[0:00]एक गांव में एक लालची औरत अपने पति के साथ रहती थी। उसका एक बेटा था जिसका नाम बाबूलाल था। वह कोई काम धाम नहीं करता था बस पूरा दिन गांव में इधर-उधर मंडराता रहता था।
[0:12]एक बार अगर और मुझे राम प्यारी बोले ना तो एक लगाऊंगी। चुपचाप यहां से चला जा नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। अरे सुमन तुम गुस्सा क्यों होती हो तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो। मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं। मुझसे शादी के सपने छोड़ और निकल यहां से बड़ा आया शादी करने वाला। फिर इतना बोलकर सुमन गुस्से में वहां से चली जाती है। तभी बाबूलाल का दोस्त वहां से गुजर रहा होता है। अरे बाबू भाई यह सुमन तुमसे क्या कह रही थी। कुछ नहीं भाई। अपने प्यार का इजहार कर रही थी। लेकिन भाई उसके हावभाव से तो कुछ और ही लग रहा था। बाबू भाई मेरी बात मानो तो तुम इससे दूर ही रहा करो। गांव वाले बोलते हैं इस सुमन के ऊपर चुड़ैल का साया है। यह रात को अकेले वीराने में घूमती है। कुछ लोगों ने तो इसके उल्टे पैर तक देखे हैं। तुम्हें पता है ना उल्टे पैर चुड़ैल की निशानी होते हैं। चल बेवकूफ तेरा दिमाग खराब हो गया है जो इतनी सुंदर लड़की को चुड़ैल बोल रहा है। सुमन कोई चुड़ैल वुडेल नहीं है। मैं तो इसी से शादी करूंगा। फिर इतना बोलकर वह अपने घर की ओर चल देता है। मां मां अब मेरी शादी की उम्र हो गई है। मेरी किसी सुंदर सी लड़की से शादी करवा दो ना। हां हां क्यों नहीं? अगर राजा बेटा का कोई और भी अरमान है तो वह भी बता दीजिए। आपके सारे अरमान एक साथ ही पूरे करवा देंगे। काम धाम तो कुछ करना नहीं है। तेरी उम्र के सारे लड़के कुछ ना कुछ काम कर रहे हैं और एक तू है पूरा दिन घूमता रहता है और मुफ्त की रोटियां तोड़ता रहता है। भला तुझ जैसे लड़के को कोई अपनी लड़की क्यों देगा? पहले कोई काम धाम करके कुछ पैसे वैसे कमा के दिखाओ। फिर शादी के सपने देखना। चल भाग यहां से आवारा कहीं का तू किसी काम धाम का नहीं है। देखो ना मां पिताजी हमेशा मेरी बेइज्जती करते रहते हैं। किसी दिन मैं घर छोड़ के ही चला जाऊंगा। अरे नहीं नहीं बेटा कैसी बातें कर रहे हो। यह सब तुम्हारा ही तो है। अजी आप तो रहने दो। हर वक्त मेरे भोले-भाले बेटे को नीचा दिखाते रहते हो। अजी हमारे पास इतनी धन दौलत है। क्या आप यह सब अपने साथ ऊपर लेकर जाओगे? भला मेरे बेटे को कमाने की क्या जरूरत है। मामा मुझे सुमन बहुत पसंद है। तुम उसके घर मेरा रिश्ता लेकर जाओ ना। ठीक है ठीक है मैं कल ही सुमन के माता-पिता से तुम्हारे रिश्ते की बात करने जाऊंगी। फिर अगले दिन बाबूलाल की मां सुमन के घर रिश्ता लेकर जाती है और उन्हें अपने पैसों का रोब दिखाती है। देखिए बहन जी आप बहुत अमीर लोग हैं और हम गरीब मेरे पास आपको देने के लिए कुछ भी नहीं है। तुम्हारी किस्मत बहुत अच्छी है जो तुम्हारी लड़की की शादी मेरे बेटे से हो रही है। बस तुम सुमन की शादी मेरे बेटे से करवा दो। मुझे तुमसे कुछ नहीं