[0:00]हेलो बच्चों, आज हम बात करेंगे डायमेंशनल एनालिसिस के ऊपर। इसके पहले यूनिट वग़ैरह है, उसको हम नहीं पढ़ाएंगे, बहुत बेसिक चीज़ है। खुद से करेंगे आप उसे। तो डायमेंशनल एनालिसिस पे आज बात करनी है। डायमेंशनल एनालिसिस। और बच्चों, डायमेंशनल एनालिसिस बहुत ही इज़ी चैप्टर है 11th का, स्टार्टिंग का चैप्टर है, तो बहुत ही आसान है। जैसे अभी तक आप यूनिट समझते थे, वैसे ही आज से आप डाइमेंशन समझोगे। तो डाइमेंशन क्या होता है? समझने के लिए थोड़ा पहले अंदर चलते हैं। देखो जैसे मास है ना, तो मास के लिए आज से हम यूज़ करेंगे कैपिटल M। लेंथ है, लेंथ के लिए हम यूज़ करेंगे कैपिटल L और टाइम के लिए हम यूज़ करेंगे कैपिटल T, ठीक है? जैसे मास के लिए Kg यूज़ करते थे, लेंथ के लिए मीटर यूज़ करते थे, टाइम के लिए सेकंड यूज़ करते थे, यूनिट में। उसी तरह से आज से M, L, T वग़ैरह यूज़ करना है। ठीक है? अब जैसे हम आपसे कहें, आप हमें वेलोसिटी का फॉर्मूला बताओ। तो आप बोलोगे सर, वेलोसिटी का फॉर्मूला क्या होता है? डिस्प्लेसमेंट / टाइम होता है। तो यार, डिस्प्लेसमेंट किस में मेज़र होती है? लेंथ में मेज़र होती है। तो मैंने यहां पे लिख दिया L। टाइम किस में मेज़र होता है? T में। तो यहां मैंने लिख दिया T। तो L और T ऊपर आएगा, तो T की पावर -1। अब देखो, यहां M का टर्म नहीं है। M का टर्म नहीं है, तो मैं ऐसे लिख सकता हूं M की पावर 0। किसी चीज़ की पावर 0 कर दो, तो 1 हो जाता है। L की पावर कितनी है? 1। T की पावर कितनी है? -1। अब बच्चों, ये जो चीज़ है ना, इसको डाइमेंशन बोलते हैं। किसको? M, L, T को? नहीं। ये जो पावर्स हैं, इनको डाइमेंशन बोलते हैं। अगर हम आप से पूछें, वेलोसिटी का डाइमेंशन क्या है? तो आप बोलोगे, वेलोसिटी का डाइमेंशन है 0, 1, -1। किस में? मास, लेंथ और टाइम में। मतलब मास की पावर 0 है, लेंथ की पावर 1 है और टाइम की पावर -1 है। एक और एग्ज़ाम्पल लेते हैं। एग्ज़ाम्पलस के थ्रू इस बात को समझते हैं। जैसे मान लीजिए, हम आपसे कहें आप हमें मोमेंटम का डाइमेंशन बताइए। मोमेंटम का डाइमेंशन बताइए। तो बच्चों, मोमेंटम का फॉर्मूला क्या होता है? मास इंटू वेलोसिटी। अब मास के लिए क्या यूज़ करना है? कैपिटल M। और वेलोसिटी क्या होता है? वेलोसिटी होता है डिस्प्लेसमेंट / टाइम। तो यार, ये M डिस्प्लेसमेंट किस में मेज़र होता है? लेंथ में। तो L ले लिया। और टाइम T। तो M की पावर 1, L की पावर 1 और T की पावर -1। तो मोमेंटम का डाइमेंशन हो जाएगा 1, 1, -1। किस में? M, L, T में। तो