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Why Annapurna Base Camp is Every Trekker’s Dream | | Hard Truth + Unreal Beauty

Hiking Planet

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[0:28]अन्नपूर्णा, considered one of the most dangerous wall in the Himalayas. एक ऐसा माउंटेन जिसका सबमिट रेट सिर्फ 27% है। यहां सर्वाइवल इतना टफ है कि 1950 से अब तक सिर्फ 500 लोग ही इस माउंटेन को सक्सेसफुली क्लाइंब कर पाए। कंपैरिजन के लिए माउंट एवरेस्ट पर 13000 से ज्यादा एसेंट हो चुके हैं अब तक। अब बीइंग एज ए प्रोफेशनल माउंटेनयर, यह मेरे लिए काफी चैलेंजिंग टेरेन होने वाला था। और मैं बहुत क्यूरियस था एक ऐसे एनवायरमेंट को एक्सपीरियंस करने के लिए जहां बॉडी एक्सट्रीम फिजिकल एग्जर्शन, प्रोलॉन्ग स्ट्रेस, हाइपोक्सिया और सब जीरो डिग्री टेंपरेचर फेस करती है। अब हम अन्नपूर्णा तक तो नहीं लेकिन इस माउंटेन के फुट हिल तक ऑलमोस्ट 7 से 8 दिन 30 से 40 किलोमीटर की इंटेंस और रिग्रस हाइकिंग के बाद हम पहुंचते हैं अन्नपूर्णा बेस कैंप।

[1:37]अब हाइकिंग का इतना एक्सपोजर होने के बाद भी यह मेरा पहली बार था जब मैं नेपाल जाने वाला था। मैं बहुत एक्साइटेड था ऐसी कंट्री एक्सप्लोर करने के लिए जहां माउंटेनियर्स के लिए एक वर्टिकल वर्ड है। जहां हर हजार मीटर पर लैंडस्केप, कल्चर, सर्वाइवल कंप्लीटली चेंज हो जाते हैं। अब क्योंकि मैं नेपाल में पहली बार हाई करने वाला था इसलिए हम अपने नेपाल के ही एक फ्रेंड पल्लव के साथ एबीसी ट्रैक प्लान करते हैं। बड़ा अच्छा लगता है ना जब कोई लोकल आपको मिल जाता है तो टेंशन खत्म हो जाती है। यस है ना, हमें कुछ नहीं सोचना, सोचना है काम है पल्लव का और उसको फॉलो करना है। और अब पल्लव काठमांडू से ही है तो वह हमें डायरेक्ट थमेल लेके पहुंचता है। जो माउंटेनियर्स के लिए पैराडाइज तो है ही लेकिन आपको शॉपिंग, रेस्टोरेंट, हाइकिंग, ट्रेकिंग, गेर से लेकर सब कुछ एक ही स्पॉट में अवेलेबल हो जाता है। अब सच बताऊं तो नेपाल का असली वेलकम हमें पल्लव के घर जाकर मिलता है। जहां ऑथेंटिक नेपाली फूड के साथ हमें ट्रेडिशनली बेस्ट ऑफ लक विश किया जाता है। हमारा अन्नपूर्णा बेस कैंप ट्रैक का स्टार्टिंग पॉइंट काठमांडू से ऑलमोस्ट 300 किलोमीटर दूर घांदुरुक विलेज होने वाला था। जिसके लिए हम ओवरनाइट बस लेकर पोखरा पहुंचते हैं।

[2:58]अब यार पोखरा नेपाल की उन डेस्टिनेशन में से एक है जहां दो से तीन दिन इजीली एक्सप्लोर किया जा सकता है। लेकिन क्योंकि हम यह ट्रैक वेदर प्रिडिक्शन के हिसाब से प्लान किया था जो कि खराब बताया गया था इसलिए हम डायरेक्ट घांदुरुक जाने का प्लान करते हैं।