चाहिए। इतना बोलकर वह वापस अपने घर की ओर चल देती है। अगले दिन सुमन और बाबूलाल की शादी हो जाती है। बाबूलाल सुमन से शादी करके फूला नहीं समात रात होने पर बाबूलाल और सुमन अपने कमरे में सो रहे होते हैं। तभी सुमन उठती है और सीधा घर से बाहर निकल जाती है और जंगल की ओर चल पड़ती है। बाबूलाल के दोस्त को सुमन पर पहले से ही शक होता है। इसलिए वह उस पर पहले से ही निगरानी रखे हुए होता है। अरे यह भाभी इतनी रात गए कहां जा रही है। मुझे इनका पीछा करना होगा। फिर चीमा सुमन का पीछा करने लगता है। तभी चलते-चलते सुमन के पैर उल्टे हो जाते हैं। अरे मर गए रे इसके तो पैर ही उल्टे हो गए। मेरा शक सही निकला। यह तो चुड़ैल निकली। तभी देखते ही देखते सुमन चुड़ैल में बदल जाती है और गुफा के अंदर घुस जाती है। चीमा की आंखें फटी की फटी रह जाती हैं। फिर वह भी उसके पीछे-पीछे गुफा के अंदर घुस जाता है। ए हैवानों के देवता मैं आपको नौ बलि चढ़ा चुकी हूं। बस एक बलि और चढ़ाते ही मैं सर्वशक्तिमान बन जाऊंगी। फिर मैं इन शक्तियों से पूरी दुनिया पर राज करूंगी। मुझे अभी के अभी सारी बात बाबूलाल को जाकर बतानी होगी। फिर वह सीधा भागता हुआ बाबूलाल के घर जाता है और खिड़की से उसे आवाज देता है। बाबू भाई बाबू भाई उठो मुझे तुम्हें बहुत जरूरी बात बतानी है। जल्दी उठो। अरे क्या हुआ भाई इतनी रात तुम यहां क्या कर रहे हो? भाई मैंने तुम्हें पहले ही कहा था कि तुम्हारी बीवी चुड़ैल है, लेकिन तुमने मेरी बात का विश्वास नहीं किया था। भाई मुझे लगता है कि तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है जो यह बहकी बहकी बातें कर रहे हो। अच्छा तो यह बताओ कि क्या सुमन घर पर है। इतने में सुमन वहां आ जाती है। क्या हुआ चीमा भैया इतनी रात गए कैसे आना हुआ? चीमा सुमन को घर पर देखकर हक्का बक्का रह जाता है। कुछ नहीं भाभी जी मैं तो बस यहां से गुजर रहा था तो सोचा बाबू से मिलता चलूं। अच्छा अब मैं चलता हूं। इतना बोलकर चीमा वहां से दुम दबा के भाग जाता है। अजी क्या हुआ यह आपका दोस्त आपसे क्या कह रहा था? कुछ नहीं बस ऐसी ही बेकार की बातें कर रहा था। चलो अब तुम सो जाओ। रात बहुत हो गई है। फिर सुबह होने पर वह सेठानी गुस्से से लाल हो जाती है क्योंकि सुमन अभी तक सो रही होती है। ए बहू रानी अभी तक सो रही है क्या घर का काम कौन करेगा? चल जल्दी उठ मैंने काम वाली की छुट्टी कर दी है। आज से घर का सारा काम तुझे ही करना है। फिर सेठानी के जोर-जोर से चिल्लाने की वजह से सुमन की नींद खुल जाती है और वह गुस्से से लाल हो जाती है। रुक बुढ़िया तुझे मैं अभी बताती हूं। फिर सुमन गुस्से में बाहर आती है। ए बुढ़िया क्यों शोर मचा रही है सुबह-सुबह मेरी सारी नींद ही खराब कर दी। अरे दैया रे दैया इसकी हिम्मत तो देखो मुझे बुढ़िया बुला रही है। ए तेरी इतनी हिम्मत मुझे बुढ़िया बोलेगी। चुपचाप घर का यह सारा काम निपटा दे। तेरे मां-बाप ने वैसे भी दहेज में फूटी कौड़ी भी नहीं दी है। मैं कोई काम वाम नहीं करने