बच्चों, डाइमेंशन आर द पावर। टू व्हिच द फंडामेंटल क्वांटिटीज़, फंडामेंटल यूनिट्स, आर रेज़्ड इन ऑर्डर टू एक्सप्रेस अ यूनिट ऑफ़ अ क्वांटिटी। डाइमेंशंस क्या हैं? पावर है। जिन पे M, L, T को रेज़ करें। जिससे कि मोमेंटम की यूनिट को हम एक्सप्रेस करें। यूनिट की जगह हम डाइमेंशन लिख सकते हैं। यही डाइमेंशन है। और समझते हैं डाइमेंशंस को। डाइमेंशन बच्चों, पावर हैं। M, L, T को डाइमेंशन नहीं बोलते। जो पावर जा रही है ना, उसको डाइमेंशन बोलते हैं। जैसे हम आपसे बोलें, आप हमें बताते जाओ। चलो, एक्सेलरेशन का डाइमेंशन। तो बच्चों, एक्सेलरेशन क्या होता है? चेंज इन वेलोसिटी / चेंज इन टाइम। तो बच्चों, वेलोसिटी के लिए हम लोग देख चुके हैं। क्या होता है? डिस्प्लेसमेंट / टाइम। और नीचे भी किस चीज़ की यूनिट या डाइमेंशन रखना है? टाइम का। डिस्प्लेसमेंट होता है लेंथ में। टाइम T। और ये इससे मल्टीप्लाई हो जाएगा T। तो L की पावर 1, T की पावर 2 ऊपर आई, T की पावर -2। M नहीं है। M डालना है, डाल दो। M की पावर 0, L की पावर 1, T की पावर -2। तो एक्सेलरेशन का डाइमेंशन 0, 1, -2। किस में? M, L, T में। जैसे हम आपसे कहें, फोर्स का डाइमेंशन बताओ। तो बच्चों, फोर्स क्या होता है? मास इंटू एक्सेलरेशन। अब मास के लिए यूज़ करेंगे M और एक्सेलरेशन का डाइमेंशन, ये रहा। क्या है एक्सेलरेशन का डाइमेंशन? M की पावर 0, L की पावर 1, T की पावर -2। तो M की पावर यहां पे 1 और 0। तो पावर ऐड हो जाएगी, M की पावर 1, L की पावर 1, T की पावर -2। तो फोर्स का डाइमेंशन क्या हो जाएगा? 1, 1, -2। किस में? M, L, T में। तो मेरी आपसे एक सजेशन है कि फोर्स के डाइमेंशन को याद रखो। आगे बहुत यूज़ होगा। तो फोर्स का डाइमेंशन याद रख लो, M, L, T की पावर -2। M, L, T की पावर -2। देखो कहां यूज़ होगा। अब देखते जाओ, यूज़ होता जाएगा। जैसे हम आपसे कहें, आप हमें प्रेशर का डाइमेंशन बताओ। तो बच्चों, प्रेशर क्या होता है? प्रेशर होता है फोर्स / एरिया। अब फोर्स का डाइमेंशन पता है, यूज़ कर लो। M, L, T की पावर -2। एरिया क्या होता है? लेंथ इंटू लेंथ। तो हम लिख देंगे L की पावर 2। अब ये L की पावर 2 ऊपर जाएगा। ऊपर 1 है। 1 - 2, -1। T की पावर -2। तो ये किसका डाइमेंशन हो गया? प्रेशर का। जैसे हम आपसे कहें, आप हमें वर्क का डाइमेंशन बताओ। तो बच्चों, वर्क क्या होता है? फोर्स मल्टीप्लाइड बाइ डिस्प्लेसमेंट। फोर्स का डाइमेंशन क्या है? M, L, T -2। और डिस्प्लेसमेंट, लेंथ में होती है, तो L से मल्टीप्लाई कर लिया। तो M, L की पावर 1, L की पावर 1, L की पावर 2, T की पावर -2। और M की पावर कितनी है? 