैं अब तो परिणाम जो है वो भी काफी सुखद हैं और खासतौर से हर कोई यही चाहता है कि जहां भी वो रहे डिजिटली कनेक्ट जरूर रहे क्योंकि आज के समय में तकनीक के साथ जिस तरीके से हम जुड़कर चल रहे हैं वो बेहद जरूरी कि आप पूरी तरीके से डिजिटली ना सिर्फ अवेयर रहें बल्कि डिजिटली कनेक्ट भी रहे और जब जैसे अवेयर रहेंगे तो ना सिर्फ साइबर फ्रॉड की बात की जाए तमाम तरह की जो इस तरह की गतिविधियां हैं उनसे आप काफी दूर रहेंगे तो आने वाले समय में ट्राई जो है किस तरीके से एक महत्वपूर्ण भूमिका भी अपनी निभाएगा विकसित भारत में खासतौर से जो डिजिटल भारत की हम बात कर रहे हैं वहां भी लगातार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हुआ नजर आ रहा है फिलहाल अनिल जी आपका बहुत-बहुत आभार इतना महत्वपूर्ण समय आपने हमें दिया और इतनी महत्त्वपूर्ण जानकारी आपने हमारे दर्शकों के साथ साझा की इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद बहुत-बहुत धन्यवाद और मुझे यह मौका मिला आपके दर्शकों को यह महत्वपूर्ण जानकारी मैं शेयर कर सका इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद शुक्रिया सर

Need another transcript?

Paste any YouTube URL to get a clean transcript in seconds.

Get a Transcript