वाली। जो करना है कर लो। तेरी इतनी हिम्मत मुझे मना करेगी। रुक तुझे अभी बताती हूं। अरे अरे मर गई रे यह क्या हो गया। ए तेरी इतनी हिम्मत मुझे अभी के अभी छोड़ दे। बाबू बाबू ओ बाबू देख तेरी बीवी मेरे साथ क्या सलूक कर रही है। जल्दी आ मुझे इससे बचा नहीं तो यह मेरे सारे बाल नोच डालेगी। फिर अपनी मां की चीख-पुकार सुनकर बाबू दौड़ा-दौड़ा अपने कमरे से निकलकर वहां पहुंच जाता है। वह यह सब देखकर हैरान रह जाता है। ए सुमन तेरी इतनी हिम्मत तू मेरी मां के साथ ऐसा सलूक करेगी। अभी के अभी मेरी मां को छोड़ दे वरना अच्छा नहीं होगा। फिर सुमन उसे छोड़ देती है और सीधा अपने कमरे में चली जाती है। मां आप ठीक तो हो ना आपको कुछ हुआ तो नहीं ना। मैं ठीक हूं बेटा मैंने तो बस इसे घर का थोड़ा काम करने को कहा था और इसने मेरी तो धुनाई ही कर दी। फिर बाबू परेशान होकर घर से बाहर निकल जाता है। वहां उसे उसका दोस्त चीमा मिलता है। क्या हुआ बाबू भाई इतने परेशान क्यों हो क्या तुम्हें पता चल गया कि तुम्हारी बीवी चुड़ैल है। मजाक मत कर यार चीमा मैं वैसे ही बहुत परेशान हूं। आज सुबह-सुबह तो सुमन ने हद ही कर दी। उसने मां के बाल पकड़कर उनसे बहुत बदतमीजी की। भाई मैंने तो पहले ही कहा था कि सुमन कोई साधारण लड़की नहीं है। उसके ऊपर चुड़ैल का साया है। एक बहुत आसान रास्ता है। अगर तुम उस चुड़ैल के सामने आईना रख दोगे तो तुम्हें उसकी असलियत उस आईने में दिख जाएगी। फिर वे दोनों अपने-अपने घर की ओर चल देते हैं। रात होने पर बाबू सुमन के लिए एक फूलों का गजरा लेकर घर पहुंच जाता है। अरे भगवान तुम कहां हो? देखो आज मैं तुम्हारे लिए क्या लाया हूं? फिर सुमन वहां आती है और गजरा देखकर बहुत खुश हो जाती है। फिर वह गजरा अपने बालों में लगाकर शीशे के सामने पहुंच जाती है। तभी उसके पीछे-पीछे बाबूलाल भी पहुंच जाता है। सुमन जैसे ही अपने आप को शीशे में देखती है, उसकी असलियत उसमें दिखाई देने लगती है। बाबूलाल की आंखें फटी की फटी रह जाती हैं। वह उस चुड़ैल को देखकर बहुत डर जाता है। हे भगवान यह मैं किस मुसीबत में फंस गया। यह तो सच में चुड़ैल निकली। अच्छा हुआ तुझे मेरी असलियत के बारे में पता चल गया। मैं आज रात को तेरी ही बलि देने वाली थी। अरे भागो रे यह तो चुड़ैल निकली। अपनी जान बचा के भागो चीमा भाई मुझे बचाओ मेरी बीवी तो चुड़ैल निकली। तुम सही कहते थे। हाए मर गए रे। फिर वह सीधा भागता भागता अपने दोस्त चीमा के घर पहुंच जाता है। चीमा भाई जल्दी से दरवाजा बंद कर दो। तुम सही कहते थे। सुमन तो चुड़ैल है। मैंने उसकी असलियत आईने में देख ली है। अब वह मुझे नहीं छोड़ेगी। अरे दैया रे दैया लगता है। आपका यह दोस्त अपने साथ-साथ हमें भी मरवा के छोड़ेगा। तुम अभी के अभी इसे घर से बाहर निकालो। नहीं तो इसकी पत्नी इसका पीछा करते-करते यहां पहुंच जाएगी। तभी जोर-जोर से दरवाजा खटखटाने की आवाजें आने लगती हैं। वे सब लोग डर जाते हैं। अरे दैया रे दैया लगता है। इसकी पत्नी इसका पीछा करते-करते यहां पहुंच