1। तो वर्क का डाइमेंशन हो जाएगा 1, 2, -2 इन M, L, T। अब जैसे हम आपसे कहें, आप हमें एनर्जी का डाइमेंशन बताओ। एनर्जी का डाइमेंशन बताओ। अब यहां पे दिमाग लगाना। एनर्जी की यूनिट वही होती है जो वर्क की होती है। एनर्जी क्या होता है? जूल्स में मेज़र करते हैं। वर्क को किस में मेज़र करते हैं? जूल्स में। जिन दो क्वांटिटी की यूनिट सेम होगी, उनका डाइमेंशन भी सेम होगा। तो एनर्जी का डाइमेंशन भी कितना हो जाएगा? M, L स्क्वायर, T की पावर -2। जैसे हम आपसे पूछें, काइनेटिक एनर्जी का डाइमेंशन बताइए। तो यार, एनर्जी तो एनर्जी होती है। काइनेटिक एनर्जी हो, पोटेंशियल एनर्जी हो, न्यूक्लियर एनर्जी हो, डाइमेंशन क्या होगा? M, L स्क्वायर, T की पावर -2। हम आपसे कहें, पोटेंशियल एनर्जी का डाइमेंशन बताइए। तो क्या हो जाएगा? M, L स्क्वायर, T की पावर -2। तो फोर्स का डाइमेंशन याद रखना चाहिए। क्या है फोर्स का डाइमेंशन? M, L, T की पावर -2। इसको यूज़ करके ना, बहुत से डाइमेंशन बन सकते हैं। अब बच्चों, इसकी कोई लिमिट नहीं है। अब आपके सिलेबस में फ़िज़िक्स के कितने ढेर सारे फॉर्मूले होंगे? और कितनी फ़िज़िकल क्वांटिटीज़ होंगी? है ना? 11th का सिलेबस कितना बड़ा है। बुक्स हैं, धीमे-धीमे अपलोड करते हैं उनको भी, क्योंकि आज प्रॉमिस किया था कि हम स्टार्ट करेंगे थोड़ा स्टार्ट करेंगे वीडियो लेक्चर।
[7:05]तो बहुत सी क्वांटिटीज़ हैं और सबके अपने-अपने डाइमेंशन हैं। और बुक में क्या करता है? पहले ही चैप्टर में सबके डाइमेंशन सिखाता है। तो आप डर जाते हो कि चैप्टर बड़ा टफ़ है। अरे यार, इस में ये कौन सी क्वांटिटी आ गई? स्ट्रेस, स्ट्रेन, सरफ़ेस टेंशन, मोमेंट ऑफ़ इनर्शिया। तो ये सारी चीज़ें आप अपने सिलेबस में पढ़ोगे। जैसे मान लो, आप 9th क्लास के पहले दिन क्लास में गए होते, और मैं आपसे पूछता कि वर्क की यूनिट क्या है? तो आप डर जाते। मैं आपसे पूछता कि ये बताओ, मोमेंट ऑफ़ फोर्स की यूनिट क्या है? आप डर जाते। है ना? क्योंकि आपने वो चीज़ें नहीं पढ़ी थीं। तो डाइमेंशन में भी ऐसा ही होगा। हम आपसे उन चीज़ों के अगर डाइमेंशन पूछने लगे, तो आप घबरा जाओगे। जैसे फॉर एग्ज़ाम्पल, मैं आपसे पूछ लूं, मोमेंट ऑफ़ इनर्शिया का डाइमेंशन बताओ। अब आप कहोगे सर, मोमेंट ऑफ़ इनर्शिया मुझको पता नहीं। डाइमेंशन कैसे बताऊं? तो बच्चों, मोमेंट ऑफ़ इनर्शिया का फॉर्मूला होता है M इंटू डिस्टेंस का स्क्वायर। मास इंटू डिस्टेंस का स्क्वायर। अब तो बता सकते