[3:17]पोखरा से थोड़ी देर ड्राइव करने के बाद हम नया पुल अन्नपूर्णा कंजर्वेशन एरिया चेकपोस्ट पर पहुंचते हैं। अब यार नेपाल की किसी भी रीजन में बिना परमिट के हाइकिंग अलाउड नहीं है। और क्योंकि हम तीनों यह ट्रैक डीआईवाई और पाइल स्टाइल में कर रहे थे तो हम अपना परमिट भी यहीं से इशू करवा लेते हैं। तो यार एक मतलब अन्नपूर्णा बेस कैंप में आपको ट्रेक का गाइड की जरूरत नहीं है तो अगर आप लोग आ रहे हो तो इनकी वेबसाइट से आप परमिट बुक कर कर आना। एक्चुअली इसमें गाइड तो अगर पॉसिबल है तो गाइड लेके आओ, क्योंकि एबीसी के रोड बहुत डेंजर हैं, टाइम टाइम में रशिंग होता है। ऑनेस्टली इस टाइम तक इनकी यह डेंजर वाली बात बड़ी कैजुअल लग रही थी हमें। लेकिन एक गाइड की इंपोर्टेंट बहुत जल्दी रियलाइज होने वाली थी।

[4:05]रेडी भाई। खैर जैसे ही हम रोड हेड से घांदुरुक के लिए हाई करना स्टार्ट करते हैं, धीरे-धीरे शाम होने लगती है। और सबसे पहली चीज जो नोटिस होती है वह एक ब्यूटीफुल कंट्रास्ट दूँ स्लोप पर बने ट्रेडिशनल घरों से निकलती वार्म ये लो लाइट। जिनके पीछे मैसिव हिमालयन बैकड्रॉप का व्यू। फिर कुछ देर हाई करने के बाद हम अपने डे वन के पहले टी हाउस तक पहुंच जाते हैं। अब यह मेरा पहली बार था जब मैं किसी कैंप साइट की जगह एक टी हाउस कल्चर को एक्सपीरियंस करने वाला था। नेपाल में हाइकिंग काफी स्ट्रीमलाइन है। आपके मील बजट में ही आपका स्टे अकोमोडेशन भी इंक्लूडेड होता है। और क्या टेस्टी खाना मिलता है टी हाउसेस में। थैंक यू। इस फुलफिलिंग मील के बाद हम पूरी एक्साइटमेंट के साथ कल की प्लानिंग में लग जाते हैं। जिस एक्साइटमेंट के साथ हम कल सोए थे वह आज के मौसम की तरह पूरा खराब हो जाता है। जैसा प्रिडिक्शन में बताया गया था हैवी रेनफॉल शुरू हो जाती है। इस कंडीशन में हाई करना पॉसिबल नहीं था तो आज हम घांदुरुक रुकने का ही प्लान करते हैं। इस बीच काफी सारे थॉट्स हमारे दिमाग में आ रहे थे। कि क्या होगा अगर यह मौसम कुछ दिन तक ऐसे ही रहा तो। लेकिन कुछ घंटों की बारिश और स्नोफॉल के बाद वेदर क्लियर होने लगता है। और जिस लैंडस्केप का इंतजार हम कल रात से कर रहे थे वह फाइनली अब जाकर हमें दिखने लगता है।

[5:48]अब घांदुरुक जो अप्रोक्स 5.5 हजार फीट के ऑल्टीट्यूड पर बसा अन्नपूर्णा कंजर्वेशन एरिया का सबसे बड़ा विलेज माना जाता है। यहां के पुराने स्टोन हाउस और स्लेट रूफ वाले घर स्लोप पर इतने ब्यूटीफुल अलाइन्ड हैं कि पूरा विलेज एक पोस्टकार्ड जैसा लगता है।

[6:11]सनसेट के वक्त ही जगह और भी अनरेल हो जाती है। यहां से आप इस रीजन के सबसे खूबसूरत और सेक्रेट माउंटेन माउंट माचापूछरे और अन्नपूर्णा साउथ का स्टनिंग व्यू भी देखने को मिलता है। नमस्ते एंड हेलो वेलकम टू नेपाल।