गई। चीमा भाई गलती से भी दरवाजा मत खोलना। नहीं तो वह चुड़ैल हम में से किसी को भी जिंदा नहीं छोड़ेगी। वह हमें कच्चा खाएगी। अरे मर गए रे। बाबू भाई भाभी तो चुड़ैल बनकर हमारे दरवाजे पर खड़ी है। अब क्या करें? मैं तो कहती हूं इस बाबूलाल को उठाकर घर से बाहर फेंक दो। वह चुड़ैल इसी की तलाश में यहां आई है। बहुत शौक चढ़ा था ना इसे सुंदर स्त्री से शादी करने का अब भुगतने दो इसे। चलो भाई बाबूलाल अभी के अभी मेरे घर से बाहर निकलो। चलो चलो चलो। नहीं मैं कहीं नहीं जाने वाला। मैं अकेला नहीं मरूंगा। अगर तुमने मेरा साथ नहीं दिया तो मैं तुम्हें भी अपने साथ लेकर मरूंगा। अरे दैया रे दैया यह तो अपने साथ हमें भी मरवा के छोड़ेगा। अजी आप ही कुछ कीजिए ना। बाबू भाई मेरे घर में छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। अगर यह चुड़ैल इस घर में घुस गई तो हमारे साथ हमारे बच्चों को भी नहीं छोड़ेगी। कृपा करके तुम इस घर से निकल जाओ। ठीक है दोस्त मैं अपनी वजह से तुम्हारे मासूम बच्चों की जान खतरे में नहीं डाल सकता। मैं अभी के अभी इस घर से चला जाता हूं। शुक्र है भगवान का इस आफत से जान तो छूटी। रुको मेरे दोस्त अगर मरना ही है तो मैं भी तुम्हारे साथ मरूंगा। राधा तुम अंदर बच्चों के पास चली जाओ। मैं अपने दोस्त को यूं अकेला नहीं छोड़ सकता। मुझे अपनी दोस्ती निभानी होगी। अजी आप पागल हो गए हैं क्या वह चुड़ैल एक ही वार में आपकी जान ले लेगी। आप इसकी वजह से खुद को मौत के मुंह में क्यों धकेल रहे हैं? अगर मैंने आज अपने दोस्त का साथ नहीं दिया तो यह दुनिया कभी भी किसी की दोस्ती पर ऐतबार नहीं करेगी। अगर अपनी दोस्ती साबित करने के लिए अपनी जान भी देनी पड़ी तो मैं दे दूंगा। चलो बाबू भाई मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगा। नहीं चीमा भाई मुझे तुम्हारी दोस्ती पर कोई शक नहीं है, लेकिन तुम मेरी वजह से अपनी जान मत दो। हम दोनों मिलकर भी इस चुड़ैल का सामना नहीं कर पाएंगे। हमारा मरना तय है। तुमने सही कहा हम दोनों इसका मुकाबला नहीं कर पाएंगे, लेकिन मैं किसी को जानता हूं जिसके सामने यह चुड़ैल पल भर के लिए भी नहीं टिक पाएगी। तभी चीमा भागकर घर में बने मंदिर की ओर जाता है। हे महाबली हनुमान हम आपके बिना इस चुड़ैल का सामना नहीं कर सकते। आज फिर से एक बार बुराई को हराने के लिए हमें आपकी जरूरत है। कृपा करके हमारे साथ चलिए महाबली। चलो भाई अब इस चुड़ैल को सबक सिखाने का वक्त आ गया है। अरे वाह वाह नहीं चुड़ैल हम दो नहीं हैं। हम तीन हैं। बोलो महाबली हनुमान की जय सियापति रामचंद्र भगवान की जय पवन सुत हनुमान की जय। अरे अरे मर गई रे यह तूने क्या कर दिया। हे भगवान मुझे क्षमा कर दो। मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। हे महाबली हे सर्वशक्तिमान मुझे क्षमा कर दो। मैं आज के बाद किसी व्यक्ति को नहीं सताऊंगी। फिर कुछ ही पलों में वह चुड़ैल जलकर खाक हो जाती है। और एक बार फिर बुराई पर हमेशा की तरह अच्छाई की जीत होती है।