हैं। मास का डाइमेंशन क्या है? M। डिस्टेंस किस में मेज़र होगा? L। L की पावर 2। M की पावर 1, L की पावर 2। टाइम नहीं है, तो टाइम की पावर लिख लेंगे 0। जैसे हम आपसे पूछें, आप हमें सरफ़ेस टेंशन का डाइमेंशन बताओ। फिर वही बात हो गई सर, सरफ़ेस टेंशन का फॉर्मूला हमको नहीं पता। तो बच्चों, सरफ़ेस टेंशन का फॉर्मूला होता है फोर्स / यूनिट लेंथ। फोर्स / L, सर। एक साथ इतने फॉर्मूले। तो अभी फॉर्मूले नहीं याद करने हैं। जैसे-जैसे चैप्टर्स पढ़ते जाओगे, वैसे-वैसे फॉर्मूले याद करते जाओगे। अभी कुछ क्वेश्चन सॉल्व कर लो। तो फोर्स / यूनिट लेंथ। तो फोर्स का डाइमेंशन तो याद रखा है अपन ने, M, L, T की पावर -2। डिवाइड बाय लेंथ का डाइमेंशन L, L से L कैंसिल। M, T की पावर -2। नहीं अच्छा लग रहा है, M की पावर 1, L की पावर 0, T की पावर -2। तो बच्चों, बहुत सी फ़िज़िकल क्वांटिटी मैं बना सकता हूं, लिखता जाऊंगा, खत्म ही नहीं होंगी। जैसे मैं टॉर्क का पूछ लूं, तो टॉर्क सबको पता है, क्या होता है? टॉर्क सबको पता है, क्या होता है? फोर्स इंटू परपेन्डिकुलर डिस्टेंस। मास इंटू डिस्टेंस का स्क्वायर। अब तो बता सकते हैं। मास का डाइमेंशन क्या है? M। डिस्टेंस किस में मेज़र होगा? L। L की पावर 2। M की पावर 1, L की पावर 2। टाइम नहीं है, तो टाइम की पावर लिख लेंगे 0। जैसे हम आपसे पूछें, आप हमें सरफ़ेस टेंशन का डाइमेंशन बताओ। फिर वही बात हो गई सर, सरफ़ेस टेंशन का फॉर्मूला हमको नहीं पता। तो बच्चों, सरफ़ेस टेंशन का फॉर्मूला होता है फोर्स / यूनिट लेंथ। फोर्स / L, सर। एक साथ इतने फॉर्मूले। तो अभी फॉर्मूले नहीं याद करने हैं। जैसे-जैसे चैप्टर्स पढ़ते जाओगे, वैसे-वैसे फॉर्मूले याद करते जाओगे। अभी कुछ क्वेश्चन सॉल्व कर लो। तो फोर्स / यूनिट लेंथ। तो फोर्स का डाइमेंशन तो याद रखा है अपन ने, M, L, T की पावर -2। डिवाइड बाय लेंथ का डाइमेंशन L, L से L कैंसिल। M, T की पावर -2। नहीं अच्छा लग रहा है, M की पावर 1, L की पावर 0, T की पावर -2। तो बच्चों, बहुत सी फ़िज़िकल क्वांटिटी मैं बना सकता हूं, लिखता जाऊंगा, खत्म ही नहीं होंगी। जैसे मैं टॉर्क का पूछ लूं, तो टॉर्क सबको पता है क्या होता है? टॉर्क सबको पता है क्या होता है? फोर्स इंटू परपेन्डिकुलर डिस्टेंस। तो फोर्स का डाइमेंशन M, L, T -2। डिस्टेंस का डाइमेंशन L, तो क्या बन जाएगा? M, L स्क्वायर, T की पावर -2।