[24:15]ऑल राइट एवरीवन, सो दिस इज डे फाइव ऑफ़ अन्नपूर्णा बेस कैंप हाइक।

[24:25]आज हम लोग जाने वाले हैं अन्नपूर्णा बेस कैंप। यहां से एलिवेशन गेन ऑलमोस्ट 400 से 500 मीटर का होगा। जल्दी से चलते हैं धूप भी आ गई है और जल्दी से पहुंचते हैं अन्नपूर्णा बेस कैंप। एमबीसी से एबीसी तक का स्ट्रेच इस पूरे रूट का एक हाईएस्ट रिवार्ड टू एफर्ट रेश्यो डिलीवर करता है। यहां आप लिटरली अन्नपूर्णा सेंचुरी के बैरिंग के अंदर हाई करते हो। जहां आपको अन्नपूर्णा मैसेज माउंटेन का नियर फील्ड विजुअल एक्सपोजर मिलता है। अब हाइकिंग विद योर बेस्ट फ्रेंड्स, हिट्स डिफरेंट। ट्रैक सिर्फ ट्रैक नहीं लगता दिस इज समथिंग दैट गोस बियॉन्ड जस्ट कवरिंग डिस्टेंस और गेनिंग ऑल्टीट्यूड। स्टीव क्लाइंब, थिन एयर और एग्जर्शन सब कुछ मैनेजेबल लगता है व्हेन यू हैव समवन वॉकिंग राइट जस्ट बिसाइड्स यू। सबमिट पर पहुंचते ही दैट मूवमेंट फील्स अनरेल। नॉट जस्ट बिकॉज ऑफ द व्यू, बट बिकॉज यू कॉन्कर्ड इट टूगेदर।

[25:57]अब 12 हजार फीट पर लोकेटेड एमबीसी पूरे ट्रैक की सबसे कोल्डेस्ट कैंप साइट में से एक मानी जाती है। वैली की एंड में लोकेटेड होने की वजह से सनरेज यहां काफी लेट तक पहुंचती है। जिसकी वजह से सुबह का टेंपरेचर और भी फ्रीजिंग हो जाता है। स्पेशली जब आप इस ट्रेक को विंटर्स कंडीशन में कर रहे हो। ऑल राइट एवरीवन, सो दिस इज डे फाइव ऑफ़ अन्नपूर्णा बेस कैंप हाइक। आज हम लोग जाने वाले हैं अन्नपूर्णा बेस कैंप। यहां से एलिवेशन गेन ऑलमोस्ट 400 से 500 मीटर का होगा। जल्दी से चलते हैं धूप भी आ गई है और जल्दी से पहुंचते हैं अन्नपूर्णा बेस कैंप। खैर लगभग 2:00 बजे के आसपास वेदर खराब होने लगता है। और कुछ देर बाद हमें दूर से प्रेयर फ्लैग दिखना शुरू हो जाता है। जो एक इंडिकेशन था कि हम फाइनली अन्नपूर्णा बेस कैंप पहुंच चुके थे। अब ऑनेस्टली स्ट्रेक पर बेस कैंप पहुंचना ही सबसे बड़ा टास्क नहीं था। इस ट्रेक के रियल हाईलाइट अन्नपूर्णा वन से सनराइज देखना था। और व्हाइट आउट होने की वजह से सबसे पहला काम था एक बढ़िया सा टी हाउस ढूंढना। अब यार इमेजिन 4000 मीटर के ऑल्टीट्यूड पर जहां नॉर्मली सर्वाइवल प्राइमरी फोकस होता है वहां आपको पिज़्ज़ा, मोमोस, स्पेगेटी, हॉट चॉकलेट, नूडल्स और ना जाने क्या-क्या फैंसी डिसीज मिलती है वो भी 10 ऑन 10 विंडो व्यू के साथ। अब यह हम तीनों के लिए वह टाइम था व्हेन आवर माइंड स्टॉप्स रनिंग फॉर द मूवमेंट। बिकॉज़ देयर इज नथिंग लेफ्ट टू अचीव। हमें बस कल का इंतजार करना था। तो यार ह्यूमन माइंड हमेशा से उन चीजों को तैयार करता है जो वह देखना चाहता है। जिस वजह से हम रियलिटी को अंडरस्टीमेट कर देते हैं और एक्सपेक्टेशंस अनरियलिस्टिक हो जाती है। और अब ऐसे ही कुछ हुआ हमारे साथ एबीसी ट्रैक के डे सिक्स में। गाइस, वी आर इन अन्नपूर्णा बेस कैंप और यहां पर बहुत हैवी स्नोफॉल हो रही है। आज हम देखना तो सनराइज चाहते थे लेकिन इतनी हैवी स्नोफॉल होती है कि कुछ मीटर की भी विजिबिलिटी क्लियर नहीं होती।

