[0:00]क्या प्राइवेसी होती है मुझे एक बात बताओ मैं बोलता वो बुरा लगूंगा आप एक दूसरे के सामने नंगे हो गए इससे ज्यादा क्या प्राइवेसी चाहिए पति पत्नी ठीक है अच्छी बात है अब क्या चाहिए मेरा फ़ोन कोई ना देखे
[0:11]क्या है उस फ़ोन में ऐसा कोई ना देखे जिस इंसान के अंदर कुछ गलत होगा ना वो छुपेगा
[0:16]वो अपनी चीजें भी छुपाएगा मेरे अंदर कुछ गलत नहीं है मैं ये फ़ोन आपको दे देता हूं लो पढ़ लो कितने मैं कल दे देना मेरे को वापस कुछ है ही नहीं देखने के लायक जिसकी नियत ठीक होती है जिसके मन में महल नहीं होता जिसके पास कुछ छुपाने को नहीं आता उसका रिश्ता सदा बाहर चलता है हमेशा चलेगा
[0:31]मुझे कभी जरूरत नहीं पड़ी अपनी बाप से अपनी मां से अपनी बेटी से अपनी वाइफ़ से किसी से भी फ़ोन छुपाने की जरूरत है कभी नहीं
[0:38]ना मुझे ये डर रहता है की कोई लड़की मेरी चौखट पे आके खड़ी हो जाए
[0:42]क्योंकि मैंने कभी किसी का गलत किया नहीं तू मेरे मेरा
[0:45]तो सिंपल सा फंडा है डर के डर में हमेशा वही रहता है जिसने किसी का कुछ उखाड़ा हो या कुछ गलत किया हो अगर कोई डर नहीं है तो रिश्ता बहुत बढ़िया चलेगा शर्त लगाओगे दायरा बनाओगे रिश्ते के अंदर तो रिश्ता नहीं है समझौता चल रहा है