[10:59]तो बच्चों, क्वांटिटीज़ यार खत्म नहीं होंगी। मैं कराता रहूंगा, कराता रहूंगा, कराता रहूंगा। तुम बोर हो जाओगे, क्वांटिटीज़ खत्म नहीं होंगी। तो सही तरीका क्या है क्वांटिटीज़ को करने का? कि सिलेबस को चलने दो। अपने आप नई-नई फ़िज़िकल क्वांटिटीज़ घुड़ती जाएंगी और तुम समझ जाओगे। अगर बुक में कंफ्यूज़न हुई, कोई क्वांटिटी मिली, गूगल पे उसका फॉर्मूला सर्च मारो, फिर अपना प्रसीड करो। अगर फॉर्मूला आता है, तो काम में ले जाएगा। जैसे चलो एक एग्ज़ाम्पल और देते हैं। मान लो, हम से बोला रेजिस्टेंस। है ना? क्लास 10 में पढ़ा था इलेक्ट्रिसिटी में। रेजिस्टेंस का डाइमेंशन निकालें। तो रेजिस्टेंस क्या होता है? V / I। है ना? पोटेंशियल / करंट। यही तो होता है। अब देखो, पोटेंशियल क्या होता है? वर्क डन / चार्ज। और ये क्या है साथ में? करंट। अब चार्ज नहीं पता है, चार्ज का डाइमेंशन होता नहीं। करंट का होता है। है ना? A। तो मैंने बोला है कि चार्ज को क्या लिख सकते हो? करंट इंटू टाइम। क्योंकि करंट क्या होता है? चार्ज / टाइम। व्हाट इज़ करंट? रेट ऑफ़ फ्लो ऑफ़ चार्ज। यानी चार्ज / टाइम। अब 11th आ गया, अब थोड़ा स्पीड बनेगा लेक्चर में। आज तो बहुत बेसिक चीज़ पढ़ा रहा हूं, बहुत हलवा चीज़ है। तो चार्ज = करंट इंटू टाइम। तो चार्ज की जगह करंट इंटू टाइम रख दो। ऊपर वर्क है। नीचे करंट इंटू टाइम इंटू करंट। तो बच्चों, वर्क का डाइमेंशन क्या होगा? फोर्स इंटू डिस्प्लेसमेंट। / करंट इंटू करंट इंटू टाइम। तो फोर्स का डाइमेंशन M, L, T की पावर -2। डिस्प्लेसमेंट का L। करंट का A, A तो A का स्क्वायर और टाइम की जगह T। इसको सॉल्व कर लेंगे, तो रेजिस्टेंस का डाइमेंशन। तो यार, कोई लिमिट नहीं है डाइमेंशन की। जितने नए-नए फॉर्मूले रोज पढ़ोगे, नए-नए डाइमेंशन तुमको समझ में आते जाएंगे। तो मैं कितने डाइमेंशन यहां सॉल्व करूं? इसकी कोई लिमिट नहीं है। तो मैंने तुमको एक बेसिक सिखाया कि डाइमेंशन कैसे निकाला जाता है। क्या तरीका है डाइमेंशन निकालने का? फॉर्मूला पता होना चाहिए। अब एक इंपॉर्टेंट बात और करते हैं। जो एंगल होता है ना यार, एंगल। वो डाइमेंशनलेस क्वांटिटी होता है। समझो बात को। जो तुम 30 डिग्री लिखते हो ना यार, इसका कोई डाइमेंशन नहीं होता। एंगल्स हैव नो डाइमेंशन। नो। अच्छा, क्या एंगल के पास यूनिट होती है? सोच के बोलना। सोचो आराम से, क्या एंगल की यूनिट होती है? हां, एंगल की यूनिट होती है रेडियन। तो एंगल ऐसी क्वांटिटी है, जिसके पास यूनिट तो है, पर डाइमेंशन नहीं है। एग्ज़ाम में पूछता है, नेम वन फ़िज़िकल क्वांटिटी, व्हिच हैज़ यूनिट, बट नो डाइमेंशन। एंगल। एंगल हैज़ यूनिट रेडियन, बट नो डाइमेंशन। जैसे