[27:56]और ऑनेस्टली इस ऑल्टीट्यूड पर ऐसे एक्सट्रीम कंडीशन में इतने दिन बिताने का मतलब था माउंटेन इलनेस जैसे हेस, हे, एमएल जैसी डिजीज का रिस्क काफी कॉमन हो जाता है।

[28:18]आपको कंटीन्यूअस आपके वाइटल्स का ध्यान रखना होता है। लेकिन इस बीच एक चीज सबसे बेस्ट यह होती है कि टी हाउस में हमारी कुछ फॉरेनर्स से दोस्ती हो जाती है। और उनके साथ कार्ड्स खेलते वक्त टाइम का पता ही नहीं चलता।

[28:44]सो दिस इज़ डे एट ऑफ़ अन्नपूर्णा बेस कैंप हाइक। हम लोग कल हम लोग दो दिन से बेस कैंप में रुके हुए हैं क्योंकि मौसम खराब था तो हम अन्नपूर्णा से सनराइज नहीं देख पाए थे। खैर आज हम तीनों बड़ी एक्साइटमेंट के साथ निकलते हैं सुबह सनराइज पॉइंट पर। आज स्नोफॉल तो नहीं हुई लेकिन वेदर काफी क्लाउडी था। फिर भी अन्नपूर्णा साउथ पर जब थोड़ी सनलाइट की रे दिखनी शुरू हुई तो कुछ उम्मीद जागी।

[29:22]हम सबमिट पॉइंट पर काफी देर तक इंतजार करते रहे लेकिन अन्नपूर्णा वन पर वेदर बिल्कुल क्लियर नहीं होता। जिसका मतलब था एक दिन और रुकना पड़ेगा। थोड़ी देर के लिए सिर्फ सिर्फ दो तीन मिनट के लिए सनराइज आया बस। तो यार ह्यूमन माइंड हमेशा से उन चीजों को तैयार करता है जो वह देखना चाहता है। जिस वजह से हम रियलिटी को अंडरस्टीमेट कर देते हैं और एक्सपेक्टेशंस अनरियलिस्टिक हो जाती है। और अब ऐसे ही कुछ हुआ हमारे साथ एबीसी ट्रैक के डे सिक्स में। गाइस, वी आर इन अन्नपूर्णा बेस कैंप और यहां पर बहुत हैवी स्नोफॉल हो रही है। आज हम देखना तो सनराइज चाहते थे लेकिन इतनी हैवी स्नोफॉल होती है कि कुछ मीटर की भी विजिबिलिटी क्लियर नहीं होती।

[27:56]और ऑनेस्टली इस ऑल्टीट्यूड पर ऐसे एक्सट्रीम कंडीशन में इतने दिन बिताने का मतलब था माउंटेन इलनेस जैसे हेस, हे, एमएल जैसी डिजीज का रिस्क काफी कॉमन हो जाता है।

[28:18]आपको कंटीन्यूअस आपके वाइटल्स का ध्यान रखना होता है। लेकिन इस बीच एक चीज सबसे बेस्ट यह होती है कि टी हाउस में हमारी कुछ फॉरेनर्स से दोस्ती हो जाती है। और उनके साथ कार्ड्स खेलते वक्त टाइम का पता ही नहीं चलता।