सॉलिड एंगल, बच्चों। सॉलिड एंगल। एंगल तो सब बच्चे जानते ही हैं, क्या है। सॉलिड एंगल यार, धीमे-धीमे सब को समझ आएगा। जैसे मान लो, मेरे ऊपर पंखा है और मैं इस पॉइंट से पंखे पे एंगल बनाऊं। पंखे के चारों फैंस से मतलब, उसके चारों ब्लेड से मैं एंगल बनाऊं। तो एक ऐसा एंगल बनेगा 3D का। ऐसे एंगल को बोलते हैं सॉलिड एंगल। जैसे मान लो मैं बोलूं, इस बोर्ड, यहां इस पॉइंट से मैं बोर्ड को देख रहा हूं। तो बोर्ड के लिए सारे कोनों को कवर करने के लिए जो एंगल बनेगा, ये पूरा एंगल। इसको बोलते हैं सॉलिड एंगल। बच्चों, सॉलिड एंगल भी डाइमेंशनलेस होते हैं। क्या इनके पास यूनिट होती है? बिलकुल होती है। इनके पास भी यूनिट होती है और यूनिट होती है स्टेरेडियन। तो एग्ज़ाम में पूछता है, नेम टू फ़िज़िकल क्वांटिटीज़। टू फ़िज़िकल क्वांटिटी, व्हिच हैव यूनिट, बट नो डाइमेंशन। दो ऐसी फ़िज़िकल क्वांटिटी जिनके पास यूनिट तो है, पर डाइमेंशन नहीं है। क्या इसका उल्टा भी पॉसिबल है? क्या ऐसी कोई फ़िज़िकल क्वांटिटी हो सकती है? जिसके पास डाइमेंशन हो और यूनिट ना हो। यूनिट ना हो। ऐसी तो मिल गई जिनके पास यूनिट था पर डाइमेंशन नहीं। ऐसी क्वांटिटी हो सकती है? नहीं, बच्चों। ऐसी कोई फ़िज़िकल क्वांटिटी नहीं है। जिस फ़िज़िकल क्वांटिटी का डाइमेंशन होगा, उसकी यूनिट होगी। डाइमेंशन है, तो यूनिट है, डाइमेंशन। पर यूनिट है, तो डाइमेंशन है। ये बात तय है। ठीक है? तो ये बातें थीं कुछ बेसिक डाइमेंशनल की। अब हम आपको एक छोटा सा प्रिंसिपल और बता देते हैं, उसके बाद लेक्चर को बंद करते हैं। छोटा सा लेक्चर है। प्रिंसिपल स्कूल वाला नहीं, सिद्धांत वाला। ऑफ़ होमोजेनिटी। होमोजेनिटी। तो यार, होमोजेनिटी क्या होता है? होमो मतलब एक जैसे, एक जैसी चीज़ें। प्रिंसिपल ऑफ़ होमोजेनिटी क्या बोलता है? यार, ये बोलता है कि फोर्स में फोर्स ऐड होती है। लेंथ में लेंथ ऐड होता है, वॉल्यूम में वॉल्यूम ऐड होता है, वॉल्यूम में वॉल्यूम माइनस होता है। डेंसिटी से डेंसिटी माइनस होती है। मतलब जिनकी फ़िज़िकल क्वांटिटी सेम है ना, उन्हीं चीज़ों को तुम प्लस माइनस कर सकते हो। जैसे मैं तुमसे बोलूं, 5 Kg आटे को और 2 कि.मी. लेंथ को जोड़ दो या घटा दो। नहीं जुड़ सकते। है ना? मैं तुमसे बोलूं कि 5 लीटर पानी को और 2 घंटे को, 2 आवर्स को जोड़ दो या घटा दो। नहीं कर सकते। तो प्रिंसिपल ऑफ़ होमोजेनिटी हम से ये कहता है कि ओन्ली दोज़ फ़िज़िकल क्वांटिटीज़। क्वांटिटीज़ होगा, कैन बी एडेड और सब्ट्रेक्टेड, विच हैव सेम डाइमेंशन। जैसे हमने लिखा है A + B। तो A और B का डाइमेंशन सेम होना चाहिए। लेंथ में लेंथ ही तो ऐड होता है। डेंसिटी में डेंसिटी ही तो ऐड होता है। तो यही बात ये कहता है। जैसे हमने लिखा है X - Y = Z। तो X का, Y का और Z का, तीनों का डाइमेंशन सेम होगा। बोलोगे सर, ये तो ऐड नहीं हो रहा। कहां ऐड नहीं हो रहा? इसको इस तरफ ले आओ। इक्ववेशन के इस तरफ ले आओ। तो X - Y - Z = 0। अब तो माइनस हो रहा है ना? मतलब X, Y, Z, तीनों का डाइमेंशन क्या होगा? सेम होगा। इसी को बोलते हैं प्रिंसिपल ऑफ़ होमोजेनिटी। अब इसको किताब में किस तरह से लिखता है? किताब में इसको दूसरे तरह से लिखता है। कैसे लिखता है? बोलता है द डाइमेंशंस ऑफ़ ऑल द टर्म्स रिटेन ऑन बोथ साइड्स ऑफ़ अ करेक्ट इक्वेशन शुड बी सेम। मतलब A का, B का, C का, D का डाइमेंशन क्या होगा? सेम होगा। तो यही बात तो हम भी आपको बता रहे थे। वो इसको इस तरह से बताते हैं। ठीक है? तो वही क्वांटिटी ऐड-सब्स्ट्रैक्ट होंगी जिनका डाइमेंशन सेम होगा। और मल्टीप्लाई? डिवाइड? मल्टीप्लाई-डिवाइड के लिए क्या सोचते हैं? हो तो कुछ भी हो सकती है। नहीं हो सकती क्या? अरे, कोई भी फॉर्मूला ले लो। वेलोसिटी देख लो, क्या करते हैं अपन? डिस्प्लेसमेंट को टाइम से डिवाइड करते हैं, करते हैं कि नहीं? हां। एक्सेलरेशन देखो, क्या करते हैं? वेलोसिटी को टाइम से डिवाइड करते हैं। फोर्स में देखो, क्या करते हैं? मास को एक्सेलरेशन से मल्टीप्लाई करते हैं। डेंसिटी में देखो, क्या करते हैं? मास को वॉल्यूम से डिवाइड करते हैं। यार, मल्टीप्लाई-डिवाइड कुछ भी किसी को करो, कोई दिक्कत नहीं है। पर ऐड और सब्ट्रैक्ट उन्हीं क्वांटिटीज़ को करना जिनका डाइमेंशन सेम हो। इस पे देखो क्या सवाल आते हैं JEE NEET में आपके एग्ज़ाम्स में स्कूल में। क्या सवाल आते हैं? जैसे मान लो सवाल आ गया कि V = A + Bt। समझना बात को। V = A + Bt। V इन्होंने बताया वेलोसिटी है। T इन्होंने बताया टाइम है। तो हम से पूछा फाइंड डाइमेंशन ऑफ़ A एंड B। हम से पूछा A और B का डाइमेंशन बताइए। प्रिंसिपल ऑफ़ होमोजेनिटी का बढ़िया सवाल है। एक काम करो, सबको इधर ले आओ। V - A - Bt = 0 लिख सकते हैं। अब बताओ, किसका-किसका डाइमेंशन सेम होगा? V का, A का, B का। नहीं। V का, V से कौन सब्ट्रैक्ट हो रहा है? A। और A से कौन सब्ट्रैक्ट हो रहा है? Bt। इन तीनों का डाइमेंशन क्या होगा? सेम होगा। तो जैसे हम बोलें, डाइमेंशन ऑफ़ A। सीधा-सीधा किसके इक्वल हो जाएगा? डाइमेंशन ऑफ़ V। वेलोसिटी क्या होता है? डिस्प्लेसमेंट / टाइम। डिस्प्लेसमेंट मतलब लेंथ, टाइम मतलब T। तो क्या बन गया? L, T की पावर -1। 