[28:44]सो दिस इज़ डे एट ऑफ़ अन्नपूर्णा बेस कैंप हाइक। हम लोग कल हम लोग दो दिन से बेस कैंप में रुके हुए हैं क्योंकि मौसम खराब था तो हम अन्नपूर्णा से सनराइज नहीं देख पाए थे। खैर आज हम तीनों बड़ी एक्साइटमेंट के साथ निकलते हैं सुबह सनराइज पॉइंट पर। आज स्नोफॉल तो नहीं हुई लेकिन वेदर काफी क्लाउडी था। फिर भी अन्नपूर्णा साउथ पर जब थोड़ी सनलाइट की रे दिखनी शुरू हुई तो कुछ उम्मीद जागी।

[29:22]हम सबमिट पॉइंट पर काफी देर तक इंतजार करते रहे लेकिन अन्नपूर्णा वन पर वेदर बिल्कुल क्लियर नहीं होता। जिसका मतलब था एक दिन और रुकना पड़ेगा। थोड़ी देर के लिए सिर्फ सिर्फ दो तीन मिनट के लिए सनराइज आया बस। तो यार ह्यूमन माइंड हमेशा से उन चीजों को तैयार करता है जो वह देखना चाहता है। जिस वजह से हम रियलिटी को अंडरस्टीमेट कर देते हैं और एक्सपेक्टेशंस अनरियलिस्टिक हो जाती है। और अब ऐसे ही कुछ हुआ हमारे साथ एबीसी ट्रैक के डे सिक्स में। गाइस, वी आर इन अन्नपूर्णा बेस कैंप और यहां पर बहुत हैवी स्नोफॉल हो रही है। आज हम देखना तो सनराइज चाहते थे लेकिन इतनी हैवी स्नोफॉल होती है कि कुछ मीटर की भी विजिबिलिटी क्लियर नहीं होती।

[27:56]और ऑनेस्टली इस ऑल्टीट्यूड पर ऐसे एक्सट्रीम कंडीशन में इतने दिन बिताने का मतलब था माउंटेन इलनेस जैसे हेस, हे, एमएल जैसी डिजीज का रिस्क काफी कॉमन हो जाता है।

[28:18]आपको कंटीन्यूअस आपके वाइटल्स का ध्यान रखना होता है। लेकिन इस बीच एक चीज सबसे बेस्ट यह होती है कि टी हाउस में हमारी कुछ फॉरेनर्स से दोस्ती हो जाती है। और उनके साथ कार्ड्स खेलते वक्त टाइम का पता ही नहीं चलता।

[28:44]सो दिस इज़ डे एट ऑफ़ अन्नपूर्णा बेस कैंप हाइक। हम लोग कल हम लोग दो दिन से बेस कैंप में रुके हुए हैं क्योंकि मौसम खराब था तो हम अन्नपूर्णा से सनराइज नहीं देख पाए थे। खैर आज हम तीनों बड़ी एक्साइटमेंट के साथ निकलते हैं सुबह सनराइज पॉइंट पर। आज स्नोफॉल तो नहीं हुई लेकिन वेदर काफी क्लाउडी था। फिर भी अन्नपूर्णा साउथ पर जब थोड़ी सनलाइट की रे दिखनी शुरू हुई तो कुछ उम्मीद जागी।

[29:22]हम सबमिट पॉइंट पर काफी देर तक इंतजार करते रहे लेकिन अन्नपूर्णा वन पर वेदर बिल्कुल क्लियर नहीं होता। जिसका मतलब था एक दिन और रुकना पड़ेगा। थोड़ी देर के लिए सिर्फ सिर्फ दो तीन मिनट के लिए सनराइज आया बस।

[31:42]एबीसी ट्रैक के इतने दिनों के एक्सपीरियंस से एक चीज तो समझ में आ गई थी। नॉट एवरी हार्ड जर्नी गिव्स यू एन इंस्टेंट रिवार्ड। सम टाइम इट टेस्ट योर पेशेंस फर्स्ट, पुट्स यू इन थ्रू फेलियर, वॉस कंडीशन बट सडनली गिव्स यू अ सनराइज। दैट्स मेक एव्री सनराइज वर्थ इट।

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