11th आ गया, अब आदत डाल लो, नोटबुक और पेन लेके बैठने की। वरना पूरा लेक्चर उड़ जाएगा। L, T की पावर -1। तो A का डाइमेंशन L, T -1। और जिसको भाई थोड़ी भी दिक्कत है, दर्द है, वो M की पावर 0, L की पावर 1, T की पावर -1 लिख लें। अब मैं वैसे 0 वाला लिखना बंद कर दूंगा। 1 डरस्टू। फिर हम से बोला B का डाइमेंशन क्या है? यार, B का डाइमेंशन V के इक्वल होगा? नहीं। इस पूरी क्वांटिटी का। तो हम लिखेंगे, डाइमेंशन ऑफ़ B इंटू T। इज़ इक्वल्स टू डाइमेंशन ऑफ़ वेलोसिटी। B इंटू T, T क्या है? टाइम के लिए T। वेलोसिटी क्या होता है? L / T। डिस्प्लेसमेंट / टाइम। तो B का डाइमेंशन क्या हो गया? ये T इधर आ जाएगा, L / T का स्क्वायर। तो L, T की पावर -2। आपको डाइमेंशन किसका मिल गया? B का भी मिल गया। तो ये प्रिंसिपल ऑफ़ होमोजेनिटी का ऐप्लिकेशन है। एक और सवाल कर लें इस पे? चलो, एक और सवाल कर लेते हैं। जैसे हम से दे दिया उन्होंने, P = A की पावर (r स्क्वायर x)। ठीक है? वेयर r इज़ रेडियस। A इज़ पता नहीं। और P हम नहीं जानते। अब क्या करें? फिर चीज़ें नहीं बताईं। सिर्फ़ इसको देखें डाइमेंशन। इसमें दिमाग लगाओ। अच्छा मान लो, अगर कहीं लिखा है A की पावर। तो क्या देखते हो? A की पावर 2 Kg कभी सुना है? सुना है, कभी? सुना है? ऐसे सुना है, 10 की पावर 2 सेकंड? नहीं सुना है। या 5 की पावर 3 लीटर? कभी सुना है? नहीं। यानी एक इंपॉर्टेंट पॉइंट समझो। जो भी पावर्स होती हैं, है ना? जो भी पावर्स होती हैं, वो हमेशा डाइमेंशनलेस होती हैं। किसी भी चीज़ की जो पावर होगी बच्चों, वो हमेशा डाइमेंशनलेस होगी। कभी देखा है इस तरह का कि? देखा है तो बताओ। है ना? 10 की पावर 2 लीटर? कभी सुना है? 4 की पावर 5 कि.मी.? है ना? पावर का कभी भी कोई डाइमेंशन नहीं होता। यानी इस चीज़ का कोई डाइमेंशन नहीं होगा। मतलब हम बोलेंगे, डाइमेंशन ऑफ़ r² x शुड बी डाइमेंशनलेस। यानी M0, L0, T0। अब r क्या है? रेडियस। रेडियस मतलब लेंथ। तो इसका स्क्वायर L²। मल्टीप्लाइड बाइ X। इज़ इक्वल्स टू M0, L0, T0। और ये L² नीचे आ जाएगा। तो X = M0 और ये L की पावर -2 और T0। तो बच्चों, ये था बेसिक पूरा डाइमेंशन कमिट। नेक्स्ट स्टेप पे हम यूज़ेस ऑफ़ डाइमेंशन या एप्लीकेशन ऑफ़ डाइमेंशन पे आपसे बात करेंगे। पढ़ाई करना स्टार्ट करिए। किताबें खरीदिए। ऑल द वेरी बेस्ट। अगला वीडियो में हम आपको बुक्स बताएंगे और 11th की पढ़ाई कैसे स्टार्ट करनी है, इस बारे में वीडियोज़ डालते रहेंगे।



